वास्तव में आज बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है नवीकरणीय ऊर्जा के लिए, शायद किसी ने कभी कल्पना नहीं की थी कि सौर ऊर्जा का इतना तेज़ विस्तार देश में होगा और जो तेज़ गति से मध्य प्रदेश ने नवीकरणीय ऊर्जा को पर्यावरण के प्रति अपनी संवेदना को दर्शाया है और जिस प्रकार से इन्होंने बिजली surplus होने के बावजूद इसको एक long term vision के रूप में लिया है, कैसे नवीकरणीय ऊर्जा हमारे प्रदेश के लिए अच्छी है, कैसे नवीकरणीय ऊर्जा से हमारे प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा बनती है, कैसे नवीकरणीय ऊर्जा से प्रदेश में प्रदूषण कम होगा | इन विषयों को प्राथमिकता देके मान्य शिवराज जी के नेतृत्व में जो मध्य प्रदेश ने पहल की है मैं बहुत बहुत तहे दिल से बधाई देता हूँ शिवराज जी आपको, आपकी पूरी टीम को | वास्तव में आपका जो काम रहा है इस विभाग में यह पूरे देश और विश्व के लिए एक उदाहरण के रूप में, एक मिसाल के रूप में पहचाना जायेगा |
जब प्रधानमंत्री मोदी जी ने नवीकरणीय ऊर्जा को, खासतौर पर सौर ऊर्जा को गुजरात में प्रोत्साहन दिया था तब एक ज़माने में 12-13 रुपये की हर यूनिट बिजली तैयार होती थी, उत्पादन होती थी गुजरात में कई वर्ष पहले | तब लोगों ने बहुत आलोचना की थी, तब लोगों ने कहा कि यह क्या कर रहे हैं इतनी महँगी बिजली प्रदेश में क्यों ले रहे हैं | पर उनकी दूरदर्शिता थी, उनका एक vision था कि long run में अगर हम इस पर्यावरण के लिए कुछ ठोस कदम नहीं उठाएं और जो global warming हो रही है, जो विश्व को चिंता है जिस चीज़ की उसमें अगर भारत भी अपना role नहीं play करे तो आगे चलके भारत को भी नुकसान होगा, भारत के निवासियों को भी बहुत नुकसान होगा |
उसी प्रकार से जब शिवराज जी ने ठान लिया कि मुझे मध्य प्रदेश में सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन देना है तो जैसा मिस्टर श्रीवास्तव ने कहा शुरू में तो ज़रूर लगा होगा कि 5.5 रुपये की बिजली लेनी पड़ रही है और थोड़ी बहुत आलोचना भी हो सकती है, लेकिन इनको दृढ़ विश्वास था कि जब scale बढेगा, बड़े scale पर हम सौर ऊर्जा को खरीदेंगे तो economies of scale आएँगी, नयी technologies अपने प्रदेश में आएँगी और ईमानदार, भ्रष्टाचार-मुक्त जब आप पारदर्शिता से, नीलामी से खरीदते हैं तो स्वाभाविक है कि आहिस्ते-आहिस्ते rates भी और competitive होंगे | और रीवा की जो bidding हुई, 33 घंटे bidding होना और विश्व की बड़ी से बड़ी कंपनियां उसमें भाग लेना, यूरोप की, जपान की, मैं समझता हूँ अपने आप में एक बहुत बड़ा उपलब्धि थी, इसने पूरे देश को एक नयी दिशा दी सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन देने के लिए और मैं आपको पुनः एक बार इस बात की बधाई देता हूँ कि आप लगे रहें सौर ऊर्जा की तरफ |
और 2.97 रुपये पहले साल का tariff पहली बार भारत के इतिहास में हमें मिला, levelised tariff भी 3.30 रुपये, मुझे अभी भी याद है जब 4.64 रुपये का tariff आया था तब लोगों ने कहा कि अरे यह तो असंभव है यह सब project fail हो जायेगा | फिर एक 4.34 रुपये का levelised tariff आया, तब तो कहा गया कि अब पूरा प्रोग्राम collapse हो जाएगा, यह भाडला में bids आये थे 4.34 के, सभी ने right off कर दिया कि आपकी Ministry ठप अब यह project सब कोई लगने नहीं वाले हैं और you are in trouble. और देखिये आहिस्ते-आहिस्ते करते करते रीवा का इतना सफल bid होना, वैसे तो उसके बाद और एक bid भी हुआ है 3.15 रुपये में, आंध्र प्रदेश में | पर ऐसे कोई एक bid दूसरे से 100% comparable नहीं होता है, वह NTPC का bid था जो एक AAA-rated, sovereign rated कंपनी है भारत की सबसे बड़ी यूटिलिटी है और आंध्र प्रदेश में था |
और हर इलाके का जो रोशनी है जिसको DIN कहते हैं या irradiation कहते हैं वह अलग अलग होती है | तो मैं समझता हूँ मध्य प्रदेश की radiation के हिसाब से जो यहाँ का bid आया 2.97 रुपये वह वास्तव में ऐतिहासिक था, it is truly memorable day for India and the renewable energy sector कि आज हम यह PPA signing ceremony के लिए हम सब मौजूद हुए हैं | वास्तव में it brings to a close the entire process जिससे यह project लगाया गया है | और बहुत ही अच्छा संजोग है कि यह रीवा में लग रहा है और रीवा के जो आखरी महाराजा थे राजा मार्तण्ड जी, मार्तण्ड का मतलब अगर निकालें तो वह सूर्य होता है, Sun. तो पता नहीं क्या संजोग है कि रीवा में यह किया जा रहा है, रीवा में महाराजा मार्तण्ड आखरी महाराजा थे और उनका नाम भी मार्तण्ड यानी Sun था |
और एक प्रकार से मध्य प्रदेश का सूर्य भगवान से बहुत पुराना नाता रहा है, ऐतिहासिक नाता रहा है | मैंने सुना बालाजी का जो मंदिर है उन्नाव में, दतिया डिस्ट्रिक्ट में, उसमें भी शायद सूर्य की बहुत पूजा की जाती है, बहुत नामी पूजा मानी जाती है | तो इसी प्रकार से जब तेज़ गति से मध्य प्रदेश सौर ऊर्जा में भी और बढ़त करेगा तो मुझे पूरा विश्वास है कि यह एक नयी दिशा सिर्फ देश को ही नहीं, पूरे विश्व को देगा | भारत में गत तीन वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी जी और सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के सहयोग से लगभग 370% बढ़ी है, आज सौर ऊर्जा 12,200 MW भारत में है जो 2,600 MW होती थी 2014 में, मात्र 3 वर्ष में 4.5 गुना हो गयी है | और जो पुराना टारगेट था 20,000 MW था 2022 तक करने का वह लगभग एक साल में पूरा हो जाएगा, 2017 के अंत में हम 20,000 MW achieve कर लेंगे जो वास्तव में it will be 5 years ahead of schedule. 2022 के बदले 2017 में ही achieve हो जाएगा और 2022 तक का तो आप सब जानते हैं हमारा टारगेट 1,00,000 MW सौर ऊर्जा का बनाने का टारगेट है | मुझे पूरा विश्वास है जो सहयोग मध्य प्रदेश जैसे प्रगतिशील राज्यों से मिल रहा है उसमें वह ज़रूर achieve किया जाएगा |
मैं अपने मन में सोच रहा था कि यह रीवा के bid और खासतौर पर इसमें जिस proactive तरीके से government ने financial guaranties दीं, PPA को मज़बूत बनाने के लिए state government guarantee हुई | और वास्तव में आप सबको जानके ख़ुशी होगी जो रीवा का PPA है अब केंद्र सरकार ने उसको एक standard model PPA के रूप में accept किया है और यह सभी राज्यों को मैंने चिट्ठी लिखी है कि वह इन guidelines के हिसाब से, इस model PPA के हिसाब से हर एक राज्य अपनी अपनी bidding करे तो उनको भी अच्छी सस्ती बिजली मिलने का लाभ मिलेगा और उसके लिए मैं आपकी पूरी team को मनोज जी और मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व को साधुवाद देता हूँ |
पर मैं सोच रहा था कि इसमें, इस success story में रीवा के क्या principles दर्शाते हैं? तो मैं तो management का विद्यार्थी हूँ तो मुझे management के कुछ principles इस रीवा की bidding में दिखाई दिए, मैं briefly I will touch upon each one of them very very briefly. First of all partnership with all stakeholders, इन्होंने जिस प्रकार से सभी stakeholders से लगातार संपर्क बनाके उसमें से एक अच्छा model PPA बनाया, model bidding terms बनाई, model facilities create किए, यह एक प्रकार से भागीदारी का एक अच्छा सबूत बनता है | इसी प्रकार से केंद्र सरकार के मुख्यमंत्री, उनकी टीम, ऊर्जा मंत्री राजेंद्र शुक्ला जी जो रीवा से आते हैं इन सबका और यहाँ के bureaucracy का निर्णायक नेतृत्व, decisive leadership इसमें दिखाई देता है |
इसी प्रकार से काम को परिणाम के ऊपर लेके जाना, काम सिर्फ काम के लिए नहीं, बजट के लिए नहीं, outcome oriented action होना चाहिए, यह इस पूरे process में मैंने देखा | फिर root cause analysis कि पिछले bids में क्या हुआ जिसको हम अगले bid में सुधारें, यह बार बार state की leadership ने दिखाया | फिर transparency, पारदर्शिता की तो मैं समझता हूँ अंतिम total transparency जो इस bid में देखी, 33 hours bidding होना कोई साधारण नहीं है | मुझे अपने कोयले के ब्लॉक्स के bidding के दिन याद आ गए जब ऐसे ही 2-2 दिन तक bids चलते थे | और time bound execution, एकदम नियमित समय के हिसाब से इन्होंने execute किया पूरे project को, innovative financing model use किया,IFC को involve करना, उन्होंने जो जो suggestions दिए उसको लागू करना, Delhi Metro के साथ tie-up करके अपनी बिजली को बेचना | एक पहली inter-state sales हुई है सौर ऊर्जा की यह रीवा से Delhi Metro जाने वाली |
तो एक time-bound execution of the project और किसी को कोई तकलीफ हुई तो हाथ के हाथ उसका solution निकाला गया, साथ ही साथ technology पर focus रखा कि हम वहाँ पर कैसे evacuation, green corridor लगा दें, green energy corridor जिससे बिजली evacuate हो जाए, वहां की क्या सुविधाएं बनाएं जिससे रीवा solar park तेज़ गति से, और आज लगभग विश्व में one of the largest solar parks रीवा उभर के आ रहा है | और finally और सबसे महत्वपूर्ण लोगों पर ज़िम्मेदारी रखना और उसकी निगरानी करना काम की, और यह वास्तव में शिवराज जी आपकी सफलता का एक बहुत बड़ा पहलू रहा है जिससे मैंने भी बहुत सीखा कि आप जिस प्रकार से निगरानी रखते हैं अपने काम की, और लोगों को ज़िम्मेदारी देके उस निगरानी का outcome निकालते हैं |
Really, this is an example of modern management techniques to use for the success of a government programme. वास्तव में यह जो brochure है मैं अभी पढ़ रहा था यह बहुत सारी अच्छी चीज़ें बताता है जो आप सब ज़रूर पढेंगे as you go home, but truly एक ऐतिहासिक दिन में आज मान्य वेंकैया जी और मुझे दोनों को मौका मिला यहाँ आने का थोडा programme में विलंभ हुआ उसका मैं ज़िम्मेदार हूँ, मैं आप सबसे माफ़ी मांगता हूँ | मैं take off नहीं कर पाया दिल्ली से शायद मुझे थोडा और buffer रखना चाहिए था, मेरे लिए भी एक lesson है | वैसे वेंकैया जी के डर से तो हम सब समय पर पहुँच ही जाते हैं हर प्रोग्राम में, पर आज मैं उसमें सफल नहीं रहा |
बहुत बहुत धन्यवाद और आप सबको बहुत बहुत बधाई |

Coal sector reforms initiated by the Narendra Modi government are beginning to pay. Initiatives to improve coal quality and efficiency in the supply chain have brought down the cost of power from coal-fired plants in spite of revisions in coal prices, central cess and railway freight in the last three years.
Decline in the cost of power has accrued mainly from power stations burning less coal to generate each unit of electricity on assured quality of domestic fuel.
There is also import substitution worth Rs 23,349 crore, which saves fuel costs.
Since cost of coal makes up 54%-60% of the price charged by power producers and is passed on to consumers, coal consumption has a bearing on tariffs and environmental dividend in terms of emissions.
According to government data, power stations are now burning 8% less coal than they used to three years ago for each unit of electricity. State-run NTPC, which accounts for 17% of all generation capacity in the country and is the key supplier to states, reduced its coal consumption by 5.5% in 2016-17.
NTPC‘s coal cost stood at Rs 2 per unit in 2014-15 and should have risen by 33 paise due to revisions in coal price, government cess and railway freight. Remarkably though, it stood at Rs 1.94 per unit for 2016-17. In other words, even after paying 33 paise more since 2014-15, NTPC’s power costs 6 paise less today.
For discoms then, this actually means a saving of 39 paise per unit, taking into account the impact of the revisions, and translates into hundreds of crores of rupees.
Lower cost of power ultimately benefits consumers by way of lower tariff. That happens only in an ideal situation. In reality, discoms coping with sagging bottomlines and commercial losses may not be able to reduce monthly bills of consumers immediately. But they will find it hard to justify demand for tariff hike to state regulators. In the long run, however, cheaper power will result in lower traiffs once the discom reforms take root.
Source: http://timesofindia.indiatimes.com/business/india-business/govts-coal-reforms-begin-to-pay-off-reduce-power-costs/articleshow/58213572.cms?utm_source=toimobile&utm_medium=Twitter&utm_campaign=referral

यहाँ पर भारी संख्या में आये हुए नर्मदा से प्रेम रखने वाले भाईयों और बहनों, सबसे प्रथम तो मैं नर्मदा माँ को नमन करता हूँ | बहुत ही पावन और बहुत ही हम सबको प्रेरणा देने वाली नदी नर्मदा मैया को, अगर मैं देवी नर्मदा को यह कहूं – त्वदीय पाद पंकजम नमामि देवी नर्मदे | और वास्तव में नर्मदा माँ ने जिस प्रकार से वर्षों वर्षों से मध्य प्रदेश को जीवित रखा है, मध्य प्रदेश के लोगों को नर्मदा का संरक्षण मिला है और अब जो भागीरथी कार्य शिवराज जी ने लिया है अपने कन्धों पर माँ नर्मदा को अविरल रखने का, माँ नर्मदा को प्रदूषण से मुक्त करने का, यह वास्तव में भारतीय संस्कृति को भी बचाता है और प्रकृति की भी रक्षा करता है |
प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने साबरमती नदी को जिस प्रकार से गुजरात में पुनर्जीवित किया था, जिस प्रकार से माँ गंगा को नमामि गंगा के द्वारा हम अविरल भी और शुद्ध भी बनाने के कार्य में लगे हुए हैं | वैसे ही देश की हर एक नदी को हम उसी प्रकार से जीवित करें, उसी प्रकार से प्रदूषण से मुक्त करें उसमें यह नमामि देवी नर्मदे का जो कार्यक्रम, नर्मदा सेवा यात्रा का कार्यक्रम मध्य प्रदेश के नेतृत्व ने, खासतौर पर मुख्यमंत्री शिवराज जी ने शुरू किया है मैं उनको बहुत बहुत बधाई देता हूँ, साधुवाद करता हूँ और शुभकामनाएं देता हूँ कि इस कार्य में वह सफल हो | और वास्तव में मध्य प्रदेश के भविष्य के साथ नर्मदा का भविष्य भी बहुत साथ में जुड़ा हुआ है | कहते हैं कि यहाँ का तो हर एक पत्थर एक प्रकार से शिवलिंग है | मेरे लिए तो जबलपुर आने का स्वभाग्य लगभग 40 वर्षों के बाद मिला है, 40 वर्षों पहले जब मैं यहाँ पहले आया था नजदीक में ही जो military dairy farm है वहां पर आया था | और मेरे लिए जबलपुर का शिवराज जी एक छोटा सा चीज़ है जो ज़िन्दगीभर रहेगा मैंने साईकिल चलाना यहाँ पर सीखा था, बहुत छोटी आयु में | कभी भी लाइफ में जबलपुर को नहीं भूलूंगा |
और आज का तो दिन बहुत ही शुभ अवसर इसलिए भी है कि रीवा में विश्व स्तरीय एक सोलर पार्क का आज शुरुआत हुई है, उसका PPA sign हुआ है भोपाल में | और जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का सपना है कि इस देश में सौर ऊर्जा से हम बिजली का उत्पादन करें, प्रदूषण से बचाएँ अपने देश को और भारत की ऊर्जा सुरक्षा भी उससे सुनिश्चित करें | उसमें एक बहुत बड़ा कदम आज मध्य प्रदेश सरकार ने लिया है और पारदर्शिता से, ईमानदार व्यवस्था से जिस प्रकार से उन्होंने सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन दिया है, आज 2.97 रुपये प्रति यूनिट पहले वर्ष में सौर ऊर्जा से मिलने वाली बिजली मध्य प्रदेश की जनता की सेवा करेगी | मध्य प्रदेश ने पूरे विश्व को एक दिशा दी है कि कैसे आने वाले युग में हम साफ़-सुथरी और प्रदूषण-मुक्त बिजली से पूरे देश को, पूरे देश के कारखानों को, पूरे देश की जनता की ज़रूरतों को पूरा कर सकेंगे |
यह जो यात्रा आपने संपन्न की है वह मुझे बताया गया लगभग 3,300 km चलेगी और पूरे मध्य प्रदेश को एक प्रकार से इसके साथ जोडके और खासतौर पर जो वृक्षारोपण का कार्यक्रम आपने रखा है, यह जो भारत ने पेरिस करार में जो commitment दिया था जो कहा था कि हम 2-2.5 billion tonne का carbon dioxide लेने की क्षमता पैदा करेंगे, उसमें एक बहुत बड़ा कदम है | और मैं मध्य प्रदेश को और शिवराज जी को और पूरे मध्य प्रदेश की जनता को बधाई देता हूँ इस बहुत बड़े कदम को उठाने के लिए, इस बहुत बड़े संकल्प को लेने के लिए |
आज नदियाँ जो हैं इस देश की अर्थव्यवस्था को भी, इस देश के लोगों के जीवन में और आगे चलके हमें अगर सुरक्षा महसूस करनी है तो वह पानी और बिजली दोनों से सुरक्षा जुडी रहती है | और मुझे लगता है आपने पानी को भी साफ़ करने का काम और बिजली को भी साफ़ करने का काम, साफ़ स्त्रोतों से बिजली बनाने का जो काम लिया है, इन दोनों से पूरे देश में एक नयी ऊर्जा, एक नया विश्वास पैदा होगा | मुझे पूरा विश्वास है आगे चलके आपके दिखाए हुए मार्ग पर सिर्फ मध्य प्रदेश नहीं पूरे देश को एक नया मार्ग दिखेगा, एक नया उत्साह मिलेगा |
मध्य प्रदेश में कृषि के क्षेत्र में भी बहुत तेज़ गति से प्रगति हुई है और उसमें भी हमें पूरे वर्ष भर पानी मिलता रहे उसमें नर्मदा नदी का बहुत प्रमुख स्थान रहता है | मैं आपको और आपकी पूरी टीम को बधाई देता हूँ, आज के बाद मुझे लगता है यह मेसेज हम पूरे देश में लेके जायें कि सभी नदियाँ माँ गंगे की तरह पवित्र है, माँ गंगे की तरह हमें सभी नदियों को अविरल बनाना है, शुद्ध बनाना है | और जैसा कि महाराज जी अभी बता रहे थे, महाराज जी मैं आपको विश्वास दिला सकता हूँ मैं शिवराज जी का काम गत जो वर्षों में देखा है 15 वर्षों में, यह पक्का इसपर निगरानी भी रखेंगे और monitoring भी करेंगे आप विश्वास करिए | और अब तो monitoring का हम space satellite से भी monitoring करते हैं जो जो काम यहाँ पर होता है | और अभी अभी NASA ने कुछ satellite चित्र निकाले हैं जिसमें 2012 में क्या स्थिति थी देश की खासतौर पर कहाँ कहाँ रोशनी रहती थी रात को, और 2016 में क्या स्थिति है, उस दोनों का उन्होंने comparative picture NASA ने satellite से निकाला है | और उसमें देखने में मिला है कि गत 3 वर्षों में जिस प्रकार से देश में उन्नति हुई है, प्रगति हुई है और बिजली तेज़ गति से सब जगह पहुंची है और रात को रोशनी मिली है सब घरों में, इसी प्रकार से वृक्ष के काम को भी हम satellite से monitor करके मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि यह काम वास्तव में जनता की सेवा के लिए बहुत ही सिद्ध साबित होगा |
मैं आप सबको बहुत बहुत धन्यवाद देता हूँ कि पूरी मध्य प्रदेश की जनता ने इस काम में अपना योगदान दिया है और मुझे भी सौभाग्य मिला कि मैं इस नर्मदा यात्रा में भाग ले सकूं, बहुत बहुत धन्यवाद |

India added 5,525 MW solar power generation capacity last fiscal, taking the total from this clean source to 12,288 MW.
The country has abundant solar power potential which has been estimated to be 748 GW, New & Renewable Energy Minister Piyush Goyal stated in a written reply to Rajya Sabha .
It had achieved total cumulative solar power generation capacity of 6,763 MW in 2015-16. The capacity was 1,686 MW in 2012-13 which increased to 2,632 MW in 2013-14 and to 3,744 MW in 2014-15.
In a separate reply, Goyal said the government has envisaged 4,800 MW from rooftop solar and 7,200 MW from large scale solar power projects in the country.
India has plans to add 5,000 MW of rooftop solar and 10,000 MW from large scale solar power projects in the current fiscal, he said.
Among states, Andhra Pradesh tops the chart with largest cumulative solar generation capacity of 1,867 MW as on March 31, 2017 followed by Rajasthan and Tamil Nadu at 1,812 MW and 1,691 MW respectively.
Goyal said that in its submission to the United Nations Frame Work Convention on Climate Change on Intended Nationally Determined Contribution (INDC), the government has said that India will achieve 40 per cent cumulative Electric power capacity from non-fossil fuel based energy resources by 2030.
It will be done with the help of transfer of technology and low cost International Finance which includes Green Climate Fund, he said.
Source: http://www.business-standard.com/article/pti-stories/india-s-solar-power-capacity-crosses-12-gw-117041001098_1.html

परम आदरणीय मुख्यमंत्री जी, योगी आदित्यनाथ जी, उपमुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा जी, मेरे मित्र, प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा जी, राज्य ऊर्जा मंत्री सत्यदेव जी, स्वतंत्रदेव जी, State Uttar Pradesh Regulatory Commission के मान्य अध्यक्ष देशदीपक वर्मा जी, केंद्र सरकार में मेरे साथ काम कर रहे ऊर्जा विभाग में Additional Secretary शालिनी प्रसाद जी, मुख्य सचिव जी Mr Bhatnagar, Principal Secretary Energy Shri Sanjay Aggarwal ji, वरिष्ठ मंत्रीगण उत्तर प्रदेश सरकार के, केंद्र सरकार और राज्य सरकार के अधिकारीगण, पत्रकार बंधुओं |
वास्तव में मैं अभी अभी वह e-payment के video देख रहा था तो मुझे लगता है उसके साथ साथ जोड़ दिया जाये कि इसका मतलब है कि अब मान्य योगी जी के नेतृत्व में भ्रष्टाचार, कठिनाई, अनैतिकता, भेदभाव से भी मुक्ति | सिर्फ bill payment ही नहीं सरल होगा लेकिन पूरे प्रदेश में सभी को न्याय मिलेगा, सभी को सामान्य सुविधाएं बिना भेदभाव के मिलेंगी और पूरे समाज में जो कई वर्षों से कठिनाइयाँ अलग अलग प्रकार से चल रहीं थी उसमें ऊर्जा क्षेत्र में कम से कम हम लोगों को भुला नहीं कि वह भी कोई समय था जब कनेक्शन लेने की असुविधा थी, बिल भरने की असुविधा था, बिजली चली जाये तो भरोसा नहीं कब आये, आये तो भरोसा नहीं कब चली जाये | और मैं सबसे प्रथम तो मान्य मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करूँगा कि आज के शुभ अवसर पर जब पूरा देश भारत रत्न डॉक्टर बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर को नमन कर रहा है, श्रद्धांजलि दे रहा है, ऐसे व्यक्ति जिन्होंने सिर्फ संविधान ही नहीं दिया भारत को लेकिन भारत के शोषित, वंचित, पीड़ित समाज को आत्मविश्वास दिया और एक पूरे सामाजिक जीवन में उनका स्थान सुनिश्चित किया ऐसे व्यक्ति के आज जन्मदिन के अवसर पर यह बहुत ही शुभ सन्देश पूरे उत्तर प्रदेश में जा रहा है कि पूरे देश में जब सभी राज्य केंद्र सरकार के 24/7 Power For All योजना के साथ जुड़ चुके थे, एक मात्र उत्तर प्रदेश था जहाँ 3 वर्ष से केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही थी कि उत्तर प्रदेश के भी लोगों को इसका लाभ मिले पर असमर्थ थी इस कार्यक्रम को आगे बढाने में |
आज मान्य मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार, केंद्र सरकार मिलके इस 24/7 Power For All उत्तर प्रदेश को भी उस योजना के साथ जोड के मैं समझता हूँ एक बहुत बड़ा मेसेज पूरे उत्तर प्रदेश में जा रहा है कि अब अच्छे दिन आये हैं | मैं मुबारकबाद दूंगा उत्तर प्रदेश के युवा और ऊर्जावान ऊर्जा मंत्री श्रीकांत जी और राज्य ऊर्जा मंत्री जी का कि दोनों ने मिलके जिस प्रकार से इस कार्यक्रम में रुचि ली, लगातार संपर्क बनाए रखे कि कैसे इसको जल्द से जल्द पूरा किया जाये | वैसे अधिकारी स्तर पर तो मुझे पता चला कि 11 तारीख की शाम से ही चर्चा शुरू हो गयी थी कि अब लगता है कि यह sign तो करना पड़ेगा तो चलो बातचीत कर लेते हैं | तो 11 तारीख शाम से ही जो काम शुरू हुआ उसका नतीजा है कि इतना detailed document जो अन्य राज्यों में 4-4, 6-6 महीने लगते थे बनाने में अब इस नई उत्तर प्रदेश की व्यवस्था में मात्र 1 महीने में तैयार हो गया | और इतना detailed इसमें analysis है आज की स्थिति का और एक roadmap है कि कैसे जल्द से जल्द उत्तर प्रदेश में हर घर तक बिजली पहुंचे, कैसे सुनिश्चित किया जाये कि हर एक को चौबीस घंटे बिजली मिले, किसानों को पर्याप्त मात्रा में बिजली मिले, उद्योग, लघु उद्योग, दुकानदार, व्यवसाय चलाने वाले, सभी को कभी inverter न चलाना पड़े, कभी DG Set न चलाना पड़े | कैसे अवैध connection, और मेरा तो मानना है कि अधिकांश अवैध connection भी आदमी ने मजबूरी में लिया है, साधारणतः भारत का नागरिक ईमानदार होता है, साधारणतः भारत का नागरिक गलत काम नहीं करना चाहता है|
लेकिन अगर किसी ने मजबूरी में गलत तरीके अपनाने पड़ गए उसके लिए भी इस document में पूरे प्रावधान रखे गए हैं कि कैसे उसको भी जल्द से जल्द ईमानदार व्यवस्था के साथ जोड़ा जायेगा | मैं उत्तर प्रदेश और केंद्र के सभी अधिकारियों का तहे दिल से धन्यवाद भी करता हूँ, आप सबको बधाई भी देता हूँ कि इतने short period में, और लगभग मैं समझता हूँ कोई छुट्टी नहीं ली है पिछले 4 हफ़्तों में किसी ने, हर शनिवार, रविवार को काम करके यह document सोमवार तक final हुआ, शायद कैबिनेट में मंज़ूरी हुई, मंगलवार को कैबिनेट में मंज़ूरी हुई | और आज यह शुभ दिन हम सबके समक्ष है जब मान्य मुख्यमंत्री जी की उपस्थिति में यह document execute हुआ है, sign हुआ है, मैं सभी को बहुत बहुत धन्यवाद भी देता हूँ, बधाई भी देता हूँ |
और Energy Efficiency Services Limited के साथ जो आज 3-4 नए करार किये हैं खासतौर पर उजाला योजना के साथ जो अब उत्तर प्रदेश जुड़ा है, अभी तक का record था कि गुजरात में पहले दिन जब हमने उजाला को बड़े पैमाने पर launch किया था शायद 1 लाख 27 हज़ार bulb पहले दिन बीके थे | आज उत्तर प्रदेश ने इस उजाला योजना को बड़े पैमाने पर पूरे प्रदेश में launch किया, मुझे जानकारी मिली शायद 3.00-3.30 बजे तक 3.5 लाख बल्ब बिक चुके थे और अभी तक लाइनें लगी हुई हैं पूरे प्रदेश में और अनुमान है कि शायद 6 से 8 लाख बल्ब पहले ही दिन में LED के मात्र 60 रुपये में बेचे जायेंगे और 60 रुपये तो इतनी कम कीमत है कि जो बिजली के बिल में कमी होगी, बिजली के बिल में जो बचत होगी उसके सामने तो शायद 3-4 महीने में ही यह पूरा पैसा वापिस आ जायेगा और उसके बाद महीने महीने जनता लाभ ले पायेगी, कम बिल का स्वाद ले पायेगी |
और मुझे लगता है कि उत्तर प्रदेश में तो अगर मैं अनुमान लगाऊं तो 4-4.5 करोड़ अगर यहाँ पर परिवार हैं, ग्रामीण क्षेत्र में ही लगभग 3 करोड़ परिवार हैं, शहरी क्षेत्र में और 1-1.15 करोड़ परिवार, तो कुल मिलाके यहाँ पर 15 करोड़-17 करोड़ बल्ब बिक जायें तो कोई आश्चर्य नहीं होगा | और मैं तो समझता हूँ EESL और सभी DISCOM यह सुनिश्चित करें कि कभी भी बल्ब की यहाँ कमी न हो, procurement को तेज़ी से बढ़ाया जाये और हर एक के घर में जल्द से जल्द LED bulb लग जाये | आपको जानके हैरानी होगी यह तो मैं लगभग 2 वर्ष पहले 1 मई, 2015 में यह launch किया था, 2 वर्ष से मैं प्रयत्न कर रहा हूँ कि तेज़ गति से उत्तर प्रदेश में LED bulb बेचे जायें, शायद मात्र 1 करोड़ 8 लाख या कुछ bulb अभी तक बिके हैं | और कठिनाई यह आई कि केंद्र सरकार की योजना है, केंद्र सरकार ने लगभग 80-85% दामों में कम कर दिया दाम ईमानदार व्यवस्था से खरीद्के, लेकिन पिछली सरकार इस मुद्दे पर अटक गयी कि जब तक आप मुख्यमंत्री की फोटो नहीं लगाओगे तब तक हम जनता को इसका लाभ नहीं लेने देंगे |
मुझे आज बड़े दुःख के साथ यह कहना पड़ रहा है, सिर्फ एक फोटो के पीछे केंद्र सरकार की इस योजना का लाभ हम जनता तक नहीं पहुंचा पाए | आज बहुत आनंद की बात है कि राज्य सरकार ने इसको तेज़ गति देने का निर्णय लिया है और मुझे पूरा विश्वास है हजारों करोड़ रुपये की बचत प्रदेश की जनता की होगी | मेरा अनुमान है कि उत्तर प्रदेश अकेले में जब सभी बल्ब पुराने बाबा आदम के बल्ब, 7 W-90 W के जो बल्ब चलते हैं वह सब बदल के जब LED लग जायेंगे तो उत्तर प्रदेश के उपभोक्ताओं के अकेले के बिल लगभग 8,000-10,000 करोड़ रुपये कम होने की संभावना है, सिर्फ उत्तर प्रदेश में | यह अलग बात है कि अधिकांश लोगों को यहाँ बिजली नहीं मिलती है, मैं उस स्थिति में गिन रहा हूँ कि जब सबको बिजली मिलने लग जाएगी चौबीस घंटे |
बाबा साहेब आंबेडकर का आज जन्मदिन है और मुझे पता नहीं आप में से कितनों को यह ध्यान में है कि बाबा साहेब आंबेडकर ने बिजली व्यवस्था तेज़ गति से देश में आये इसके लिए बहुत प्रयत्न किये थे | आज जो DVC Corporation है, Damodar Valley Corporation जिसके माध्यम से बिजली भी और irrigation, सिंचाई की भी योजना दोनों एक साथ चलती हैं, यह कल्पना वास्तव में बाबा साहेब आंबेडकर जी की थी कि जनता तक बिजली भी पहुंचे, किसानों को सिंचाई और पानी भी पहुंचे | और मैं समझता हूँ दामोदर वैली का प्रोजेक्ट, हीराकुंड का प्रोजेक्ट, सोन नदी का जो प्रोजेक्ट, यह तीनों प्रोजेक्ट की कल्पना बाबा साहेब आंबेडकर ने की थी | और जो Department of Power है, ऊर्जा विभाग जो था अन्य अन्य राज्यों का, यह भी सबसे पहले शुरुआत डॉक्टर बाबा साहेब आंबेडकर ने की थी, तब तक ऊर्जा विभाग अलग नहीं होता था | तो आप सोचिये कितना दूरदर्शी था उनका सोच जिन्होंने 70 साल पहले यह कल्पना की कि हर प्रदेश में एक ऊर्जा विभाग होना चाहिए और उस ऊर्जा विभाग से जनता की सेवा करने का सरकारें प्रयत्न करें |
उसके बाद NDA की पहली सरकार मान्य प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की नेतृत्व में बनी जब यह ऊर्जा विभाग को unbundle करके DISCOM, transmission company और generating company अलग अलग बनाई गईं | कल्पना यह थी कि तीनों company ईमानदार व्यवस्था बनाएँगी, अच्छी तरह जनता की सेवा करेगी और सभी को न्याय के साथ बिना भेदभाव के बिजली पहुँचाने का काम करेगी | दुर्भाग्य से गत 10-12 वर्षों में मैं समझता हूँ राजनीतिक populism के कारण ऊर्जा विभाग में काम भी ठीक से नहीं हुआ, नुकसान भी शुरू हो गया और लगभग 35-1 हज़ार करोड़ का एक प्रकार से ऋण ऊर्जा विभाग में accumulate हो गया, ऊर्जा विभाग में भी distribution companies अकेले का, transmission और generating company का अलग है |
हमने उदय योजना, उज्ज्वल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना के माध्यम से काफी सुविधाएं राज्यों को दीं, राज्य सरकारों को दीं और आज उसका यह परिणाम है कि देशभर में काफी सुधार आ रहा है अलग अलग DISCOMs में | कल ही मैं हरियाणा का review करने गया था, monitor करने गया था काम, आप सबको मुझे बताते हुए बड़ी ख़ुशी होती है हरियाणा में जैसे दो DISCOM है, उसमें से जो दक्षिण हरियाणा का DISCOM है उसने तो पहले ही वर्ष में उदय का लाभ ले के loss से profit में अपने DISCOM को convert कर लिया | और आज यह स्थिति है कि पंचकूला के शहरी इलाके और ग्रामीण इलाके में, सभी ने निश्चय कर लिया, तय कर लिया कि हम अपना ईमानदार बिल भरेंगे, सभी लोग बिल भरेंगे, उससे चौबीस घंटे बिजली पूरे पंचकूला इलाके में देने में राज्य सरकार सक्षम हो गयी |
मैं आवाहन करूँगा उत्तर प्रदेश के भी मेरे भाई बहनों को और मीडिया के माध्यम से यह बात अगर पूरे उत्तर प्रदेश में जाये कि अगर सभी लोग ईमानदार व्यवस्था से जुड़ जाते हैं तो राज्य सरकार भी उनको चौबीस घंटे बिजली देने में जल्द से जल्द सक्षम हो जाएगी और सुविधा देने में उनको भी सेवा करने के लिए आसानी हो जाएगी | आज समस्या यह है कि कई लाखों घर ऐसे हैं जहाँ पर बिजली की व्यवस्था शायद पहुंची है लेकिन वह अवैध व्यवस्था है, ऐसे लाखों घर हैं जहाँ पर बिजली की व्यवस्था पहुंची है लेकिन कुछ घरों में भेदभाव, कुछ अन्य कारणों से हर घर को बिजली नहीं दी गयी है | राज्य सरकार ने निर्णय किया है कि सभी घरों को बिना भेदभाव के बिजली का connection जल्द से जल्द मिले और जितने भी बिजली के उपभोक्ता हैं सबको मीटर लगे, एक स्मार्ट मीटर लगके उनकी बिजली की खपत वह स्वयं भी monitor कर सकें जिससे उनके बिजली के बिल नियंत्रण में रहें, बहुत अधिक न हो, कोई गलती हो, कोई गड़बड़ हो तो सीधा बिजली की reading computer में जाये, कोई linesman आ के आपका बिजली का बिल, बिजली का reading नहीं करे |
इस व्यवस्था के साथ उत्तर प्रदेश शायद देश की पहली राज्य सरकार होगी जो पूरे प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाके जुड़ना चाहती है और इसके लिए केंद्र सरकार भी उत्तर प्रदेश सरकार को पूरी मदद करेगी | जो equity लगेगी इस काम को करने के लिए उसमें भी हम अपने Power System Development Fund से कुछ सहयोग करेंगे राज्य सरकार का और Fund Rural Electrification Corporation इसके लिए एक soft loan long term का दे के शत-प्रतिशत smart meter पूरे उत्तर प्रदेश में लग सकें इसके लिए केंद्र सरकार पूरी मदद राज्य सरकार की करेगी |
वास्तव में 9 जनवरी, 2017 मुझे आज याद आ रहा है, उस दिन तमिलनाडु और 2 और राज्यों ने Power For All का document sign किया था दिल्ली में | उस दिन मैंने ऐसे ही एक observation किया था कि मुझे लगता है अब पूरे देश में 29 राज्यों में से 28 राज्यों ने Power For All 24/7 का document sign कर लिया है, एक ही राज्य सरकार रह गयी है | तब तो चुनाव का आचार संहिता चल रही थी तो मैं नाम नहीं ले पा रहा था और आप सब समझ सकते हैं नाम क्या था | और उस दिन मैंने ऐसे ही कहा था कि मुझे लगता है कि अब जो वह एक राज्य सरकार रह गयी है शायद उस प्रदेश की जनता तय कर देगी कि यह Power For All document जल्दी sign हो, मुझे नहीं कल्पना थी उस दिन कि जनता इतना ऐतिहासिक निर्णय देगी और इतना आशीर्वाद देगी भारतीय जनता पार्टी को कि हम इतनी तेज़ गति से उत्तर प्रदेश की जनता की सेवा करने में हमें सुविधा हो जाएगी, हम सक्षम हो जायेंगे |
जैसे डॉक्टर आंबेडकर ने कहा था – Life should be great rather than long. जो हम काम करते हैं, जो भी हमारे पास समय है काम करने का उसमें हम बड़ी चीज़ें करें, सिर्फ अपने लंबी अवधि को ना देखे, काम की अवधि को बहुत लंबी भी न करें, हर एक चीज़ को एक समय सीमा में जल्दी से जल्दी बड़ी चीज़ें, बड़ी छलांग लगाएँ, बड़ा काम करें | और पंडित दीन दयाल उपाध्याय का जो सपना था जिनकी जन्म शताब्दी हम इस वर्ष मना रहे हैं कि समाज के जो अंतिम छोर पर खड़ा है व्यक्ति उस व्यक्ति की सेवा में सभी सरकार की पूरी पूंजी लगनी चाहिए | उस कल्पना से यह Power For All 24/7 document भी बनाया गया है, प्रोग्राम, योजना भी बनाई गयी है, कैसे जल्द से जल्द हर गरीब के घर में बिजली पहुँच पाए, उसको सस्ती बिजली मिले, ज्यादा उनके ऊपर बोझ न हो |
हमने अपने लोक कल्याण संकल्प पत्र में कुछ प्रतिबद्धताएं अपने ऊपर रखी थीं, कुछ संकल्प किये थे राज्य सरकार और केंद्र सरकार उन सभी संकल्प को पूरा करने में पूरी तरीके से तैयार है, पूरी तरीके से हम उसको आगे बढाने जा रहे हैं | और जिस गति से मान्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने अभी तक का जो काम दर्शाया है मुझे कोई शक नहीं है कि आगे आने वाले दिनों में एक एक जो संकल्प पत्र में खासतौर पर ऊर्जा विभाग के संबंध में चाहे वह गरीबों को पहले 100 यूनिट मात्र 3 रुपये प्रति यूनिट पर देने का हमारा संकल्प हो, चाहे वह किसानों के पुराने बाबा आदम के ज़माने के पंप बदल के नए दक्षता वाले energy efficient pump से बदले जाएँ जिसकी पहली पहल आज की गयी है, 10,000, और यह पहल तो शायद उससे भी एक कदम आगे जाती है | 10,000 solar pump प्रदेश में लगें यह एक pilot के रूप में शुरुआत की जा रही है, इसकी सफलता के बाद इसको और तेज़ गति से बढ़ावा दिया जायेगा | और आगे चलके उत्तर प्रदेश में एक ऐसी व्यवस्था बने जिसमें जो ऊर्जा का जो पूरा ढांचा है, विद्युतीकरण का जो पूरा ढांचा है इसको मज़बूत बनाया जाये, इसको अच्छा बनाया जाये जो सालों साल आगे चल के राज्य की जनता की सेवा कर सके | और पूरे प्रदेश में एक भी विद्यार्थी ऐसा न रहे जिसको मेरे पिताजी की तरह streetlight के नीचे बैठके पढाई करनी पड़े, एक भी अस्पताल में कोई मरीज़ ऐसा न रहे जिसको अपनी जान का खतरा हो कि बिजली कब चली जाएगी, बिजली कब आएगी |
मुझे पूरा विश्वास है अच्छा काम, ईमानदार काम और तेज़ गति से किये हुए काम के साथ साथ यहाँ की चारों DISCOMs जनता के प्रति संवेदना भी रखेगी, शालीनता से जनता के साथ पेश आएगी, ईमानदार व्यवस्था पूरे प्रदेश में रहेगी | 1912 को तो toll free कर ही दिया गया है, digital payment की भी आज व्यवस्था को सुनिश्चित किया है | आपने debit card, credit card और Rupay card की बात की, internet banking की बात की, आज ही मान्य प्रधानमंत्री जी ने नागपुर में BHIM app के साथ साथ BHIM Aadhar भी launch किया है | तो हम इस digital व्यवस्था में BHIM और BHIM Aadhar, इसको भी जोड़ दिया है? बहुत बढ़िया, तो अब तो Common Service Centre में तो जाने की व्यवस्था रहेगी ही, यह 60000 Common Service Centre जो प्रदेश में हैं लेकिन अब घर बैठे भी payment हो पाएगा, व्यक्ति को घर से भी बाहर नहीं जाना पड़ेगा, घर बैठे एक साधारण फ़ोन से भी यह payment करी जा सकेगी *99# के द्वारा, BHIM app के द्वारा |
तो मैं समझता हूँ यह तेज़ गति से जनता की सेवा का जो कार्य केंद्र सरकार लगातार तीन वर्षों से कर रही है, जिस प्रकार से इस देश में कोयला और ऊर्जा की जो कमी रहती थी, आज पूरा देश कोयला भी सरप्लस है, बिजली भी सरप्लस है | मुझे संजय जी बता रहे थे कि मान्य मुख्यमंत्री जी के आदेश अनुसार अब उत्तर प्रदेश सरकार ने शाम को बिजली खरीदना शुरू कर दिया है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी शाम के समय जो बहुत क्रिटिकल रहता है उस समय बिजली देने की क्षमता हो सके | कल भी उन्होंने एक करोड़ यूनिट बिजली के ख़रीदे हैं, कल शाम को जिससे बिजली और ज्यादा अधिक प्रदेश में दी जा सके |
मुझे पूरा विश्वास है कि इन सभी क़दमों से अब उत्तर प्रदेश तेज़ गति से विकास के साथ जुड़ेगा, यहाँ पर उद्योग आएगा, उद्योगीकरण होगा, नए रोज़गार के अवसर बनेंगे | जिस प्रकार से केंद्र की सरकार जनता की सेवा में लगातार निरंतर चौबीसों घंटे लगी है उसी प्रकार से जो तेज़ गति से मान्य योगी आदित्यनाथ जी की, मान्य मुख्यमंत्री जी की सरकार लगी है मुझे लगता है अब यह डबल इंजन जनता को बहुत ही ज्यादा आगे का उत्साहजनक जीवन जीने के लिए प्रतिबद्ध है और काम करने जा रही है | मैं मान्य मुख्यमंत्री जी, ऊर्जा मंत्री और सभी को बधाई देता हूँ और केंद्र सरकार की तरफ से शत-प्रतिशत सहयोग का आश्वासन देता हूँ |
बहुत बहुत धन्यवाद |
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