बहुत मशहूर है अलवर की और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी कल अलवर से ही राजस्थान का अपना चुनावी दौरा प्रारंभ करेंगे। कल सुबह 10 बजे बहुत विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी। तैयारियां भी ज़ोर-शोर से चल रही हैं, अलवर के जनता और कार्यकर्ताओं में भी बहुत उत्साह है और मुझे पूरा विश्वास है कि जो चुनाव की विजय का बिगुल कल अलवर से शुरू होगा वह पूरे प्रदेश में आँधी की तरह फैल कर फिर एक बार वसुंधरा राजे सिंधिया के नेतृत्व में राजस्थान में भाजपा की सरकार बनने जा रही है।
मैं रेल मंत्री हूँ तो कई बार रेल का उदाहरण लेता हूँ कि जिस प्रकार से गत 4.5 सालों में जब से मोदी सरकार आयी तेज़ गति से राजस्थान में विकास हुआ है। जिस प्रकार से एक डबल इंजन रेल गाड़ी को दोगुना पावर देकर गति भी बढ़ाती है और सुरक्षा भी बढ़ाती है वैसे ही राजस्थान में भी यह डबल इंजन आगे काम करती रहेगी, केंद्र और राज्य दोनों में भारतीय जनता पार्टी की सरकारें इस पर प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक लेकर जाएगी।
आज वैसे गुरु तेग बहादुर जी का शहादत दिवस है। उन्होंने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया और मैं समझता हूँ आज जिस प्रकार का वातावरण कांग्रेस फ़ैलाने जा रही है, जिस प्रकार की राजनीति कांग्रेस कर रही है फिर एक बार ज़रूरी हो गया है कि प्रदेश में अच्छी भावना से जनता के बीच सबका साथ सबका विकास लेकर अपने विचार से भारतीय जनता पार्टी की सरकार फिर एक बार चुनकर आए।
मुझे तो हैरानी होती है जिस प्रकार से कुछ प्रदेश के नेताओं ने अपने-अपने दिल की बात लोगों के समक्ष रखी। हाल ही में जो हमने धर्म और जाति के बीच जिस प्रकार के कॉमेंट्स, जिस प्रकार के वक्तव्य एक ऊँचे नेता जो शायद लंबे श्रृंखला में मुख्यमंत्री के भी दावेदार हैं उनके बहुत ही आपत्तिजनक वक्तव्य हमारे नेताओं के बारे में, जाति और धर्म के बीच ग़लत तरीक़े से विषय रखने के लिए जो कोशिश की गई भारतीय जनता पार्टी उसकी निंदा करती है।
और यह कांग्रेस की जो राजनीति करने का ढंग हम हाल में अलग-अलग क्षेत्रों में देख रहे हैं उन्होंने इसी प्रकार से कर्नाटक में धर्म और जाति की राजनीति करने की कोशिश की, इसी प्रकार से गुजरात में धर्म और जाति की राजनीति की। मैं समझता हूँ राजस्थान की जनता समझदार है और इस प्रकार कीसोच को पूरी तरीक़े से ठुकराएगी, पूरी तरीक़े से नामंज़ूर करेगी।
इसके पहले जिस प्रकार से इनके एक और नेता ने भारत माता के जयघोष को भी रुकवाकर परिवारवाद का असली चेहरा कांग्रेस का सामने दिखाया। मैं समझता हूँ वह भी बहुत ही शर्मिंदगी का स्टेटमेंट था, दर्शाता है कि कांग्रेस दिशाहीन पार्टी बन चुकी है न उनके पास कोई नेतृत्व है, न उनके पास कोई नीति है और न उनकी नीयत साफ़ है।
वह सिर्फ़ एक परिवारवाद, जातिवाद और देश में विकास में अड़ंगे पैदा करने वाली पार्टी के रूप में घटकर सिर्फ़ दो राज्यों में मिज़ोरम और पंजाब और एक यूनियन टेरिटरी पुडुचेरी में समेटकर रह गई है और इस चुनाव के परिणाम के बाद मिज़ोरम हारकर सिर्फ़ पी-पी पार्टी बनकर रह जाएगी – पुडुचेरी और पंजाब में।
अगर आज कोई देश भर में राष्ट्रीय पार्टी, नेशनल पार्टी के रूप में और एक देश भर में सबसे लोकप्रिय नेतृत्व किसी के पास है तो वह सिर्फ़ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी आज पूरे देश में सर्वव्यापी पार्टी, सबसे बड़ी पार्टी और देश भर में कोने-कोने में जनता के दिल को छू लेने वाली पार्टी बनकर उभरी है।
वैसे तो राजस्थान के स्थानीय नेता और केंद्रीय नेतृत्व में भी बड़ा उथल-पुथल है। उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष ने तो कहा था कि हम राजस्थान में किसी को पैराशूट नहीं होने देंगे, पैराशूट को काट देंगे, ऐसे लोगों को टिकट नहीं देंगे और फिर जो चुनाव देख रहे हैं राजस्थान के वह नेता कहते हैं कि नहीं-नहीं वह तो उनका निजी बयान था यह पार्टी की सोच नहीं है। हमें तो हैरान होता है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का भी कोई निजी बयान होता है जो पार्टी से अलग होता है। ऐसी पार्टी जिसके सर्वश्रेष्ठ नेता कहता है कि मैं प्रधानमंत्री का उम्मीदवार हूँ और दूसरा नेता कहता है कि नहीं-नहीं अभी तो हमने कोई तय नहीं किया है कौन प्रधानमंत्री का दावेदार होगा।
इस प्रकार से पार्टी बिखरी हुई है, पार्टी में कोई नेतृत्व तय नहीं है, राजस्थान में भी प्रश्नचिह्न है कि नेता कौन है। कांग्रेस डरती है किसी को नेता बनाने के लिए क्योंकि उनकी जातिवादी राजनीति में किसी को नेता बनाने की हिम्मत नहीं है। लेकिन भारतीय जनता पार्टी है जो लोकप्रियता के आधार पर, कार्यकर्ताओं के इच्छा अनुसार, सर्वे के अनुसार और कौन नेता बनने लायक है, कौन उम्मीदवार बनने लायक है उस पर तय करती है नेतृत्व, उस पर तय करती है पदाधिकारी कौन बनेगा, उस पर तय करती है उम्मीदवार कौन बनेगा।
मुझे लगता है अलग-अलग क्षेत्र में जिस प्रकार से तेज़ गति से विकास हुआ है फिर चाहे वह रोड के निर्माण में हो, रेलवे के निर्माण में हो। जिस प्रकार से भामाशाह योजना ने राजस्थान में लोगों को स्वास्थ्य सेवाएँ अच्छी दी बिना कोई भेदभाव के और आज भामाशाह योजना तो पूरे देश में आयुष्मान भारत के रूप में 50 करोड़ लोगों तक पहुँच रही है।
जिस प्रकार से ऊर्जा के क्षेत्र में, बिजली के क्षेत्र में बेमिसाल काम वसुंधरा राजे सरकार ने किया जिसका तो मैंने ख़ुद अनुभव किया। अशोक गहलोत जी की सरकार ने जो 2008-13 के बीच लगभग 12-15,000 करोड़ रुपये प्रति वर्ष नुक़सान किया ऊर्जा के क्षेत्र में सिर्फ़ जो डिस्कॉम है राजस्थान के उसको 70-75,000 करोड़ के ऋण में नुक़सान कर करके एक प्रकार से सिक यूनिट बना दिया। ऐसी स्थिति हो गई कि बिजली ख़रीदने के पैसे नहीं थे डिस्कॉम के पास।
मैं वसुंधरा राजे जी की सरकार को मुबारकबाद दूँगा कि उन्होंने किस प्रकार से पूरे ऊर्जा क्षेत्र को संचालित किया, पूरे ऊर्जा क्षेत्र को संभाला, राज्य सरकार ने अलग-अलग पहल करके बिजली की चोरी घटाई, रोकी, डिस्कॉम के लॉस को बहुत बड़ी मात्रा में कम किया और आज राज्य में ऊर्जा की स्थिति एकदम सक्षम है, एकदम मज़बूत है। घर-घर तक सौभाग्य योजना से बिजली पहुँची है, हर एक गाँव बिजली से लाभान्वित है और चौबीसों घंटे सबको बिजली मिले, किसानों को पर्याप्त मात्रा में बिजली मिले इसको सुनिश्चित करने में सफल हुई है।
इसी प्रकार से प्रधानमंत्री आवास योजना में भी राजस्थान ने बेमिसाल काम किया है। लगभग स्टेट की स्थिति देखें तो जो स्टेट का बजट 94,000 करोड़ का था (94,000 करोड़) कांग्रेस सरकार में वह दोगुने से भी अधिक 2,12,000करोड़ रुपये का अब स्टेट का बजट है। रेवेन्यू जो राज्य का राजस्व है वह दोगुना हो गया है, 52,000 करोड़ से बढ़कर 1,03,000 करोड़ और जो डेवलपमेंट एक्सपेंडिचर है जो विकास के ऊपर ख़र्च करती है राज्य सरकार वह बढ़कर 1,50,000 करोड़ से लगभग तीन गुना 4,25,000 करोड़इस पाँच वर्ष के कार्यकाल में वसुंधरा राजे जी ने सड़कों पर, पेयजल पर, सिंचाई योजनाओं में, आवास योजनाओं में, अलग-अलग योजनाओं में कर कर, पारदर्शी शासन देकर मैं समझता हूँ राजस्थान में जल, ज्योति और जीवन तीनों पर जनता में अच्छा प्रभाव किया है। जिसके फलस्वरूप हमें पूरा विश्वास है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार फिर एक बार राज्य में अच्छी दो-तिहाई बहुमत से अधिक लेकर सरकार बनाएगी और जनता की सेवा में फिर एक बार जुट जाएगी।
केंद्र की योजनाएं भी यहाँ पर जैसे मैंने कहा डबल इंजन के रूप में, बहुत सफल रूप में जनता के लाभ के लिए पहुँची है गाँव-गाँव तक, घर-घर तक। उज्जवला योजना में 37 लाख से अधिक हमारी माता-बहनों को मुफ़्त में कुकिंग गैस का कनेक्शन दिया गया है। मुद्रा योजना के तहत 47 लाख लाभदारी लोगों ने अपने स्वयं रोज़गार, अलग-अलग प्रकार से छोटे व्यापार को प्रोत्साहन मिला है। जन धन योजना में 2.5 लाख बैंक अकाउंट खोले गए हैं, 1,70,000 रुपे कार्ड जनता के बीच दिए गए हैं। फ़सल बीमा योजना लगभग 43 lakh farmers (43 लाख किसानों) तक फ़सल बीमा योजना का लाभ पहुँचा है।
1.25 करोड़ किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड दिया गया है। 63 लाख से अधिक पेंशन और इंश्योरेंस योजनाओं से लाभान्वित हुए हैं राजस्थान में। क़रीब-क़रीब 14 लाख से अधिक महिलाओं को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में लाभ पहुँचा है। और इस प्रकार से मैं अनगिनत केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं के बारे में आपको जानकारियाँ दे सकता हूँ।
एक छोटा अलवर से कुछ जुड़ी हुई चीज़ें जो रेलवे ने की हैं। गोविंदगढ़ से अलवर का क्षेत्र भी विद्युतीकरण हो चुका है, रेवाड़ी से अलवर का क्षेत्र भी विद्युतीकरण हो चुका है और इन दोनों के कारण प्रदूषण कम होगा, गाड़ियों की रफ़्तार बढ़ेगी। 14 रोड-ओवर ब्रिज और रोड अंडर-ब्रिज दोनों इस इलाक़े में या तो बन चुके हैं या बन रहे हैं, उसकी पूरी जानकारी चाहिए तो मेरे साथ है।
इसी प्रकार से लगभग 1500 करोड़ के काम, इसके अलावा 1500 करोड़ के काम। अलवर से बांदीकुई का डबलिंग 294 करोड़ में, इलेक्ट्रिफिकेशन दिल्ली सराय रोहिल्ला से रेवाड़ी से होते हुए अहमदाबाद तक जिसमें अलवर-बांदीकुई-जयपुर सेक्शन, फुलेरा सेक्शन भी आएगा और आगे चलकर 32 रोड अंडर-ब्रिज और रोड ओवर-ब्रिज की स्वीकृति। अलग-अलग काम अलवर में किए गए हैं।
और अगर हम पूरे राजस्थान का भी चित्र देखें तो 2009-14 के बीच पूरे राजस्थान में 3410 करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के काम राजस्थान या राजस्थान से होते हुए किए गए थे, 3410 करोड़ रुपये के काम पाँच वर्षों में UPA के शासन में जब केंद्र में UPA की सरकार थी, प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी।
हमारे पाँच वर्ष के कार्यकाल 2014-19 के बीच 14,555 करोड़ के काम इस क्षेत्र में किए गए हैं जो लगभग चार गुना से अधिक है, 3400 से बढ़कर 14,555 करोड़ के काम। मैं समझता हूँ यह दर्शाता है प्रधानमंत्री मोदी जी का और वसुंधरा राजे जी दोनों ने मिलकर कैसे विकास पूरे क्षेत्र में और पूरे राजस्थान में प्राथमिकता दी है और यही प्राथमिकता आगे चलकर इस प्रदेश में तेज़ गति से विकास को प्रोत्साहित करेगी ऐसा हमारा पूरा विश्वास है। आपके माध्यम से मैं अलवर और आस-पास के सभी विधानसभा के क्षेत्र के हमारे उम्मीदवारों को शुभकामनाएं देता हूँ।
अच्छी विजय भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्र में फिर एक बार विधानसभा में होगी और मुझे विश्वास है कल की सभा सुबह 10 बजे अलवर में जो होने जा रही है प्रधानमंत्री जी की वह आगे चलकर पूरे राजस्थान में विजय की लहर यहीं से शुरू करेगी। इस विश्वास के साथ मैं आज देखकर भी आया हूँ सभा की तैयारियाँ बहुत ज़ोर-शोर से चल रही हैं, बड़ी सभा होगी और बड़ा उत्साह कार्यकर्ताओं में और जनता मैं इस सभा को लेकर है।
बहुत-बहुत धन्यवाद।
प्रश्न-उत्तर
Q:सर आपने सारी चीज़ों के बारे में, योजनाओं के बारे में बताया रेलवे का बाद में बताया जो आपका विभाग है। अलवर की आपको जानकारी आपने दी उसमें मैं आपको बताना चाहूंगा अलवर जो दिल्ली मार्ग है […] सबसे बड़ा मार्ग है, इसमें पाँच साल में आपके कार्यकाल में न तो कोई नई ट्रेन चली है, अभी एक चली है उदयपुर से हमसफर ट्रेन ठीक है।
दूसरी सबसे बड़ी बात जो लगातार माँग उठती रही है अलवर से दिल्ली के लिए कोई पैसेंजर ट्रेन नहीं है। यह 5 साल नहीं 20 साल से माँग है, पूरी नहीं हुई आज तक और न आपके द्वारा कोई […] योजना है। आप कह रहे हैं डबल विद्युतीकरण हुआ, विद्युतीकरण रेवाड़ी को हुए दो साल से ऊपर हो गए हैं लेकिन इलेक्ट्रिक ट्रेन नहीं चली है उस पर, उनका कहना है कि साहब आगे नहीं है ट्रैक जो भी कुछ है, ठीक है। इसी तरह से मथुरा लाइन इलेक्ट्रिफिकेशन हो गया लेकिन एक ट्रेन चलती है दिन में केवल और मथुरा लाइन पर केवल और केवल 4 ट्रेनें हैं एक एक्सप्रेस है तीन पैसेंजर है पूरी मथुरा लाइन पर। तो अगर रेलवे के लिहाज़ से देखें तो आप कह रहे हैं बहुत काम हुआ है। अलवर में ऐसा कोई काम नया?
A:मैं जब वादे सकता हूँ? सबसे पहले तो आपको यह ध्यान रखना पड़ेगा कि 65 साल आज़ादी को होने के बावजूद आप देखिए अलवर में कितना काम हुआ रेलवे की दृष्टि से और उसके निसबत देखिए कि 5 साल में कितना काम हुआ। विद्युतीकरण कोई ओवरनाइट तो पूरे रेलवे का नहीं होगा। हमने लेकिन पूरे फंड्स एलोकेट किए हैं कि पूरी रेलवे का विद्युतीकरण हो।
यह जो पुराना विद्युतीकरण कुछ patches में होता था न उसका देश को लाभ मिलता था न जनता को लाभ मिलता था। आख़िर गाड़ी को 80 किलोमीटर लेकर जाकर हम चेंज तो नहीं कर सकते इंजन को तो अब हमने सुनिश्चित कर लिया है पूरे देश में जितनी लाइनें हैं शत-प्रतिशत विद्युतीकरण मोदी सरकार ने approve भी कर दिया है। आपको जानकर हैरानी होगी 2013-14 में लगभग 687 (six hundred and eighty seven) किलोमीटर पूरे देश में विद्युतीकरण हुई थी रेल लाइन की। पिछले साल 2017-18 में 4087 किलोमीटरविद्युतीकरण हुआ है।
यानी आप अंदाज़ा लगाइए कि 6 गुना विद्युतीकरण सिर्फ़ पाँच साल में हमने बढ़ाया है और ऐसे करकर जब तक पूरे देश की विद्युतीकरण नहीं हो जाती है तो जो पैसेंजर ट्रेनस लॉन्ग डिस्टेंस चलानी हैं वह विद्युतीकरण के साथ नहीं चल सकती हैं, पहली बात।
दूसरी बात आगे बताता हूँ। आपने दो नई ट्रेन की बात की, दो नई ट्रेन जयपुर-चंडीगढ़, जयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस जिसका स्टॉपेज राजगढ़, अलवर और खैरथल में ऐड किया गया। इसी प्रकार से कटरा-अहमदाबाद कटराएक्सप्रेस का भी स्टॉपेज अलवर और खैरथल में ऐड किया गया, यहीं के लोगों की डिमांड थी।
Q:अलवर को क्या मिला वह बता दीजिए?
A:आगे सुनिए पूरी बात तो सुन लीजिए। जब तक पूरी तरीक़े से, जब तक पूरी रेलवे लाइन में कपैसिटी एडिशन नहीं होगी तब तक तो आप नई रेल गाड़ियाँ ओल्ड लाइन के ऊपर एक सीमित ही शुरू कर सकते हैं। यह रेल लाइन शत प्रतिशत से अधिक चल रही है जब तक इसमें एडिशनल रेलवे लाइन नहीं लगेगी तब तक इसकी नई ट्रेन शुरू करने के लिए पाथवे तो चाहिए।
और इसी के लिए जो ऑनगोइंग वर्क है डबलिंग का अलवर से बांदीकुई का, जो काम इलेक्ट्रिफिकेशन का दिल्ली सराय रोहिल्ला से लेकर पूरा कर रहे हैं उसके बाद जो कपैसिटी एडिशन होगी उसी से अब नई रेलगाड़ी शुरु कर पाएंगे।
Q:नहीं सर बेसिकली अलवर की जो कपैसिटी है पर डे 30-35,000 रन वे है माल गाड़ियों के जितनी भी जो स्टॉपेज गाड़ियां हैं। तो उसी हिसाब से यहाँ अगर सुविधा देखें दो प्लेटफार्म हैं मात्र उस पर सारी गाड़ियाँ रुकती हैं और जो गाड़ियाँ हैं वह पहले से चल रही हैं।
A:ट्रैक के हिसाब से ही रुक सकती हैं ना, ट्रैक में पाथवे नहीं होगा।
Q:प्लेटफार्म तो बढ़ा सकते हैं ना सर?
A:प्लेटफार्म बढ़ाकर कोई फ़ायदा नहीं है जब तक पाथवे नहीं होगा। बिना पाथवे के रेलगाड़ी नहीं चल सकती है।
Q:जो गाड़ियाँ वहाँ नार्थ ईस्ट से आती हैं और मथुरा जाकर खड़ी हो जाती हैं। क्या यहाँ इतना ट्रैफ़िक रहता है…?
A:मैंने बताया ना पाथवे की इशू है, खड़ी रहने की इशू नहीं है। अभी जैसे जहाँ-जहाँ पाथवे अवेलेबल है मैं आपको एक उदाहरण देता हूँ गतिमान एक्सप्रेस दिल्ली से चलकर आगरा जाती थी, 2 घंटे में 1.75 घंटे में पहुँच कर खड़ी रहती थी, शाम को वापस आती थी। हमें पाथवे मिला हम बढ़ाकर उसको ग्वालियर तक ले गए, फिर ग्वालियर से आगे झाँसी का पाथवे मिला तो झाँसी तक ले गए।
तो हमारे लिए तो रेलवे के लिए बहुत ज़रूरी है कि हम और गाड़ियाँ बढ़ाएं, और लंबा खींचे गाड़ियों के सफ़र को पर जब तक पाथवे नहीं हो और कपैसिटी बड़े नहीं तब तक उसको करना एक्सिस्टिंग और यह इतने वर्षों में जो कपैसिटी नहीं add की इतने वर्षों में मैंने अभी बताया कहाँ 3400 करोड़ और कहाँ 13,000 करोड़ तो हम इनवेस्टमेंट कर रहे हैं जिससे आगे चलकर प्रदेश में और काम हो सके।
Q:अलवर को क्या मिला वह है सवाल?
A:मैंने अभी इतना दिया और आपको चाहिए तो लिस्ट आपके पास छोड़ जाऊँगा।
Q:अलवर के लिए बुलेट ट्रेन की बात थी कांग्रेस के राज में हाई स्पीड ट्रेन की बात थी। वह अलवर आनी थी लेकिन नीमराना तक वहाँ तक अटका के दूसरी तरफ़ वह डाइवर्ट हो गया। अब वह योजना कहाँ है यह बताइए?
A:यह तो कांग्रेस वाले ही जवाब दे पाएंगे उन्होंने क्यों डायवर्ट।
Q:अभी कोई योजना है या नहीं है?
A:अभी मैंने जैसे आपको बताया और यह पहले भी यह विषय आया कि जो हाई स्पीड अभी बन रही है वह देश की पहली हाई स्पीड रेलवे है जो मुंबई से अहमदाबाद। वह रूट भी हमारे आने के पहले तय हुआ था। मनमोहन सिंह जी की सरकार ने तय किया मुंबई-अहमदाबाद को पहला हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाया जाए और वह जापान से चर्चा करकर लेकिन वह निर्णायक सरकार नहीं थी, निर्णय लेने में असफल रही। हमने आने के बाद उस निर्णय को तेज़ गति दी।
इसके अलावा देश में अलग-अलग सेक्शंस को स्टडी किया जा रहा है। दक्षिण भारत में दिल्ली से जयपुर, दिल्ली से चंडीगढ़, दिल्ली से लखनऊ, आगरा से बनारस, चेन्नई से बैंगलोर, मुंबई से बैंगलोर, अलग-अलग सेक्शंस अलग-अलग कंपनियों द्वारा विदेशी कंपनियों को भी इसमें जोड़कर स्टडी करकर अलग-अलग सेक्शंस कैसे हाई-स्पीड और सैमी हाई-स्पीड के बनें इसके लिए सरकार काम कर रही है और कांग्रेस तो उलटे हाई-स्पीड ट्रेन और बुलेट ट्रेन के विरोध में प्रचार कर रही है।
Q:आदरणीय वसुंधरा जी ने यह कहा था कि मैं हाई-स्पीड ट्रेन के बारे में बात करती हूँ कांग्रेस से, केन्द्रिय मंत्री से बात की है।
A:आपकी जानकारी के लिए कांग्रेस से तो आज तक बुलेट ट्रेन की आलोचना के अलावा आज तक समर्थन नहीं किया है, आपकी जानकारी के लिए।
Q:अभी सर कोई योजना है कि दिल्ली से नीमराना-अलवर के लिए कोई ट्रेन?
A:दिल्ली से जयपुर में हाई-स्पीड ट्रेन लगे और मैं समझता हूँ स्वाभाविक है वह यही रूट से होकर जाएगी इस पर यह […] के अंदर है और ऐसे ही पूरे देश में किस प्रकार से हाई-स्पीड ट्रेन मेक इन इंडिया के तहत…
Q:विचार ही पाइपलाइन में है ना सर, काम नहीं है ना?
A:अभी तक कोई एग्रीमेंट, कोई भी विदेश के साथ अभी तक एग्रीमेंट नहीं हुआ है क्योंकि इसके लिए फंडिंग एग्रीमेंट होना चाहिए, टेक्नोलॉजी एग्रीमेंट होना चाहिए।
Q:बाई इलेक्शन में मैडम ने यह कहा था कि जयपुर से दिल्ली के बीच बुलेट ट्रेन, हाई-स्पीड ट्रेन की मैंने मंत्री जी से बात कर ली है […] लेकिन उन बातों को भी आज 8-10 महीने हो गए।
A:पर 8-10 महीने में बुलेट ट्रेन नहीं तय होती है भाई साहब। 8-10 महीने में बुलेट ट्रेन तय नहीं होती है।
Q:सब हो चुकी है, सब हो चुका है काम। वह आश्वासन उनका झूठा था?
A: 8-10 महीने में बुलेट ट्रेन नहीं तय होती है। कांग्रेस के ज़माने में, कांग्रेस के ज़माने में तो निर्णय ही नहीं ले पाते थे। हमने उन सबको आगे बढ़ाया है और जैसा मैंने कहा कि 8-10 सैक्शन जिसमें दिल्ली से जयपुर भी आता है यह सब चर्चा चल रही है विदेशी कंपनियों द्वारा और जैसे-जैसे तय होगा उसको कार्यान्वित करेंगे।
Q:अब सर आप कह रहे हैं कांग्रेस सरकार ने ऊर्जा की स्थिति इतनी जर्जर थी कि वसुंधरा सरकार ने बदल दिया। अलवर शहर के […] क्षेत्र है वहाँ पर घेघोली गावँ है कांग्रेस सरकार में भी वहाँ लाइट नहीं थी 50 गाँवों में और आज भी लाइट नहीं है।
A:मैं समझता हूँ आज राजस्थान में एक भी गाँव ऐसा नहीं है जिधर बिजली नहीं पहुँची है। यह कोई मजला, टोला या ढ़ाणी होंगे गाँव के बाहर जहाँ पर..
Q:नहीं-नहीं अलवर शहर से मात्र सात किलोमीटर दूर है फिर मंदिर है तीन किलोमीटर वहाँ लाइट जा रही है।
A:मान लिया, पर वह रेवेन्यू विलेज नहीं होगा कोई मजला या टोला या ढाणी होगी। इतना तो मैं बिजली मंत्री 3.5 साल रहा मैं पक्का बोल सकता हूँ। वहां पर अभी सौभाग्य योजना के तहत हर घर तक बिजली पहुँचाने का काम चालू है।
Q:सर जिन ज़िला मुख्यालय पर रेल नहीं पहुँची है उनके लिए क्या प्रोग्राम है […]?
A:देखिए जहाँ-जहाँ पर देश में रेलवे की सुविधाएँ नहीं पहुँची है उसका एक पूरे देश भर की योजना बनाने के लिए लंबे अरसे से फंड्स की शॉर्टेज रही है। मोदी सरकार आने के बाद लगभग 3 गुना इन्वेस्टमेंट रेलवे क्षेत्र में देश भर में हुआ है। राजस्थान का तो मैंने बताया लगभग 4 गुना हो गया है, 3500 करोड़ से लगभग 14,000, लगभग चार गुना हो गया है और यही स्थिति तेज़ गति से रेलवे की देश भर में विस्तार करने की हमारी योजना है।
Q:सर एक आपने कहा कि सीपी जोशी के जिस तरह के बयान आए हैं उसके बाद कांग्रेस की धार्मिक और जातिगत आधार पर आपने कई तरह के आरोप लगाए। आपके ही एक फ़ायरब्रांड श्री ज्ञानदेव आहूजा जिन्होंने अभी निर्दलीय लड़ने का कहीं न कहीं प्रयास किया और उसके बाद उन्हें प्रदेश का उपाध्यक्ष बना दिया गया। तो इस नीति को क्या माना जाए?
A:मैं समझता हूँ आहूजा जी पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ता हैं और पार्टी के लिए अपनी सेवाएँ उन्होंने पहले भी दी हैं, आगे भी देते रहेंगे।
Q:ऐसी एक भी सीट तय की है जो बिना जाति के BJP में तय हुई है, एक भी एक भी बता दो अलवर से लेकर […]?
A:हमारी सब सीटें बिना जाति के तयहुई। हमारी सभी सीटें बिना जाति के तय हुई हैं।
Q:नहीं आप बताओ ना?
A:मैं तो सभी कह रहा हूँ 200 की 200। 200 की 200 सीटें बिना जाति के तय हुई हैं।
Q:एक जो शिवसेना ने राम मंदिर का जो मुद्दा चल रहा है इस समय। उसको लेकर क्या दिक़्क़त आ रही है?
A:हमें कोई दिक़्क़त नहीं आ रही है।
Q:तो शिवसेना वहाँ कूच कर रही है, उधर वह अखिलेश कह रहे हैं कि सेना लगा दी जाए। तो BJP क्या कर रही है?
A:हमें कोई सेना लगाने की परिस्थिति वहाँ नज़र नहीं आ रही है।
Q:तो मुद्दा तो BJP का था, BJP लेकर चली थी राम मंदिर। अब क्यों पीछे हट गई BJP?
A:विश्व हिंदू परिषद की भी वहाँ पर बड़ी बैठक चल रही है, शिवसेना के भी कुछ कार्यकर्ता वहाँ पर आए हैं उससे हमारे को कोई दिक़्क़त नहीं है।
Q:आचार्य धर्मेन्द्र जी अलवर आए थे उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि मोदी जी शिरडी चले जाते हैं लेकिन आयोध्या नहीं जाते हैं। तो वह राम को लेकर उनका कहीं न कहीं यह था कि उनको कोई इंटरेस्ट नहीं है अयोध्या जाने में। क्या लगता है?
A:उनके निजी वक्तव्य पर मैं क्या बयान दे सकता हूँ। आचार्य धर्मेन्द्र जी एक धार्मिक नेता हैं और उन्होंने अपने हिसाब से बयान दिया है।
Q:अयोध्या आंदोलन से जुड़े हुए नेता हैं सर।
A:हाँ-हाँ, बकायदा हम उनका पूरा आदर सम्मान करते हैं।
Q:राम मंदिर कब तक बनाएँगे, क्या है आपका?
A:राम मंदिर अयोध्या में बनना चाहिए यह भारतीय जनता पार्टी का पक्का विश्वास है, मानना है, यह देश की अस्मिता के साथ जुड़ा हुआ है। देश का हर कोने-कोने से यह माँग है कि अयोध्या में एक भव्य राम मंदिर बने और जैसा हमने अपने मैनिफेस्टो में भी लिखा था भारतीय क्या पार्टी का मानना है कि या तो आपसी तालमेल से राम मंदिर का निर्णय हो जाए और या क़ानूनी फ़ैसला हो और वहाँ पर राम मंदिर बने।
Q:सरकार क्या अध्यादेश लाने की कोई योजना बना रही है?
A:अभी तो कोई योजना हमारे सामने नहीं है। अभी कोई हमारे समक्ष, अभी हमारे समक्ष कोई योजना नहीं है। आज के दिन कोई समक्ष हमारे योजना नहीं है।
Q:आप सर अलवर आए और आपके यहाँ कैबिनेट मिनिस्टर आपकी पार्टी के सामने लड़ रहे हैं। आपने कहा कि हम सरकार बना रहे हैं। वहीं राज्य में ऐसी कई सीटें हैं जो कांग्रेस आप जिन बाहरी की बात कर रहे थे पैराशूटी उम्मीदवारों की वह लोग उतरकर आए और दूसरे दिन पार्टी का टिकट मिल गया और चुनाव लड़ रहे हैं। क्या उस कार्यकर्ता का क्या होगा जो…?
A:मैं समझता हूँ सीटों का बँटवारा बहुत सोच समझकर, सर्वे के आधार पर, पार्टी के कार्यकर्ताओं की भावनाओं को लेकर तय किया जाता है।
Q:सर्वे में कांग्रेस वाले ही मिले?
A:जो भी पार्टी ने उपयुक्त कैंडिडेट समझा उसको सीट दी गई है।
Q:पाँच साल में राजस्थान में अच्छा काम हुआ, सबने अच्छा काम किया आप बता रहे हैं जिस तरह से, विकास भी हुआ, ठीक है? सभी MLAs ने काम किया तो एकदम चहरे क्यों बदल दिए गए?
A:जहाँ पर पार्टी को लगा कि कैंडिडेट दूसरा आने की आवश्यकता है, कार्यकर्ताओं की भावना और सर्वे को लेकर देश भर में कैंडिडेट्स बदले जाते हैं। यह कोई पहली बार राजस्थान में नहीं बदले हैं। देश भर में कैंडिडेट्स सर्वे के आधार पर तय किए जाते हैं।
Q:अलवर में चार लड़के ट्रेन के सामने कूदकर […] यह बताया गया कि बेरोज़गारी से तंग थे और नौकरी नहीं मिल रही थी?
A:यह आपने कहा हमें तो अभी इसकी कोई जानकारी नहीं है। हमारे पास तो उसकी कोई जानकारी नहीं है। बहुत दुखद हादसा है लेकिन हमारे पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है।
Q:चार लड़के मरे हैं बेरोज़गारी के कारण?
A:यह कारण था यह हमारे पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है।
Q:सर एक सवाल यह आपके रूडी जी बैठे हैं इन्होनें कहा था कि डैमेज कंट्रोल हम इसलिए कर रहे हैं की जो निर्दलीय हो गए उन्हें वापस लाया जाए और दूसरी बार इन्होनें कहा बग़ावत करने वाले बागियों से हमें कोई फ़र्क नहीं पड़ता। किस बात पर यक़ीन करें?
A:देखिए अगर कोई गुमराह मैं बताता हूँ अगर कोई व्यक्ति पार्टी से अलग होता है तो हमारा पूरा प्रयत्न रहता है कि उनको साथ में जोड़ा जाए, हमारे परिवार के सदस्य हैं लाया जाए और पूरी कोशिश करते हैं और उसके बावजूद अगर वह नहीं आता है तो पार्टी हमारी डिसिप्लिन वाली पार्टी है उनके ऊपर सख़्त से सख़्त कार्रवाई होती है।
Q:नहीं एक बार कह रहे हैं कि फ़र्क नहीं पड़ता और एक बार लाने का प्रयास हो रहा है?
A:क्योंकि यह कैडर बेस्ड पार्टी है और हमारी पार्टी विचारधारा से जुड़ी है, हमारा नेतृत्व सक्षम है कि अगर कोई व्यक्ति पार्टी छोड़कर भी जाता है तो हमारे कार्यकर्ता उस व्यक्ति के बग़ैर भी पार्टी को विजय बना सकते हैं।
Q:प्रधानमंत्री के अलवर को चुना गया, पहले ही रैली यहाँ की गई इसके पीछे कुछ कारण था या?
A: 2013 में भी हमने पहली रैली अलवर से ही शुरू की थी और हमारा विजय यात्रा यहाँ से शुरू हुई थी, फिर एक बार यहाँ से शुरू होगी।
Q:पार्लियामेंट के इलेक्शन में थी, पार्लियामेंट में थी।
A: 2013 में भी, आप ‘13 में शायद भूल गए असेंबली इलेक्शन थे।
बहुत-बहुत धन्यवाद।
The railways will operate Sabarimala special trains between Chennai Central and Kollam as well as Kollam and Hyderabad in November, December and January to accommodate the rush of devotees.

KOCHI: The railways will operate Sabarimala special trains between Chennai Central and Kollam as well as Kollam and Hyderabad in November, December and January to accommodate the rush of devotees.
A special fare special train will leave Chennai Central at 8.40 pm on December 3, 5, 10, 12, 17, 19, 24, 26 and 31 and January 2, 7, 9 and 14. It will reach Kollam at noon the next day.
The train will leave Kollam at 3 pm on December 4, 6, 11, 13, 18, 20 and 27 and January 3, 8 and 10 to reach Chennai Central at 9.45 am the next day. It will stop at Arakkonam, Katpadi, Jolarpettai, Salem, Erode, Tiruppur, Coimbatore, Palakkad, Ottapalam, Thrisur, Aluva, Ernakulam Town, Kottayam, Chenganasseri, Tiruvalla, Chengannur, Mavelikara and Kayamkulam.
Suvidha spl trains between Chennai-Kollam
The Kollam-Chennai Central Suvidha special train (82634) will leave Kollam at 3 pm on December 25 and January 1 to reach Chennai Central at 9.45 am the next day.
Source: http://www.newindianexpress.com/states/kerala/2018/nov/20/railways-to-operate-sabarimala-special-trains-to-clear-rush-1900527.html

..और मैं आपसे शिकायत करना चाहता हूँ। जितना ज़्यादा मुझे बोहरा जी तंग करते हैं शायद ही कोई सांसद तंग करता होगा। मैं पीछे बता रहा था एक सभा में कि मुझे लगता है इन्होंने मेरे ऊपर कुछ कंप्यूटर चिप लगा रखा है मैं जहाँ पहुँचता हूँ यह पहुँच जाते हैं एक डिमांड लेकर, कोई कंप्यूटर टाइपिस्ट इनको फ़्री में मिल गया है रोज़ नई डिमांड लेकर आ जाते हैं। लेकिन यही ताक़त है भारतीय जनता पार्टी के जनप्रतिनिधि की कि कैसे 24 घंटे जनता की सेवा में, जनता की आशाएँ, अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए लगातार लगे रहते हैं।
और वैसे ही मेरे छोटे भाई कैलाश वर्मा जिन्होंने पिछले पाँच वर्ष बहुत ही कठोर परिश्रम किया बगरू विधानसभा में विकास लाने के लिए। और जब डबल इंजन ऐसा सांसद, ऐसा विधायक, डबल इंजन वसुंधरा राजे और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की विकास के काम में लग जाती है (वही मैंने कहा) कि जब दोनों डबल इंजन ऐसे लग जाती है एक विधायक और सांसद की, एक मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की तब बेचारा रेल मंत्री क्या करेगा, उसको तो काम करना ही पड़ेगा।
सभी सम्माननीय पदाधिकारी भारतीय जनता पार्टी के, सभी हमारे प्रिय कार्यकर्ता भाई-बहन और बगरू के नागरिक बंधुओं। मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि जिस इलाक़े में कपड़े की प्रिंटिंग का इतना बड़ा काम होता है मुझे आज वहाँ आने का मौक़ा मिला और मैं इसलिए कह रहा हूँ कि मेरे लिए सौभाग्य की बात है क्योंकि जीएसटी काउंसिल में कपड़े विभाग के कई सारी जो परेशानियाँ थी उसको प्रधानमंत्री मोदी जी और श्री अरुण जेटली जी के आशीर्वाद से समस्याओं को समाप्त करने का मुझे सौभाग्य कुछ महीने पहले मिला था।
और वास्तव में आपने अगर देखा पिछले महीने टेक्सटाइल सेक्टर में जो गति आयी है, कपड़े के काम में जो गति आयी है और जो एक्सपोर्ट होता है, निर्यात होता है यहाँ से उसमें लगभग 38 प्रतिशत का छलांग पिछले महीने टेक्सटाइल सेक्टर में हुआ है और मुझे विश्वास है इसका लाभ अब बगरू तक पहुँचेगा और यहाँ के भी व्यापर में, यहाँ के भी उद्योग में और गति आएगी यह मेरा पूरा पक्का विश्वास है।
वैसे राजस्थान ने तो पिछले चुनाव में भी ऐतिहासिक काम किया था। मुझे याद है जब भारतीय जनसंघ बना, नई-नई पार्टी थी तब सबसे पहली सफलता राजस्थान से शुरू हुई थी जब 1952 में मात्र आठ विधायक जनसंघ के आए थे पहली बार, 1952 में और उसमें श्रद्धेय भैरोंसिंह शेखावत जी भी एक विधायक थे।
‘52 से शुरू हुआ हुआ जो सफ़र था उसमें अगर सबसे पहले किसी ने ऐतिहासिक विजय देकर भारतीय जनता पार्टी को समर्थन दिया, प्रधानमंत्री मोदी जी की विजय यात्रा को गति दी तो वह राजस्थान था जिसने 160 से अधिक विधायक, 80% विधायक जिताकर और शत-प्रतिशत सांसद देकर मोदी जी के हाथ मज़बूत किए, वसुंधरा राजे जी को यहाँ मुख्यमंत्री बनाया और एक भ्रष्ट शासन जो जनता की सेवा नहीं कर रहा था लेकिन शायद चंद लोगों की उसमें दामाद जी थे, उसमें उनके ख़ुद के परिवार के लोग थे उनकी सेवा में जो भ्रष्ट सरकार चल रही थी जिसने पूरी जर्जर कर दी थी राजस्थान के विकास को उसको निकाल कर भाजपा के शासन को जयपुर में बिठाया था।
और मैं समझता हूँ गत चार-पाँच वर्षों में लगातार योजना के बाद योजना लाकर राज्य सरकार, केंद्र सरकार ने जो पूरे ही राजस्थान में समाज के हर वर्ग को चाहे किसान हो, चाहे उद्योजक हो, चाहे व्यापारी हो, चाहे दलित हो, चाहे आदिवासी हो, समाज में शोषित, वंचित हर वर्ग को जिस प्रकार से विकास पहुंचाया है। चाहे हमारी माता-बहनों को कुकिंग गैस सिलेंडर फ़्री में मिले, चाहे हर घर तक बिजली पहुँचाने का काम सौभाग्य योजना में हो, चाहे एलईडी का विस्तार हो पूरे राजस्थान में उजाला योजना के तहत।
चाहे भामाशाह के तहत 3 लाख रुपये तक की मुफ़्त में स्वास्थ्य की सेवाएँ मिलें और अब वह आयुष्मान भारत में बढ़कर 5 लाख रुपये तक हर परिवार को मुफ़्त में स्वास्थ्य की सेवा मिलेगी। चाहे वह जल का काम हो आज वसुंधरा राजे जी के प्रयत्नों से मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत लगभग 21 हज़ार गाँवों को जल से आत्मनिर्भर बना दिया गया है।
चाहे वह ज्योति का विषय हो, आज पूरे ही राजस्थान में चौबीसों घंटे बिजली मिले इसके लिए पर्याप्त योजनाएं भी है, ट्रांसमिशन लाइनें बिछाई गई हैं, नई बिजली उत्पादन करने की योजनाएं बनी हैं और जो डिस्कॉम को अशोक गहलोत सरकार ने सालाना 12-15 हज़ार करोड़ रुपये का लॉस पर ले आए थे, जो डिस्कॉम्स को गहलोत सरकार ने 70-75 हज़ार करोड़ रुपये का लोन उनके ऊपर डाल कर पूरी डिस्कॉम पूरी ऊर्जा की व्यवस्था को तितर-बितर कर दिया था उसको वसुंधरा सरकार ने गत पाँच वर्षों में ताक़त दिया, बल दिया, सुधार किया, घाटे को बहुत कम कर दिया और आज पूरे प्रदेश में हर घर तक बिजली पहुँचे यह काम में सफलता पाई है।
और मैं समझता हूँ जो भामाशाह योजना के तहत वसुंधरा जी ने काम किया पहले भी 2008 के पहले भी और 2013-18 के बीच अपने आप में वह एक पूरे देश के लिए मिसाल बन गया, पूरे देश के लिए एक उदाहरण बन गया। आज 400 से अधिक सरकारी सेवाएँ, 55 हज़ार ई-मित्र सेंटर के माध्यम से पूरे प्रदेश में जनता की सेवा में लगी हुई है। भामाशाह योजना के तहत 5 करोड़ से अधिक लोगों को सीधा लाभ पहुँचा है बिना बिचौलिया के, बिना कोई मिडिलमैन के।
और जो कांग्रेस का मानना था कि अगर एक रुपया सरकार भेजती है जनता की सेवा में तो मात्र 15 पैसे ज़मीन पर, धरातल पर मिलते हैं गरीब को, जनता को उसको बदलने का काम वसुंधरा जी और प्रधानमंत्री मोदी जी ने किया। आज जब एक रुपया सरकार भेजती है तो पूरा एक रुपया जनता को मिलता है, लाख रुपया भेजती है तो लाख रुपया पूरा मिलता है।
आज प्रधानमंत्री आवास योजना में 14 लाख से अधिक हमारे गरीब भाई-बहनों को अपना घर मिला है। आज जन धन योजना के तहत पूरे प्रदेश में हर घर के खाता खोला है और प्रधानमंत्री जी की जो सुरक्षा बीमा योजना हैं उसमें हर एक को एक सुरक्षित बनाया गया है। अगर किसी की कोई दुर्घटना होती है एक्सीडेंट में तो 2 लाख रुपये सीधा खाता में जन धन खाता में उनको मिलता है।
मैं समझता हूँ जयपुर ने जो स्वच्छता का काम किया है वह तो बेमिसाल है। आज पूरा राजस्थान ओडीएफ हो गया है और मैं समझता हूँ जो महिलाओं को आज स्वाभिमान मिला है हर घर में शौचालय पहुंचाकर वह हमें गर्व करना चाहिए हर भाजपा के कार्यकर्ता को कि उन्होंने आज हमारी माता-बहनों को स्वाभिमान की ज़िंदगी जीने के लिए प्रधानमंत्री मोदी जी के कार्यक्रम को शौचालय हर घर तक पहुंचाकर सफल बनाया है।
और एक के बाद एक सफल योजनाएं चाहे उज्ज्वला के तहत 30 लाख से अधिक महिलाओं को मुफ़्त में गैस का कनेक्शन देना, चाहे सौभाग्य के तहत लाखों घरों में मुफ़्त में बिजली का कनेक्शन देना, चाहे उजाला योजना के तहत एक सरकारी कंपनी ने 1 करोड़ 58 लाख LED बल्ब दिए, निजी क्षेत्र से तो 6-7 करोड़ बल्ब बिके और LED बल्ब की क़ीमत को आज 70-80% घटाकर हर ग़रीब को LED बल्ब का लाभ पहुंचाया और हज़ारों करोड़ रुपये के बिजली के बिल में कमी करने का मौक़ा मिला हम सबको।
मैं समझता हूँ वसुंधरा जी ओर मोदी जी दोनों मिलकर जो पूरे राजस्थान में, पूरे देश में विकास का काम में जुटे हुए हैं, चौबीसों घंटे जुटे हुए हैं उसके सामने कांग्रेस के पास सिर्फ़ आश्वासन और झूठे वादे देने के अलावा और कुछ नहीं है। कांग्रेस एक तरफ़ जातिवाद की राजनीति, वंशवाद की राजनीति करना चाहती है, कांग्रेस समाज को बाँटना चाहती है और आजकल जो बयान कांग्रेस से आ रहे हैं उससे तो हम सबको चिंता हो रही है। क्या समाज को वह बाँटेंगे, क्या समाज को वह अल्पसंख्या और बहुमूल्य संख्या के बीच में बाँटना चाहते हैं।
एक अच्छी संस्था जो अच्छी विचारधारा से चलती है, अच्छे विचार जनता में देना चाहती है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा तक में आपको और मुझे जाने से रोकेगी। जातिवाद की राजनीति से मैं समझता हूँ जयपुर और राजस्थान की जनता कदा भी प्रभावित नहीं होने वाली है। और मुझे पूरा विश्वास है कि जो पार्टी भारत माता की जय का भी घोष देने वालों को रोककर एक परिवार का घोष देने में ज़बरदस्ती करेगी वह पार्टी कभी जनता की सेवा नहीं कर सकती वह सिर्फ़ एक परिवार की सेवा और उसके दामाद की सेवा कर सकती है।
मैं तो बड़ा हैरान होता हूँ जब मैं इस सत्ता का लालच और इस सत्ता के लालच में अनाप-शनाप झूठ की राजनीति करते हुए कांग्रेस के मित्रों को देखता हूँ। पूरी तरीक़े से विपक्ष आज विफल है कोई भी विकास के काम में अपने आप को दिखाने के लिए। लगातार देश के लोग एक के बाद एक कांग्रेस को सत्ता से निकाल रहे हैं। मुझे लगता है इस बार के चुनाव के बाद तो शायद कांग्रेस सिर्फ़ दो ही राज्यों में दिखाई देगी एक पंजाब और एक पुडुचेरी, पुडुचेरी तो वास्तव में एक यूनियन टेरिटरी है, एक सांसद भेजती है।
एक कांग्रेस के पहले नेता हुआ करते थे, भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए हैं और आज हमारे नॉर्थ ईस्ट में उत्तर पूर्व में बेमिसाल काम कर रहे हैं, भारतीय जनता पार्टी का वर्चस्व बढ़ा रहे हैं। उनसे एक पत्रकार ने पूछा कि आपको क्यों कांग्रेस छोड़नी पड़ी। उन्होंने बताया मैं जब कोई राजनीतिक विषय, कोई विकास का विषय लेकर अपने नेता के पास जाता था तो उनको मेरे विकास के काम, मेरे विकास के विषयों में ज़रा भी रुचि नहीं रहती थी। वह तो एक पीडी नामक कोई उनके घर में पालतू उसके पीछे इतने व्यस्त रहते थे कि कभी मेरी तरफ़ और विकास के विषयों की तरफ़, उत्तर पूर्व के गंभीर विषयों की तरफ़ उनका ध्यान ही नहीं आकर्षित होता था।
और मैं समझता हूँ पूरी देश की जनता ने इस प्रकार की विचारधारा जो जनता को विकास से वंचित रखना चाहती है, जो वंशवाद में विश्वास रखती है, जो बेबुनियाद आरोपों में विश्वास रखती है और झूठे वायदे करती है ऐसी राजनीति को ठुकराया है। एक के बाद एक राज्यों ने कांग्रेस को ठुकराकर एक मैसेज दिया है कि अब अगर देश में कोई राजनीति चलेगी तो सिर्फ़ विकास की राजनीति चलेगी।
और भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता गाँठ बाँधकर आज से सात तारीख तक हमारे किए हुए कामों की, हमारे किए हुए योजनाओं की विकास की बात हर घर तक पहुँचाए यह विश्वास मैं आपसे लेने के लिए आज आपके समक्ष खड़ा हुआ हूँ। मैं चाहता हूँ आप सब आज संकल्प करें कि एक-एक घर में जाकर कैलाश वर्मा की, डॉ कैलाश वर्मा का प्रचार करेंगे और इनको भारी मतों से जिताएंगे और सात तारीख तक कोई एक भी कार्यकर्ता झपकी भर भी, एक पल भर भी बैठेगा नहीं, पूरी तरीक़े से झोंक देगा इस चुनाव में।
और भाजपा की एक-एक सीट को जिताने की ज़िम्मेदारी हम सब कार्यकर्ता अपने कंधे पर लें और प्रधानमंत्री मोदी जी के हाथ, वसुंधरा जी के हाथ मज़बूत करें और कांग्रेस की विफल राजनीति को पूरी तरीक़े से नकार कर कर फिर एक बार प्रधानमंत्री मोदी जी और वसुंधरा जी के जय जय कार हो राजस्थान में और 160 सीटें फिर एक बार हम जीतकर एक पूरे देश को बताएँ कि राजस्थान मोदी जी और वसुंधरा जी के साथ खड़ा है, विकास के साथ खड़ा है और हमारे एक-एक विधायक को जिताकर हम यह देश को दिखा दें कि भारतीय जनता पार्टी के विकास के साथ पूरी जनता पूरे तरीक़े से खड़ी है।
मैं आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूँ। आपको, आपके परिवारों को अभी-अभी दीपावली गई है यह नया वर्ष बहुत ही अच्छी उमंग लाए, बहुत अच्छा नया भविष्य दे और हम सब मिलकर भारतीय जनता पार्टी का झंडा लहराएं, भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक विजय फिर एक बार राजस्थान में हो इस शुभकामना के साथ मैं आपसे विदा लेता हूँ।
बहुत-बहुत धन्यवाद।
हमारे सबके प्रिय और वास्तव में जब भी मैं राजीव जी को मिलता हूँ तो बाबोसा की याद ज़रूर आती है, मुझे भी सौभाग्य मिला उनके साथ कई बार मिलने का पापा के कारण और वास्तव में उस प्रकार के नेता आजके दिन हम राजनीति में बहुत मिस करते हैं| जो जुझारू पना उनमें था जो कोई काम लेते थे तो संकल्प के साथ पड़ जाते थे उस काम को अचीव करने में, जितना अच्छी तरीके से उन्होंने राज्य सभा का संचालन किया उपराष्ट्रपति रहते हुए| वास्तव में नरपत जी आप सौभाग्यशाली हैं कि आपको शेखावत जी के साथ काम करने का मौका मिला, उनके परिवार के सदस्य बने |
और वास्तव में मैं समझता हूँ हम सब यहाँ पर सौभाग्यशाली हैं कि विद्याधर नगर में आप हमारे विधायक हैं दो बार से यहाँ से हैं, पहले तो आप दूसरी जगह से थे। और मुझे पूरा विश्वास है कि अब कम्पटीशन होगी कि रामचंद्र बोहरा जी को ज़्यादा वोटों से जिताएं या आपको ज़्यादा वोटों से जिताएं। आपको हम सबकी बहुत-बहुत शुभकामनाएं, शुभेक्षा, और मुझे पूरा विश्वास है पूरा विश्वकर्मा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन हमारे परिवार, हमारे मित्र, हमारे रिश्तेदार, हम सबके कामगार और जो-जो हमारे नज़दीक के इस क्षेत्र में रहते हैं उन सबको प्रेरित करेंगे कि काम में उतरें, काम में लगें और आपको भारी मतों से जिताके यहाँ से भेजें।
हम सबके वरिष्ठ विश्वकर्मा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष माननीय श्री प्रेम पोद्दार जी, माननीय श्री सतीश जी तांबे, महासचिव; आजके कार्यक्रम के संयोजक माननीय महेश पारीक जी। नेता के गुण सबसे ज़्यादा तो मैं … जी आपमें देख रहा था। आपने हार तो बाद में पहनाया पहले अटैक कर दिया और यह बड़ा अच्छा तरीका होता है पहले दूसरा व्यक्ति कुछ कर सके उसके पहले अटैक पर आ जाओ तो दूसरा व्यक्ति थोड़ा डिफेंसिव हो जाता है। पर ….. जी मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे सभी प्रतिनिधि, हमारे सभी नेता लगातार संपर्क में भी रहते हैं, लगातार आपके दुःख-सुख की चिंता करते हैं।
मैं स्वयं 14 जुलाई को जब यहाँ आया था तब मैंने सामने से फ़ोन करके मुख्यमंत्री जी को कहा था कि मुझे आके व्यापारी समाज को सबको मिलना है, उनके दुःख-सुख, दुःख-दर्द को समझना है, और जीएसटी कॉउन्सिल की मीटिंग आने जा रही है 21 जुलाई को उसके पहले मुझे समझना है कि मेरी क्या ज़िम्मेदारियाँ है जयपुर के और राजस्थान के व्यापार के लिए।
और जो उत्साह से उस दिन मैंने आप सबके सुझाव सुने, मेरे उत्साह नहीं आपके उत्साह की बात कर रहा हूँ मैं, जिस प्रकार से सब तैयारी लेकर आये थे। यहाँ तक कि जब कोटा स्टोन पर मेरे अधिकारी मुझे थोड़ा अलग दिशा में लेकर जा रहे थे तो लोगों ने कोटा स्टोन ही वहां मंगा के दिखा दिया कि भाई देखो हम यहीं कह रहे हैं आपके अधिकारी गलत बोल रहे हैं।
और वास्तव में जिस प्रकार से उस दिन चर्चा हुई सार्थक चर्चा हुई, मुझे भी सीखने को बहुत मिला। शायद मैं भी कई वर्षों से अब स्वयं के उद्योग से निवृत्त हो चुका हूँ, मैं बहुत छोटा था, 17 वर्ष का था जब मैंने उद्यमी के नाते एक छोटी सी फैक्ट्री लगाने का काम शुरू किया था और ’99 में लगभग उसमें से निकल गया थातो अब तो 18 साल हो गए, अब तो आहिस्ते-आहिस्ते ध्यान में नहीं आता है कि ज़मीनी हकीकतें कितना परेशान करती हैं एक छोटे उद्योजक को, एक छोटे उद्यमी को, व्यापारी को।
तो वास्तव में मैं आप सबका आज धन्यवाद करने आया हूँ कि 14 जुलाई को जो आप सबके सुझाव मुझे मिले उसी के कारण शायद 21 जुलाई की बैठक में काफी कुछ निर्णय हम ले पाए थे, फिर चाहे वह कोटा स्टोन हो, चाहे वह मूर्तिकारों की तकलीफ हो, चाहे मार्बल की तकलीफ हो, चाहे छोटे लोगों को जो हर महीने रिटर्न देने पड़ते थे और कई सारे रिटर्न देने पड़ते थे, उसमें जो आपकी मांग थी कि 1.5 करोड़ रुपये तक क्वार्टरली रिटर्न कर दिया जाये और सरल रिटर्न कर दिया जाये।
इन सब मांगों को लेकर जब पूरे जीएसटी कॉउंसिल के साथ बैठा तो आपने तो कुछ माँगा था हम उसके भी दो कदम आगे गए और आज 5 करोड़ रुपये तक की टर्नओवर वाले व्यापारियों को क्वार्टरली रिटर्न कर दिया गया है, तीन माह में एक बार ही रिटर्न करना है। और रिटर्न को भी एकदम सिम्पलीफाइ करना है, वह अभी सॉफ्टवेयर में चेंजेस हो रहे हैं और उतना तो व्यापारी वर्ग पूरी अच्छी तरीके से समझता है कि बदलाव कोई एक दिन में, दो दिन में सॉफ्टवेयर और पूरे सिस्टम्स का नहीं हो सकता है। लेकिन हमने पूरा कंप्यूटर पर दे दिया है किस प्रकार का रिटर्न का सिलसिला आगे आप सबको पालन करना पड़ेगा और एकदम सरल रिटर्न है, तीन महीने में एक बार, सिंगल रिटर्न।
और मैं समझता हूँ कि प्रधानमंत्री मोदी जी इस मामले में हर वक्त सुनने की मुद्रा में रहते हैं। उलटे मेरे ऊपर तो कई बार टिप्पणी हो जाती है कि थोड़ा कम बोलो, ज़्यादा सुनो, प्रधानमंत्री जी कई बार मुझे यह सीख देते हैं कि भाई थोड़ा कम बोलो ज़्यादा सुनो। और मेरा अनुभव खुदका यह है कि प्रधानमंत्री जी स्वयं बहुत शांति से और बहुत इंटरेस्ट लेकर जब भी हम सब कुछ सुझाव देते हैं, कुछ इनसे चर्चा करते हैं, बहुत इंटरेस्ट लेकर सुनते हैं, कभी उनको नोट्स नहीं बनाने पड़ते हैं। और उसपर फिर विषय के ऊपर काम करते हैं, कार्यान्वित करते हैं, सुझाओं को अमल करते हैं।
एमएसएमई के लिए जो 12 रिहायतें हाल में ही अन्नौंस की गयी वह प्रधानमंत्री जी ने जो फीडबैक लिया सब जगह से उसको देखते हुए उन्होंने उन सब चीज़ों पर निर्णय लिया, कैसे कम्पनीज एक्ट में परिवर्तन की आवश्यकता है जिससे लोगों को छोटी-छोटी गलतियों के लिए, बहुत सरल गलतियों के लिए कोर्ट कचहरी न जाना पड़े, लॉयर के खर्चे न करने पड़े। वैसे वह भी आपके एक राजस्थान के नेता की ही देन थी, एक राजस्थान के ही नेता कंपनी लॉ मिनिस्टर थे, कॉर्पोरेट अफेयर्स मिनिस्टर, अब आप भलीभांति जानते हो मैं किसके ऊपर इशारा कर रहा हूँ।
अब यह अलग बात है कि उनकी पार्टी तय नहीं कर पा रही है कि किसको मुख्यमंत्री उमीदवार बनाएं इसलिए सबको लटका दिया, सबको दाना देकर रखा है कि भाई चलो आप भी बन सकते हो, आप भी बन सकते हो, आप भी बन सकते हो। हिम्मत नहीं है किसी एक को घोषित करने की। लेकिन जिस प्रकार से कंपनी लॉ में बदलाव लाया गया था कांग्रेस की सरकार ने और जिस प्रकार से कानून ऐसे सख्त कर दिए गए कि आप एनुअल रिटर्न 15 दिन डिले कर दो तो आपके ऊपर पेनल्टी तो एक बात है पर आपके ऊपर क्रिमिनल कार्रवाई भी हो सकती है।
और इस प्रकार से कानून इतना सख्त कर दिया गया कि छोटी-छोटी गलतियां, हाँ मैं समझ सकता हूँ कोई फ्रॉड करे, कोई बड़ा घोटाला करे तो सख्त कानून होना चाहिए, लेकिन क्या छोटी-छोटी, मेरा रिटर्न थोड़ा डिले हो गया, मेरी एनुअल जनरल मीटिंग मैं समय पर नहीं कर पाया, मेरी चार्जिस मैं समय पर रजिस्टर नहीं कर पाया। अब छोटी-छोटी चीज़ों के लिए भी अगर कोर्ट कचेहरी और जेल और वकीलों के आगे-पीछे घूमना पड़ेगा तो व्यापारी काम करेगा या कोर्ट कचेहरी में उलझा रहेगा।
पर प्रधानमंत्री जी इन सब चीज़ों पर निगरानी रखते हैं, आखिर जीएसटी लाने के पीछे भी हेतु यही था कि अफसरशाही से कैसे हमारे व्यापारी वर्ग को मुक्त किया जाये। आखिर 40 अलग-अलग टैक्स – 17 टैक्स, 23 सेस लगते थे, सबको जोड़कर अब एक कर दिया गया है। और कई बार लोग समझते नहीं हैं कि इसके कितने सारे लाभ हैं, आखिर हर चीज़ का अलग इंस्पेक्टर होता था पहले अब एक ही बार आपका ऑडिट होगा, इंस्पेक्शन होगा। ऑडिट कोई मनमर्ज़ी से नहीं कर सकेगा, कंप्यूटर द्वारा तय होगा किसका ऑडिट, किसकी चेकिंग होनी है। सरल सिस्टम इसलिए लाया गया कि एक ही टैक्स होगा तो उपभोक्ता को भी मालूम पड़ेगा कि मैं जब कोई चीज़ खरीदता हूँ तो मैं कितना टैक्स भरता हूँ, पहले तो एक्साइज अलग था वह फैक्ट्री पर लग जाता था, ऑक्ट्रॉय या एंट्री टैक्स सामान आते हुए लग जाता था, कोई सेवाएं लेते थे तो सर्विस टैक्स अलग लगता था।
अभी कुछ मित्र कह रहे थे परेशानी हो रही है पुराने मामलों की, जब उपभोक्ता को बेचते थे तो वैट लगता था, हर एक के अलग-अलग इंस्पेक्टर थे, हर एक के अलग-अलग रिटर्न थे, हर एक के अलग-अलग ऑडिट होती थी। और कभी सुबह हम अपनी फैक्ट्री पहुँचते थे या दुकान पहुँचते थे और दुर्भाग्य से सफ़ेद एम्बेसडर बाहर खड़ी होती अगर और सफ़ेद एम्बेसडर में अगर पीछे एक गोला लगा हुआ हो तब तो भगवान जाने रात को घर जायेंगे भी कि आज रात को यहीं रहना पड़ेगा। सही था कि नहीं?
अब वह सबसे निपटारा करने के लिए और सभी को सामान्य अवसर मिले ईमानदार व्यापार करने के लिए। आखिर प्रधानमंत्री मोदी जी का पक्का मानना है और इस सरकार का पूरा विश्वास है कि कोई भी इस देश का व्यापारी, कोई उद्यमी, कोई उद्योजक कभी बेईमानी के रास्ते पर नहीं जाना चाहता है, कोई टैक्स की चोरी नहीं करना चाहता है, वह हमारी मजबूरी होती थी कि हमको गलत रास्ता अपनापा पड़ता था।
और वह मजबूरी से मुक्त करने के लिए आप सबको जीएसटी लाया गया है, हाँ, ज़रूर कुछ लोग तो बेईमानी करना चाहते हैं, कुछ लोग फ्रॉड होते हैं उसका तो हमारे पास कोई सलूशन नहीं है वह तो कल भी पकड़े जायेंगे, आज भी पकड़े जा रहे हैं और बड़े पैमाने पर उनपर कार्रवाई हो रही है। लेकिन सामान्यतः व्यक्ति इस देश का ईमानदार होता है, वह अपना लोन वापस देना चाहता है वह अपना टैक्स पे करना चाहता है। और मेरा तो अनुभव है कि कई बार अगर 6-8 दुकानें कपडे की आजू-बाज़ू में चल रही हैं तो एक दुकान बेईमानी शुरू करती है और जब टैक्स की चोरी करती है तो बाकी 6 दुकानों के पास कोई पर्याय नहीं रहता है। या तो वह दुकान बंद करके चले जाएं और या कम्पटीशन में खड़े रहने के लिए उसको भी गलत काम करना पड़े।
पर मैं समझता हूँ अब सरल व्यवस्था है, जैसे-जैसे टैक्स का रेवेन्यू बढ़ेगा माननीय वित्त मंत्री अरुण जेटली जी ने हमें आश्वस्त किया है कि वैसे-वैसे टैक्स के रेट भी घटाएंगे। आप सब जानते हैं कि जो पहले टैक्स सिस्टम था जिसमें 6-8 टैक्स एक-एक वस्तु पर लगते थे उसको जोड़कर जीएसटी का रेट निर्धारित हुआ, अब जैसे-जैसे रेवेन्यू ठीक हो रहा है, अच्छा आ रहा है, एक ही साल में पहले साल में मोदी जी ने लगभग 350 से अधिक वस्तुओं पर टैक्स कम किया, 65 के करीब सेवाओं पर टैक्स कम किया है।
और आगे चलकर मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ जो-जो वस्तुओं में, जो-जो विषय में अच्छी टैक्स कलेक्शन होती रहेगी वैसे-वैसे और आगे चलकर टैक्स के रेट्स कम करने में हमें सहूलियत होगी, हम और सक्षम होंगे, हमारे पास ताकत आएगी। और अब कोई व्यक्ति जब टैक्स की चोरी करता है तो मैं समझता हूँ विश्वकर्मा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन जैसे हमारे सिपाही इस बात का खुलासा करें, उनको कटघरे में खड़ा करें जिससे हम सबको एक इक्वल ऑपर्चुनिटी मिले ईमानदार व्यवस्था के साथ जुड़ने की और अनफेयर कम्पटीशन से हम सब मुक्त हों।
और मैं वास्तव में आप सबका, मेरे सभी भाई-बहनों का जो व्यापार जगत से, उद्योग जगत से जुड़े हैं तहे दिल से धन्यवाद करना चाहता हूँ आपने जितना अच्छी तरीके जीएसटी को अपनाया। थोड़ी शुरू-शुरू में टीथिंग ट्रबल तो हर एक चीज़ की होती है, पता नहीं मैंने उस दिन जयपुर में उदाहरण दिया था कि नहीं जब मैं 14 जुलाई को पिछली बार आप सबसे मिला पर अगर हम अपने घर का या दफ्तर का इंटीरियर डेकोरेशन भी करने जाएं ना – पेंट करने जाएं, या फर्नीचर बदलने जाएं या कुर्सियों पर नया अपहोल्स्टरी लगाने जाएं तो आप याद करिये कितना मुश्किल होता है। पेंट करना हो तो पहला स्क्रैप-डाउन करना पड़ता है, स्क्रैप डाउन करते हैं तो धूल-मिट्टी निकलती है, उस धूल-मिट्टी को भी ठिकाने लगाना पड़ता है। अगर अपहोल्स्टरी बदलनी है तो पुरानी अपहोल्स्टरी निकालनी पड़ती है जिसमें दीमक लगा होता है कई बार, फिर उसको यहाँ तो नहीं छोड़ सकते उसको अपनी जगह ठिकाने लगाना पड़ता है, फिर कारीगर आते हैं नयी अपहोल्स्टरी लगाते हैं, कारपेंटर आते हैं नया फर्नीचर बनाते हैं। इलेक्ट्रीशियन आते हैं सुन्दर आजके दिन एलईडी लाइटें लगाते हैं जिसकी कीमतें मोदी सरकार ने 80-90% घटा दी हैं।
पर यह सब करते हुए थोड़ी कठिनाई तो होती हैना घर में या दफ्तर में, आपने इस कठिनाई को बेखूबी इतना अच्छी तरीके से सहन करके जीएसटी को सफल बनाया यह वास्तव में सिर्फ भारत ही है जिधर यह हो सकता था, विश्व में और किधर यह इतनी अच्छी तरीके से नहीं हो सकता है। वैसे आपकी जानकारी के लिए जो भारत में हुआ है यह इतना बड़ा कोई देश नहीं है दुनिया में जिसने जीएसटी करने का साहस किया। आज अमेरिका में जीएसटी जैसा एक कानून नहीं है, बड़े-बड़े देशों में एक कानून इस प्रकार का नहीं कर पाएं हैं जो हमने यहाँ पर करके दिखाया।
और यह कोई सरकार नहीं कर पाती थी, यह आप लोगों ने किया है, यह आपकी उपलब्धि है। और वास्तव में मुझे लगता है आगे आने वाले दिनों में जो भारत की और भारत के व्यापार जगत की सोच बदली है और लगातार बदलती जा रही है, एक ईमानदार देश की छवि पूरे विश्व में भारत की बन रही है, यह इस देश को नयी ऊंचाइयों तक लेकर जायेगा और मेरा मानना है हम सबका व्यापार, हम सबका जो बिज़नेस है उसको यह नए रूप से और तेज़ गति देगा, और तेज़ प्रगति देगा मुझे इसका पूरा-पूरा विश्वास है।
और मैं समझता हूँ बाबोसा आज जब देखते होंगे ऊपर से कि उन्होंने जो काम शुरू किया था, जिस प्रकार से उन्होंने यह श्रंखला शुरू की थी गरीबों की सेवा की, उद्योग जगत को प्रोत्साहन देने की वह वास्तव में जब आज वह देखते हैं कि कार्यान्वित हो रहा है देश में, प्रदेश में तो मुझे पूरा विश्वास है तो उनको शांति मिलती होगी, उनको सैटिस्फैक्शन होगा, ख़ुशी होगी कि आज मेरा प्रदेश तेज़ गति से विकास कर रहा है, मेरा प्रदेश आज तेज़ गति से अन्य-अन्य क्षेत्रों में, गावों में गरीबों की वंचित, शोषित परिवारों की सेवा कर रहा है, आज मेरे प्रदेश में उद्योग बढ़ रहा है, मेरे प्रदेश में पर्यटन बढ़ रही है। और अब मौका है फिर एक बार नरपत सिंह जी को जिताकर, विजयी बनाकर इस प्रगति को और तेज़ गति देनी है।
थोड़ी रेलवे की बात करूँगा लेकिन उसके पहले आपसे एक शिकायत करनी है। और वास्तव में जब मुझे बताया गया कि उद्योग जगत के लोग मिलने वाले हैं तो मुझे अच्छा लगा मुझे लगा वह तो मेरी शिकायत अच्छी तरह समझेंगे। बोहरा जी जितना मुझे परेशान करते हैं एक सांसद के नाते शायद ही कोई और सांसद मुझे इतना परेशान करता है।
मैंने आज सुबह एक कार्यक्रम में बताया मुझे तो शक है कि उन्होंने कोई मेरे जेब में या मेरे सिस्टम में कुछ एक माइक्रो चिप लगा रखा है जिससे उनको पता चल जाता है मैं अब ऑफिस आ रहा हूँ, मैं अब पार्लियामेंट जा रहा हूँ वह मेरे पहले पहुँच जाते हैं एक पूरी डिमांड की लिस्ट लेकर, कोई टाइपिस्ट फ्री में काम करता है क्या आपका?
अच्छा और यह अभी आपने बड़ी तारीफ करी उनकी, मैंने शब्द लिखे “सरलता, सज्जनता, सहजता”, वास्तव में यह सरलता, सहजता से ही इमोशनली ब्लैकमेल करके सब काम निकाल लेते हैं | वह हँसते हुए आते हैं, ‘भाई साहब एक तो यह, यह तो स्टॉपेज करना ही है, मेरे लिए बहुत ज़रूरी है, आश्रम में यह स्टॉपेज तो होना ही चाहिए, यह फाटक नहीं होगा तो मेरे लिए बड़ी मुश्किल हो जायेगा, मेरा अगला चुनाव हार जाऊंगा यह फाटक की वजह से।’ मैंने कई बार कहा मैं आज तक कभी सुना नहीं है कि कोई रेलवे के ऊपर चुनाव जीतता है हारता है, ‘नहीं, नहीं भाई साहब अगला चुनाव मेरा बस यहीं फाटक पर ही तय होने वाला है।
पर वास्तव में मुझे आनंद आता है जब भारतीय जनता पार्टी का एक सिपाही एक कार्यकर्ता इस प्रकार से जनता के विषयों को लेकर झगड़ता है, जनता के विषयों को ऊपर तक पहुंचाता है, जनता के लिए चौबीसों घंटे तट पर रहता है सेवा करने के लिए। और आज भी मेरे पीछे पड़े हुए था – ज़रा यह अन्नौंस कर देना, आज यह अन्नौंस कर देना। मैंने कहा अभी अन्नौंस कर नहीं सकता, चुनाव चल रहा है पर पक्का जो-जो विषय मेरे सामने यह सब आये हैं इन सबको आप जिस प्रकार से फॉलो-अप करते हैं वैसे ही फॉलो-अप करके इन सबका….
एक अभी-अभी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की चर्चा हो रही थी। मैं आपसे शेयर करना चाहूंगा पुराने काम करने के ढंग और अबके काम करने के ढंग में कितना बदलाव आया। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर शायद 2007-08 में इसकी कल्पना हुई और काम शुरू हुआ, 2014 तक 7-8 साल पूरे हो चुके थे, जब हम सरकार में आये तो हमें तो लगा अभी तक तो बहुत काम हो गया होगा। आखिर यह प्रेस्टीजियस प्रोजेक्ट था देश का, इसके ऊपर हम सबके व्यापार को बहुत गति मिल सकती है, बल मिलेगा, सीधा मुंबई के पोर्ट जुड़ जायेंगे, दिल्ली की तरफ जुड़ जायेगा। फिर इसकी दूसरी कड़ी आपको कोलकाता तक जोड़ देगी।
अब हमारे मन में कल्पना है कि ऐसे और 4-5 कॉरिडोर बनाये जाएं, लेकिन मैं हैरान हो गया देखकर कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के 25% भी ज़मीन का अधिग्रहण नहीं हुआ था 2014 में और मात्र-मात्र 10,000 करोड़ का काम 7-8 साल में हुआ था। मोदी जी समझते हैं कि व्यापार और उद्योग को अगर गति देनी है और जब तक व्यापार उद्योग और आर्थिक व्यवस्था में गति नहीं आएगी तब तक देश के गरीब की सेवा करने के लिए टैक्स कहाँ से आएगा, रेवेन्यू कहाँ से आएगा। उन्होंने आदेश दिया, पहले सदानंद गौड़ा जी थे, फिर सुरेश जी थे फिर मैं आया, और लगातार मोदी जी स्वयं इसका मॉनिटरिंग करते हैं, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का, मोदी जी स्वयं मॉनिटर करते हैं। यह उनके काम करने का ढंग है।
और आपको जानकर ख़ुशी होगी आज 99% ज़मीन हमारे हाथ में है, किधर एक हेक्टेयर, दो हेक्टेयर, चार हेक्टेयर जो बची है उसके लिए मैंने कम से कम तीन-चार बार अलग-अलग मुख्यमंत्रियों से बात की है – उत्तर प्रदेश, गुजात वगैरा में छोटे-छोटे लैंड के पीसेज बाकी हैं। मेरा लास्ट डीएफसी का रिव्यू हाल में ही शायद 8 या 10 दिन पहले हुआ है, मीटिंग से ही मैंने योगी आदित्यनाथ महाराज जी से बात की कि एक बहुत छोटा सा ज़मीन का हिस्सा मिलना बाकी है, वहीँ से रुपानी जी से बात की एक बहुत मामूली वहां पर अड़चन है। और दोनों ने आश्वस्त किया कि कोई सवाल ही नहीं है, जल्द से जल्द हम इसको समाधान करेंगे।
और आपको जानकर ख़ुशी होगी कहाँ 7-8 साल में 10,000 करोड़ का काम हुआ था, पिछले चार साल में 40,000 करोड़ रुपये का काम डीएफसी के ऊपर हुआ है। एक सेक्शन तो शुरू हो गया है, औरेला या… मेरे पास लिखा हुआ है एग्ज़ैक्ट, मैं कोई कागज़ लेकर नहीं आया हूँ, मैंने कहा अनौपचारिक बातचीत करूँगा आपके साथ। एक सेक्शन 15 अगस्त को शुरू हो गया है और मार्च के पहले यह जो दो डीएफसी का काम चल रहा है इसमें 777 किलोमीटर पूरी तरीके से ख़त्म हो जायेगा और शुरू हो जाएँगी गाड़ियां चलना।
और हमने अभी लक्ष्य रखा है कि अगले वर्ष तेज़ गति से हम काम इसपर चलाएंगे और मार्च 2020 तक पूरे डीएफसी को मुंबई से जो पंजाब तक आता है, दिल्ली तक आता है और जो पंजाब से लेकर उत्तर प्रदेश तक जो दूसरा डीएफसी की लाइन जाती है उसको पूरी तरीके से कम्पलीट कर देंगे मार्च 2020 तक।
और ऐसे ही अलग-अलग, आप जितने आंकड़े चाहो मैं आंकड़े दे सकता हूँ आप आश्चर्यचकित हो जायेंगे। पर एक बड़ी पिक्चर अगर देखें, बिग पिक्चर, तो 2009 से 2014 के बीच – 5 वर्षों में – तब तो कांग्रेस की सरकार केंद्र में भी थी, राज्य में भी थी। राज्य सरकार ने स्वाभाविक रूप से केंद्र सरकार पर दबाव डालना चाहिए था जैसे बोहरा जी मेरे ऊपर डालते हैं और यहाँ पर प्रोजेक्ट्स के ऊपर निवेश करवाना चाहिए था, पर आपको जानकर आश्चर्य होगा 5 साल में राजस्थान या इसके इर्द-गिर्द जो राजस्थान से गुज़रते हुए प्रोजेक्ट्स हैं इसमें मात्र 3410 करोड़ रुपये सिर्फ 5 साल में, तो अवसत निकालें तो 630-632 करोड़ रुपये होगा। कुल मिलाकर 5 साल में 3410 करोड़ का काम हुआ और मोदी जी की सरकार आने के बाद वसुंधरा जी ने, मोदी जी ने मिलकर जो तेज़ गति से रेलवे के प्रोजेक्ट्स राजस्थान में लगाए, 2014 से 2019 के बीच, 14,555 करोड़ रुपये के काम राजस्थान में हो रहे हैं, यानी कि लगभग चार गुना, चार गुना से भी अधिक वैसे। चार गुना से अधिक काम इन चार वर्षों में राजस्थान में हुआ है।
वास्तव में कई सारी योजनाएं मुख्यमंत्री जी की भी मैं देख रहा था कैसे अलग-अलग विषयों में खासतौर पर ऊर्जा के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम हुआ है राजस्थान में। आप तो सब व्यापारी और उद्योजक हैं यहाँ पर, आप सब समझते हैं प्रॉफिट और लॉस को। जब मैं ऊर्जा मंत्री था और ऊर्जा मंत्री बनने के बाद मैंने एक-एक राज्य की स्थिति को देखा मैं तो हैरान हो गया कि कैसे कांग्रेस की गेहलोत सरकार ने 2008 से 2013 के बीच – मात्र 5 वर्ष में – राजस्थान के ऊर्जा क्षेत्र पर लगभग 70-75,000 करोड़ रुपये का लोन का बोझा डाल दिया और सालाना 12 से 15,000 करोड़ रुपये का नुकसान ऊर्जा क्षेत्र में राजस्थान की डिस्कॉम्स किया करती थी।
मैं वास्तव में आश्चर्यचकित रह गया, एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के नाते मेरी समझ के बाहर था कि कितनी भी बेईमानी करो, कितना भी भ्रष्टाचार करो, कितनी भी बुरी मैनेजमेंट दो तो भी 12-15,000 करोड़ का नुकसान एक साल में करना और पांच साल में 70-75,000 करोड़ का लोन खड़ा कर देना डिस्कॉम के ऊपर यह ह्यूमनली कैसे पॉसिबल है मुझे तो यह नहीं आज तक समझ में आया। आखिर एक ही राज्य है, देश की 5% लगभग आबादी है यहाँ पर, 12-15,000 करोड़ अगर एक ही राज्य हर वर्ष नुकसान करेगा तो आप सोचिये देश की कितनी झरझर ऊर्जा की व्यवस्था कांग्रेस ने मोदी जी को विरासत में दी।
लेकिन मैं बधाई दूंगा वसुंधरा जी को जिन्होंने कठोर कदम उठाये, पूरी ऊर्जा की व्यवस्था को सुधार किया, ठीक किया। और आज चौबीस घंटे बिजली उपलब्ध है राजस्थान में, दूरदराज़ के गावों हर एक गांव तक बिजली पहुंची है, दूरदराज़ के मजला टोला ढाणी तक बिजली पहुंची है और लगभग हर घर तक आज बिजली का कनेक्शन पहुँच गया है। आने वाले दो-तीन महीने में शत-प्रतिशत सौभाग्य योजना में हर एक व्यक्ति को घर में बिजली मिलेगी, कोई बच्चा वंचित नहीं रहेगा बिजली से, बिजली आती है तो और दस प्रकार की सुविधाएं घर में पहुँचती हैं।
आज ओडीएफ हो गया है पूरा प्रदेश, महिलाओं को स्वाभिमान की ज़िन्दगी मिली, उज्ज्वला के तहत कुकिंग गैस कनेक्शन मुफ्त में मिला, भामाशाह के तहत मुफ्त में स्वास्थ्य की सेवाएं आप सबको मिलती थी, गरीबों को इस प्रदेश में मिलती थी। अब आयुष्मान भारत से जोड़कर पांच लाख रुपये तक हर परिवार का मुफ्त में इलाज होगा, और ऐसे गिनते-गिनते-गिनते इतनी सारी योजनाएं राजस्थान में लागू की गयी हैं कि मैं समझता हूँ कि देश की जो जनता गावों में बस्ती है, जो देश की गरीब जनता है, जो वंचित, शोषित, पीड़ित परिवार सालों साल वंचित रहे थे विकास से आज उन सब तक सीधा विकास की लहर पहुंची है।
मुझे पूरा विश्वास है राजस्थान की जनता अब भलीभांति जानती है कौनसी सरकार उनके लिए अच्छी सरकार है, कौनसी सरकार चिंता करती है हर एक व्यक्ति की, हर परिवार की चाहे गरीब हो, चाहे निम्न मध्यम वर्गीय हो, चाहे मध्यम वर्गीय हो, चाहे छोटा व्यापारी हो, चाहे छोटा उद्योजक हो, सबके दिल की बात सुनने-समझने वाली सरकार प्रदेश में वसुंधरा राजे जी के नेतृत्व में, केंद्र में नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जब डबल इंजन करके काम करती है तब तेज़ गति से विकास होता है, तब तेज़ गति से प्रदेश में प्रगति होती है।
मुझे पूरा विश्वास है कोई गलती नहीं करेगा, और आगे आने वाले 7 दिसंबर को हम सब अपने परिवार के साथ, अपने रिश्तेदारों के साथ, अपने कामगारों के साथ सुबह-सुबह घरों से निकलकर कमल के बटन को दबाकर नरपत सिंह, राजवी जी को भारी मतों से जिताएंगे, इस विश्वास के साथ मैं आज आपसे विदा लेता हूँ।
आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं, शुभेक्षा, आपके परिवारों को दीपावली और नव वर्ष की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। यह रानी लक्ष्मी बाई का अभी-अभी हमने जन्मदिन मनाया था दो दिन पहले और मैं समझता हूँ आपके यहाँ तो स्वयं ही एक ऐसी जुझारू नेता हैं जो प्रदेश में विकास के लिए लड़ रही हैं विकास के लिए दिन और रात काम कर रही हैं। मुझे पूरा विश्वास है आप सब उनको भारी मतों से जिताकर दो-तिहाई बहुमत भाजपा को देंगे और पूरे प्रदेश में राजस्थान में फिर एक बार भाजपा की सरकार आएगी।
आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
धन्यवाद। आज जयपुर आने का मुझे सौभाग्य मिला। एक ऐसा शहर जिसने एक ही वर्ष में 2017-18 के बीच जो स्वच्छता में छलांग लगायी, कहाँ उसका अंश 215 था देश में, एक ही वर्ष में जयपुर ने 176 रैंक सुधारकर 39 रैंक पर आना मैं समझता हूँ मेरा कर्तव्य बनता है कि जयपुर के हर एक नागरिक का धन्यवाद कर कर मैं शुरुआत करूँ कि उन्होंने इतनी महत्वपूर्ण योजना स्वच्छता की योजना को अपनाया और सफलतापूर्वक पूरे देश और विदेश को बताया और विश्व में मैसेज दिया कि अब भारत स्वच्छ हो रहा है।
और भारत स्वच्छ सिर्फ़ हमारे प्रांगण-आंगन में नहीं हो रहा है। हर प्रकार से प्रधानमंत्री मोदी जी के कुशल नेतृत्व में देश में और हमारी लोकप्रिय नेता वसुंधरा राजे जी के नेतृत्व में राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी की सरकारें (मैं रेल मंत्री हूँ तो एक रेलवे की उदाहरण लेकर ही बात करूँगा) एक डबल इंजन की तरह जैसे तेज़ गाड़ी चलती है वैसे ही विकास की तेज़ गाड़ी, प्रगति की लहर राजस्थान में दोनों सरकारों ने गत 4.5-5 वर्षों में दी है।
वैसे तो अभी-अभी टिकट वितरण और नामांकन का कार्य पूरा हुआ है। राज्य भर में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी पूरे ज़ोर-शोर से प्रचार कार्य में जुट गए हैं। वैसे शायद विपक्ष अभी तक जूंझ रहा है कुछ समस्याओं से और कई-कई बातें सुनने आ रही हैं कि पता नहीं चल रहा है कि अब मुख्यमंत्री उम्मीदवार कौन होगा उनका, क्या गुटबाज़ी में चुनाव ठीक से लड़ पाएंगे कि नहीं लड़ पाएंगे लेकिन भारतीय जनता पार्टी के हर कार्यकर्ता ने संकल्प ले लिया है कि हम वसुंधरा राजे जी के नेतृत्व में फिर एक बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार उसी जोश से जैसे पिछली बार 160 सीटें जीतकर आयी थी वैसे ही हम फिर एक बार राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी की सरकार चुनकर लाएंगे। हमें पूरा विश्वास है राजस्थान की जनता विकास के इन सभी कार्यों का सराहना करेगी और आशीर्वाद देगी भारतीय जनता पार्टी को, वसुंधरा राजे जी को।
हम जनता के बीच में अपने विकास के कार्य लेकर निकले हैं, उतरे हैं लेकिन कांग्रेस पार्टी निरंतर नकारात्मक राजनीति में जुटी हुई है। मैं समझता हूँ कि चूंकि उनके पास बताने के लिए कुछ ज़्यादा है नहीं इसलिए शायद बार-बार यह कहते हैं कि भाई हमारा इतिहास मत बताया करो, कांग्रेस का इतिहास मत सामने लाओ। आख़िर कांग्रेस के इतिहास में अगर भ्रष्टाचार ही जुड़ा हुआ है, कांग्रेस के शासनकाल में जातिवाद और भाषावाद जुड़ा रहता था। जब-जब कांग्रेस की सरकारें आयी तब सांप्रदायिक ताकतें उभरती थी, देश में तनाव रहता था और कांग्रेस ने वंशवाद के इलावा मैं समझता हूँ देश में विकास की बात कभी सोची नहीं, कभी करी नहीं।
प्रधानमंत्री मोदी जी ने ठीक ही कहा कि गत 40 वर्षों में अगर देखें तो 33 वर्ष तक तो एक ही परिवार का सदस्य कांग्रेस का अध्यक्ष बना और जब पलटवार में कांग्रेस ने सफ़ाई देने की कोशिश की तो जितने नाम लिए उसमें अधिकांश नाम को तो कांग्रेस ने अपनी पार्टी से बाहर कर फेंका या उनको पार्टी छोड़कर जानी पड़ गई। हम सब जानते हैं किस परिस्थितियों में सीताराम केसरी को एक बाथरूम में लॉक कर कर कांग्रेस से निकाला गया, कांग्रेस अध्यक्ष के पद से निकाला गया।
उनके 5 वर्ष के प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव जी को उनके दुखद देहांत के बाद जिस प्रकार से इंसल्ट किया गया, जिस प्रकार से उनके लिए कांग्रेस के दफ़्तर के ताले तक बंद कर दिए गए वह पूरे देश के सामने चित्र आज भी आँख के सामने आता है। जिस प्रकार से नीलम संजीव रेड्डी को सुबह नामांकन पत्र भरा जाता है कांग्रेस के राष्ट्रपति के उम्मीदवार के लिए और शाम को उनको ठुकरा दिया जाता है और कहा जाता है कि अब vote of conscience दो वी.वी. गिरि जी को।
यह कांग्रेस का इतिहास है जिसके बारे में मैं समझता हूँ देश भली-भांति अवगत है, पूरी जानकारियां रखता है। और मैं समझता हूँ झूठ की बुनियाद पर राजनीति करने वाले कभी सफल नहीं हो सकते क्योंकि देश की जनता भली-भांति समझती है उनके लिए क्या अच्छा है और कौन से नेता, कौन सी पार्टी देश की चिंता करती है, गाँव में ग़रीब की चिंता करती है, शहरी विकास की चिंता करती है, कौन सी पार्टी शोषित, वंचित परिवारों को एक अच्छा उज्जवल भविष्य देने की चिंता करती है, कौनसी पार्टी है जो सबका साथ चाहती है, सबका विकास चाहती है।
और मुझे लगता है प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में जिस प्रकार से पूरे देश में और वसुंधरा राजे जी के नेतृत्व में जिस प्रकार से पूरे राज्य में हमने विकास देखा है उसके रहते भारतीय जनता पार्टी की जीत भी निश्चित है और वसुंधरा राजे जी का फिर एक बार मुख्यमंत्री बनना भी निश्चित है। हमारे लिए हर चुनाव महत्वपूर्ण होता है और चुनाव हम कार्यकर्ता के बलबूते पर, कार्यकर्ता की कड़ी मेहनत से और जनता के आशीर्वाद को अपने विकास के कार्यों से जीतकर हम आगे सत्ता एक सेवा के रूप में देखते हैं बजाएकि सत्ता सिर्फ़ एक घराने की सत्ता के रूप में इसको देखते हैं।
मैं समझता हूँ जिस प्रकार से 2013 में व्यवस्थाएं जर्जर हो गई थी, राजस्थान पीछे जा रहा था, अलग-अलग क्षेत्र में मुसीबतें खड़ी थी। मुझे याद है 2013 में जब गहलोत सरकार ने कमान छोड़ी तब ऊर्जा विभाग जिसमें मुझे काफ़ी निकट से राजस्थान की परिस्थिति को देखने का मौक़ा मिला उसमें लगभग 75 हज़ार करोड़ रुपये का ऋण सिर्फ़ राजस्थान के ऊपर था और 12-15 हज़ार करोड़ रुपये का सालाना घाटा राजस्थान कर रहा था, राजस्थान की ऊर्जा विभाग में हो रहा था। यह हालत थी कि तनख्वाह देने के पैसे नहीं थे, बिजली ख़रीदने के लिए, कोयला ख़रीदने के लिए पैसे नहीं थे।
वसुंधरा राजे जी ने बड़ी कुशलता से पूरे ऊर्जा विभाग को सक्षम बनाया, मज़बूत बनाया और आज मुझे हर्ष है बताते हुए कि राज्य में हर गाँव तक बिजली पहुँचाई गई, राज्य के ऊर्जा विभाग के घाटे को बहुत भारी परिवर्तन कर कर उसको बहुत कम कर दिया गया और आज प्रदेश में चौबीसों घंटे सभी शहरों में बिजली मिलती है, किसानों को पर्याप्त मात्रा में बिजली मिलती है और देश के गाँव-गाँव, घर-घर तक बिजली पहुँचाने का काम वसुंधरा जी ने किया।
इसी प्रकार से उजाला के तहत लगभग 1 करोड़ 58 लाख LED बल्ब सस्ते दरों में देकर लोगों के बिजली के बिलों में कमी हो, बिजली के बिल घटें उसके लिए एक कंपनी द्वारा 1.5 करोड़ के क़रीब बल्ब बिके, निजी क्षेत्र ने अलग बेचे और क़ीमतें लगभग 75, 80, 85% कम करने में सरकार सफल हुई।
इसी प्रकार से मुख्यमंत्री ने जल स्वावलंबन अभियान के दौरान 21 हज़ार गाँव में जल पहुँचाकर आत्मनिर्भर बनाया। मैं समझता हूँ कि भामाशाह योजना तो अपने आप में पूरे देश और विश्व में प्रसिद्ध हुई है। भामाशाह योजना से लगभग 5.5 करोड़ राजस्थान के लोगों को लाभ मिला है और आज देश भर में इसको देखा जा रहा है कि कैसे और राज्य भी इस प्रकार की योजना से अपनी जनता को लाभ पहुँचा सकें।
मेरे ख्याल से जो कार्यक्रम अन्नपूर्णा रसोई का वसुंधरा जी ने शुरू किया जिसमें बहुत ही सस्ते दरों पर शायद 8रुपये में भोजन और पाँच रुपये में नाश्ता अलग-अलग नगरी इलाकों में वैन द्वारा दिया जा रहा है। उससे जो कामगार, जो लोग अपनी कड़ी मेहनत कर रहे हैं उनको भी स्वादिष्ट और अच्छा भोजन मिलना आज पूरे राजस्थान में शुरू हो गया है।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लगभग 47 लाख लाभार्थियों को 31,000 करोड़ रुपये का ऋण सस्ते दरों पर मिलने से आज साहूकार के पास किसी को अपना कुछ स्वयं रोज़गार करना है, कुछ उद्यमी को अपना काम शुरू करना है तो साहूकार के बदले आज बैंक से उसको ऋण मिलता है मुद्रा योजना के तहत।
उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 37 लाख माँ-बहनों के घर मुफ़्त में गैस का कनेक्शन पहुँचा और जो पीड़ा शायद मोदी जी ने अपने बचपन में अपनी माँ, अपनी बहन को सहते हुए देखा था, जो 400 सिगरेट जितना धुआँ ग़रीब माता बहनों को रोज़ अपने शरीर में लेना पड़ता था उससे उनको मुक्त किया।
मैं समझता हूँ प्रधानमंत्री आवास योजना अपने आप में एक मिसाल है पूरे विश्व के लिए कि जो नए भारत की कल्पना प्रधानमंत्री मोदी जी ने की है, जिस कल्पना के तहत भारत में और राजस्थान में एक भी परिवार ऐसा नहीं रहेगा जिसको 15 अगस्त 2022 तक जब हम 75 वर्ष आज़ादी के मनाएंगे तब अपने ख़ुद का घर न हो जिसमें 24 घंटे बिजली, अच्छा पेयजल, शौचालय, अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएँ आयुष्मान भारत के तहत।
मैं समझता हूँ एक नए भारत, नए राजस्थान की जो प्रेरणा लेकर, जो अंत्योदय की प्रेरणा लेकर ग़रीब से ग़रीब समाज में जो व्यक्ति है उस तक विकास पहुँचे, तेज़ गति से पहुँचे, अच्छा विकास पहुँचे और सीधा विकास पहुँचे बिना बिचौलियों के। यह काम नरेंद्र मोदी और वसुंधरा राजे जी ने जो किया है इसका आशीर्वाद राजस्थान की जनता फिर एक बार वसुंधरा जी को और हमारे सभी साथियों को जिताकर, दो तिहाई बहुमत से ज़्यादा देकर राजस्थान को इस विकास यात्रा में तेज़ गति मिले, राजस्थान फिर एक अच्छी सरकार राज्य में आए जो सिर्फ़ वादा नहीं लेकिन वादा को अमल करे, धरातल पर उतारे। ऐसी सरकार को फिर एक बार चुनने का काम राजस्थान ज़रूर करेगी।
मैं समझता हूँ आगे आने वाले दिनों में जिस प्रकार से राजस्थान में संभावनाएं हैं, जिस प्रकार से इस प्रदेश में पर्यटन की संभावनाएं हैं, जिस प्रकार से इस प्रदेश में तेल निकालने की संभावनाएं हैं, जिस प्रकार से इस प्रदेश में सौर ऊर्जा बढ़ाने की संभावना है। इस सब में से एक उज्जवल भविष्य राजस्थान का देखता हूँ और इस उज्ज्वल भविष्य के लिए, समाज के हर वर्ग के उज्जवल भविष्य के लिए फिर एक बार राजस्थान में किसानों की सरकार, गरीबों की सरकार, शोषित-वंचित परिवारों की सरकार वसुंधरा राजे जी के नेतृत्व में अवश्य आने जा रही है। यह हम सबका अटल विश्वास है, यह हम सबका दृढ़ संकल्प है।
बहुत-बहुत धन्यवाद।
Q&A
Q: गोयल साहब मेरा सवाल यह है कि अनूप सोनी जी ने यह कहा है कि नरेंद्र मोदी जी के […] का आपातकालीन से […]?
A: मेरे ख्याल से वह व्यक्तिगत राय हो सकती है पर आज भारत की जनता संतुष्ट है जिस प्रकार से देश में विकास के कार्य हो रहे हैं और अगर आपातकाल जैसी संस्था होती तो शायद उस प्रकार के वक्तव्य करने के लिए भी अनुमति नहीं मिलती जो कांग्रेस ने इस देश को विरासत में दी थी। आप शायद भूल रहे हैं कि इंदिरा गांधी जी ने जिस प्रकार से आपातकाल में 19 महीने तक सभी राजनेताओं को, सभी स्वयंसेवी संस्थाओं के लोगों को जेल मैं डाला था जिसमें मेरी माँ भी जेल में गयी थी उस प्रकार के नेताओं का यह देश कभी माफ़ नहीं करेगा, देश की जनता कभी टॉलरेट नहीं करेगी।
Q: मेरा सवाल जो है टोंक विधानसभा से जुड़ा हुआ था। टोंक में PCC के चीफ़ जो हैं राजस्थान के सचिन पायलट मैदान में हैं और BJP के युनुस ख़ान हैं। टोंक में एक बड़ा इशू हमेशा रहा है क्योंकि आपके विभाग से जुड़ा हुआ है ट्रेन का तो वहाँ सालों से ट्रेन नहीं चली एक बड़ा मुद्दा है। कल सचिन पायलट ने भी कहा है कि अगर वह वहाँ जीते और सरकार बनी तो टोंक में रेल लाइन लाएँगे और ट्रेन चलाएंगे। तो इस पर आपका क्या कहना है आप रेल मंत्री हैं इसलिए?
A: देखिए कांग्रेस की सरकार के समय रेलवे में जिस प्रकार से काम होता था उसकी मैं एक आपको झलक दे देता हूँ जिससे टोंक के सभी नागरिकों को ध्यान में आएगा कि कांग्रेस सिर्फ वादे करती है और फिर एहसान फ़रामोश रह कर कोई वादे को पूरा नहीं करती है। कांग्रेस के समय में राजस्थान में 5 वर्षों में 2009-14 और अधिकांश समय तो दोनों कांग्रेस की सरकारें थी, केंद्र में और राज्य में सिर्फ़ 3.5 हज़ार करोड़ रुपये पाँच वर्ष में राजस्थान में अलग-अलग विकास कार्य में रेलवे में लगे।
और जब मोदी जी की सरकार आयी 2014 में, 14 से लेकर 19 तक पाँच वर्षों में राजस्थान में लगभग 15 हज़ार करोड़ रुपये के काम सिर्फ़ एक प्रदेश में होने जा रहे हैं। अब आप बताइए आप बताइए की जो सरकार सिर्फ़ वादे करती है और पैसे तो देती रहीं रेल लाइन लगाने के लिए तो टोंक में कहाँ से रेल लाइन लाएगी।
कांग्रेस के समय में नई लाइनें हर वर्ष 9 किलोमीटर बनती थी, हमारे समय में 16 किलोमीटर। डब्लिंग हमारे समय में 50 प्रतिशत ज़्यादा होता है। विद्युतीकरण होता ही नहीं था कांग्रेस के समय में, आज भारी मात्रा में लगभग 96 किलोमीटर हर वर्ष विद्युतीकरण होता है। ऐसे ही हमारे टोंक के भाई-बहनों की जो विषय है उसको हम लेंगे और उसके ऊपर सर्वे कर कर जो निर्धारित तरीक़ा है उससे जब अन्नोउंस करेंगे तो लाइन आएगी। हम फ़र्ज़ी अनाउंसमेंट करने वाली सरकार नहीं हैं।
Q: टोंक में रेल की माँग की जा रही है। […] लाख का सबसे पहला सर्वे हुआ था और अब 800 गाँव तक पहुँच गया है। हर बार आपकी पार्टी के सांसद भी आते हैं, विधायक भी आते हैं, हर बार वादा किया जाता है। प्रॉब्लम कहाँ आ रही है सर ?
A: मैंने अभी बताया कि जो 65 साल तक जिसमें अधिकांश एक परिवार और एक पार्टी की सरकारें थी उन्होंने जब निवेश नहीं किया और इतना समय गुज़र गया। मुझे तो विरासत में कुछ लाइनें ऐसी मिली जो 1974 में शुरू हुई थी, 1974 में शुरू हुई हुई लाइन 2014 तक ख़त्म नहीं हुई थी। कांग्रेस का काम करने का तरीक़ा एक चुनावों में अन्नोउंस करो, दूसरे चुनाव में बोलो अब हम करने जा रहे हैं, तीसरे चुनाव में बोलो कि अब सर्वे होगा, चौथे में बोलो सर्वे ख़त्म हो गया है, पांचवें में बोलो अब हम ज़मीन अधिग्रहण शुरु करेंगे, छठे में बोलो कि अब ज़मीन मिलने में कठिनाई आ रही है। भारतीय जनता पार्टी और मोदी जी का काम करने का तरीक़ा यह नहीं है।
आप देखिए बाड़मेर में रिफाइनरी लगनी थी। पहले तो सिर्फ़ अनाउंसमेंट हुआ, पूरा काम हमने किया वह तो सिर्फ़ एक पत्थर लगाकर चले गए। पूरी सब चीज़ को नियंत्रण कर कर काम शुरू करना हमारी ज़िम्मेदारी बनी। इसी प्रकार से रेलवे की कई योजनाएं आधी-अधूरी पड़ी थी। आपके राजस्थान से गुज़र रही है डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, आपको जानकर हैरानी होगी 2007-08 मे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का काम शुरू हुआ। जब 14 में हमारी सरकार आयी तब मात्र 25 प्रतिशत ज़मीन का अधिग्रहण हुआ था आठ वर्षों में 6-7 वर्षों में, मात्र 10 हज़ार करोड़ का काम हुआ था। हमारी सरकार ने चार वर्षों में 40 हज़ार करोड़ का काम मात्र चार वर्ष में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर किया।
और आपको जानकर ख़ुशी होगी कि पहला उसका सैक्शन अब शुरू हो गया है 15 अगस्त को। फ़रवरी-मार्च तक लगभग 777 किलोमीटर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोरस दो हैं एक मुंबई से नॉर्थ को जाता है, एक दिल्ली से कलकत्ता की तरफ़ जाता है, दोनों में 777 किलोमीटर पूरा हो जाएगा और मार्च 2020 तक यानी हमारे आने के सिर्फ़ 6 वर्ष के अंदर जो प्रोजेक्ट में कुछ काम हो नहीं रहा था आठ वर्ष में, हम 6 वर्ष में पूरे 70-80 हज़ार करोड़ का प्रोजेक्ट कम्पलीट कर देंगे। तो हमारे काम करने का ढंग है प्रोजेक्ट लेते हैं तो प्रोजेक्ट को कम्पलीट करते हैं।
Q: पीयूष जी ट्रेन से जुड़ा हुआ एक सवाल और है। अशोक गहलोत जी भी यह ट्रेन का मुद्दा उठा रहे हैं। एक ट्रेन का इशू है उन्होंने भी […] की लाइन कौन सी सरकार में शुरू हुआ था, 50% पैसा जो है राज्य सरकार को दिया था तो उसको लेकर वह काफ़ी मुद्दा बना हुआ है।
A: मुझे लगता है अशोक गहलोत जी को पूछना चाहिए कि वह यहाँ पर मुख्यमंत्री थे उन्होंने क्या किया। उसके पहले कांग्रेस के कई मुख्यमंत्री रहे किसने निवेश लाया इतना सारा राजस्थान में। घोषणा और आलोचना के इलावा कांग्रेस के पास कोई मुद्दा ही नहीं है।
Q: पीयूष जी मेरा सवाल यह है कि रेलवे डिपार्टमेंट और मोदी जी महिलाओं की सुरक्षा का वादा करते हैं। इसके बावजूद भी भारतीय जनता पार्टी ने एक कैसे अपराधी को टिकट दे दिया जो रेलवे में सरे आम छेड़-छाड़ करते हुए अपराधी के रूप में घोषित हुआ। सर क्या कहेंगे?
A: मेरे ख्याल से कोई ऐसी कार्रवाई प्रूफ नहीं हुई है। आरोप कुछ लगे हैं लेकिन मेरे हिसाब से ऐसा कोई उनके ऊपर आरोप सिद्ध नहीं है, एक दम निरस्त हो चुका है। और रही बात महिलाओं की सुरक्षा की मुझे आप सब को बताते हुए हर्ष होता है कि रेलवे ने अब काम शुरू किया है कि देश में 6 हज़ार के 6 हज़ार जो स्टेशन हैं क्रॉसिंग स्टेशनस सब के ऊपर हम CCTV कैमरा का जाल बिछा रहे हैं। और आगे चलकर वाई-फ़ाई नेटवर्क से सभी स्टेशन को और सभी ट्रेन को जोड़कर हम हर एक ट्रेन पैसेंजर ट्रेन पर भी CCTV कैमरा हर कोच में लगाने जा रहे हैं जिससे पूरे समय पुलिस की, RPF की, GRP की निगरानी रहेगी और किसी प्रकार का कोई अपराध न हो पाएगा।
और मुझे लगता है गांधीनगर को तो देश का पहला all women रेलवे स्टेशन जयपुर को सौभाग्य मिला है बनने का।
Q : […]
A: दिया कुमारी जी हमारी वरिष्ठ नेता हैं। दिया कुमारी जी हमारी वरिष्ठ नेता हैं और उन्होंने स्वयं इक्षा ज़ाहिर की कि वह कुछ और ज़िम्मेदारीयां संभालेंगी जो पार्टी निर्णय लेगी और दिया कुमारी मेरी छोटी बहन भी है मेरे साथ हैं यहाँ पर, उन्हीं के हम सुंदर प्रांगण में आज आपके साथ बैठे हैं। तो मेरे ख्याल से आप किसी प्रकार के बहकावे में न आएँ। भारतीय जनता पार्टी का हर कार्यकर्ता सक्षम है पार्टी के लिए काम करने के लिए और दृढ़ संकल्प लेकर उतरा है वसुंधरा राजे जी को जिताने के लिए।
Q: Sir this is regarding CBI crisis. Two question, that the reply which director CBI has filed to CVC it has put Modi government ministers and other people in docks. Secondly, CGI is not very happy about the way it has been leaked. How you would respond to that sir?
A: Well on the first issue I don’t know because I have not read what he has said. It’s the matter is sub-judice the courts will have to take a decision. And I agree with the Hon’ble Chief Justice of India when he says that it is very unfortunate that people are leaking confidential code documents, it’s a very unfortunate thing.
Q: […]
A: मैं एस्ट्रोलॉजर नहीं हूँ लेकिन इतना ज़रूर कहता हूँ कि भारतीय जनता पार्टी एक मात्र पार्टी है जिसमें हर कार्यकर्ता नेता बन सकता है, हर कार्यकर्ता एक चायवाले की भी भाग्य में लिखा हुआ है कि वह देश का प्रधानमंत्री बन सकता है और यही एक पार्टी है जो कार्यकर्ता का सम्मान करती है बजाय की सिर्फ़ वंशवाद पर नेता चुनती है।
Q: पीयूष जी मेरा सवाल था आप कांग्रेस पर लगातार वंशवाद का आरोप कांग्रेस पर लगाते हैं एक परिवार की बात हमेशा आप कहते हैं। इन चुनावों की यदि बात की जाए काफ़ी संख्या में तक़रीबन 6-8 ऐसे आप के नेता विधायक है जिनके परिवार में आपने टिकट दिया उनका टिकट रोक कर। वहाँ पर जबकि और भी कई आपके कार्यकर्ता थे। बाहर से पैराशूटर्ज़ लेकर आए।
A: देखिए भाई साहब मैं समझा देता हूँ आपका विशेष समझ गया। बड़ा सरल है यह कई बार यह विषय उठता है it’s a very logical response. मैं भी एक राजनीतिक परिवार से आता हूँ। मेरे पिताजी यूनियन मिनिस्टर थे, मेरी माता जी एम.एल.ए थी तीन टर्म्स के लिए और दिया कुमारी जी की तरह उन्होंने भी स्वयं कहा था कि अब मैं निवृत्त होना चाहती हूँ, समाज सेवा ही करूँगी, चुनाव नहीं लड़ूंगी, हारी नहीं थी कभी।
2004 में मेरी माँ रिटायर हो गई, 2008 में मेरे पिताजी का राज्य सभा टर्म भी ख़त्म हो गया उनका देहांत भी 2008 में हो गया। 2008 तक मैं एक कार्यकर्ता मुंबई में था, मुंबई में अपना काम करता था शायद पद भी नहीं था या कुछ छोटा-मोटा पद में था। भारतीय जनता पार्टी की विशेषता यह है कि कोई परिवार से आए व्यक्ति काम करता है, ज़मीनी राजनीति करता है, जनता के साथ जुड़ता है, कार्यकर्ताओं के बीच में कंधे से कंधा मिलाकर राजनीतिक सफ़र तय करता है।
हमारा किसी का कोई अधिकार नहीं बनता कि माँ बाप के बलबूते पर हमें सीधा किधर कुर्सी पर बैठने को मिले। हमारे लिए कोई ऐसी चापलूसी नहीं करता है कि भारत माता की जय जय कार नहीं करनी है और एक व्यक्ति और परिवार की जय जय कार करनी है। हमारे यहाँ पर मेरे पिताजी का देहांत हो गया, माता जी को रिटायर हुए 6 वर्ष हो गए उसके बाद पार्टी ने मुझे दिल्ली में ज़िम्मेदारी दी और दिल्ली बुलाया। 2014 में अगर मोदी जी ने कोई ज़िम्मेदारी दी तो कोई नहीं था मेरी सिफ़ारिश करने के लिए।
यह है भारतीय जनता पार्टी। और अगर कोई मुझे भी बचपन से इच्छा थी की मैं देश सेवा में जुटूं, देश सेवा में जुटें और मैं तो चाहता हूँ आप सब भी अपने-अपने बच्चों को प्रोत्साहित करिए हमें अच्छे लोगों की ज़रूरत है राजनीति में। राजनीति कोई बुरा शब्द नहीं है। राजनीति में ऐसा नहीं कि सिर्फ़ बुरे लोग आएँ। अच्छे लोगों की ज़रूरत है इसलिए भारतीय जनता पार्टी अधिकांश अच्छे लोगों को इनवाइट करती है कि वह भाजपा से जुड़े और देश सेवा में अंत्योदय और एकात्म मानववाद की बावना से काम करें।
हमारे यहाँ वंशवाद इसलिए नहीं है कि किसी का कोई मौलिक या जन्मसिद्ध अधिकार नहीं है कि एक ही परिवार का व्यक्ति अध्यक्ष बनेगा, एक ही परिवार का व्यक्ति प्रधानमंत्री बनेगा या एक ही परिवार का व्यक्ति प्रधानमंत्री को अपने बताए हुए इशारे पर चलाएगा या एक परिवार के व्यक्ति की इतनी हैसियत हो जाए की प्रधानमंत्री और यूनियन कैबिनेट ने लिया हुआ डिसिज़न भरी महफ़िल प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कैबिनेट का निर्णय को कागज़ की तरह फाड़कर ज़मीन पर फैंके, स्वच्छता का भी उल्लंघन करे और राजनीतिक स्वच्छता को तो पूरे तरीक़े से ध्वस्त करे।
Q: मंत्री जी मेरा सवाल है आपने बिजली के आंकड़े गिनाए कि बिजली में इतनी तरक़्क़ी की, राजस्थान में भी अच्छा काम हुआ। 60 हज़ार करोड़ रुपये बिजली कंपनियों को घाटे से उबारने के लिए आपने दिए उदय योजना के तहत लेकिन वह कर्ज़ लो और घी पियो जैसी स्थिति हो गई। आज अगर बिजली छीजत व चोरी की बात करें तो 22% से बढ़कर 41-42% हो गई है। तो जब चोरी से?
A: यह आंकड़ा एक दम ही ग़लत है। अगर आपके पास कोई इसका प्रमाण है तो ज़रूर इस पर मैं जवाब देने को तैयार हूँ। मैं पूरे तरीक़े से इसका जवाब दे सकता हूँ अगर आपके पास आंकड़े सही हों।
Q: आपके हिसाब से बताइए कि बिजली चोरी की राजस्थान में क्या स्थिति है और छीजत की क्या स्थिति है?
A: बिजली चोरी की स्थिति मैं आपको बताता हूँ देश भर में कम हुई है और राजस्थान में भी कम हुई है नहीं तो इतने घाटा कम नहीं हो सकता था लेकिन पहले यह बिजली चोरी छिपाई जाती थी। आख़िर अशोक गहलोत जी के समय अगर वार्षिक घाटा 15 हज़ार करोड़ तक पहुँचा तो उसकी ज़िम्मेदारी अशोक जी को उठानी पड़ेगी, उसका जवाब जनता को देना पड़ेगा और उसका भुगतान आज देश, प्रदेश को करना पड़ रहा है।
जनता को अशोक गहलोत जी के कार्यकाल के 70-75 हज़ार करोड़ का घाटा और ऋण का नुक़सान जो उठाना पड़ रहा है उसका मुँह तोड़ जवाब जनता उनको देगी। और मेरे ख्याल से वसुंधरा जी ने जो ईमानदारी से बिजली की व्यवस्था को सुधारा है, जो ईमानदारी से बिजली में जो पहले घाटा छुपाया जाता था उसको कम भी किया है और जनता के सामने पर्दाफ़ाश किया गहलोत सरकार का। उसके लिए मैं उनको धन्यवाद दूँगा, बधाई दूँगा।
Q: Sir there is an outrage over Twitter CEO Jack Dorsey holding a placard of Smash Brahmanical Patriarchy and this photo has been on the social media.
A: I have not seen it gentlemen, I am not aware of it.
बहुत-बहुत धन्यवाद।
Q: […] प्रधानमंत्री बन सकता है तो क्या बड़े घरानों को अब चाय की और पकौड़ों की दुकान खोल लेनी चाहिए। प्रधानमंत्री बनने या?
A: वैसे एक उदाहरण देता हूँ आपको जो बड़ा इंट्रेस्टिंग है, एक अच्छे मूड से प्रेस कॉन्फ़्रेन्स को समाप्त करते हैं। दो वर्ष पहले इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और सर्विस टैक्स डिपार्टमेंट के लोगों के ध्यान में आया तो उन्होंने मुंबई में एक स्टेशन के बाहर डोसा बेचने वाले एक ठेले वाले को नज़र रखनी शुरू की और देखा कि बड़ी अच्छी दुकान चलती है और दिन भर बहुत बिक्री होती है।
तो कुछ दिनों तक सर्विलांस की तो ध्यान में आया कि उसके रोज़ का टर्नओवर, रोज़ जितने डोसे बिकते थे वह देखा और उसको 300, 325 दिनों से मल्टीप्लय किया तो दो करोड़ रुपया का टर्नओवर उस ठेले पर डोसा बेच कर वह व्यक्ति करता था। तो मैं समझता हूँ आप इसको मज़ाक के रूप में लेते होंगे, आपको छल और एक हँसी मज़ाक दिखती होगी पर इस देश का नौजवान इतनी क्षमता रखता है और इतनी इच्छा रखता है कि वह स्वयं अपनी ताक़त पर अपना जीवन अच्छा बनाने की ताक़त रखता है।
और मैं तो राजस्थान में आया हूँ राजस्थान ने तो पूरी दुनिया को दिखाया है कि उद्यमी कैसा होता है, इंटरप्रेन्योरशिप क्या होती है। राजस्थान ने तो पूरे विश्व में जाकर अपना-अपना कारोबार बनाया। राजस्थानी भाइयों-बहनों ने तो भारत का नाम पूरे विश्व में रोशन किया है। आज बड़े से बड़ा उद्योग चलाने वाला राजस्थान से गया है। आज राजस्थान के एक-एक व्यक्ति ने जो कर दिखाया है शायद ही कोई दुनिया में ऐसा दूसरा उदाहरण होगा। तो मैं समझता हूँ हमारी जनता को इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहिए और बहुत-बहुत बधाई देनी चाहिए।
धन्यवाद।
Q: भंवर जितेन्द्र सिंह ने बुलेट ट्रेन को लेकर के अलवर में प्रचार शुरू किया कि केंद्र सरकार ने बुलेट ट्रेन का रूट चेंज कर दिया और मोदी जी ने गुजरातियों को फ़ायदा पहुँचाने के लिए बुलेट ट्रेन अलवर की जगह सीधी मुंबई और सूरत के लिए चलवाने के लिए शुरू कर दी।
A: मुझे कभी-कभी वही बहुत हैरानी होती है कि या तो लोग अनपढ़ हैं या लोगों को कुछ जानकारी लेने की कोई आता ही नहीं है। आप सबकी जानकारी के लिए यह बुलेट ट्रेन का जो रूट है मुंबई से अहमदाबाद यह हमारी सरकार ने नहीं तय किया। यह रूट मनमोहन सिंह जी की सरकार के समय तय हुआ था, मुंबई से अहमदाबाद। यह रूट के ऊपर चर्चा जापान से पहले से शुरू हुई थी लेकिन क्योंकि उस सरकार में पॉलिसी पैरालिसिस था, निर्णय लेने की क्षमता ही नहीं थी तो आगे बात बड़ नहीं रही थी।
मोदी जी के आने के बाद जापान और भारत के रिश्ते भी सुधरे। मोदी जी एक निर्णायक सरकार चलाते हैं उन्होंने फ़ैसले लिए और इस प्रोजेक्ट को देश के सामने पेश किया और मंज़ूरी दी। तो रूट जो है अलवर में कभी था ही नहीं, मुंबई-अहमदाबाद तो कांग्रेस ने तय किया तो अलवर के नेता यह प्रश्न जाकर मनमोहन सिंह जी या जिस व्यक्ति ने वह ऑर्डिनेंस फ़ायदा था उनको जाकर करें तो बहुत अच्छा रहेगा।
Q: पीयूष जी इक़बाल अंसारी ने कहा है कि अगर केंद्र सरकार राम मंदिर बनाने के लिए कोई क़ानून लेकर आती है तो वह उसका स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले पर अब राजनीति ख़त्म होनी चाहिए।
A: देखिए राम मंदिर देश की आस्था के साथ जुड़ा हुआ विषय हैं। राम मंदिर देश के करोड़ों जनता के दिल को छूता है और उनकी प्रबल इच्छा है कि भगवान राम के जन्म स्थान पर एक ऐसा भव्य मंदिर बने जैसे सरदार पटेल ने सोमनाथ में मंदिर बनाया था वैसा एक बड़ा विशाल मंदिर भगवान राम की जन्मस्थली पर अयोध्या में बने यह देश के करोड़ों लोगों की आस्था का सवाल है, उनके विश्वास का सवाल है। और मुझे पूरी उम्मीद है और विश्वास है कि इसमें जल्द से जल्द आम सहमति बनेगी या इसमें जल्द से जल्द फ़ैसला क़ानूनी फ़ैसला कुछ न कुछ देश में आकर हम एक भव्य राम मंदिर अयोध्या में देखेंगे।
मेरे अज़ीज़ मित्र, बड़े भाई और हवामहल से तीन बार के विधायक, गलत तो नहीं बोल रहा हूँ? सही बोल रहा हूँ ना? तीन बार के विधायक, सुरेंद्र पारीक जी, और पिछली बार से ज़्यादा मतों से जीतकर आना है यह आपको आज का सन्देश है | मेरे बड़े भाई रामचंद्र बोरा जी, वैसे बोरा जी की शिकायत करने आया हूँ मैं यहाँ, बहुत परेशान करते हैं मुझे दिल्ली में, बहुत ज़्यादा | मैं सच बोल रहा हूँ, कोई सिर्फ बताने के लिए नहीं बोल रहा हूँ, मैं ऑफिस पहुँचता नहीं हूँ मुझे लगता है मेरे ऊपर कोई जीपीएस का इन्होने मॉड्यूल लगा रखा है कि यह वहां पर पहुंचे हुए होते हैं कि मेरा यह काम करवाओ, मुझे यह चाहिए, यह स्टॉपेज चाहिए, यह गाड़ी नहीं चाहिए, मुंबई जाये लोग यहाँ से, बैंगलोर जाएं यहाँ से लोग, सवाई माधोपुर तक विद्युतीकरण हो, फुटओवर ब्रिज बने, यहाँ पर एस्केलेटर लगे, लिफ्ट लगे |
और मैं समझता हूँ आप सभी नेताओं के सामूहिक प्रयास से हम सबको गर्व है कि मेन लाइन के ऊपर पहला रेलवे स्टेशन जहाँ महिलाएं पूरा रेलवे स्टेशन चलाती हैं वह जयपुर में है – गाँधीनगर रेलवे स्टेशन |
मेरी बहन राजकुमारी दिया कुमारी जी, वास्तव में मैंने इनको गत 6-7 वर्षों में जिस प्रकार से जनता के बीच में सेवा करते देखा, जिस प्रकार से उनको समय-समय पर मैंने देखा जूझते हुए जनता की आवाज़ बनते हुए, जिस प्रकार से उन्होंने अपनी तहे दिल की चिंता अपने लोगों के लिए मेरे सामने रखी जब-जब मेरे से मुलाकात हुई बहुत ही संतुष्टि हुई कि इतने बड़े परिवार की बेटी इतने बड़े खानदान से आने के बाद भी उनका दिल हम सब जनता के लिए कैसे तड़पता है, कैसे उनका दिल हमारी समस्याओं के लिए लगातार प्रयत्न करता है, जुझारू रूप से उन्होंने जो सेवा की है मैं उनका बहुत-बहुत धन्यवाद करना चाहूंगा |
यहाँ सभी बैठे हुए पदाधिकारियों को नमन करता हूँ और हमारे कार्यकर्ता भाइयों और बहनों को धन्यवाद देता हूँ कि आज जो भारतीय जनता पार्टी विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनी है, आज जो 10-11 करोड़ हमारे समर्थक हैं, हमारी पार्टी के सदस्य बने हैं, आज जो भारतीय जनता पार्टी का पूरे देश में वर्चस्व है, कोने-कोने में भाजपा की सरकारें हैं, आज जिस प्रकार से राजस्थान में 160 सीटें जिताकर और 25 के 25 सांसद देकर आपने प्रधानमंत्री मोदी जी के हाथ मज़बूत किये, वसुंधरा जी को मुख्यमंत्री बनाने का काम किया, आज जिस प्रकार से देश की जनता भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को एक प्रकार से सेवक के रूप में देखती है, आज जो आपके प्रयत्नों से 1952 में मात्र 8 विधायक जीतने वाली पार्टी 160 विधायक जीतकर इस प्रदेश की सेवा कर रही है |
वास्तव में भारतीय जनता पार्टी की विशेषता, भारतीय जनता पार्टी की ताकत हमारे कार्यकर्ता भाई-बहन हैं | मैं आप सबको तहे दिल से धन्यवाद करता हूँ आपके परिश्रम के लिए, आपकी सेवाओं के लिए और आपके दिन और रात करने वाली मेहनत, कड़ी मेहनत और कार्य के लिए जो आज भारतीय जनता पार्टी का कमल पूरे राजस्थान में घर-घर तक पहुंचा है, पूरे राजस्थान में, पूरे जयपुर में, पूरी हवामहल विधायक के क्षेत्र में हर घर-घर तक पहुंचा है | और मुझे पूरा विश्वास है जैसा दिया कुमारी जी ने कहा आज का उत्साह देखकर, आज का सभी समाजों की सहभागिता देखकर सबका साथ सबका विकास का नारा लेकर विकास की इस श्रंखला को हम घर-घर तक पहुंचाएंगे और हवामहल की कोंस्टीटूएंसी में भारी मतों से जीतकर सुरेंद्र पारीक जी को जनता की सेवा करने का तीसरा मौका देंगे |
वास्तव में यह पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता पंडित दीनदयाल उपाध्याय और माननीय श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के पदचिन्हों में चलने वाले कार्यकर्ता हैं | हमारे सबके जो सेवा भाव हैं, हमारी सबकी जो चाहत है कि हमारा पल-पल समाज में जो सबसे अंतिम छोर पर खड़ा व्यक्ति है दरिद्र-नारायण है जिसके लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने चिंता की थी, प्रधानमंत्री मोदी जी ने जो हम सबको लक्ष्य दिया था कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार गावों के लिए सरकार बनी है, गरीबों के लिए सरकार बनी है |
जो वर्ग शोषित रहे, वंचित रहे, पीड़ित रहे उन सबके जीवन में परिवर्तन लाने के लिए जनता ने हमें मौका दिया है | वास्तव में उन कार्यों को करते-करते आज राजस्थान में पांच वर्ष बीत गए, केंद्र में साढ़े चार वर्ष बीत गए और मैं पूरे संतोष के साथ कह सकता हूँ कि चाहे वह केंद्र की प्रधानमंत्री मोदी जी की सरकार हो, चाहे वह राजस्थान की मुख्यमंत्री माननीय वसुंधरा राजे जी की सरकार हो, दोनों सरकारों ने जैसे रेल व्यवस्था में डबल इंजन तेज़ गति देती है रेल गाड़ी को वैसे राजस्थान और केंद्र की दोनों भाजपा सरकारों ने तेज़ गति दी है राजस्थान के विकास को | एक डबल इंजन के रूप में काम करते-करते राजस्थान के घर-घर तक विभिन्न योजनाओं के द्वारा जो सहूलियतें पहुंची है, जो विकास पहुंचा है उसको आगे और तेज़ गति देने के लिए हमें फिर एक बार राजस्थान में वसुंधरा जी को मुख्यमंत्री बनाना है और हमारे एक-एक प्रत्याशी को जीतकर वसुंधरा जी और प्रधानमंत्री मोदी जी के हाथ, प्रधानमंत्री मोदी जी के कार्य को समर्थन और आशीर्वाद देना है, वसुंधरा जी की मेहनत को फिर एक बार सराहना देनी है, आशीर्वाद देना है |
और यह ज़िम्मेदारी हम सबकी है, हम सबकी सामूहिक ज़िम्मेदारी है कि हम एक-एक सीट पर कैसे विजयी हों, कैसे एक-एक वोटर को सात तारीख को बाहर निकालें और फिर एक बार राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी की सरकार को दो-तिहाई बहुमत से ज़्यादा से जिताकर देश की जनता में काम करने के लिए फिर एक बार मौका दें |
जो नारा भारतीय जनता पार्टी ने दिया है वह नारा वास्तव में हम सबको अपने गाँठ बांधकर अपने दिल में रखना है | हर बूथ कमल बूथ हो, हर बूथ सबल बूथ हो और मेरा बूथ सबसे मज़बूत बूथ हो | और वास्तव में जब तक हम सब व्यक्तिगत रूप से यह नहीं ठान लेते कि मैं अपनी ज़िम्मेदारी का काम, जो ज़िम्मेदारी मुझे दी गयी है मैं उसमें पूरी तरीके से शत प्रतिशत मेहनत करूँगा, मेरे बूथ को मज़बूत करूँगा, और पूरी तरीके से जो भी ज़िम्मेदारी दी जाये |
आज मुझे याद है 1986 में जब मैंने पार्टी का काम शुरू किया था तो एक छोटे वॉर्ड में जाकर पोस्टर लगाना, वह अच्छे दिन थे चुनाव के जब हमको बूथ में पोस्टर लगाने मिलता था, बैनर लगाने मिलता था, लाउड स्पीकर पर गली-गली में जाकर हम प्रचार करते थे | आजकल तो इतनी सारी कंट्रोल्स आ गए, इतनी सारी समस्याएं हैं कि चुनाव को बहुत अलग प्रकार से लड़ना पड़ता है, घर-घर जाकर लड़ना पड़ता है | उस समय में तो वातावरण ही चुनाव का कुछ और होता था, लेकिन हम सब कार्यकर्ताओं को ज़िम्मेदारी जब दी जाती थी तो उसको पूरी तरीके से हम निभाते थे |
सड़कों पर वॉल पेंटिंग करना, पोस्टर लगाना, पटाखे लगाना, बैनर लगाना इससे मैंने अपना काम 1986 में शुरू किया था, और मुझे याद है काम करते-करते-करते जो मज़ा आने लगता है, जो आनंद आता है कि हम एक पार्टी के लिए, देश के लिए, जनता के लिए कुछ समर्पण दे पा रहे हैं, कुछ कर पा रहे हैं | मैं समझता हूँ भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता उसी सेवा भाव से जनता के बीच में उतरता है, उसी सेवा भाव से जनता के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर काम करता है | और यह तो एक पार्टी है जो कार्यकर्ताओं के बलबूते पर हर चुनाव लड़ती है, हर चुनाव जीतती है |
आज हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जी ने जिस प्रकार से पार्टी के संगठन को गति दी है, संगठन को मज़बूत बनाया है, जिस प्रकार से आज पार्टी का संगठन पूरे देश में कोने-कोने तक पहुंचा है | आप कोई सरकार देख लीजिये हमारी, त्रिपुरा में पिछले चुनाव में हमारे पास एक प्रतिशत मत था सिर्फ, एक प्रतिशत, वह बढ़कर इस चुनाव में 51% हो गया | और यह कोई चमत्कार नेताओं से नहीं होता है, यह चमत्कार कार्यकर्ताओं के बलबूते पर होता है, कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत से होता है |
आज उत्तर पूर्व में सात सरकारें भाजपा की अथवा भाजपा के सहयोगी दलों की है, आठवीं सरकार इस बार आ जाएगी मिज़ोरम में | आप पूरे देश में देखिये किसी ने सोचा था उत्तर प्रदेश में 325 सीटें जीतकर भाजपा और हमारा गठबंधन विजयी होगा | सब पत्रकार, सब न्यूज़ चैनल क्या बात करते थे? उत्तर प्रदेश को यह साथ पसंद है ! आपको याद है? उत्तर प्रदेश चुनाव में एक बड़ा अभद्र गाना है वैसे तो हिंदी पिक्चर का उसके गाने के ऊपर उन्होंने अपना स्लोगन बनाया मुझे तो तभी भी हैरानी हुई थी कि कैसी पार्टियां हैं यह कि एकदम अभद्र गाने के ऊपर अपनी पार्टी का स्लोगन बनाते हैं कि उत्तर प्रदेश को यह साथ पसंद है |
लेकिन जनता ने उनको अपनी सही जगह बताई और 80% से अधिक सीटें देकर भाजपा को ठीक राजस्थान की तरह उत्तर प्रदेश में भी सरकार बनाई | और मैं समझता हूँ राजस्थान को फिर एक बार चुनौती है, फिर एक बार 80% से अधिक सीट जिताकर भाजपा की सरकार राजस्थान में लाने की आवश्यकता है | कहीं कोई गलती न हो जाये कि यह डबल इंजन डिरेल हो जाये, कहीं ऐसा न हो कि हमारे कार्यकर्ताओं की मेहनत में कोई कमी रह जाये और जो तेज़ गति से विकास चल रहा है वह विकास में कोई बाधा न आ जाये |
और वास्तव में तो हमारे सामने रास्ता बहुत साफ़ है, वसुंधरा जी ने बेदाग़ सरकार दी है, प्रधानमंत्री मोदी जी ने बेदाग़ सरकार दी है, ईमानदार सरकार दी है, विकास की नयी ऊंचाइयां भारत में राजस्थान में देखने को मिल रही है | एक-एक योजना चाहे वह भामाशाह योजना हो, चाहे वह प्रधानमंत्री आवास योजना हो, चाहे स्वछता हो जिसमें जयपुर ने ऐतिहासिक सुधार किये हैं, आज शायद 39 नंबर पर आ गए हैं, कहाँ हम 200 से पीछे थे | इतना सुधार एक वर्ष में जयपुर में देखने को मिला |
मैंने तो स्वयं वसुंधरा जी के साथ बहुत नज़दीकी से जो ऊर्जा विभाग है उसके काम को देखा | मुझे आज बताने में बहुत ख़ुशी होती है कि जो एकदम ही झरझर टूटा फूटा ऊर्जा की व्यवस्था वसुंधरा जी को 2013 में गेहलोत सरकार ने छोड़कर विरासत में दी थी उसको वसुंधरा जी ने कड़ी मेहनत से और पूरे परिश्रम से पूरी तरीके से ठीक किया और आज राजस्थान के कोने-कोने में, हर गांव में, हर मजले टोले ढाणी तक बिजली पहुंचाई, हर घर तक बिजली पहुंचाई है |
मैं मुबारकबाद दूंगा राजस्थान की सरकार को जिसने 75,000 करोड़ रूपये का जो लॉस अशोक गेहलोत जी की सरकार ने राजस्थान में किया था और वास्तव में मैं खुद अर्थव्यवस्था से जुड़ा हुआ व्यक्ति हूँ, मेरी तो ज़हन में नहीं घुसता कि कैसे सिर्फ पांच साल में एक सरकार, गेहलोत जी की सरकार ने पांच साल में कैसे बिजली विभाग को इतना बुरा बनाकर छोड़ दिया, कैसे 75,000 करोड़ का ऋण और बड़ी मात्रा में नुकसान बिजली विभाग में करके बिजली विभाग की पूरी तरीके से व्यवस्थाओं को समाप्त कर दिया |
और उसके पीछे क्या-क्या काम हुआ वह तो शायद आप और जनता भलीभांति समझ सकते हैं | आखिर सिर्फ पांच साल में 75,000 करोड़, यानी सालाना 12-14-15,000 करोड़ का नुकसान करना सिर्फ एक विभाग में यह तो सिर्फ कांग्रेस वाले ही जानते हैं कैसे करना है, मेरी तो समझ के ही बाहर है | और मैं समझता हूँ राजस्थान में कोई नहीं चाहेगा कि फिर एक बार एक ऐसी भ्रष्ट सरकार आये, ऐसी सरकार आये जो पूरी यहाँ की व्यवस्थाएं ख़राब करे, यहाँ आर्थिक दृष्टि से नुकसान पहुंचाए, कोई ऐसी सरकार आये जिसका कोई नेता भी आज तक तय नहीं है, कोई ऐसी सरकार आये जो झूट के आधार पर राजनीति चलाती हो, कोई ऐसे नेता आये जो सिर्फ झूट फैलाते हैं, साम्प्रदायिकता फैलाते हैं जो समाज में लोगों को बांटने की कोशिश करते हैं ऐसी सरकार को कतय भी नहीं आने देना है फिर एक बार राजस्थान में |
और कोई गलती न करे कि कांग्रेस जिनके खुदका नेता तय नहीं है, जिनकी कोई नीति नहीं है, जिनकी विकास के प्रति कोई नीयत नहीं है | जो सिर्फ वंशवाद जानते हैं मैं समझता हूँ ऐसी सरकार को लाने की गलती मेरे राजस्थान के भाई बहन कभी नहीं करेंगे | और यह ज़िम्मेदारी हम सबकी है कि हम व्यक्तिगत रूप से और सामूहिक रूप से मिलकर काम करें, मिलकर इस चुनाव को लड़ें, इस चुनाव को विजयी बनाएं, यह चुनाव आपका चुनाव है, यह चुनाव हम सबका चुनाव है |
मुझे किसी ने बताया कि शायद कोई हमारे पूर्व नेता ने कोई यहाँ भागी उमीदवार भी खड़ा कर रखा है, मैं समझता हूँ यह हम सबकी ज़िम्मेदारी है कि ऐसे व्यक्त, एक कोई दूसरी पार्टी बनाकर कोई एक पार्टी उमीदवार खड़ा किया है | मैं समझता हूँ ऐसे लोगों को मुंहतोड़ जवाब देने की ज़िम्मेदारी हम सबकी है | और कोई जातपात में न आये, कोई यह न सोचे कि वह कोई एक विशेष व्यक्ति समाज का है, मैं भी उस समाज से आता हूँ लेकिन हमने कभी समाज में बटवारा नहीं किया, कभी समाज की राजनीति नहीं की | यह भारत है, भारत के सभी लोग एक हैं, हम सब मिलकर उनको ऐसा रास्ता दिखाएं कि 100 सीट भी उनके नाम पर न पहुंचे।
और यह हम सबकी ज़िम्मेदारी है कि भारतीय जनता पार्टी एकजुट होकर लड़े, एक ज़माने में हमारे साथ कभी जुड़े भी रहे हों तो कोई भी व्यक्ति गलती न करे ऐसे लोगों को समर्थन देने की जो पार्टी के साथ गद्दारी करते हैं। और हम सबको अपने-अपने बूथ पर तैनात रहना है, हम सबको अपने-अपने बूथ को मज़बूत करना है, किसी प्रकार की कोई गलत अफवाहों में हमें नहीं आना है। और मैं समझता हूँ हमारी ताकत यही है कि भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता अपने आत्मविश्वास के साथ इस चुनाव को लड़ेगा, जिताएगा, कोई किसी बहकावे में न आये कोई पत्रकार, कोई न्यूज़पेपर, कोई चैनल में कोई कुछ गलत प्रचार हो तो हम में से किसी को आपस में कमज़ोर होने की कोई आवश्यकता नहीं है।
हमारे कार्यकर्ता मज़बूत हैं और हमारे कार्यकर्ता जैसा राजकुमार जी ने कहा पिछली बार 35,000 वोट से जीते थे इस बार कम से कम 70,000 वोट से हवामहल की विधानसभा जितानी है, सुरेंद्र जी को विधायक बनाना है और यह सामूहिक ज़िम्मेदारी हम सबकी रहेगी। मुझे विश्वास है कि आप मुझे आमंत्रण देंगे विजय जुलूस में यहाँ पर फिर से आने का और इस विश्वास के साथ आज मैं आपसे यहाँ विदा लेता हूँ।
आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं, आप सबको बहुत-बहुत शुभेक्षा और मुझे विश्वास है आप इस शुभकामनाओं को पूरी तरीके से सफल बनाएंगे।
धन्यवाद |
मित्रों, आज इंदौर में मेरा आगमन मुंबई से हुआ है और इंदौर को भी कई लोग मिनि-मुंबई के नाम से पहचानते हैं। एजुकेशन हब है, शायद पहला शहर है जहाँ आईआईटी भी है, आईआईएम भी है, आर्थिक राजधानी है मध्य प्रदेश की, हम सबके लिए बहुत गर्व की बात है कि स्वच्छता में सबसे ऊपर है पूरे देश में। डॉबाबासाहेब आंबेडकर की जन्मस्थली जिसको हम तीर्थ स्थान बनाने जा रहे हैं महू में, इंदौर डिस्ट्रिक्ट में ही पडती है, तो एक प्रकार से मध्य प्रदेश के मेरे चुनावी कार्यक्रम की शुरुआत इंदौर से हो यह मेरे लिए बहुत सौभाग्य की बात है।
आज हम रानी लक्ष्मीबाई की जन्मतिथि मना रहे हैं। उनको श्रद्धांजलि देता हूँ, नमन करता हूँ उनका और वास्तव में इस पवित्र भूमि में उन्होंने अपने जीवन का त्याग दिया और हम सब को प्रेरणा दी कि न्याय और अस्मिता की लड़ाई में हम सबका योगदान क्या होगा, हम सब कैसे देश के लिए जिएं और कैसे देश के लिए मरने के लिए भी तैयार रहें और मैं समझता हूँ यही विरासत आज हम आगे बढ़ा रहे हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार, मुख्यमंत्री शिवराज चौहान जी की सरकार दोनों एक डबल इंजन के नाते मध्य प्रदेश में तेज़ गति से विकास दे रहे हैं। मैं रेल मंत्री होने के नाते हर एक चीज़ को रेलवे की नज़र से देखने की आदत पड़ गई है और जब हमें कोई चीज़ सुरक्षित बनानी हो, गति तेज़ देनी हो तो उसमें हम डबल इंजन लगाकर रेल गाड़ी को चलाते हैं। वह लंबी रेस की रेलगाड़ी बनती है, बहुत दूर-दूर तक जा सकती है और ऐसे ही शिवराज जी की सरकार केंद्र के साथ कंधे से कंधा मिलाकर विकास कर रही है। और मैं समझता हूँ जो 55 वर्ष के कांग्रेस शासन में मध्य प्रदेश ने विनाश देखा था, मध्य प्रदेश ने जो विपत्तियां देखी थी, मध्य प्रदेश ने जो वंशवाद देखा था उसके ख़िलाफ़ शिवराज सिंह चौहान जी के विकास की आज पूरी देश और दुनिया में सराहना हो रही है।
मैं कुछ आंकड़े यहाँ पहुँचने पर देख रहा था। हर क्षेत्र में जिस प्रकार से तेज़ गति से विकास गत वर्षों में हुआ है, एक बीमारू राज्य जो कांग्रेस छोड़कर गई थी उसको भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने कैसे तेज़ गति से जनता की समृद्धि में पूरा अपना कार्यकाल लगा दिया यह आंकड़ों से स्पष्ट ज़ाहिर होता है। मैंने बिजली का विभाग संभाला, पहले कहाँ 2900 मेगावाट मध्यप्रदेश में 2003 में उत्पादन होता था, कहाँ आज 18,000 से अधिक बिजली मध्य प्रदेश में लगती है।
हमने LED की योजना शुरू की थी मध्य प्रदेश ने उसको अपनाया, लगभग 1,68,00,000 (एक करोड 68 लाख) बहुत ही सस्ते दरों पर LED bulbs सरकार ने दिए उसके कारण निजी क्षेत्र की भी क़ीमतें एकदम घटी, लगभग 75-80-85% क़ीमतें घटी और सभी को अपने बिजली के बिलों में बहुत राहत मिली। सिंचाई के जब क्षेत्र देखते हैं हमारे किसान भाइयों बहनों के लिए तो कहाँ 7.5 लाख हेक्टेयर पर सिंचाई होती थी, 15 वर्ष बाद आज 40 लाख हेक्टेयर पर सिंचाई होती है। और अन्य-अन्य जितनी योजनाएं देखें इसी प्रकार से चाहे वह किसान हो, चाहे ग़रीब हों, शोषित वंचित परिवार हों, युवा हों, महिलाएँ हों, उद्यमी हों हर क्षेत्र की चिंता भारतीय जनता पार्टी की सरकार, शिवराज सिंह चौहान जी की सरकार ने गत वर्षों में मध्यप्रदेश में की है।
मैं ख़ासतौर पर आपका ध्यान आकर्षित कराना चाहूँगा प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रति। इतने कम समय में 14 लाख आवास एक ही राज्य में गरीबों को मिलना अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। इसी प्रकार से किसानों के ऋण के विषय में तो मैं हैरान हो गया देखकर कि शिवराज जी ने कैसे इसको एक लॉन्ग टर्म सलूशन के रूप में योजना बनायी, ऋण मुक्त बिना ब्याज के किसानों को लोन मिलना, ब्याज मुक्त लोन मिलना और अगर आप समय पर दो तो उसका 10प्रतिशत आपको छूट यह तो शायद मैं पहली बार ही किधर सुन रहा हूँ कि इस प्रकार से प्रोत्साहित किया किसानों को कि उनको सुविधा भी हो, उनको प्रोत्साहन भी हो कि ऋण वापस देना है और साथ ही साथ उनकी आमदनी भी बढ़ने का साधन इस सब्सिडी के माध्यम से बनाया।
मैं रेलवे के भी कुछ आंकड़े आपके समक्ष रखना चाहूँगा। मध्य प्रदेश में जब कांग्रेस की सरकार केंद्र में थी तब बहुत ही कम पैसा रेलवे की सुविधाएँ सुधारने के लिए, यहाँ का इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए मध्य प्रदेश को मिलता था। 2009 से ‘14 के बीच औसतन हर वर्ष 632 करोड़ रुपये मध्य प्रदेश को मिलते थे, यानी पाँच साल में लगभग 3200 करोड़ रुपये पूरे मध्य प्रदेश जैसे विशाल राज्य में इतना बड़ा राज्य है, सिर्फ़ 3200 करोड़ रुपये पाँच वर्ष में मध्य प्रदेश में लगाए गए। जब प्रधानमंत्री मोदी जी ने कमान संभाली और भाजपा की सरकार केन्द्र में भी आयी और राज्य में भी शिवराज जी की सरकार थी तब डबल इंजन का इफैक्ट देखिए कि रेलवे में 2014 से ‘19 के बीच लगभग 33 हज़ार करोड़ रुपये (33 हज़ार करोड़ रुपये) यहाँ पर मुझे माफ़ करिएगा,21 हज़ार करोड़ रुपये (21,000 करोड़ रुपये) पाँच वर्षों में मध्य प्रदेश में लगे जो लगभग छःगुना बढ़ोतरी है, 3200 से लगभग 21000 करोड़ रुपये।
मैं जो आंकड़ा पहले दे रहा था वह जो आख़िरी वर्ष है 2018-19 उसमें अकेले में 6350 करोड़ रुपये मध्यप्रदेश में लगने जा रहे हैं, आख़िरी वर्ष में,6350 करोड़ रुपये। लगभग 63,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश में अब लग रहे हैं और हबीबगंज में भोपाल में देश का पहला वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन थोड़े ही महीनों में तैयार हो जाएगा जो एक पूरे देश में हर राज्य की राजधानी में इसी प्रकार के स्टेशन बनाने का पहला उदाहरण बनेगा। और कोई क्षेत्र ले लीजिए, नई लाइनें आठ गुना नई लाइनें बनती हैं हर वर्ष मोदी जी की सरकार में रेलवे में, डबलिंग – छःगुना हो गया है कांग्रेस सरकार और मोदी जी की सरकार के बीच में, गेज कन्वर्ज़न– आठगुना हो गया है और यह सब तभी संभव है जब राज्य सरकार की पूरी सहायता मदद मिलती है चाहे वह ज़मीन अधिग्रहण हो, चाहे अन्य-अन्य प्रकार से सुविधाएँ राज्य सरकार से लगती हैं।
इन सबको देखते हुए मैं समझता हूँ विकास की जो लहर मध्य प्रदेश में गूंजी है जिसका ज़िक्र माननीय प्रधानमंत्री जी ने भी बड़े विस्तार से किया इसकी इसको देखते हुए जो आज शिवराज जी 200 पार का नारा लेकर आज जनता के बीच उतरे हैं जनता आशीर्वाद देगी भाजपा को, जनता आशीर्वाद देगी मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी को। और कांग्रेस सरकार का जो सही चेहरा है, जो चेहरा हमने देखा जब एक अध्यक्ष कहता है कि कोई भ्रष्ट हो, किसी भी प्रकार का व्यक्ति हो हम उनको सीट देने के लिए तैयार हैं, जो करप्शन का चेहरा हमने यहाँ देखा जब एक नेता कहता है माइनॉरिटी वोट को लेने के लिए अलग-अलग प्रकार से टिप्पणियां करता है और कम्युनलिस्म को प्रोत्साहन करता है या कोई कहता है कि हम RSS को यहाँ पर बैन कर देंगे, किसी को RSS की शाखा में जाने नहीं देंगे, जिस प्रकार से जातिवाद, भ्रष्टाचार और कम्युनलिस्म को कांग्रेस चुनाव में पेश कर रही है, अपना असली चेहरा पेश कर रही है मैं समझता हूँ उसका सही जवाब मध्य प्रदेश की जनता कांग्रेस को देने जा रही है।
जिस पार्टी में वंशवाद इतना ज़्यादा रहा कि आज भी आप देखें तो जो नाम सामने आते हैं वह सब वंशवाद से प्रेरित नाम आते हैं कांग्रेस के। कल उनके एक उच्च नेता का बयान मैं पेपर में पढ़ रहा था कि बहुत सारे ग़ैर गांधी-नेहरू परिवार के अध्यक्ष कांग्रेस में बने हैं। मैंने जानकारी निकाली पिछले 40 वर्षों में, पिछले 40 वर्षों में सिर्फ़ सात वर्ष ग़ैर गांधी-नेहरू परिवार का कोई व्यक्ति कांग्रेस का अध्यक्ष बना है, सिर्फ़ सात वर्ष पिछले 40 वर्षों में। यह अलग बात है कि उनके अध्यक्षों के साथ कैसा व्यवहार किया गया कांग्रेस द्वारा कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव जी के देहांत के बाद उनके पार्थिव शरीर को कार्यालय तक लेकर जाने नहीं दिया, एक अध्यक्ष को तो बाथरूम में लॉक करकर निकाला गया।
इस प्रकार की पार्टी और उसके नेता मैं समझता हूँ मध्य प्रदेश में विकास के बदले वंशवाद, भ्रष्टाचार और प्रदेश को फिर एक बार पीछे धकेलने का काम, पीछे करने का काम करेगी। ऐसी कांग्रेस पार्टी को मुँहतोड़ जवाब इंदौर की जनता, मध्य प्रदेश की जनता शत प्रतिशत देकर शिवराज जी को फिर एक बार पूर्ण बहुमत, दो-तिहाई बहुमत और अब तो 200 सीट पार कर कर जिताएगी, यह मेरा पूरा विश्वास है।
समृद्धि का प्रदेश मध्यप्रदेश, यह आश्वस्त करने के लिए मैं आज इंदौर आया हूँ और आगे आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश फिर एक बार अच्छी सरकार, एक अच्छा नेता जो जन-जन के दिल मैं बैठा है, समाज के हर वर्ग की चिंता करता है, जो हर माँ का भाई है, हर बच्चे का मामा है,अपने आप में एक किसान है और ग़रीब जनता के लिए प्रेरणा का स्तोत्र है। ऐसे नेता को चुनकर शिवराज चौहान को फिर एक बार मुख्यमंत्री बनाने की बीड़ा उठाई है मध्य प्रदेश की जनता ने। मैं उनका आवाहन करता हूँ सभी मध्य प्रदेश की जनता का कि भारी मात्रा में वोट डालने निकलें,भारतीय जनता पार्टी के कमल पर बटन दबाएँ और BJP को 200 सीट से अधिक से जिताकर मध्य प्रदेश को विकास की ऊंचाइयों तक पहुँचाने में हमें आशीर्वाद दें।
बहुत-बहुत धन्यवाद।
प्रश्न-उत्तर
Q:सर आप आर्थिक मामलों के जानकार हैं और इस वक़्त देश में एक बहुत बड़ी बैठक चल रही है RBI बोर्ड की बैठक चल रही है। राहुल गांधी का यह आरोप है कि संवैधानिक संस्थाओं को बर्बाद कर रही है मोदी सरकार। इस पूरे सर मसले में आपका रिएक्शन चाहेंगे।
A:मैं समझता हूँ कि राहुल गांधी जी थोड़ा इतिहास भी देखलें और अपनी पार्टी और अपने परिवार का ट्रैक रिकॉर्ड देखलें तो बहुत अच्छा रहेगा। किस प्रकार से कांग्रेस ने इस देश की लगभग हर संवैधानिक संस्था का इंसल्ट किया है। कैसे उन्होंने RBI गवर्नर्स को पहले निकाला है, कैसे उन्होंने इलेक्शन कमिशन हो, जुड़िशरी हो हर संस्था के साथ जिस प्रकार का सलूक किया है उनको पहले उस इतिहास को देख लेना चाहिए।
उसके निसबत हमने हर ऐसी संवैधानिक संस्था का सम्मान किया है और जहाँ तक रही RBI की बात RBI की मीटिंग चल रही है, बोर्ड मीटिंग है समय-समय पर बोर्ड मीटिंग होती रहती है तो मैं नहीं समझ पा रहा हूँ कि उनको उसमें क्या तक़लीफ़ आ रही है। बोर्ड अपनी चर्चा करेगी ओर जो भी फ़ैसलों पर पहुँचेगी वह बोर्ड का पूरा अधिकार है। शायद राहुल गांधी जी कॉरपोरेट गवर्नेंस और कॉरपोरेट बोर्डस कम समझते होंगे तो बाक़ी लोग उनको उसकी जानकारियां दे दें तो अच्छा रहेगा।
Q:सर आप क्या आशावादी हैं कि बैठक का हल निकलेगा और जो एक तनाव की जो स्थिति दिखाई दे रही है वह ख़त्म होगी?
A:हमें तो कोई तनाव नहीं दिख रहा है वह आप लोगों को दिख रहा है और राहुल गांधी जी को दिख रहा है। तो एक रूटीन बोर्ड मीटिंग है, बोर्ड मीटिंग में अलग-अलग विषयों पर सार्थक चर्चा होगी और मैं समझता हूँ चर्चा नहीं करें वह ज़्यादा नुक़सान देता है देश को। आज अगर कुछ समस्याएं हैं तो उसकी चर्चा करनी चाहिए जैसे हम आए हैं आपके सामने चर्चा कर रहे हैं आपके साथ तो अच्छी बात है चर्चा तो होनी चाहिए सार्थक।
Q:बताया जा रहा है कि आज जो बैठक हो रही है उसमें सरकार की तरफ़ से दबाव है कि रिज़र्व फंड से आप 3 लाख करोड़ रूपये माँग रहे हैं मोदी सरकार माँग रही है और यह रिज़र्व फंड अगर निकल गया तो ख़राब हो जाएगा क्योंकि आपको लाभ डायरेक्टली पहुँचा रही है रिज़र्व बैंक? मेरा क्वेश्चन तो सुन लीजिए मेरा कहना है कि जब आप 3 लाख करोड़ रुपये रिज़र्व फंड में से माँग रहे हैं RBI का।
A:नहीं तो वहीं ग़लत है आपका कहना ही ग़लत है इसलिए मैं पहले स्पष्ट कर दूँ ना। आपका कहना ही ग़लत है भाई साहब। मुझे लगता है आपने शायद ख़बर नहीं पढ़ी है, ट्विटर पर स्पष्टीकरण कर दिया गया है सेक्रेटरी डिपार्टमेंट ऑफ़ इकनॉमिक अफेयर्स श्री सुभाष चंद्र गर्ग द्वारा बहुत ही दो टूक शब्दों में स्पष्टीकरण हुआ है कि न सरकार कोई पैसा चाह रही है रिज़र्व बैंक से, न कोई उनके रिज़र्व फंड से कोई सरकार ने पैसा माँगा है। एक इकनॉमिक कैपिटल फ्रेमवर्क होता है रिज़र्व बैंक का टेक्निकल सब्जेक्ट है, आप चाहें तो मैं एक घंटा उसके ऊपर पूरा उद्बोधन आपको दे सकता हूँ अगर आप आर्थिक विषयों में जानकारी रखते हैं और रुचि रखते हैं तो। उसके ऊपर चर्चा करने का पूरा अधिकार बोर्ड को है, चर्चा करेगी लेकिन उसमें से कोई एक रुपया सरकार नहीं माँग रही है यह स्पष्टीकरण दो टूक शब्दों में सरकार की तरफ़ से आ चुका है, पहली बात।
दूसरी बात रिज़र्व बैंक एक बहुत ही इम्पोर्टेंट इंस्टीट्यूशन है देश के लिए, बैंकिंग सेक्टर का रेगुलेटर है लेकिन साथ ही साथ उसकी भी कुछ जिम्मेदारियां हैं और वह ज़िम्मेदारियों के ऊपर यह बोर्ड अगर डिसकस करता है तो मैं समझता हूँ उसमें कोई आपत्तिजनक बात नहीं है, किसी को उसमें आपत्ति नहीं होनी चाहिए। यह देश हित की चर्चा है, एक इंडिपेंडेंट बोर्ड कर रहा है इसमें कोई सरकार कर रही है ऐसा नहीं है, बोर्ड अपनी ज़िम्मेदारी का निर्वाहण कर रहा है।
Q:दूसरा मेरा क्वेश्चन रेलवे से जुड़ा है, रेल मंत्री आप हैं पहले जो गवर्मेंट थी या जो भी गवर्मेंट रही है उसमें जो आम आदमी को एक छोटी सी सुविधा थी कि उसके पास वेटिंग का टिकट होता था और वह रेलवे रिज़र्वेशन के डब्बे में खड़ा रह कर निकलता था। आपने वह सुविधा बंद कर दी है इसलिए उसको कंफर्म टिकट न होने के बावजूद भी वह यात्रा कर सकता था लेकिन आपने वह यात्रा पर जो बैन लगा दिया जिससे भारी परेशानियाँ आम आदमी को हो रही हैं। यह आम आदमी से जुड़ा हुआ क्वेश्चन है।
A:भाई साहब मैंने कोई बैन नहीं लगाया। वह देश का क़ानून पहले भी था आज भी था लेकिन कांग्रेस की सरकारों में क़ानून का पालन कभी होता नहीं था, मोदी जी की सरकार में क़ानून का पालन होता है और मैं समझता हूँ जो लोग पहले से बुकिंग करते हैं जिनको रिज़र्व टिकट मिलता है और रिज़र्वेशन के तहत वह जा रहे हैं उनकी सुविधा देना रेलवे का कर्तव्य है। अगर आपका रिज़र्व टिकट हो और आप बैठे हों या लेटें हों और आपकी सीट पर आकर कोई बैठ जाता है तो आपको कैसा लगता है भाई साहब।
Q: आप गाड़ियां क्यों नहीं बढ़ाते?
A:क्योंकि इसलिए हम इतना पैसा जो अभी मैंने आपको बताया कांग्रेस ने जो इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप नहीं किया इतने वर्ष और जो विरासत में रेलवे की हालत मिली हमें टूटी, जो विरासत में हज़ारों किलोमीटर रेल लाइनें ख़राब मिली जिसको रिपेयर कांग्रेस ने नहीं किया, जिस प्रकार से देश भर में डिमांड अधिक और पटरियां कम।
आपको जानकारी होकर हैरानी होगी कि जो मुख्य रूट हैं रेलवे के मुंबई से चेन्नई तो मुख्य रूट है, मुंबई से बेंगलुरू, मुंबई से हैदराबाद और इंदौर से अगर किसी को बेंगलुरु, चेन्नई जाना है तो उसको उसी रास्ते से जाना होगा।
आज़ादी के 65 साल बाद कांग्रेस ने जिसमें अधिकांश वर्ष राज किया वह रूट पर भी सिंगल लाइन सैक्शन थे मतलब एक गाड़ी एक समय पर ऊपर भी जाती है वापस भी आती है। ऐसी जर्जर हालत में रेलवे छोड़ने की पूर्णतः ज़िम्मेदारी कांग्रेस की है। मोदी जी ने लगभग 2.5गुनाकैपेक्स किया है 5 वर्ष में 2.5 गुना देश भर का, मध्य प्रदेश में तो और ज़्यादा अधिक किया गया है जिससे यह व्यवस्थाएं सुधरेंगी, बढ़ेंगी और आगे चलकर और ज़्यादा गाड़ियां लग सकेंगी।
तो जब हम व्यवस्था सुधारते हैं तभी चलकर आगे वाली पीढ़ियों को, आगे हमारे बच्चों को अच्छी सुविधाएँ मिलेंगी। यही काम कांग्रेस ने अगर पहले किया होता तो आज यह हालत नहीं होती और लगभग हर ट्रेन, हर पटरी 150%, 180%, 140% कपैसिटी पर चल रही है उसके ऊपर गाड़ी अगरऔर चला सकते हैं तो आप ज़रूर मुझे वह मूल मंत्र देना मैं और गाड़ियां चलाने के लिए तट पर हूँ।
Q:लालू यादव के कार्यकाल …?
A:हाँ लालू यादव का भी सुन लीजिए sinceआज थोड़ी बहुत जानकारीयां रेलवे में रखना चाहते हैं अच्छा रहेगा। हम भी सब तब बड़े आश्चर्यजनक थे और बड़ा प्रसन्न थे कि रेलवे ने अच्छा काम किया लेकिन आज उसका भुगतान यह देश कर रहा है क्योंकि जब सामने आया असली बात कि उन्होंने किस प्रकार से जो रेल गाड़ी 20 टन माल उठाने के लिए सक्षम थी उसको ओवरलोड कर कर के एक आर्टिफिशियल छोटे समय के लिए माल ढ़ो दिया उस रेल पटरी के ऊपर, उस पटरी को डैमेज कर दिया, अनसेफ बना दिया, पता नहीं कितने लोगों की मौत करी उसकी वजह से। एक छोटे कार्यकाल में पता नहीं किस प्रलोभन में उन्होंने रेल वैगन्स को ओवरलोड कर कर के रेलवे में चलाकर पूरी रेलवे की व्यवस्था को नुक़सान पहुंचाया और उसका भुगतान सालों साल तक इस देश ने और रेलवे ने किया है।
Q:एक नया डेवलपमेंट सुप्रीम कोर्ट में हुआ है चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया के सामने एक एफिडेविट दिया है CBI के एक ज्वाइंट डायरेक्टर ऑफ़िसर ने उसमें आपका जो पोर्टफोलियो है कोल उस से सम्बंधित एक मंत्री पर आरोप लगाया है मैं एक लाइन पढ़ कर सुना देता हूँ ताकि आपके नोटिस में आ जाए “in the fortnight of June 2018, a few crores of rupees was paid to Shri HaribhaiParthibhai Chaudhary, presently Minister of State for Coal and Mines in Government of India. As per Shri Sana, Shri Haribhai had intervened with the senior officers of CBI through the office of the Minister of Personnel, Public Grievances and Pension [“MOS (P)”], to whom, apparently, the Director – CBI reports to. The money was paid through Vipul of Ahmedabad. These facts were disclosed by Sana to me on 20.10.2018 in the forenoon”.मैं आपसे यह जानना चाहता हूँ …
A:पहली बात तो सबजूडिस मैटर है मुझे उसकी पूरी जानकारी नहीं है मैं तो फ़्लाइट से अभी यहाँ पर इंदौर आया हूँ लेकिन मुझे पूरा विश्वास है एक दम बेबुनियाद है। आज CBI जिस प्रकार से काम कर रही थी उस पर सरकार को कड़े क़दम उठाने पड़े और यह स्पष्ट है कि CBI के कुछ अधिकारी ग़लत बयानों के आधार पर एक दूसरे के ऊपर टिप्पणी कर रहे थे जिस पर सरकार ने सख़्त कार्रवाई की है और शायद उसके कवरअप के नाम पर वह इस प्रकार के झूठे आरोप लगा रहे हों। यह कोर्ट देखेगी और इसको इन्वेस्टिगेट किया जाएगा उसकी जानकारी मेरे पास आज तो है नहीं।
कोई सवाल ही नहीं है इतने प्रकार के झूठे आरोप यह अफ़सरों ने एक दूसरे पर लगाए हैं और ग़लत-ग़लत बयान रखे हैं कि स्पष्ट है कि वह CBI में आज के दिन तक़लीफ थी जिसके कारण सरकार को कठोर क़दम उठाने पड़े।
Q: CBI से जुड़ा हुआ एक और सवाल CBI से जुड़ा हुआ था। बंगाल में CBI पर जाने की रोक लगायी है सरकार ने, चंद्रबाबू नायडू ने भी जिसे देखकर कांग्रेस कहती है कि हर सरकार को, हर राज्य को ऐसा कर देना चाहिए।
A:क्योंकि कांग्रेस को स्पष्ट है कि वह तो कभी सरकार में आने नहीं वाले हैं तो उनको तो विपक्ष में ही रहना है तो उनको तो कोई चिंता ही नहीं है कि देश में भ्रष्टाचार रुकना चाहिए, उनको कोई चिंता नहीं है कि चोर डकैतों पर कार्रवाई होनी चाहिए, उनको कोई चिंता नहीं है कि भ्रष्टाचार ख़त्म होना है इस देश में। उनके तो प्रधानमंत्री तक कहते थे कि हम तो 100 रुपये भेजते हैं और सिर्फ़ 15 रुपये जनता को पहुँचते हैं बाक़ी तो हम बीच में ले लेते हैं जो भी करना है उसको कर लेते हैं।
उनके तो ख़ुद के नेता आज बेल पर हैं कोर्ट के क्योंकि उन्होंने जो संपत्ति एक न्यूज़ पेपर को दी गई थी उसको उठाकर अपने नाम पर कर लिया है। तो एसी पार्टी को तो चाहते ही है कि कोई कार्रवाई न हो भ्रष्टाचार के ऊपर। और स्पष्टीकरण कर दिया अपनी नीयत का और अपनी नीति का। दोनो स्पष्टीकरण आज अगर उन्होंने ऐसा कहा है तो यह हो जाता है।
Q:उन्होंने भाजपा की प्रभाव की वजह से कहा है कि CBI पर भाजपा का प्रभाव है CBI इंडिपेंडेंट एजेंसी है वह सरकार के?
A:अभी आपके पूर्व एक मित्र ने जो प्रश्न पूछा अगर भाजपा इस प्रकार का प्रभाव कर रही होती तो ऐसा तो संभव ही नहीं था कि अनाप-शनाप आरोप हमारे ऊपर लगाए जाते। तो मैं समझता हूँ भाजपा ने एक पूरी स्वायत्तता दी, स्वायत्तता में दो अफ़सरों या दो गुटों में कोई तक़लीफ हुई जिसके ऊपर सरकार ने फिर CVC के ऊपर छोड़ दिया कि वह इसका पूरी जानकारी लेकर जो सही है वह CBI में होना चाहिए और उसको अब सुप्रीम कोर्ट की देख-रेख में और सुप्रीम कोर्ट के निर्धारित जज की देख-रेख में पूरी कार्रवाई होगी।
Q:सर मध्य प्रदेश की टैग लाइन है माफ़ करो महाराष्ट्र। मैं यह जानना चाहता हूँ महाराष्ट्र को राजमाता सिंधिया भी रही हैं और महारानी तो आप की राजस्थान की मुख्यमंत्री भी हैं और महारानी तो… तो यह सिंधिया पर अटैक नहीं होगा… क्योंकि यह कौन से महाराष्ट्र से आप माफ़ी माँग रहे हो। महाराष्ट्र तो आपके जिन्होंने आपके बाग़बानी…?
A:ऐसा है कि मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान स्थानीय नेता हैं, स्थानीय नेता जो सबसे ज़्यादा लोकप्रिय हैं, जनता के दिलों में हैं, सेवा भाव से वर्षों-वर्षों से यहाँ पर काम कर रहे हैं। कांग्रेस के जो स्थानीय नेता हैं वह तो आज किधर पिक्चर में हैं ही नहीं, सभी नेता वह इम्पोर्ट कर रहे हैं फिर से दिल्ली से लाने की कोशिश कर रहे हैं इनके तो जो अब तो हमें तो मालूम ही नहीं कि कौन है उन का उम्मीदवार शिवराज जी के सामने। तो महाराज तो किसी के लिए भी हो सकते हैं it could be for Kamal Nath, it could be for Scindia, it could be for हैं कितने नेता हैं दिग्विजय सिंह भी महाराज हैं। यहाँ तो महाराजाओं की पूरी टोली है। तो उन सब से मध्य प्रदेश को बचाने के लिए जनता का, गरीबों का नेता शिवराज सिंह चौहान प्रदेश का लोकप्रिय नेता मुख्यमंत्री बने यह भाजपा की अपील है।
Q:मेरा सवाल आपसे यह है कि आप कह रहे हैं बहुत अच्छा काम चल रहा है, भ्रष्टाचार पर ज़ीरो टॉलरेंस है उसके बाद भी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी हर दिन सभा में चौकीदार को चोर क्यों कह रहे हैं?
A:वह तो उनको पूछिए उसका जवाब मैं कैसे दूँ। अगर उनके पास इतनी समझ होती तो कोई स्पष्ट आरोप लगाते, कोई विषय पर कुछ ख़ुलासा करते उनके पास क्या है। ऐसे तो हम बैठे एक दूसरे मैं ऐसे ही किसी के ऊपर यहाँ पर बैठे हुए आरोप लगा दूँ तो उसका तो कोई तत्व नहीं है, कोई मतलब नहीं है। अगर मैं यहाँ पर आरोप लगा दूँ कि फलाने आदमी ने पेड़ न्यूज़ छापी है तो इसका कोई तत्व है, कोई स्वरूप है, कोई सबूत है कुछ नहीं है तो ऐसे आरोप लगाने वाले कुछ भी आरोप लगा सकते हैं उससे हम विफल नहीं होंगे।
Q:मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान का उनकी ही विधानसभा में विरोध क्यों हो रहा है जब उनकी पत्नी का भी हुआ और उनके बेटे का भी हुआ और आप ही ने अभी बोला कि वह काफ़ी लोकप्रिय नेता हैं?
A:ऐसा है मैं पीछे एक न्यूज़ पेपर के एक कार्यक्रम में गया था और वहाँ पर मुझे पूछा गया कि आप स्वच्छता की बात करते हो पर देखो एक क्लिपिंग दिखाते हैं यहाँ स्वछता नहीं है। तो मैंने वहाँ बैठे बैठे एक कागज़ पड़ा था मैंने ऐसे कर कर फेंक दिया। मैंने कहा अब कैमरा उधर पैन करो तो देखो आपने मुझे यहाँ आमंत्रण किया है, आपने प्रांगण को साफ़ सुथरा रखा अच्छा बनाया लेकिन यहाँ तो स्वच्छता नहीं है यह कागज़ पड़ा है यहाँ पर, कचरा ज़मीन पर पड़ा है।
तो इस प्रकार से मुझे लगता है कि अगर और ऐसा तो नहीं है कि शत प्रतिशत लोग कोई एक पार्टी के पीछे पूरे देश में है शत प्रतिशत तो होते नहीं है तो कुछ लोगों को अगर कोई कठिनाई है या विपक्ष के कुछ लोग अगर कैमरा के सामने आकर बुराई करते हैं तो तो स्वभाविक है। तो मैं समझता हूँ सबसे लोकप्रिय अधिकांश लोकप्रिय शिवराज जी हैं आज भी हैं और कल भी रहेंगे, भारी बहुमत से जीतेंगे और देश और प्रदेश की सेवा करेंगे।
अरे भाई वह उठा लो नहीं तो बोलेंगे मैंने स्वच्छता का उल्लंघन किया और इंदौर नंबर 1 है स्वच्छता में।
Q:सर चौकीदार को बाबा कहा जाता है अभी एक सवाल पूछा गया था। उसी से जुड़ा हुआ सवाल है कि आप कई बार कोर्ट जाते हैं छोटा सा आरोप लगता है मुख्यमंत्री के बेटे कोर्ट चले जाते हैं। इस पर डिफेमेशन का मामला क्यों नहीं बनाते हैं, कोर्ट क्यों नहीं जाते हैं अगर यह सच्चाई नहीं है तो?
A:कोर्ट में तो मामला वैसे ही वह चल रहा है और जहाँ तक जहाँ तक इनका सवाल है मुझे लगता है कि वह जितना ज़्यादा बोलते हैं उतना ज़्यादा BJP की वोट बढ़ती है तो हमें तो कोई उसके ऊपर आपत्ति नहीं है सूट करता है कोई दिक़्क़त नहीं है।
Q:सर गोयल साहब आपने दो बात बोली उसमें से एक पूछना चाहता हूँ। आपने कहा कि इम्पोर्ट कर रहे हैं यह लोग, इम्पोर्ट तो हमने जहाँ तक देखा की BJP के जो लोग हैं एक आपके संबित पात्रा जी रहते ही रहते हैं, एक दो केन्द्रीय मंत्री यहाँ रहते ही हैं रोड शो करते हैं, सभा करते हैं आज योगी आदित्यनाथ ने की है ?
A:यहाँ मुख्यमंत्री कौन बनेगा उसकी चर्चा हो रही है। कैंपेन में तो सभी आते हैं, कैंपेन मैं तो लोग आएंगे ही।
Q:दूसरी बात पूछना चाहूंगा कि तीन चार स्टेटमेंट हैं जैसे एक स्टेटमेंट है कि कमलनाथ ने बंद कमरे में क्लोज डोर मीटिंग कराई मुस्लिम क्लेरिक को यह कहा कि हम हिंदुओं को निपटा देंगे संबित पात्रा जी ने उस पर आप दोनों ने एक आवाज़ उठायी है, उस पर ट्वीट भी किया और बाद में फिर शायद उनको… तो उसमें यह कहा गया कि RSS से निपट लेंगे न कि हिंदुओं को निपटा देंगे।
एक आपने बहुत जो राहुल गांधी का था कि वह … आलू में से सोना निकालना जबकि वह जो बयान था वह इस प्रकार था कि मोदी यह कह रहा है कि हम आलू में से सोना निकाल देंगे। इसी प्रकार आपने RSS वाला जो कहा कि RSS … की जो गवर्मेंट ऑफ़िस हैं उसमें RSS को बैन कर देंगे न कि RSS को पूरी तरह बैन कर देंगे।
A:तो आप क्या कांग्रेस के स्पोक्सपर्सन बन कर आए हैं क्या यहाँ पर। नहीं तो पूछ क्या रहे हैं वह पूरी कहानी नहीं बताओ पूछिए सवाल पूछिए।
Q:यह जो कांग्रेस के शब्दों को पकड़कर BJP जो कर रही है?
A:हमने कुछ नहीं किया जो सामने आया हमने उसको जनता के समक्ष रखा है। हमने तो कोई स्टेटमेंट नहीं दिया, हमारे तो मैनिफेस्टो में कुछ लिखा नहीं है कि RSS की शाखा में गवर्मेंट का कोई अधिकारी जा नहीं पाएगा। मैंने भी अभी स्पष्ट कहा।
Q:अभी आपने बताया है कि भोपाल के हबीबगंज रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाना है। इन्दौर को लेकर ऐसा कोई विचार है क्या इंदौर के जन प्रतिनिधि ने कोई सुझाव दिया है आपको ?
A:स्वभाविक है और मैंने यह अन्नोउंस भी किया था कि जैसे-जैसे यह एक्सपीरियंस गेण होगा तो देश के सभी प्रमुख स्टेशनों पर और आपने अगर सुना मेरे ओपनिंग रिमार्कस में भी मैंने कहा हबीबगंज देश का पहला है आख़िरी नहीं है और यह मिसाल बनेगा बाक़ियों के लिए टेम्पलेट बनेगा कैसे-कैसे हमको रेलवे स्टेशनस को अपग्रेड और करना है।
वैसे by the way आज 711 स्टेशन में देश में मुफ़्त में वाई-फ़ाई मिलता है, 711 स्टेशनों पर जिसमें आप जाओ तो सबसे फ़ास्टेस्ट स्पीड का वाई-फ़ाई आज भारतीय रेल मुफ़्त में अपने यात्रियों को और अगर आस पास के लोग भी आएं उनको भी देती है। और हमारी कोशिश है कि 6 हज़ार स्टेशन पर देश में मुफ़्त में वाई-फ़ाई मिले और वह वाई-फ़ाई पूरे देश की जनता को विश्व के साथ जोड़ने का काम करे। गाँव का भी ग़रीब अपने नज़दीक के रेलवे स्टेशन में जाकर अपने फ़ोन पर पूरी इंटरनेट के साथ, दुनिया के साथ जुड़ जाएगा।
Q: सर मेरा यह सवाल था कि आपने कांग्रेस पर वंशवाद का आरोप लगाया लेकिन मध्य प्रदेश में जब टिकटों का वितरण हुआ तो यहाँ पर भी मध्य प्रदेश में भाजपा कि टिकटों के वितरण में भी वंशवाद का आरोप लगा है। और मेरा एक और उस से जुड़ा हुआ दूसरा सवाल था कि योगी जी ने अयोध्या में दिवाली मनाई, आपने स्पेशल ट्रेन चलवाई है जहाँ जहाँ राम … लेकिन राम मंदिर को लेकर क्या है?
A:जहाँ तक वंशवाद की बात है भारतीय जनता पार्टी के इतने सारे अध्यक्ष बने प्रधानमंत्री वाजपेयी जी बने अब मोदी जी बने यह सब कर्मठ कार्यकर्ता अपने आप एक ग़रीब परिवार से निकल कर देश की सेवा में लगे। हमारे नेता कोई अधिकार नहीं रखते कि क्योंकि वह कोई परिवार में पैदा हुए हैं तो बस उसी परिवार का ही वंशवाद चलेगा यह बात तो पूरी देश और दुनिया जानती है, स्पष्ट है कि कांग्रेस में सिर्फ़ एक ही परिवार के लोग ही नेता बन सकते हैं। इस विषय में वंशवाद की बात रखी गई है और मुझे लगता है इसमें कोई डिबेट नहीं है यहाँ किसी का अधिकार नहीं है कि शिवराज जी के बाद कोई उनका लड़का, उसके बाद उनका ग्रैंड सन, उसके बाद उनकी चौथी पीढ़ी कोई मुख्यमंत्री बनेगी। हमारे सब कार्यकर्ताओं को मौक़ा मिल सकता है कोई भी पद पाने का।
और रही बात राम मंदिर की स्पष्ट रूप से भारतीय जनता पार्टी के मैनिफेस्टो में हमने लिखा हुआ है कि भारतीय जनता पार्टी और हमारा सब पूरी पार्टी का हर कार्यकर्ता चाहता है कि अयोध्या में एक भव्य राम मंदिर बने, भगवान राम की जन्मस्थली पर बने यह देश की अस्मिता का सवाल है, करोड़ों-करोड़ों लोगों की विश्वास का सवाल है। सुप्रीम कोर्ट में विशेष चल रहा है और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के लिए हम प्रतीक्षा कर रहे हैं।
Q:सवाल इसी से जुड़ा है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे जी से आपकी मुलाक़ात हुई तो एक बंद कमरे के अंदर मुलाक़ात हुई।
A:नहीं मेरी मुलाक़ात खुले में भी होती है और बंद में भी होती है पर अभी हर अभी तो मैं संबित पात्रा के साथ भी बंद कमरे में बैठा था तो अभी आप उसका कुछ ग़लत वह निकाल लोगे तो।
Q: 25 नवंबर को जो बैठक है उसको लेकर हुई है तो आपने यह बोला है।
A:नहीं किसने आपको मतलब बंद कमरे में आपका कैमरा भी था। ऐसा है नहीं नहीं मानना क्या है उसमें हम कोई छुपा छुपी।
भाई हमारे पार्टी के एलाई हैं, हमारे पार्टनर हैं, सरकार में हमारे साथ केन्द्र में भी हैं राज्य में भी हैं। अनंत गीते जी यूनियन मिनिस्टर हैं मेरे साथ सहयोगी हैं। महाराष्ट्र में हमारी सरकार साथ में चल रही है। परसों परसों शनिवार को परसों शनिवार को माननीय बालासाहेब ठाकरे जी का समिति दिन था उसमें मैं श्रद्धांजलि देने के लिए उनके मेमोरियल पर गया था लेकिन चूंकि मेरे दिल्ली से आने में विलंब हुआ था मैं दोपहर को पहुँच पाया था मुंबई तो स्मृति स्थल पर उद्धव जी निकल गए थे अपने घर चले गए थे।
तो मैं कल उनके घर जाकर भाभी को मिला, उनको मिला बहुत बढ़िया पोहा खाया, बटाटा वड़ा खाया, दुनिया भर की चर्चाएँ करी और मैं समझता हूँ मित्रों के बीच में हमारा पारिवारिक संबंध उनके साथ शायद कम से कम नहीं तो 1984 से है जब पहली बार माननीय बालासाहेब ठाकरे जी मेरे घर पर सायन में मुंबई में अटल जी को मिलने आए थे। तो मुझे लगता है मुझे इतना तो अधिकार है कि 34 वर्ष पुराना पारिवारिक संबंध के रहते मैं बालासाहेब जी के घर पर जाकर उनके लड़के से मिल सकूं।
Q:राफेल मुद्दे पर जब कांग्रेस और विपक्ष कंटिन्यू मांग कर रहा है JPC के गठन की तो आप लोग JPC का गठन क्यों नहीं कर रहे? दूसरी चीज़ मध्य प्रदेश में मुस्लिम को सिर्फ़ एक ही सीट मिली हुई है प्रत्याशी एक ही सीट पर मतलब मुस्लिम को अलॉट हुई है तो विशेष समुदायों, अल्पसंख्यकों की ऐसी अनदेखी क्यों?
A:पहली बात तो कोई मैंने पहले भी बताया कोई तत्व नहीं, कोई सबूत नहीं, कोई आरोप स्पष्ट नहीं तो JPC किस बात की करें। अगर हमने कुछ ग़लत काम किया हो जिसका कुछ ख़ुलासा कर सकें तो तो JPC की माँग पर चर्चा भी हो जाए। वैसे तो मेरे हिसाब से अपने ख़ुद के कारनामे छुपाने के लिए कांग्रेस आज एक भोंपू की तरह वह बात रोज़ कर रही है। जनता अच्छी तरह समझती है, उनके ख़ुद के कारनामे जनता के सामने हैं और इस प्रकार के झूठे आरोपों के ऊपर कोई सरकार सेनाओं को या भारत के सुरक्षा के ऊपर कोम्प्रोमाईज़ कभी भी नहीं करेगी पहली बात।
और जहाँ तक सीटों का सवाल है मैं समझता हूँ वह लोकल एरिया में सर्वे होता है, कार्यकर्ताओं से जानकारियां ली जाती हैं, लोकल परिस्थितियों को देखते हुए जो चुनाव आपके लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार होता है उसको सीट दी जाती है। हम कोई कोटा नहीं मानते हैं, हम कोई कोटा नहीं करते हैं कि किसी को दिखावे बाज़ी के लिए किसी को सीट देना या नहीं देना। जो अच्छे कैंडिडेट जो हमारे साथ जुड़े हैं वह कैंडिडेट बनते हैं।
और ज़्यादा बड़े रूप में मैं आमंत्रण दूँगा सब हमारे साथ जुड़ें। हम समाज के हर वर्ग को आमंत्रण देते हैं कि वह हमारे साथ जुड़ें कंधे से कंधा मिलाकर देश के विकास और उन्नति के लिए भारतीय जनता पार्टी का सहयोग करें, समर्थन दें और मुझे पूरा विश्वास है कि उच्च से उच्च स्तर के नेता हर समुदाय से, हर धर्म से, हर वर्ग से समाज के भारतीय जनता पार्टी में हैं और आगे चलकर भी और बड़े-बड़े पदों पर आएंगे।
Q: BJP के घोषणा पत्र में पिछली बार यह माँग थी किसानों के ऋण माफ़ी का वादा था और उस ऋण राहत आयोग बनाने की बात की गई थी लेकिन वह भूल गई। दूसरा मेरा यह है कि 2019 से पहले क्या बुलेट ट्रेन चला पाएंगे हम?
A:अरे वाह आपने तो बुलेट स्पीड पर बुलेट ट्रेन का प्रोजेक्ट लगा दिया। आज तक एक दम बकायदा लेकिन टेक्निकल रियलिटीस भी कुछ होती हैं। आज तक विश्व में भी पाँच-छः साल से कम में किधर भी बुलेट ट्रेन नहीं लगी होगी जहाँ तक मेरा अंदाज़ा है। पहली बार नई टेक्नोलॉजी भारत में आ रही है कई विपक्षी दल तो उसका भी अपोज़िशन कर रहे हैं। वह नहीं चाहते हैं कि हमारी अगली पीढ़ी, हमारे बच्चों को अत्याधुनिक सुविधाएँ मिलें और फिर वह चाहते हैं जैसे भाई साहब ने कहा कि व्यवस्था जर्जर ही रहे, पुरानी रहे। भारतीय जनता पार्टी और मोदी जी की सरकार चाहती है कि विश्व में सबसे आधुनिक टेक्नोलॉजी भारत आए और देश की जनता को उसका स्वाद मिले।
बुलेट ट्रेन अनुमानित उसका समय 2023 तक है पहली बुलेट ट्रेन शुरू होने का। हम कोशिश कर रहे हैं कि उसका एक सेक्शन 15 अगस्त 2022 तक जब भारत की आज़ादी के 75 वर्ष पूरे होंगे तब तक ख़त्म करने की हम एक सेक्शन की कोशिश कर रहे हैं।
बहुत-बहुत धन्यवाद।

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