
मेरे परम मित्र, बड़े भाई माननीय श्री राजकुमार सिंह जी, भारत सरकार में ऊर्जा मंत्री और नवीकरणीय ऊर्जा का बहुत ही अच्छे ढंग से, अच्छे तरीक़े से जो देश भर में सर्वव्यापी रूप से ऊर्जा को बढ़ावा देने में सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं। और उनके क्षेत्र में आज मुझे आने का सौभाग्य मिला। मैं धन्यवाद देता हूँ कि उन्होंने मुझे यह आज के कार्यक्रम में निमंत्रण दिया। वास्तव में आपकी भूमि तो बहुत ही पावन भूमि मानी जाती है। मैं जब देख रहा था, आरा के बारे में कुछ जानकारियां निकाल रहा था तब ध्यान में आया कि यह वीरों की भूमि है। वीर कुंवर सिंह जी जिन्होंने 1857 में जब पहला युद्ध हुआ अंग्रेजों के सामने तब जिन्होंने अपने देश के लिए लड़ाई लड़ी, जिन्होंने मैं समझता हूँ कि एक प्रकार से पूरी ज़िंदगी इस देश के ख़ातिर निछावर कर दी। ऐसी भूमि में आने का मुझे आज सौभाग्य मिला, मैं उनका बहुत-बहुत हृदय से धन्यवाद करता हूँ।
भारतीय जनता पार्टी के बिहार के सबसे वरिष्ठ नेता, उपमुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी जी जिनको हम सब बचपन से ही देखते आ रहे हैं, जिस प्रकार से उन्होंने बिहार की सेवा की है। ऐसे लोकप्रिय और मैं समझता हूँ जिनके हृदय में चौबीसों घंटे बिहार का विकास, बिहार में कैसे तेज़ गति से गाँव-गाँव घर-घर तक विकास पहुँचे यह सुशील जी की खासियत मैंने बहुत वर्षों से देखी है। और आज उन्होंने जो मेरा कार्यक्रम बिहार का रखा इसके लिए उनका बहुत ही धन्यवाद करता हूँ और विश्वास दिलाता हूँ कि बिहार के कोई काम में रेलवे की तरफ़ से कभी बाधा नहीं आने दूँगा।
माननीय श्री अश्विनी चौबे जी, केंद्र सरकार में हमारे सहयोगी मंत्री हैं, जुझारू हैं, बोलना तो बहुत कुछ और चाहते थे लेकिन शायद समय की पाबंदी से पूरी बात नहीं रख पाए। और मैं वास्तव में आज आरा इसलिए भी आया हूँ कि मुझे और मेरे मित्र छेदी पासवान जी आपके लोकप्रिय सांसद सासाराम से, मैं इन चारों का शिकायत करने के लिए मैं आपके पास आज आया हूँ। वास्तव में और मैं आपका समर्थन चाहूँगा इसमें मेरा जीना हराम कर दिया है इन लोगों ने। पहले मैं ऊर्जा विभाग देखता था तो राजकुमार जी छोड़ते नहीं थे, पूरे समय आरा में यहाँ बिजली नहीं पहुँची, वहाँ ट्रांसफॉर्मर नहीं पहुँचा, यह करना है, वह करना है, बड़ा तंग करते थे। जब मुझे लगा अब ऊर्जा मंत्री बन गये तो कम से कम मेरी जान छूटी, लेकिन फिर भी नहीं छोड़ते हैं।
और मुझे याद है जब मैं बहुत छोटा था एक बार मेरे पिताजी ने कोई व्यक्ति उनके पास कुछ काम लेकर आया था और पत्र में बहुत शिकायत लिखी थी कि आपके विभाग में यह नहीं हो रहा है, वह नहीं हो रहा है, यह-वह और अंत में अपना माँग रखी कि मुझे यह-यह काम करना है। तो मेरे पिताजी ने तभी उसको समझाया था। कई वर्ष पहले की बात है शायद पता नहीं अटलजी की सरकार के समय की है या उससे भी पहले जनता पार्टी के समय की है। मुझे अभी तक याद है पिताजी उनको समझा रहे थे की भाई अगर काम निकालना है तो पहले तो बढ़ावा अच्छे तरीक़े से सब अच्छी-अच्छी बातें बोलो कि आदमी बहुत अच्छा है, आपके विभाग में बहुत अच्छा काम किया है। इसको हम मुंबई में बोलते हैं थोड़ा मस्का मार लो। मसका, घी और मटर के लिए कहा जाता है मुंबई में। और उसके बाद अपनी माँग रखो तो स्वाभाविक है माँग तो पूरी हो ही जाएगी।
और मुझे पता नहीं कि राजकुमार जी तब अधिकारी थे तो कभी ना कभी पापा के साथ पाला पड़ा होगा इनका। जो उन्होंने बड़ी ख़ूबसूरती से और मुझे पता नहीं मेरे विभाग में आप कब से encroach करने लग गए हो कि नीचे फ़ाइल क्या बन रही है मुझे ही नहीं पता। पर वास्तव में कुम्भ का पावन पर्व मनाने जा रहे हैं हम इलाहाबाद प्रयागराज मे अगले वर्ष। तो मैं समझता हूँ यह तो आपकी बड़ी जायज़ डिमांड है कि हावड़ा-हरिद्वार एक्सप्रेस, कुंभ एक्सप्रेस ज़रूर आरा में रुकनी चाहिए। त्रिवेदी जी यह तो डिसिज़न कुमार साहब ने ख़ुद ही ले लिया, राजकुमार जी ने। हमारे लिए कोई रुका ही नहीं, मौक़ा ही नहीं दिया कुछ सोचने के लिए। तो अब इनको इनवाइट करिए कब आके उसका ठहराव शुरू करना है।
तो बहुत ही संभावनाओं से भरा हुआ यह जो पूरा क्षेत्र है और वास्तव में महात्मा गाँधी जी के डेढ़ सौ वर्ष हम मनाने जा रहे हैं। और महात्मा गाँधी जी का जो लगाव बिहार के साथ था वह हम सब स्मरण करें तो मुझे लगता है कि बिहार के साथ जो अन्याय हुआ है। ख़ास तौर पर आज़ादी के बाद जिस प्रकार से राजनीतिक गतिविधियों ने बिहार में विकास नहीं होने दिया, प्रगति नहीं होने दी उसको जो बदलाव करने का काम माननीय नरेंद्र मोदी जी, माननीय नीतीश कुमार जी, माननीय सुशील मोदी जी, माननीय आर.के. सिंह जी, माननीय अश्विनी चौबे जी, छेदी पासवान जी, यह सब दिन और रात एक करके जिस प्रकार से आपकी चिंता करते हैं, जिस प्रकार से विकास बिहार में पहुँचे, सासाराम में पहुँचे, आरा में पहुँचे मैं समझता हूँ वास्तव में आगे चलके मैं देखता हूँ कि बिहार का चित्र बदलने वाला है, बिहार का भविष्य उज्जवल होने वाला है। और हमारे बिहार के नौजवान तो वास्तव में रेलवे चलाने में भी बहुत बड़ा योगदान देते हैं। आंकड़े मुझे पता नहीं पर शायद हज़ारों या शायद लाखों की संख्या में बिहार के नौजवानों ने रेलवे में काम किया होगा, रेलवे में सेवा दी होगी।
और अभी भी जो बड़ी भारी मात्रा में लोको पायलट, असिस्टेंट लोको पायलट का, ग्रुप-डी का, आर.पी.एफ. में, अलग-अलग माध्यम से सवा लाख से भी अधिक जो नई नौकरियां खुली हैं उसमें शत-प्रतिशत पारदर्शी तरीक़े से नौकरियों का चयन किया जाएगा। लोगों का चयन किया जाएगा। पूरी तरीक़े से यह व्यवस्था पारदर्शी होगी, यहाँ तक कि मैंने अधिकारियों को कहा है की अगर मैं भी उनको कहूँ कि किसी को फ़ेवर करे या कोई बड़े से बड़ा व्यक्ति इस देश में माँगें कि किसी एक व्यक्ति को किसी तरीक़े से नौकरी मिल जाए तो हम नहीं कर पाएँ, इतनी कड़क व्यवस्था हमने भिठाई है कि ईमानदार व्यवस्था से हुनर वाले लोगों को नौकरी मिले और उसमें मुझे पूरा विश्वास है बिहार के युवा युवती जिन्होंने कई महीने, कई वर्षों तक तैयारी करी होगी इस एग्जाम में लिखने के लिए।
मुझे याद है पहले कुछ जब हम एज का कंडीशन थोड़ा कम कर रहे थे तो सुशील मोदी जी और आपने मुझे रात को एक दिन उठाया था कि भाई यह क्या कर रहे हो हमारे सब नौजवान युवा युवती इतनी तैयारी करके बैठे हैं और तीन-चार साल बाद भर्ती हो रही है उनका क्या होगा? तो मुझे रात को निर्णय लेना पड़ा की एज रिलैक्स की जाए और सब को मौक़ा मिले एग्जाम में भाग लेने का। पर मुझे यह भी याद है कि आपने यह भी माँग रखी थी की जो फ़ीस है वह फ़ीस भी कम करी जाए। तो हमने निर्णय किया कि फ़ीस कम की जाएगी और जिसने ज़्यादा दिया है उसको रिफंड दे दिया जाएगा।
मैं समझता हूँ आपकी धरती में तो तीन-तीन नदियों का संगम है, त्रिवेणी है आपके यहाँ पर। और यहाँ बैठे हुए हमारे सब नेता जिस प्रकार से आगे का बिहार बनाने की कल्पना रखते हैं, जिस प्रकार से बिहार में अलग-अलग प्रकार से, फिर वह रोड़ का क्षेत्र हो, रेल का क्षेत्र हो, बिजली का क्षेत्र हो, हवाई सेवाओं का क्षेत्र हो, अन्य-अन्य प्रकल्पों में, अन्य-अन्य योजनाओं के द्वारा जिस प्रकार से तेज गति से जीवन परिवर्तन हो 125 करोड़ भारत के नागरिकों का, जिस प्रकार से हर व्यक्ति का अपना ख़ुद का मकान हो 2022 तक जो माननीय प्रधानमंत्री जी की नए भारत की, न्यू इंडिया की कल्पना है कि भारत का एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं रहे जिसका ख़ुद का मकान न हो, जिसके घर पर बिजली न हो, पानी पेयजल न मिले, शौचालय न हो।
ऐसा कोई गाँव न रहे जहाँ अच्छी शिक्षा, अच्छी स्वास्थ्य सेवाएँ न उपलब्ध हों। ऐसा कोई गाँव न रहे जहाँ इंटरनेट नहीं पहुँच पाए, सड़क नहीं पहुँच पाए। यह जो कल्पना लेकर, यह जो दूरदर्शी विजन लेकर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने इस देश की अर्थव्यवस्था को इस देश की अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से विकास को गाँव तक, ग़रीब तक, उस परिवार तक जो इतनी सदियों से वंचित रहा, शोषित रहा, पीड़ित रहा उन सब घरों तक विकास पहुँचे यह जो काम माननीय मोदी जी ने शुरू किया है, मैं समझता हूँ आरा के, सासाराम के इस क्षेत्र के हर परिवार को यह विकास महसूस होगा।
बिजली के क्षेत्र में तो ऐतिहासिक काम किया है बिहार ने। हर गांव तक बिजली पहुँची है। हर मजला, टोला, ढाणी तक बिजली पहुँची है। अब सौभाग्य योजना के माध्यम से माननीय सिंह साहब आपके लोकप्रिय सांसद हर घर तक बिजली पहुँचाने का बीड़ा लेकर निकले हैं। और मुझे पूरा विश्वास है कि दिसंबर के पहले-पहले पूरे बिहार में, पूरे देश में हर घर तक बिजली पहुँचेगी, हर व्यक्ति के घर में उजाला होगा। तमसो मा ज्योतिर्गमय यह जो इन्होंने एक संकल्प लिया है, जो सपना लेकर निकले हैं कि कोई एक विद्यार्थी ऐसा न रहे जिसके घर में बिजली ना हो, कोई एक हमारी माँ बेटी नहीं रहे जिसको धुआं लेके घर में भोजन बनाना पड़े। उज्ज्वला योजना के तहत पाँच करोड़ ग़रीब परिवारों को मुफ़्त में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराई जा चुकी है और आने वाले दिनों में और तीन करोड़ घरों में उज्ज्वला योजना से गैस का सिलेंडर कनेक्शन मुफ़्त में मिलेगा।
मैं समझता हूँ आरा, सासाराम इस पूरे क्षेत्र में अश्विनी जी आपके क्षेत्र में कोई एक गरीब का घर मत छोड़िए जहाँ बिजली न पहुँचे, जहाँ मुफ़्त में गैस का सिलेंडर न पहुँचे, कनेक्शन न पहुँचे, शौचालय न पहुँचे, जिसको एम.एस.पी का लाभ न हो, जिसको आयुष्मान भारत के तहत मुफ़्त में स्वास्थ्य सेवाएँ न मिलें। यह हम सबकी सामूहिक ज़िम्मेदारी है कि हमारे देश के हर युवा युवती, हर व्यक्ति, हर नागरिक को इन सब आधारभूत सुविधाओं से हम वंचित न छोड़ें। उन सबको इस सब जो प्रधानमंत्री मोदी जी ने मैं समझता हूँ ख़ुद के जीवन में जो ग़रीबी देखी है, ख़ुद के जीवन में जो पीड़ा देखी है उस पीड़ा को महसूस करते हुए यह एक-एक योजना बनाई गई है जिससे गाँव तक, हर ग़रीब परिवार तक, हर निम्न मध्यम वर्गीय परिवार तक यह सब योजनाएं पहुँचे। विकास देश के कोने-कोने तक पहुँचे।
मुझे याद है जब हम नए-नए मंत्री बने थे तो शायद पहली या दूसरी मीटिंग में माननीय प्रधानमंत्री जी ने आदेश दिया कि सभी मंत्री, सभी केंद्र के मंत्री जो पूर्वी भारत है, जो उत्तर पूर्वी भारत है – बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, आसाम, सिक्किम, अरुणाचल, सब पूर्वांचल के सभी राज्य, इन सब राज्यों के प्रति विशेष ध्यान दें। इन सब राज्यों में विकास की दर को बढ़ाएं क्योंकि भारत में विकास तब तक नहीं होगा जब तक पूर्वी भारत में तेज़ गति से विकास नहीं होगा। भारत के हर नागरिक को विकास का अधिकार है और ऐसा नहीं हो सकता है कि पश्चिम भारत और दक्षिण भारत में तेज़ गति से विकास हो और हमारे पूर्वी भारत के भाई बहन पीछे रह जाएं श्रृंखला में। और मैं समझता हूँ गत चार वर्षों में अगर केंद्र सरकार ने सबसे ज़्यादा योजनाएं और सबसे ज़्यादा फंड्स का आवंटन किधर किया है तो वह पूर्वी भारत और उत्तर पूर्वी भारत में किया है।
मैं आंकड़े देख रहा था रेलवे के। आपको जानकर ख़ुशी होगी कि रेलवे अकेले में जहाँ पहले पाँच वर्षों में 2009-14 तक, पाँच वर्षों में पिछली सरकार जो चाहती नहीं थी कि विकास आप तक पहुँचे। जैसा उन्होंने कहा जो चाहती थी आप लैंटर्न में ही अपना जीवन बिताएँ। वह नहीं चाहते थे कि बिजली आपके यहाँ पहुँचे। वह नहीं चाहते थे कि रेलगाड़ी की सुविधाएँ सुधरें। वह नहीं चाहते थे कि रोड आपके घर तक पहुँचे। उनको तो बैलगाड़ी और लालटेन तक ही आपको सीमित रखना था। वह विकास प्रधानमंत्री मोदी जी को मंज़ूर नहीं था। तो कहाँ साढ़े पाँच हज़ार करोड़ रुपये पाँच वर्षों में कुल पूरे बिहार में रेलवे में निवेश हुआ और कहाँ मोदी जी की सरकार ने 2014 से ‘19 के बीच पाँच वर्षों में लगभग 15 हज़ार करोड़ रुपये का निवेश मात्र बिहार बिहार में होने वाला है। तीन गुना!
और जैसा कल एक कार्यक्रम में हमारी युवा नेत्री पूनम महाजन जी बता रही थी ‘अब तो यह ट्रेलर है पिक्चर आगे बाक़ी है।‘ जिस तेज़ गति से विकास की कल्पना माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी करते हैं अब तो बहुत काम करना हमको बाक़ी है। और जैसा सुशील जी ने कहा अब तो आपके बिहार में डबल इंजन काम कर रही है। केंद्र सरकार, राज्य सरकार दोनों मिलके तेज़ गति से विकास आप तक पहुँचा रहे हैं। आपको जानकर ख़ुशी होगी लगभग 45-50,000 करोड़ रुपया के काम आज बिहार में अलग-अलग काम रेलवे के क्षेत्र में काम चालू है। लगभग 45-50,000 करोड़ रुपये का।
आज ही मुझे सूचना मिली कि आप ही के इलाक़े में डालमियानगर में 600 करोड़ रुपये की लागत से एक POH की वर्कशॉप का काम शुरू हो गया है। और वहाँ पर काम चल रहा है 600 करोड़ की लागत पर एक नई वर्कशॉप डालमियानगर में लगने जा रही है। इसी प्रकार से अन्य-अन्य योजनाओं का आज हमने शिलान्यास किया। आरा स्टेशन पर तो काम चल ही रहा है जिसका मैंने कोई तीन-चार महीने पहले काम शुरू करवाया था।
और मुझे पूरा विश्वास है कि जो आदर्श स्टेशन आरा को बनाने की जो योजना तय की गई है उसके तहत स्टेशन भी सुंदर बनाएंगे और बाहर के इलाक़े को भी अच्छे तरीक़े से सुंदर बनाने का काम हमारे रेल के अधिकारी करेंगे। यह जब एक बार विद्युतीकरण हो जाएगा तब आपके पटना का सासाराम का फ़ासला भी कम हो जाएगा। तेज़ गति से मेमू ट्रेन या डेमू ट्रेन चल सकेगी जिससे आप जल्द कम समय में सासाराम भी पहुँच पाएँगे, पटना भी पहुँच पाएँगे। और मैं समझता हूँ पर्यावरण के लिए भी अच्छा होगा। जैसे विद्युतीकरण जहाँ-जहाँ पहुँचता है वहाँ पर पर्यावरण की दृष्टि से भी लाभ होता है।
जो अलग-अलग काम माननीय आर.के. सिंह जी ने, माननीय छेदी पासवान जी ने, माननीय अश्विनी जी ने मुझे बताए हैं इस पूरे क्षेत्र के उसपे भी मैं पूरी तरीक़े से विचार करूँगा। बड़े खुले दिल और मन से विचार करूँगा। और जैसा कि आज घोषणा हुई है कुम्भ एक्सप्रेस की और वह तो मुझे लगा अब कुम्भ आने ही जा रहा है तीन-चार महीने में तो आरा के हमारे लोगों को कुम्भ स्नान के लिए जाने में सुविधा हो जाए। ऐसे और जहाँ-जहाँ पर और सुविधा हो सकेगी उसको ज़रूर मैं सिंह साहब करूँगा बशर्ते आप मेरे ऑफ़िस आके तंग करना बंद करें दें।
लेकिन बहुत अच्छा लगता है जब सिंह साहब आते हैं, जब पासवान साहब आते हैं, जब अश्विनी जी आते हैं तो तब ध्यान में आता है कि हमारे सांसद कितना आपके प्रति और आपके चिंता, आपके कामों के प्रति कितना संकल्पित हैं, कितना प्रयत्न करते हैं। और वास्तव में यही है एक निशानी एक अच्छे सांसद की, एक अच्छे प्रतिनिधि की जो आपकी समस्या लेकर दिन और रात जूझते रहते हैं। दिन और रात आपकी समस्याओं को अपनी समस्या समझकर संघर्ष करते हैं।
और मुझे पूरा विश्वास है कि यह जो काम आज हम शुरू करने जा रहे हैं, यह तो बस शुरुआत है। आगे हमें बहुत काम करना है आपके क्षेत्र में। मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि हम सब के संयुक्त प्रयास से और माननीय सुशील मोदी जी के आशीर्वाद से, माननीय नीतीश कुमार जी के समर्थन और आशीर्वाद से और माननीय नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में जो विकास का काम बिहार में गति पकड़ा है वह आगे आने वाले दिनों में और तेज़ गति से आप सब के जीवन को और अच्छा बनाएगा।
मुझे आप सब को राखी के शुभ अवसर पर, आगे आते थोड़े दिनों में हम इंडिपेंडेंस डे मनाने जाने वाले हैं। उसके बाद राखी का त्योहार आएगा। उसके बाद गणपति का त्योहार आएगा। अब बस त्योहारों का मौसम शुरू हुआ है। मुझे बताया गया यहाँ तो श्रावण पहले से मनाया जाता है। मैं मुंबई से आता हूँ, मुंबई में आज से श्रावण की शुरुआत हम त्योहार की शुरुआत कर रहे हैं। तो आप सभी को मेरे परिवार की तरफ़ से, प्रधानमंत्री मोदी जी की तरफ़ से और हम सब की तरफ़ से बहुत-बहुत शुभकामनाएँ। बहुत-बहुत बधाई आज के कार्यक्रम के लिए। आपका जीवन बहुत ही मंगलमय हो ऐसी भगवान से मैं प्रार्थना करता हूँ।
धन्यवाद।
पूरा देश आज बिहार की तरफ देख रहा है। और मुझे अभी भी याद है जब आप रेल मंत्री थे और मेरे पिताजी भी आपके साथ केन्द्रीय मंत्रिमंडल में थे। तो जितना पापा मुझे बताते थे, जितना आपकी तारीफ करते थे और बताते थे कि इंजीनियर होने के नाते नीतीश जी जिस प्रकार से एक-एक चीज़ की गहराई में जाकर रेल व्यवस्थाओं को सुधारने में लगे हैं मैं समझता हूँ आज मेरे लिए सौभाग्य का दिन है कि आपके दिखाए हुए मार्ग पर मुझे भी एक मौका मिला थोड़ा योगदान देने का।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, बिहार राज्य के उपमुख्यमंत्री माननीय श्री सुशील कुमार मोदी जी, केंद्र सरकार में मेरे साथ काम करने वाले केंद्रीय मंत्री श्री गिरिराज सिंह जी, श्री आर.के. सिंह जी और आर.के. सिंह जी ने ऊर्जा विभाग मेरे बाद बहुत ही अच्छे तरीके से संभाला है, बहुत ही तेज़ गति से ऊर्जा में विकास हो रही है। खासतौर पर सौभाग्य योजना के माध्यम से जो विकास देश भर में और खासतौर पर बिहार में हो रहा है, केंद्र में ही हमारे सहयोगी मंत्री रामकृपाल यादव जी, अश्विनी कुमार चौबे जी, बिहार सरकार के सन्माननीय मंत्री श्री विजेंद्र कुमार यादव जी, श्री नन्द किशोर यादव जी, श्री मंगल पांडे जी, हमारे साथ पार्लियामेंट में माननीय सांसद श्री पप्पू यादव जी। मैं किसी को भूल तो नहीं रहा हूँ, मैं देख नहीं पा रहा हूँ सभी को। पुणे शहर की माननीय महापौर, भारतीय जनता पार्टी के बिहार इकाई के सन्माननीय अध्यक्ष नित्यानंद राय जी और सभी उपस्थित मंच पर, मंच के नीचे सभी महानुभाव, बिहार के हमारे नेतागण, अधिकारीगण, ईस्ट सेंट्रल रेलवे के सभी अधिकारीगण, भाईयों और बहनों।
मेरे लिए आज सौभाग्य का दिन है कि बिहार जो तेज़ गति से प्रगति और विकास की राह पर चल रहा है उसमें इतनी सारी योजनाओं में मेरा छोटा एक निमित के नाते योगदान करने का मौका जो मुझे मिला है उसके लिए मैं अपने आप को सौभाग्यशाली महसूस करता हूँ और आप सबको बधाई देता हूँ। आज के विभिन्न प्रकल्पों की जो आज शुरुआत हुई है यह आज का जो सबसे महत्वपूर्ण तो मैं समझता हूँ जो पटना दीघा रेलवे की ज़मीन राज्य सरकार को देने का जो काम हुआ है, जो कई वर्षों से रुका हुआ था और मैं समझता हूँ कि इससे पटना शहर की जो यातायात की समस्याएं लगभग पूर्ण रूप से इससे आप सबको निजात मिलेगी।
बहुत ही ख़ुशी का और बहुत हर्ष का दिवस है आज पटना के लिए और पूरे बिहार के लिए। तेजस्विनी जो हमारी बहनों ने जिस उत्साह के साथ काम किया है उसकी भी आज शुरुआत और वास्तव में महिलाओं के प्रति और बच्चों के प्रति जो सहानुभूति से आर.पी.एफ. के अधिकारियों ने काम करना है, करना चाहिए उसका एक छोटा नमूना आज हमने यहाँ देखा। और मुझे आप सबसे शेयर करते हुए ख़ुशी होती है कि अब जब हम अगले लगभग 9.50-10,000 आर.पी.एफ. के जवानों की भर्ती का काम शुरू करेंगे उसमें 50% महिलाओं के लिए आरक्षित रखेंगे। जिससे इनके काम में और गति आए और हम पूरी तरीके से महिलाओं को और बच्चों की सुरक्षा के प्रति रेलवे के सिस्टम को और अपने आप को समर्पित कर पाएँ।
साथ ही साथ हम पूरे जो स्टेशन हैं देश भर में, लगभग 6000 स्टेशन और जो प्रमुख गाड़ियाँ चलती हैं उन सबमें भी CCTV कैमरा लगाने का कार्यक्रम जल्द ही शुरू करने वाले हैं जिससे सुरक्षा की दृष्टि से यात्रियों को और उचित सुविधाएं मिलें और इस प्रकार की जो गलत गतिविधि है इन सब को रोकने में रेलवे सफल हो पाए।
अभी-अभी माननीय उपमुख्यमंत्री जी ने ज़िक्र किया, एक छोटा हिस्सा जो पटना शहर के स्टेशन से पटना घाट के बीच रेलवे का चलता है उसको भी अगर राज्य सरकार को दे दिया जाए तो पूर्ण रूप से वह सड़क आखिर में अशोक राजपथ से गंगा तट तक जा सकेगी। मेरे अधिकारियों को आज सुबह जब यह बात रखी गई तो उन्होंने मुझे नोट दिया है कि ‘the request of Bihar government will be examined.’ मैं समझता हूँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार और नीतीश कुमार जी की सरकार का काम करने का ढंग एग्जामिनेशन का नहीं हो सकता है, काम पूरा करने का होगा। तो मैं आज ऐलान करता हूँ कि वह ज़मीन भी जल्द से जल्द राज्य सरकार को दे दी जाएगी।
मुझे ख़ुशी है आप सबसे शेयर करते हुए कि एक भारत वैगन कंपनी के लगभग 500 काम करने वाले कामगारों का कई वर्षों से तनख्वाह और उनके अलग-अलग allowances का मामला लटका हुआ था। पिछले हफ्ते हमने उन सभी को पूरी उनकी compensation के चैक्स दे दिए हैं और सभी के घर में कई वर्षों से जो पैसा नहीं पहुँचा था अब पूर्ण रूप से दे दिया गया है। इसी के साथ-साथ एक डालमियानगर में 600 करोड़ की लागत से एक POH वर्कशॉप बनाने का काम हम करने जा रहे हैं जिससे वहाँ पर भी एक पूरा इकोसिस्टम पीरियोडिक ओवरहॉल का शुरू हो सकेगा। और एक जो पटना के इर्द-गिर्द मेमू ट्रेंस चलती हैं उसके रिपेयर्स और उसकी चेकिंग्स के लिए एक मेमू शेड 100 करोड़ रुपये की लागत से जल्द ही वहाँ पर बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
एक मेरे समक्ष आज विषय रखा गया जो तीन प्रमुख ब्रिज अटल बिहारी वाजपेयी जी के समय में अटल जी और माननीय नीतीश जी ने शुरू करने का काम किया था उसमें दो गंगा के ऊपर दो ब्रिज तो कमीशन हो चुके हैं। लेकिन जो कोशी के ऊपर ब्रिज का काम है वह ब्रिज का काम तो मोदी जी की सरकार आने के बाद पूरा कर दिया गया है लेकिन अभी-अभी मुझे माननीय मुख्यमंत्री जी ने बताया कि दोनों तरफ के approach का काम अभी भी बाकी है।
अधिकारियों ने कहा मुझे कि लगभग दो से तीन वर्ष और लगेंगे इसको पूरा करने में, जिससे यह ब्रिज भी काम में आ सके। मैं समझता हूँ यह हमारी रेलवे के काम करने का ढंग नहीं हो सकता। त्रिवेदी जी, आपको मैं एक उत्साहित अफसर मानता हूँ और रेलवे के सभी GMs में आप बड़े उत्साह से काम करते हैं तो आप बताइए यह कितने दिनों में यह काम पूरा करेंगे जिससे कोशी का ब्रिज भी पूरी तरीके से हम कमीशन कर सकें। आप ज़रा उस माइक पर जा कर बताइए और फिर आप पर्सनली responsible होंगे उसके लिए।
त्रिवेदी जी: यह सिखाया गया जो हमारा सीनियर बोलता है वह करना है उसके लिए वेज़ एंड मीन्स ढूंढ़ने पड़ते हैं। तो जो मंत्री जी ने बोला उसमें बहस या सिर्फ हम उनसे कुछ सहयोग मांगेंगे जो उन्होंने मुझे मांगने से पहले ही दे दिया है। तो जो उन्होंने आठ-दस महीने का मुझे काम बताया है वह हम उसके अंदर ही करने का प्रयास करेंगे।
तो दस महीने के अंदर यह कोशी का ब्रिज भी कमीशन हो जाए और दोनों तरफ की लाइनें खत्म हों इसके लिए प्रयास नहीं, आपको करना ही है। बहुत-बहुत धन्यवाद।
मैं समझता हूँ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जो हम सभी मंत्रियों को शायद पहली या दूसरी मीटिंग में दिशा निर्देश दिया था कि भारत का विकास तब तक अधूरा रहेगा जब तक हम पूर्वी भारत और उत्तर पूर्व भारत में तेज़ गति से विकास करके एक समग्र विकास का चित्र पूरे देश में नहीं बनाते हैं, तब तक भारत का विकास नहीं हो सकता है। इस दिशा में हम सभी मंत्री, हम सभी राज्य सरकार, केंद्र सरकार जो प्रयत्न कर रहे हैं, जो तेज़ गति से विकास के लिए संकल्पित हैं उसका आज एक नमूना हमने पटना में, बिहार में देखा है।
माननीय नीतीश जी के नेतृत्व में जिस तेज़ गति से विद्युतीकरण का काम भी बिहार में हुआ मैं उसका पूरे देश में ज़िक्र करता हूँ, आज मैं पटना में फिर एक बार ज़िक्र करना चाहता हूँ। हमने पहले तय किया था कि हर गाँव तक बिजली पहुंचे उसमें बिहार ने एकदम तेज़ गति से हर गाँव तक बिजली पहुंचाई। फिर काम शुरू हुआ कि हर मजला, टोला, ढ़ाणी तक बिजली पहुँचनी चाहिए। उसका भी काम तेज़ गति से हुआ। और मुझे अभी-अभी माननीय ऊर्जा मंत्री जी बता रहे थे, और दोनों ऊर्जा मंत्री बहुत ही तेजस्वी हैं, बहुत ही उत्साह से काम करते हैं आर.के. सिंह जी और विजेंद्र यादव जी। दोनों ने आज कन्फर्म किया कि नवंबर-दिसंबर तक पूरे बिहार में हर व्यक्ति के घर तक बिजली पहुँच जाएगी।
और मैं समझता हूँ पूरे विश्व के लिए यह एक उदाहरण होगा कि जो पहले की व्यवस्था रहती थी जिसपर शायद कुछ राजनीतिज्ञ और यह अलग बात है कि उन राजनीतिज्ञ को आज सही स्थान पर बिहार की जनता ने भेज दिया है लेकिन उस प्रकार का व्यवहार अब बिहार की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। अब बिहार की जनता विकास चाहती है, प्रगति चाहती है। बिहार के हर विद्यार्थी को अपने घर में बिजली चाहिए, इंटरनेट चाहिए, वाई-फाई चाहिए, जिससे वह अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सके, अच्छा हुनर और कौशल प्राप्त कर सके।
और जैसा कि माननीय सुशील जी कह रहे थे अब जब लगभग एक लाख तीस हज़ार नौकरियों का अवसर बना है – लोको पायलट का, ग्रुप-डी का, आर.पी.एफ. में, उसमें हमारे बिहार के भाई-बहन देश भर में जो भर्ती हो रही है उसमें अपना परीक्षा में भाग ले सकें। और एक पूरी पारदर्शी व्यवस्था हमने तैयार की है, जिसमें कोई इंटरव्यू नहीं होगी और कंप्यूटर द्वारा टेस्ट लेकर, उस टेस्ट का निर्णय भी कंप्यूटर तय करेगा। किसी प्रकार की कोई सिफारिश नहीं हो सकेगी। आपके हुनर पर आपको नौकरी मिलेगी।
बिहार में जिस प्रकार से GST का भी लागू किया गया है मैं उसका भी बधाई देना चाहूँगा माननीय मुख्यमंत्री जी, माननीय उपमुख्यमंत्री जी को। हम सब चिंतित रहते थे कि बिहार में कहीं कठिनाई न आए GST को लागू करने में। लेकिन मुझे लगता है स्वयं जो चिंता करके बिहार के नेतृत्व ने व्यापारियों की समस्याओं को समझते हुए, व्यापारी उद्योग जगत के विषयों को GST council में समय-समय पर उठाते हुए, जिस सुविधाजनक तरीके से और जिस सरलता से यह नई व्यवस्था को अपनाया है और लागू किया है इसके लिए मैं आपकी बिहार सरकार और आप सबको तहे दिल से बधाई देना चाहता हूँ। बहुत-बहुत बधाई, बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
एक प्रकार से आज कुछ समय के लिए मुझे वित्त का विभाग दिया गया, अरुण जी की तबियत ठीक न होने के कारण। लेकिन उनके मार्गदर्शन में और सुशील मोदी जी के पूरे सहयोग और मार्गदर्शन से हमने GST में भी जिस प्रकार के परिवर्तन हाल में किए हैं मैं समझता हूँ उससे पूरे व्यापार और उद्योग जगत में बहुत उत्साह है। और मैं माननीय नरेंद्र मोदी जी, माननीय प्रधानमंत्री जी, माननीय अरुण जेटली जी और सभी GST council के सभी मंत्रियों का तहे दिल से धन्यवाद करता हूँ कि एक ही वर्ष में लगभग 384 वस्तुओं पर, एक ही वर्ष में, 13 महीने हुए हैं अभी GST को लागू करे। 13 महीने में 384 वस्तुओं पर, मतलब एक-तिहाई वस्तुओं पर टैक्स का रेट घटाया गया है।
लगभग 68 services, सेवाओं में टैक्स का रेट घटाया गया है। और procedures को इतना सिंपल किया गया है कि आपको पाँच करोड़ रुपए तक के जो छोटे और मध्यम उद्योग या व्यापार से जुड़े हुए करदाता हैं उनको तीन महीने में एक बार ही टैक्स का रिटर्न भरना पड़ेगा। Quarterly रिटर्न की सुविधा दी गई है।
इसी प्रकार से रेलवे का भी मैं अभी आंकड़े देख रहा था। अभी-अभी हमने एक किताब लॉन्च की है आप देखेंगे कि जो टैक्स आप भरते हैं उसका सदुपयोग कैसे होता है। बिहार अकेले में लगभग 163 प्रतिशत अधिक निवेश सालाना, 163% additional investment सिर्फ बिहार में हो रही है। हमारे 2014 से 19 के पाँच साल के पहली टर्म में और मैं पहली टर्म इसलिए दोहरा रहा हूँ क्योंकि नीतीश जी और हम सबके सहयोग से अब NDA की सरकार दूसरे टर्म में और अधिक बहुमत से होने जा रही है, ऐसा मुझे पूरा विश्वास है आप सबके समर्थन और आशीर्वाद से।
और काम बोलता है, कहाँ 1133 करोड़ रुपये सालाना यानी 2009 से 14 में मात्र 5.50 हज़ार करोड़ पूरे बिहार में और इतना बड़ा प्रदेश है सिर्फ 5.50 हज़ार करोड़ पाँच साल में निवेश हुआ था रेलवे में। 2014 से 19 के बीच, पाँच वर्ष में लगभग 15 हज़ार करोड़ का निवेश सिर्फ और सिर्फ बिहार में होने जा रहा है।
मैंने पीछे पार्लियामेंट में चार-पाँच दिन पहले अलग-अलग योजनाओं के आंकड़े दिए थे। ऐसी कोई योजना नहीं है चाहे वह सड़क बनाना हो, रेलवे की व्यवस्था हो, हवाई व्यवस्था हो, सामाजिक न्याय के अलग-अलग जो हमारे निवेश के काम हैं, किसानों के ऊपर जो निवेश हो रहा है, ऐसे कोई निवेश नहीं है जिसमे केंद्र सरकार या दुगना या तीन गुना या चार गुना निवेश इस पाँच साल में नहीं कर रही है।
और मुझे पूरा विश्वास है इन सब कामों के साथ जब हम देश की जनता के सामने हमारा रिपोर्ट कार्ड लेकर जाते हैं। जब हम इतनी सारी योजनाएँ एक-एक कार्यक्रम में या तो सम्पन्न करते हैं, देश को समर्पित करते हैं या शुरुआत करते हैं। जब हम इस तेज़ गति से नौकरियों में भर्ती करते हैं जिसमें हमारे युवा-युवतियों को नए अवसर खुलते हैं। जब मुद्रा योजना में लाखों करोड़ रुपये लोगों को स्वावलंबी जीवन एक उद्यमी की तरह बनने के लिए मौका देता है, जब हम स्वास्थ्य के लिए आयुष्मान भारत का देश को समर्पित करते हैं जिससे हर परिवार में पाँच लाख रुपये तक के स्वास्थ्य के खर्चे के लिए सरकार ज़िम्मेदारी उठाती है। जब हम एक डबल इंजन बनकर केंद्र सरकार और राज्य सरकार देश की सेवा करते हैं, जनहित और देशहित के काम करते हैं, जब किसानों की चिंता में डेढ़ गुना लागत की MSP को गारंटी करते हैं और अभी आपने देखा किस तेज़ गति से MSP किसानों के लिए बढ़ाया जा रहा है।
इन सब का जब समग्र विकास देश की जनता को सेवा करता है जब देश की जनता को उसका लाभ मिलता है, वही सही मायने में गरीब किसान, गाँव तक पहुँचाने वाला विकास, वही सही मायने में देश के जो संसाधन हैं वह गाँव और ग़रीब तक पहुँचे उसके लिए एक प्रयत्नशील, उसके लिए एक संकल्पित राज्य और केन्द्र सरकार ज़िम्मेदारी उठाती है और संकल्प के साथ जब काम करती है तभी नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार जैसे नेता सफल हो पाते हैं। जब देश की जनता उनको इतना अच्छा समर्थन देती है, आशीर्वाद देती है।
मैं आप सबका तहे दिल से धन्यवाद देता हूँ। आपने जो प्यार, आपने जो समर्थन, आपने जो आशीर्वाद लगातार हमको दिया है, सबको दिया है, हम सबका उत्साह बढ़ाया है, हम सबको आपका पूरे तहे दिल से जो योगदान मिला है इसके लिए मैं आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूँ। और बिहार इसी प्रकार से तेज़ गति से प्रगति करता रहे ऐसी मेरी आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं।







Vanijya Bhawan, 16, Akbar Rd, New Delhi - 110001
Lok Kalyan Karyalay - 56, Balasinor Society, SV Road, Opp Fire Brigade, Kandivali West, Mumbai, Maharashtra, 400067