अपने छत्तीसगढ़ दौरे के दूसरे दिन राज्य के ऊर्जावान कार्यकर्ताओं से मुलाक़ात की एवं सरकार द्वारा किए गये विभिन्न विकास कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने का आग्रह किया

अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दूसरे दिन, दीपका और कुसमुंडा कोयला खदानों का दौरा किया तथा वहाँ उपलब्ध खनन सुविधाओं के बारे में जानकारी लेने के साथ अधिकारियों से मुलाक़ात कर काम काज का विवरण भी लिया

Speaking at Atal Vikas Yatra and Inauguration of Railways Projects, in Korba, Chhattisgarh

…लोग उनका नाम भी कई बार भूल जाते हैं कि डॉक्टर रमन सिंह भी उनका नाम है। यह तो चावल वाला बाबा के नाम से आज सिर्फ़ भारत में ही नहीं पूरे विश्व में इन्होंने प्रसिद्धि पाई है, जिस कुशल तरीके से इन्होंने छत्तीसगढ़ के विकास का काम किया है और छत्तीसगढ़ में हर एक ग़रीब के घर में, हर एक आदिवासी के घर में जिस प्रकार से विकास पहुंचाया है ऐसे मेरे बड़े भाई और मैं समझता हूँ छत्तीसगढ़ की शान माननीय डॉक्टर रमन सिंह जी, मेरे मित्र और छत्तीसगढ़ सरकार में उद्योग मंत्री श्री अमर अग्रवाल जी, आपके स्थानीय सांसद जिन्होंने मैं समझता हूँ जितना मुझे तंग किया है दिल्ली में अलग-अलग प्रकार की कोरबा के रेलवे की परियोजनाओं को लेकर ऐसे माननीय श्री बंसी लाल माथुर जी, संसदीय सचिव माननीय श्री लखन लाल देवांगन जी, साथ ही में बिलासपुर से माननीय सांसद श्री लखन लाल साहू जी, मंच पर विराजमान सभी महानुभाव, अधिकारीगण और यहाँ उपस्थित हरदी बाज़ार के पावन धरती पर सभी उपस्थित भाईयों और बहनों को मैं प्रणाम करता हूँ।

और वास्तव में मेरे लिए बहुत ख़ुशी की बात है कि इस अटल विकास यात्रा में भाग लेने का मुझे आज सौभाग्य मिला और आप सबसे रूबरू मिलकर जो रेल की, जो कोयले की आगे की व्यवस्थाएं बनाने जा रहे हैं उसके बारे में थोड़ी चर्चा करने का मौक़ा मिल रहा है। वास्तव में छत्तीसगढ़ दो ही महीने में 18 वर्ष की आयु पाने जा रहा है और हम सब के लिए गर्व की बात है कि जो माननीय पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का सपना था एक समृद्ध छत्तीसगढ़, एक विकास से प्रेरित छत्तीसगढ़, गरीबों के लिए चिंता करने वाला छत्तीसगढ़, समाज के हर वर्ग के लिए एक अच्छा उज्जवल भविष्य देने वाला छत्तीसगढ़ बनाने का अटल जी का सपना पूरा करने का जो कार्य डॉक्टर रमन सिंह जी ने गत 15 वर्षों में इतनी कुशलता से संपन्न किया है मैं सबसे पहले तो बधाई दूँगा रमन सिंह जी को उनके कुशल नेतृत्व के लिए और विकास के कार्यों के लिए जिससे आज छत्तीसगढ़ का पूरा नक्शा बदल गया है, छत्तीसगढ़ का पूरा भविष्य हम सबके सामने उज्ज्वल दिख रहा है ।

अटल जी समझते थे कि पिछड़े और आदिवासी इलाकों को ख़ासतौर पर पूर्वी भारत को जब तक समृद्ध नहीं बनाया जाए तब तक देश का विकास नहीं हो सकता है। और इसलिए मैं समझता हूँ 18 वर्ष पहले उन्होंने कल्पना की होगी छत्तीसगढ़ को एक नया राज्य बनाने की। जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने दिल्ली में केंद्र सरकार संभाली तब उनका सबसे पहला आदेश मुझे और हम सब मंत्रियों को सबसे पहला आदेश था कि अगर भारत को विकसित देश बनाना है, अगर भारत में आगे चलकर विश्व शक्ति के रूप में उभरना है तो सबसे ज़्यादा ध्यान देना पड़ेगा पूर्वी भारत के प्रति और उत्तर पूर्वी भारत के लिए क्योंकि जब तक पूर्वी भारत विकास नहीं करेगा तब तक देश विकास नहीं कर सकता है।

और मैं समझता हूँ गत 4.5 वर्षों में जो केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने मिलकर, मैं तो रेलवे का भी मंत्री हूँ तो एक प्रकार से एक डबल इंजन के रूप में केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने जब तेज़ गति दी विकास को तो डबल इंजन की रफ़्तार से जैसे रेल गाड़ी तेज़ चलती है वैसे ही छत्तीसगढ़ का भी तेज़ गति से विकास गत वर्षों में हुआ है। और हम सबके लिए आनंद की बात है कि आज जब छत्तीसगढ़ का कोई कार्यक्रम होता है, छत्तीसगढ़ में कोई योजना बनानी होती है तो केंद्र सरकार का पूरा सहयोग माननीय रमन सिंह जी को मिलता है और यही कारण है कि आज रेलवे में जो गत 160 वर्षों में नहीं हुआ वह शायद मात्र 4-4.5 वर्षों में उतना निवेश और उतनी नई रेल की परियोजनाएं छत्तीसगढ़ को मिली हैं।

मैं आंकड़े देख रहा था 2009-14, यानी पाँच वर्षों में कुल मिलाकर डॉक्टर साहब पाँच वर्षों में कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ में भारतीय रेल ने मात्र 1500 करोड़ रुपये, 1500 करोड़ रुपये का निवेश इतने बड़े राज्य में छत्तीसगढ़ के, मात्र 1500 करोड़ रुपये का निवेश रेलवे ने पाँच वर्षों में किया था। और आप सबको जानकर ख़ुशी होगी कि भारत सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व की NDA सरकार 2014 में आयी और 2014-19 के बीच सिर्फ़ पाँच सालों में लगभग 16 हज़ार करोड़ रुपये का निवेश छत्तीसगढ़ में अकेले हुआ है। कहाँ 1500 करोड़ रुपये, कहाँ 16 हज़ार करोड़ रुपये का निवेश जिसमें से अभी तक लगभग 10 हज़ार करोड़ का निवेश हो चुका है और 6 हज़ार करोड़ के निवेश की कल्पना हम आगे कर रहे हैं।

और आप कल्पना लगाइए कि जब इतने बड़े संभावना वाला प्रदेश होता है, जिस प्रदेश में देश का सबसे अधिकांश कोयला निकलता है, जिस प्रदेश में अलग-अलग खनन के माध्यम से रोज़गार और काम करने के अवसर बनते हैं, नौकरियां मिलती हैं उस प्रदेश में अगर रेल गाड़ी का विस्तार नहीं होगा, अगर रेल की नई परियोजनाएं नहीं जाएँगी तो कैसे इन सब खननों में, कैसे इन सब माइंस का डेवलपमेंट हो सकेगा, विकास हो सकेगा, कैसे रोज़गार पहुँच पाएगा, कैसे नौकरियां मिलेंगी लोगों को। और मैं समझता हूँ यह माननीय प्रधानमंत्री जी ने जो गत पाँच वर्षों में तेज़ गति से रेल का निर्माण छत्तीसगढ़ में किया उसी की वजह से आज हम खनन क्षेत्र में भी तेज़ गति से विकास कर रहे हैं छत्तीसगढ़ में।

एक छोटा आंकड़ा मैं आपके समक्ष रखना चाहूंगा, हमने छत्तीसगढ़ में देखा था कि पहले जो कोयले की खनन थी कोयले की खदानें थी वह खदानें मुफ़्त में यार-दोस्तों को, अपने सांसद भाई-बहनों को, रिश्तेदारों को पिछली सरकारें बाँटा करती थी मुफ़्त में बिना एक रुपया लिए। प्रधानमंत्री मोदी जी की जब सरकार आयी तब इन सब पुरानी कोल माइंस को सुप्रीम कोर्ट ने कैंसल किया और माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी ने इन सबको नीलामी के द्वारा पारदर्शी तरीक़े से जब लोगों को दिया और इस पूरी पारदर्शी जो सिस्टम से कोल माइनें दी गई इसका पूरे विश्व भर में सराहना की गई है। उससे छत्तीसगढ़ को आगे आने वाले दिनों में जैसे-जैसे माइंस में से कोयला निकलेगा तो 1,01,200 करोड़ रुपये सिर्फ़ राजस्व के रूप में छत्तीसगढ़ को मिलेंगे और यह पूरा पैसा आदिवासी ओर ग़रीब भाई-बहनों के लिए ख़र्चा किया जाएगा, प्रदेश की जनता के हित के लिए ख़र्चा किया जाएगा, छत्तीसगढ़ के विकास के लिए ख़र्चा किया जाएगा।

मैं अभी-अभी देख रहा था कि महाराष्ट्र को भी उसमें से एक माइन छत्तीसगढ़ में मिली है, गारे पालमा की माइन। मैं ख़ुद महाराष्ट्र से आता हूँ तो एक प्रकार से महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ का भी अब रिश्ता और अटूट होते जाएगा और आगे चलकर महाराष्ट्र को भी आपके यहाँ से जब कोयला जाएगा और मुंबई और महाराष्ट्र को सजाएगा और बिजली देगा, वहाँ के किसानों को बिजली देगा, वहाँ के ग़रीब के घरों में बिजली पहुँचाएगा तो मैं समझता हूँ महाराष्ट्र का भी हर व्यक्ति, हर नागरिक छत्तीसगढ़ के लोगों को धन्यवाद करेगा और एक प्रतीक के रूप में मैं आज आपका धन्यवाद करने यहाँ पर आया हूँ।

आज बहुत सारी रेलवे की योजनाओं का हमने काम की शुरुआत का कार्य यहाँ पर प्रारंभ किया है। सबसे बड़ी उसमें अगर रेल लाइन देखें तो कटघोरा-डोंगरगढ़ जो नई रेल की परियोजना है वह लगभग 258 किलोमीटर, 258 किलोमीटर लंबी परियोजना जो कटघोरा से डोंगरगढ़ जाएगी और मैं समझता हूँ छत्तीसगढ़ के इतने अन्य-अन्य इलाकों को जोड़ेगी जो इतने वर्षों से वंचित रहे रेल की सुविधाओं से। और सबसे अच्छी बात यह है कि यह रोल परियोजना केंद्र सरकार और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से दोनों ने मिलकर एक कंपनी बनाई जिसमें 51% शेयर छत्तीसगढ़ राज्य का रहेगा बाक़ी भारत सरकार की रेलवे का रहेगा और यह जब कंपनी मिलकर काम करेगी, दोनों जब मिलकर पूरी योजना को कार्यान्वित करेंगे तो आप समझ सकते हैं कि कैसे तेज़ गति से हम इस रेल लाइन को लगा पाएंगे।

और पहले का जो हिसाब किताब होता था दस साल, पंद्रह साल, बीस साल तक थोड़े-थोड़े हिस्सों में रेल लाइनें बनती थी। मैं आज इस मंच से आपको विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि यह पूरी लाइन 258 किलोमीटर की इतनी लंबी लाइन हम आगे आने वाले चार वर्षों में पूरी करेंगे। और जब नए भारत की जो कल्पना माननीय प्रधानमंत्री ने की है 15 अगस्त 2022 को जब नए भारत का एक जो कल्पना से हम देश के विकास में जुटे हुए हैं, जिस कल्पना में जब भारत के 75 वर्ष आज़ादी के पूरे होंगे उसके पहले भारत के हर नागरिक को घर मिलेगा, उसके सर पर छत होगी, उस घर में शौचालय होगा, उस घर में 24 घंटे बिजली होगी, अच्छा पेयजल होगा, सड़क होगी गाँव और घर तक, अच्छी स्वास्थ्य की सेवाएँ होंगी आयुष्मान भारत के तहत, अच्छी शिक्षा मिलेगी हमारे कल के नौजवान युवा-युवतियों को।

जब ऐसे नए भारत की कल्पना लेकर हम निकले हैं तो मैं समझता हूँ कि रेल की भी व्यवस्था और रेल की भी कनेक्टिविटी इतनी अच्छी होनी चाहिए नए छत्तीसगढ़ में। और उस कल्पना को लेते हुए जो आज की रेल परियोजनाओं  को हम शुरू करने जा रहे हैं इन सभी को 15 अगस्त 2022 तक ख़त्म करने के इरादे से हमने आज दोनों राज्य सरकार और केंद्र सरकार ने मिलकर तय किया है और इसी के साथ-साथ जब बड़े रूप में खदानों से माल देश भर में जाएगा इन रेल की पटरियों द्वारा तब यहाँ पर लाखों लोगों को रोज़गार मिलेगा, सैंकड़ो लोगों को नौकरियां मिलेंगी और यहाँ का व्यापार बढ़ेगा, यहाँ पर अलग-अलग प्रकार से विकास होगा, लोगों के जीवन में एक नया उत्साह और उमंग देखने को मिलेगी। और जो पंद्रह वर्ष तक माननीय रमन सिंह जी ने कड़ी मेहनत से छत्तीसगढ़ को देश के प्रथम श्रेणी के राज्यों में आगे बढ़ाया है उसको और गति देते हुए हम अलग-अलग योजनाओं को यहाँ पर शुरू करेंगे।

इसी प्रकार से यह जो चिरमिरी-नागपुर हाल्ट की जो नई ब्रॉड गेज लाइन है यह लाइन तो कई वर्षों से लंबित पड़ी हुई थी। मैं समझता हूँ कोरिया डिस्ट्रिक्ट तक जाने वाली चाहे छोटी हो 17 किलोमीटर की 240 करोड़ की लागत से लगने वाली छत्तीसगढ़ और केंद्र सरकार मिलकर जो यह लाइन लगा रहे हैं यह एक ऐसे इलाक़े को जोड़ेगी बाक़ी छत्तीसगढ़ से जो कई वर्षों से जुड़ नहीं पाया था, अभी तक पिछड़ा रहा था। एक अच्छी बात इन लाइनों की यह भी होगी कि दिल्ली और मुंबई जाने वाली जो लाइनें हैं उसके लिए आल्टरनेट रूट्स भी नई लाइनें भी शुरू होंगी जिससे लोगों को सुविधा भी मिल सके और और ज़्यादा व्यापार का साधन भी मिले।

तो जैसे अभी-अभी गारे पालमा माइन जो महाराष्ट्र को दी है और एक गुजरात को दी है इन दोनों के लिए यह कोयला लेकर जाने की सबसे बड़ी समस्या है रेल लाइन न होना। लेकिन यह जो रेल लाइन हम आज शुरू करने जा रहे हैं इससे बिलासपुर और रायपुर को जोड़ते हुए हावड़ा से मुंबई का एक नई लाइन शुरू होने के कारण बहुत बड़ी मात्रा में कोयला भी जाएगा और उतनी बड़ी मात्रा में यहाँ पर विकास भी हो पाएगा।

एक तीन जो और लाइनें ईस्ट कॉरिडोर की आज हमने शुरुआत की है यह तो और भी अच्छी योजना है। इसमें जो जॉइंट वेंचर है जो केंद्र सरकार और राज्य सरकार का है, यह तो भागीदार हैं ही लेकिन इसी के साथ-साथ जो कोयले की कंपनी है, SECL, जो कोयले की खदान चलाती है वह कंपनी भी भागीदार बनेगी और जो रेलवे की कंपनी है IRCON वह भी भागीदार बनेगी।

तो एक प्रकार से चार भागीदार एक साथ आकर – IRCON, SECL, छत्तीसगढ़ राज्य सरकार और भारतीय रेलवे, चारों मिलकर यह तीनों ईस्ट कॉरिडोर की लाईनें जो पहले फ़ेज़ में 132 किलोमीटर खरसिया से धरमजयगढ़ जिसमें लगभग 3000 करोड़ की लागत लगेगी, दूसरे फ़ेज़ में 62 किलोमीटर धरमजयगढ़ से कोरबा जिसमें लगभग 1700 करोड़ की लागत लगेगी और 191 किलोमीटर की गेवरा रोड से पेंड्रा रोड तक लगभग पाँच हज़ार करोड़ की लागत से पूरी तरीक़े से विद्युतीकरण की गई जो लाइन लगेगी यह तीनों 10 हज़ार करोड़ की लागत से लगने वाली लाइनें हैं और इसके साथ जो पहले अगर जोड़ दें, कटघोरा से डोंगरगढ़ तो लगभग-लगभग 16 हज़ार करोड़ की नई लाइनों की सौग़ात आज प्रधानमंत्री मोदी जी और डॉक्टर रमन सिंह आपके लिए भेजे हैं, आपके लिए लेकर आए हैं। और मैं समझता हूँ इतने बड़े पैमाने पर रेल की योजनाएं शायद ही इतिहास में कभी किसी एक राज्य को एक साथ दी गई होंगी।

डॉक्टर साहब 16,000 करोड़ की लाइन के सामने एक इंटर-सिटी जब इतनी महत्वपूर्ण रहती है तो मुझे लगता है मेरा दायित्व बनता है कि इंटर-सिटी लाइन अवश्य आएगी। और मुझे तो आज पता चला कि यह शुरू की गई थी एक पूर्व के मंत्री द्वारा पर आपको सिर्फ़ भ्रमित करने के लिए शुरू की गई थी, शायद कुछ दिनों के लिए चली और फिर बंद हो गई। यह सरकार मोदी जी की सरकार इस प्रकार से काम नहीं करती है। आपके यहाँ इंटर-सिटी लाइन आएगी, रेल गाड़ी शुरू होगी और वह पूरे समय चलेगी कोई तीन-छः महीने के लिए नहीं आएगी।

जब जनता की आवाज़, जब जनता की आवाज़ इतनी बुलंद हो तो मैं समझता हूँ उनको जल्द से जल्द विकास पहुँच रहा है इसलिए जनता इतनी आशा और आकांक्षा के साथ और इतने उत्साह के साथ माँग करती है। मैं कई बार अपने मित्रों को डॉक्टर साहब कहता हूँ कि अगर कोई देश में लोगों की आकांक्षा और अपेक्षाएं ख़त्म हो जाए तो यह समझलो कि उनका राजनीतिज्ञों से भरोसा उठ गया है। आख़िर व्यक्ति उसी से अपेक्षा रखता है और आकांक्षा रखता है जिससे उसको उम्मीद है कि कुछ न कुछ मिल सकता है। और मुझे ख़ुशी है कि आपके प्रदेश में इतनी आशा है लोगों में और इतना विश्वास है आपके प्रति कि जब कोई आवाज़ उठती है, जब कोई आवाज़ कोई डिमांड करती है तो वह पूरी होगी और उस आशा के साथ ही लोग आपका इतना समर्थन करते हैं, आपको इतना आशीर्वाद देते हैं।

और मैं समझता हूँ आगे आने वाले दिनों में जैसे चावल वाले बाबा ने छत्तीसगढ़ को इतना आगे विकास को बढ़ाया है। जिस प्रकार से खाद्य सुरक्षा एक-एक घर तक पहुँची है। जिस प्रकार से अलग-अलग योजनाओं द्वारा गरीबों को एक जीवन में नया उत्साह और उमंग मिल रहा है। जिस प्रकार से सौभाग्य योजना से हर घर तक बिजली पहुँच रही है। जिस हिसाब से उज्जवला योजना से हर महिला को धुआँ मुक्त किया जा रहा है, उनको मुफ्त में LPG कनेक्शन दिया जा रहा है। जिस तेज़ गति से इंटरनेट पूरे देश में जा रहा है, हर ग्राम पंचायत तक पहुँच रहा है। जिस प्रकार से रोड और हाईवे के माध्यम से देश को जोड़ा जा रहा है और हर राज्य को अच्छी सड़कें दी जा रही हैं। जिस प्रकार से ग्रामीण इलाकों में ग्रामीण सड़क योजना से इतनी तेज़ गति से हर गाँव को जोड़ा जा रहा है। जैसे आयुष्मान भारत में 50 करोड़ भारत की जनसंख्या को मुफ़्त में इलाज मिलेगा। मैं समझता हूँ इन सब योजनाओं को जब पिरोयें और एक कड़ी में जोड़ें तो संपूर्ण विकास भारत का हो रहा है, संपूर्ण विकास छत्तीसगढ़ का हो रहा है और संपूर्ण विकास छत्तीसगढ़ के हर नागरिक भाई-बहन का हो रहा है।

मैं मुबारकबाद देना चाहूँगा माननीय रमन सिंह जी को जिस प्रकार से उन्होंने इस प्रदेश को 15 वर्ष कुशल नेतृत्व से विकास किया है, जिस प्रकार से लोगों के जीवन में उतरे हैं, जिस प्रकार से लोगों के जीवन को सुधारा है और जितना प्यार छत्तीसगढ़ की जनता ने उन्हें दिया उतना ही काम डॉक्टर रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ की जनता के लिए किया। मैं मुबारकबाद दूँगा उनको और बहुत-बहुत शुभकामनाएं दूँगा और मुझे विश्वास है कि यह अटल विकास यात्रा में जो-जो 15 वर्ष के काम का रिपोर्ट कार्ड लेकर आप सबके बीच में डॉक्टर रमन सिंह जा रहे हैं, जिस प्रकार से विकास को प्रेरित से प्रेरित, अटल जी के कार्यों से प्रेरित, नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में डॉक्टर रमन सिंह जी छत्तीसगढ़ में तेज़ गति से प्रगति हो, लोगों के जीवन में एक अच्छा भविष्य हो उसका कार्य कर रहे हैं यह आशीर्वाद छत्तीसगढ़ की जनता लगातार डॉक्टर रमन सिंह को देती रहेगी। और आपके आशीर्वाद से डॉक्टर रमन सिंह और उनकी टीम पूरे तरीक़े से छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य और देश का नंबर वन राज्य बनाएंगे। इस विश्वास के साथ मैं आपसे इजाज़त लेता हूँ।

आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं। बहुत-बहुत बधाई आज के सभी कार्यक्रमों के लिए।

छत्तीसगढ़ दौरे पर गेवरा की कोयला खदानों का निरिक्षण किया और खदान कर्मियों तथा अधिकारियों से बातचीत कर खदान के कामकाज का ब्यौरा लिया

कोरबा, छत्तीसगढ़ में ‘अटल विकास यात्रा’ में मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के साथ मंच साझा कर जनता को संबोधित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इसी मौके पर कटघोरा-डोंगरगढ़ समेत कई प्रमुख रेल परियोजनाओं का शुभारंभ किया, जो छत्तीसगढ़ की सामाजिक-आर्थिक स्तिथि को और मजबूत करेंगी

छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रीयों व रेलवे कर्मचारियों के साथ, रायपुर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया और यात्रीयों को मिल रही सुविधाओं का जायज़ा लिया

Speaking at Launch of Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana, in Gurugram, Haryana

आप सबको याद होगा 15 तारीख़ को, 15 सितंबर को हमने स्वच्छता के लिए एक देश भर में मुहिम शुरू की थी। 17 तारीख़ को सेवा दिवस के रूप में वैसे तो माननीय प्रधानमंत्री जी का जन्मदिन था लेकिन सभी जानते हैं कि वह अपना जन्मदिन मनाते नहीं है कुछ न कुछ सेवा कार्य में उस दिन जुट जाते हैं तो हमने देश भर में उसको सेवा दिवस के रूप में समाज के प्रति भारतीय जनता पार्टी के हर एक कार्यकर्ता की, हर एक मंत्री की जो संवेदना है, जो ज़िम्मेदारियाँ हैं उसको पूरा करते हुए देश भर में हमने सेवा दिवस के रूप में मनाया। इसी कड़ी में दोनों दिन के बीच में 16 तारीख़ को माननीय पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के मृत्यु के एक महीना पूरा होने के दिन हमने देश भर में काव्यांजलि के रूप में उनको श्रद्धा सुमन दिया।

आज 23 तारीख़ को आयुष्मान भारत का देश भर में शुरुआत करके मैं समझता हूँ माननीय प्रधानमंत्री ने परिचय दिया है कि जब किसी चीज़ की निष्ठा हो, पक्का इरादा हो, कोई काम करने के लिए दिल में चाहत हो तो कैसे एकदम कम समय में इतना व्यापक कार्यक्रम पहली फ़रवरी 2018 को देश के 50 करोड़ नागरिक लगभग 11 करोड़ परिवारों को मुफ़्त में इलाज देने का जो वादा माननीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली जी ने बजट के दिन दिया था उसको मात्र 7-8 महीने के अंदर देश भर में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए, जो स्वास्थ्य की सेवाएँ और सुविधाएँ उपलब्ध हैं उसका इस्तेमाल करते हुए, अपनी आशा बहनें और आंगनवाड़ी की बहनों के सहयोग से एक पूरे देश भर में इतने कम समय में विश्व का सबसे बड़ा स्वास्थ्य का कार्यक्रम शुरू करने का अगर श्रेय किसी को जाता है तो मैं समझता हूँ माननीय प्रधानमंत्री जी की अतुल निष्ठा और परिश्रम की वजह से यह हो पाया है।

और वास्तव में मैनें यह कड़ी इसलिए बताई क्योंकि एक प्रकार से स्वच्छता से शुरू करना इसलिए आवश्यक था कि स्वछता ही स्वास्थ्य के लिए मैं समझता हूँ सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। एक अनुमान लगाया जाता है कि अगर एक रुपया स्वच्छता के पीछे ख़र्चा जाए वैसे शौचालयों के ऊपर इस सरकार ने बहुत तेज़ गति से काम किया है। लगभग 8.5 करोड़ शौचालय लोगों के घर में देशभर में लगे हैं, बने हैं, 8.5 करोड़ शौचालय और इसके पीछे 1.25 लाख करोड़ रुपये की राशि सरकार ने ख़र्चा की है, 1.25 लाख करोड़ रुपये की राशि।

इसमें इतनी अहम भूमिका थी, प्रधानमंत्री मोदी जी का जो अटल विश्वास था कि स्वच्छता कितनी ज़रूरी है देश के लिए और स्वच्छता ही जब तक नहीं होगी तब तक स्वास्थ्य सेवाएँ सुधर नहीं सकती हैं। और एक रुपया जब स्वच्छता के ऊपर ख़र्च किया जाता है तो एक अनुमान है कि लगभग दस रुपये उस से स्वास्थ्य सेवाओं में बचत होती है, जनता को इसका लाभ मिलता है। और लोगों के जीवन में स्वास्थ्य अच्छा हो, अस्पताल कम जाना पड़े, छोटे बच्चों की ख़ासतौर पर पोशाक भी अच्छी हो, इलाज भी अच्छा हो छोटी उम्र में।

आपको जानकर हैरानी होगी कि पिछले वर्ष लगभग 2 लाख छोटे बच्चों की जान बची है जो साधारणतः स्वास्थ्य सेवाओं का उनको लाभ नहीं मिलता नॉर्मल कोर्स में लेकिन जो केंद्र सरकार ने अलग-अलग प्रकार से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया है देश भर में, उसका प्रयोग बढ़ाया है उससे लगभग दो लाख छोटे बच्चों का जीवन बचा पाई है यह सरकार।

और अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से स्वच्छता, शौचालय और स्वास्थ्य इन तीनों को जोड़कर मैं समझता हूँ 2 अक्टूबर को जब पूज्य बापू महात्मा गांधी जी का 150 वर्ष उनके जन्म के 150 वर्ष का समारोह देश भर में हम बड़े रूप में मनाने जा रहे हैं उस दिन अगर सही रूप में महात्मा गांधी जी को श्रद्धांजलि देने का काम कोई कर रहा है तो वह माननीय प्रधानमंत्री जी अपने अलग-अलग कार्यक्रमों से एक स्वस्थ और साफ़-सुथरा देश श्रद्धांजलि के रूप में महात्मा गांधी जी को देने का प्रयत्न कर रहे हैं।

आयुष्मान भारत के तहत जो पूरे देश में स्वास्थ्य की सेवाओं को आधुनिकीकरण करने का भी modernise  करने का भी कार्य साथ-साथ में लिया जा रहा है उसमें अनुमान है कि लगभग एक लाख से अधिक अस्पतालों को या तो अपग्रेड किया जाएगा या नए अस्पताल खोलने के अवसर आगे चलकर तैयार होंगे जिससे अर्थव्यवस्था को भी एक बहुत बड़ी गति मिलेगी। लोगों को कई बार जब कोई बीमारी आती है, कोई तक़लीफ़ आती है तो साहूकार के पास जाना पड़ता है, बड़े भारी बयाज के ऊपर लोन लेकर अपने प्रियजनों का इलाज करवाना पड़ता था।

यह सब चीज़ें अब पुरानी हो जाएंगी, यह सब चीज़ें आगे चलकर किसी को तक़लीफ़ नहीं देंगी, किसी को ग़रीब नहीं बनाएंगी। उलटे कई अलग-अलग अनुमान इसके बारे में भी बनाए गए हैं लेकिन एक अनुमान यह निकलता है कि लगभग 4.5% लोग, 4.5% परिवार ग़रीबी रेखा के नीचे जाते हैं हर वर्ष क्योंकि उनको स्वास्थ्य के लिए, उनको कुछ बीमारी के इलाज के लिए लोन लेना पड़ता है। कई बार यह लोन इतना महँगा होता है कि पीढ़ियों तक वह लोन वापस करते-करते पूरा परिवार बीमारी में या ग़रीबी में रहता है।

मैं समझता हूँ आयुष्मान भारत आने के बाद देश के हर व्यक्ति को अच्छी प्रकार की सुविधाएँ, स्वास्थ्य सेवाएँ मिलें यह सुनिश्चित करने का जो ऐतिहासिक निर्णय और काम माननीय प्रधानमंत्री जी ने दिया है यह देश दशकों तक और सालों-साल याद रखेगा, इसका गुणगान होगा और आगे चलकर इसका सही मायने में जब इंपैक्ट, इसका जो प्रभाव देश पर होगा, देश के जनमानस पर होगा, अर्थव्यवस्था पर होगा मैं समझता हूँ उसका जब अनुमान पूरा विश्व निकालेगा तो ध्यान में आएगा कि यह कितना महत्वपूर्ण कार्यक्रम आज यहाँ शुरू होने जा रहा है और मैं समझता हूँ हम सब का सौभाग्य है कि हम सब आज यहाँ उपस्थित हैं। माननीय प्रधानमंत्री जी को थोड़ी ही देर में देखेंगे और शायद भगवान ने भी अपनी अंजली बारिश के रूप में थोड़ी देर पहले देकर इस कार्यक्रम को दी है और आशीर्वाद दिया है कि यह सफल यह कार्यक्रम देश भर में शुरू हो पाए।

विश्व का सबसे बड़ा स्वास्थ्य का कार्यक्रम है। 50 करोड़ लोगों को मुफ़्त में अलग-अलग बीमारियाँ लगभग 1350 अलग-अलग प्रकार के ऑपरेशन मुफ़्त में करने की ज़िम्मेदारी इस सरकार ने ली है और एक प्रकार से यह उदाहरण है की जब केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर कोई कार्य लेती है अपने हाथ में जिसको cooperative या collaborative federalism कहा जाता है जब मिल कर सामूहिक रूप से संघीय ढांचे को सम्मान देते हुए कोई कार्यक्रम शुरू होता है तो उसका लाभ जल्द से जल्द जनता तक पहुँच पाता है। आज केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार ने मिलकर आयुष्मान भारत को सफल बनाने का निर्णय जो लिया है उसके कारण मुझे पूरा विश्वास है कि हरियाणा में यह कार्यक्रम आयुष्मान भारत बहुत तेज़ गति से जनता की सेवा में जुट जाएगा।

वास्तव में कल ही माननीय प्रधानमंत्री जी कह रहे थे एक ओडिशा में एक सभा में कि बड़ा दुर्भाग्य है कि कुछ दल या कुछ राज्य सरकारें हर एक चीज़ में राजनीति जोड़ देती हैं, हर एक चीज़ में बाधाएँ या अड़चनें डालती हैं जिसके कारण जनता को उसका लाभ मिलने में कठिनाई होती है। पर एक अच्छी बात है कि आज हरियाणा में, केंद्र में एक ही नेतृत्व है, एक ही साथ मिल जुलकर जैसे उमेश जी ने मुझे रेलवे की कई सारी बातें बताई मैं उस पर भी दो मिनट में आता हूँ लेकिन जब डबल इंजन केंद्र सरकार का और राज्य सरकार का डबल इंजन रेलगाड़ी को गति देता है तो आप सब जानते हैं कि वह और तेज़ गति से गाड़ी चल पाती है। ऐसे ही हमारी अलग-अलग योजनाएं जब केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर उसको कार्यान्वित करती हैं तो उससे तेज़ गति से जनता तक लाभ पहुँच पाता है।

और मुझे ख़ुशी है आपको सूचित करते हुए कि जब देश में आज तक क़रीब 10 करोड़ 74 लाख परिवार, लगभग 50 करोड़ लोगों की सूची बन चुकी है जिनको इस कार्यक्रम के तहत लाभ मिलेगा। और इसमें कोई परिवार के साइज़ के ऊपर आकार के ऊपर कोई सीमा नहीं है, कोई छोटा परिवार हो कोई बड़ा परिवार हो, इसमें कोई धर्म, जाति किसी प्रकार का भेदभाव नहीं है, हर व्यक्ति को इसमें सम्मिलित किया गया है। आपको पैसे पहले नहीं भरने पड़ेंगे, कैशलेस होगा। आपका जो कार्ड है जो प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का जो कार्ड बनेगा बस आपको वह कार्ड पेश करना है और आपके आधार से लिंकड़ है वह कार्ड| तो जब आप अंगूठा अस्पताल में लगाएंगे तो उससे आपकी जानकारी और आपकी एलिजिबिल्टी क्या है आप इस सुविधा के लिए चयनित किए गए हैं वह सामने आ जाएगा अस्पताल में रजिस्ट्रेशन के लिए तुरंत आपको भर्ती किया जाएगा, आपका पूरा इलाज मुफ़्त में किया जाएगा और इसका पैसा सरकार भरेगी, आपको एक रुपया नहीं भरना पड़ेगा।

और आपको जानकर ख़ुशी होगी कि अभी तक हरियाणा में भी लगभग 15.30 लाख परिवारों को चयनित किया गया है और जिसमें मैं आप सभी आशा बहनें और सभी लोगों ने आंगनबाड़ी बहनें,  ए.एन.एम. वर्कर्स जिसने इसमें सहभागिता कर कर इन सबको चयनित किया, यह सब सूचियाँ बनाई, मैं आप सबका तहे दिल से धन्यवाद करना चाहूंगा कि आपने इसमें बहुत ही बढ़िया काम किया है।

और पिछले बुधवार को ही हमने कैबिनेट में जो माननीय प्रधानमंत्री जी ने घोषणा की थी पहले ही अप्रूव किया था लगभग सभी आशा, आंगनबाड़ी, ए.एन.एम. बहनों की जो मानधन है इसको बढ़ाने का जो निर्णय किया प्रधानमंत्री जी ने उसको हमने गत बुधवार को ही कैबिनेट में मंज़ूरी दी है और मैं आप सबको मुबारकबाद देता हूँ कि अब आपका मानधन भी लगभग डेढ़ गुना हो जाएगा। इसके अलावा प्रधानमंत्री की दोनों जो बीमा योजनाएं हैं उसका लाभ भी आप सबको मिलेगा और मैं समझता हूँ कि एक इन्सेंटिव भी आपको मिलेगा अच्छा काम करने पर। एक प्रकार से आपके इस कार्य में और आपका जो सहयोग मिला है इस कार्य में इसके लिए भी माननीय प्रधानमंत्री जी ने आपको सभी को धन्यवाद किया है और आप सभी का मान बढ़ाया है।

लगभग 231 अस्पताल अब तक हरियाणा में तय हो चुके हैं, रजिस्टर हो चुके हैं। लगभग सभी सरकारी अस्पताल में तो यह सुविधा मिलेगी लेकिन बहुत सारे प्राइवेट हॉस्पिटल भी इसमें जुड़ गए हैं और मुझे कल रात को डॉक्टर नरेश त्रेहान जिनका मेदांता हॉस्पिटल यहीं पर चलता है उन्होंने सूचित किया कि कुछ कारणों से उनके पारिवारिक कुछ आज के कार्यक्रम की वजह से वह आज आ नहीं पाए, उनकी बड़ी इच्छा थी आने की लेकिन उन्होंने शुभकामनाएं आप सबको भेजी है और मुझे बताया कि मेदांता हॉस्पिटल भी इस कार्य में जुड़ेगा और इस आयुष्मान भारत में मेदांता में भी आप सबको गुरुग्राम के सभी लोगों को सुविधा मिलेगी स्वास्थ्य सेवाओं की। आजका मैं अस्पताल भी देख रहा था आपका बहुत अच्छा अस्पताल है, अच्छी सुविधाएँ हैं।

और इसके तहत देश भर में हज़ारों करोड़ रुपये लगाकर हम यह वैलनेस सेंटर्स आयुष्मान भारत के तहत इन सबका आधुनिकीकरण करने वाले हैं, इन सबको टेक्नोलॉजी से जोड़ने वाले हैं, अच्छा equipment प्रोवाइड करने वाले हैं, अच्छी सुविधाएँ सबको मिलें कि ग़रीब और अमीर के बीच में कभी सुविधाओं में भेदभाव ना हो, हर एक को सामान्य सुविधाएँ मिले, सामान्य इलाज हो, अच्छा इलाज हो और हमारे देश की अगली पीढ़ी कभी यह नहीं उंगली उठा सके कि हम सबने उनकी चिंता नहीं की, उनके लिए एक अच्छा सेवा का देश भर में स्वास्थ्य सेवाओं की सुविधा प्रोवाइड नहीं करी है। तो मैं समझता हूँ एक बहुत ही महत्वपूर्ण देश के भविष्य के लिए पड़ाव आज पार किया जा रहा है, एक पड़ाव में हम आगे बढ़े हैं।

प्रधानमंत्री ख़ुद एक ग़रीब परिवार से जन्मे हैं और वह पीड़ा समझते हैं ग़रीबी की। वह समझते हैं कि जब स्वास्थ्य सेवा की ज़रूरत पड़ती है, जब कोई बीमार होता है तो कितनी तक़लीफ होती है। अगर आप देखें तो उनके हर कार्यक्रम में उनके खुद के स्वयं किया हुआ ग़रीबी, उनके ख़ुद के बचपन सामने झलकता है फिर चाहे वह प्रधानमंत्री आवास योजना हो जिसके तहत देश में हर व्यक्ति को एक नए भारत की जो कल्पना प्रधानमंत्री जी ने की है, हर व्यक्ति का अपना घर हो, हर व्यक्ति के सर पर छत हो, उस घर में शौचालय हो, 24 घंटे बिजली हो, अच्छा पेयजल हो, अच्छी सड़क हो गाँव तक घर तक, अच्छी स्वास्थ्य सेवाएँ हो, शिक्षा का अच्छा माध्यम हो, एक सम्पूर्ण जीवन हर व्यक्ति का सुधरे और जो देश की आर्थिक और सामाजिक उन्नति का काम इस सरकार ने अपने ऊपर लिया है उसका काम देश के 125 करोड़ जनता तक पहुंचे। हर व्यक्ति को महसूस हो कि मेरे जीवन में कुछ सुधार हुआ है, मेरा जीवन बेहतर हुआ है, सरकार ने मेरे लिए काम किया है।

इस प्रकार की एक व्यापक सोच रखने वाले हमारे लाड़ले प्रधानमंत्री लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और हरियाणा के लोकप्रिय मुख्यमंत्री माननीय श्री मनोहर लाल जी, मैं दोनों को हृदय से बधाई देता हूँ आजके इस आयुष्मान भारत के लॉन्च के लिए। और मुझे पूरा विश्वास है हरियाणा में यह अच्छे तरीक़े से लागू होगा और इसका लाभ हरियाणा के हर व्यक्ति तक पहुंचेगा और हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाएँ और अच्छी होकर जो प्रधानमंत्री जी का सपना है वह सपना पूरा करने में हम सब पूरी तरीक़े से जुट जाएंगे।

मैं हरियाणा से आता हूँ, अभी-अभी विधायक जी ने बताया मेरा मूल हरियाणा से है, पैदाइश तो ज़रूर मुंबई में हुई है लेकिन अम्बाला छावनी में मेरे पिताजी ने स्वयं बिजली के खंभे जो सड़क पर होते हैं स्ट्रीट लाइट, स्ट्रीट लाइट के नीचे बैठकर पढ़ाई कर करके फिर वह जाकर आगे बनारस काशी विश्वविद्यालय से इंजीनियर बनकर मुंबई बनकर उन्होंने अपना जीवन सुधारा था। पर मूल जो हरियाणा की मिट्टी में उन्होंने शायद दूध पिया है वही शायद झलका कि उन्होंने एक अपने सामाजिक और व्यावसायिक जीवन में सफलता पाई। मैं समझता हूँ हरियाणा की मिट्टी में वह ताक़त है कि हरियाणा का हर परिवार तेज़ गति से प्रगति कर सकता है। हरियाणा में यह ताक़त है कि आर्थिक विकास भी होगा, सामाजिक विकास भी होगा और धर्म और जाति से उठकर हर हरियाणा के व्यक्ति का जीवन अच्छा हो यह कल्पना के साथ जो सरकार केंद्र में और राज्य में आज चल रही है इसको पूरा करने की हम सबकी सामूहिक ज़िम्मेदारी है और यह ज़िम्मेदारी पूरी करने के लिए हमें जनभागीदारी भी उतने ही ज़रूरी है। जब हम मिलकर सब कार्यक्रम लेते हैं तभी जाकर आगे चलकर प्रदेश और देश प्रगति करता है, उन्नति करता है।

मुझे ख़ुशी है कि आपने बिजली का जो कार्यक्रम लिया है सुधार करने का गुरुग्राम में मैं प्रार्थना करता हूँ कि वह तेज़ गति से गुरुग्राम में डीज़ल जनरेटर मुक्त बनाएँ गुरुग्राम को और सभी को 24 घंटे अच्छी बिजली मिले यह एकदम सुनिश्चित किया जाए। माननीय उमेश जी ने कुछ रेलवे संबंधित भी कुछ विषय मेरे समक्ष रखे हैं। यह कार्यक्रम अभी माननीय प्रधानमंत्री जी जुड़ने वाले हैं वीडियो लिंक द्वारा। आज राँची से इस कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय प्रधानमंत्री जी के कर कमलों से होगा।

तो प्रधानमंत्री जी को हम सुनेंगे ही थोड़ी देर में और उस कार्यक्रम के ख़त्म होने के बाद उमेश जी हम साथ में गुरुग्राम रेलवे स्टेशन चलेंगे। मैं वहीं मौक़े पर देखता हूँ क्या कार्यक्रम करने की आवश्यकता है और कैसे गुरुग्राम को भी और अच्छी सुविधाएँ दी जाएं और कैसे सुविधाओं को आप सबकी सेवा के लिए और बेहतर बनाया जाए। जो-जो आपने विषय मेरे समक्ष रखे हैं इसमें मैं पूरी तरीक़े से गंभीरता से ध्यान दूँगा और हम सब इसके बाद गुरुग्राम स्टेशन जाकर वहाँ पर भी निरीक्षण करेंगे और देखेंगे क्या और सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता है।

तो भाईयों-बहनों थोड़ी देर में अब प्रधानमंत्री जी हम सबके बीच मौजूद होने वाले हैं वीडियो लिंक द्वारा। राँची से वो पूरे कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। पर मैं समझता हूँ आगे आने वाली पीढ़ियाँ आज का दिन सुनहरे अक्षरों में याद रखेंगी। आज का दिन 23 सितंबर 2018 हम सबके लिए गर्व का दिन है, हम सबको गौरवान्वित करता है कि हम सबने मिलकर एक ऐसा कार्यक्रम का शुभारंभ किया है और एक ऐसे कार्यक्रम में हम सब माननीय प्रधानमंत्री के साथ सम्मिलित हुए हैं जो इस देश में इतिहास रचने जा रहे है, इस देश का पूरा भविष्य बदलने जा रहा है और हमारे बच्चे, हमारे युवा-युवती, हमारे वृद्ध माँ-बाप, हम सब देश के 125 करोड़ जनता के लिए यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण और सुनहरे अक्षरों में लिखे जाने वाला दिन है। आज के दिन के लिए मैं आप सबको बहुत-बहुत बधाई देता हूँ, शुभकामनाएं देता हूँ और इस कार्यक्रम को भगवान सफल बनाएँ इसकी प्रार्थना के साथ मैं अपनी बात को विराम करता हूँ।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

Visited Gurgram Railway Station in Haryana and inspected the state of facilities at the station to ensure that quality services are being provided to passengers

हरियाणा के गुरुग्राम में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के शुभारंभ पर नागरिकों को संबोधित किया, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू हुई इस योजना से मिलने वाले लाभों का परिचय कराया

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