As we celebrate another year of togetherness, I can’t thank Seema enough for being a part of my life and walking together ever step of the way

Replicating the highly successful model from the Northeast to ward off elephants from railway tracks, loudspeakers will now play the buzzing sound of bees between Haridwar to Dehradun, dissuading elephants from straying onto tracks and preventing accidents

 

DEHRADUN: Incidents of elephants being mowed down by trains have prompted Moradabad railways division to resort to a unique solution: Play the sound of bees on loudspeakers to drive the animals away from tracks when trains are approaching. At least four elephants were mowed down by trains in separate incidents in Uttarakhand this year.

The Northeast Frontier Railways in Rangiya (Assam) has already used loudspeakers to keep elephants away from railway tracks. Now, the loudspeakers are being installed at Motichur, Raiwala and Kansro railway stations. The sound is played for about three minutes before the arrival of the train.

Additional divisional railways manager, Sharad Srivastava, said, “The buzzing of bees is played for a few minutes before the arrival of the train so any elephant nearby changes its route sensing the presence of bees.”

Sanatan Sonkar, director of Rajaji, said, “After several meetings and close coordination with railways, we have decided to use innovative methods like sound of bees to drive away elephants. Also, the forest department has deployed six bikers on this stretch to alert the train driver in case an elephant herd is sighted.”

 

Source: https://timesofindia.indiatimes.com/city/dehradun/now-sound-of-buzzing-bees-on-loudspeakers-to-drive-away-elephants-when-trains-approach/articleshow/66834498.cms

Interacted with some young and dynamic friends from Mumbai today and took feedback & suggestions

Speaking at Press Conference in Udaipur

आदरणीय मेयर साहब, हमारे पार्टी के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी और मीडिया के मित्रों। वास्तव में उदयपुर मुझे लगता है शायद मेरी फेवरेट सिटी है। शादी के कुछ ही समय बाद मेरी पत्नी और मैं सबसे पहले यहाँ आए थे, श्रीनाथ जी के भी दर्शन हुए, रणकपुर भी गया और तब से लेकर आज तक जब कोई मौक़ा मिलता है तो उदयपुर के लिए तो हम आने में उत्साहित भी रहते हैं। मुझे आप सब से मिलना था इसलिए मेरी पत्नी तो श्रीनाथ जी के दर्शन करने चली गई, इस विज़िट में मेरा रह जाएगा लेकिन वास्तव में आपका एक बड़ा ही समृद्ध भी और सांस्कृतिक भी जो विरासत है उदयपुर की वह हम सबको गौरव से भर देती है।

आज वीर भूमि में आया हूँ तो स्वाभाविक है कि मेवाड़ के सभी वीरों को मैं श्रद्धांजलि भी देता हूँ। उनकी शौर्य गाथाएं तो हम सब को समय-समय पर प्रेरणा देती रहती हैं और फिर वह बप्पा रावल हों और वहाँ से शुरू होकर इतिहास महाराणा प्रताप तक का हो यह सब देश की धरोहर हमें प्रेरित करती है देश के लिए जीने, मर-मिटने के लिए, अच्छा काम करने के लिए।

बहुत ही अभूतपूर्व प्रगति हुई है स्वच्छता में उदयपुर में जिसके लिए मैं सबसे पहले उदयपुर की जनता का, हर एक नागरिक का तहे दिल से धन्यवाद भी करना चाहूँगा और उम्मीद करूँगा आगे चलकर यही तेज़ गति से और सुधार की श्रृंखला चलती रहे। वैसे तो पूरे राजस्थान में स्वच्छता को लेकर जो उत्साह देखने को मिलता है उससे आगे चलकर फ़ायदे तो अनेक होंगे लेकिन दो सीधे फ़ायदा जो ध्यान में आते हैं एक तो पर्यटन को बहुत लाभ मिलेगा और साथ ही साथ हमारी जनता के स्वास्थ्य को भी अच्छा परिणाम उसका मिलेगा। और सीधा 310 रैंक से 85 रैंक, 225 रैंक बढ़ना एक ही वर्ष में अपने आप में एक प्रकार से ऐतिहासिक सुधार हुआ है उदयपुर में।

शिक्षा का भी एक अच्छा प्रमुख हब बनते जा रहा है। आईआईएम आने जा रही है, यहाँ की विश्वविद्यालय बहुत ही विख्यात है। मकराना मार्बल हो या हरा संगमरमर का जो देश और विदेश में प्रसिद्धि मिली है उदयपुर के मार्बल को। इसी प्रकार से चाहे वह कालबेलिया हो, भावै हो, घूमर का नृत्य हो, कच्छी घोड़ी के नृत्य हों इन सब को भी पूरे विश्व नें बहुत ही प्रसिद्धि मिली है पूरे विश्व में।

भारतीय जनसंघ से शुरू हुआ सफ़र 1952 में जब राजस्थान में पहली बार हमारी पार्टी लड़ी थी तब 8 विधायक जनसंघ के चुनकर आए थे जिसमें से 7 मेवाड़ से थे। वास्तव में पार्टी की धरोहर आज विश्व की सबसे बड़ी पार्टी अगर भारतीय जनता पार्टी बनी है और देश में अगर राष्ट्रीय स्तर पर देखें तो एक मात्र पार्टी भारतीय जनता पार्टी पूरे देश में हर कोने-कोने तक आपको आज देखने को मिलेगी।

बाक़ी बड़ी-बड़ी पार्टियाँ या तो घटते-घटते-घटते रीजनल पार्टी बनकर रह गई हैं या दो-चार राज्यों में सिमट कर रह गई हैं। लेकिन यह सफ़र मेवाड़ से शुरू हुआ सफ़र आज पूरे देश में भारतीय जनता पार्टी का काम और मैं समझता हूँ सेवा करने का जो मौक़ा देश की जनता ने दिया है उसके लिए हम मेवाड़ की जनता के सदैव कृतज्ञ रहेंगे।

राजस्थान में भी, मैं रेल मंत्री हूँ तो कई बार रेलवे का उदाहरण लेता हूँ कि जो डबल इंजन की तरह केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने मिलकर विकास और प्रगति को तेज़ गति दी है उसमें अन्य-अन्य योजनाओं में राजस्थान की जनता को जो विकास पहुँचा है, गाँव तक, ग़रीब तक, उन शोषित, वंचित, पीड़ित परिवारों तक जिन्होंने सदियों तक विकास नहीं देखा था।

फिर चाहे वह शौचालय का काम हो जिसमें ओपन डेफिकेशन फ्री कराया गया पूरे राजस्थान को। चाहे वह सौभाग्य योजना हो जिसमें तेज़ गति से घर-घर तक बिजली पहुँच रही हो। चाहे वह 34 लाख से अधिक परिवार हों, महिलाएँ हों, बहनें हों जिनके घर में आज कोयला या लकड़ी के बदले मुफ़्त में कुकिंग गैस का कनेक्शन पहुँचा हो। चाहे वह लाखों परिवार हों जिनको प्रधानमंत्री आवास योजना में घर मिला हो। चाहे वह आपकी बहुत ही अहम और सफल भामाशाह योजना हो जिससे सीधा लाभ लोगों तक पहुँचा और जिस पैटर्न पर आज आयुष्मान भारत के तहत पूरे देश में 50 करोड़ लोगों तक 5 लाख तक हर परिवार के लिए मुफ़्त में स्वास्थ्य सेवाएं पहुँच रही हैं काम शुरू हो गया है।

जब हम विकास के ऊपर निवेश देखें, ख़र्चा देखें, इनवेस्टमेंट देखें तो 2009-14 के बीच मात्र 1.5 लाख करोड़ रुपये डेवलपमेंटल एक्सपेंडिचर जिस राज्य में था वहाँ मोदी जी और वसुंधरा जी की सरकार ने मिलकर लगभग 4.25 लाख करोड़ रुपये का डेवलपमेंट एक्सपेंडिचर किया है। राज्य का राजस्व 52,000 करोड़ से बढ़कर एक लाख करोड़ रुपये के अधिक हो गया है, दोगुना हो गया है। 14वीं फाइनेंस कमिशन ने 2,63,000 करोड़ रुपये राजस्थान को दिए जबकि 13वीं फाइनेंस कमिशन जो UPA के समय में तय हुई थी उसने मात्र 1,09,000 करोड़ रुपये दिए थे। यानी लगभग 2.5 गुना पैसा राजस्थान को मोदी सरकार आने के बाद चंद ही दिनों में 14वीं फाइनेंस कमीशन को स्वीकृति देकर दिया गया।

इसके अलावा लगभग 37,000 करोड़ रुपया अलग-अलग स्कीम्स के द्वारा अलग मिले। मैं समझता हूँ आपने अलग-अलग प्रकार से चाहे वह रेलवे हो, उड़ान सेवाएँ हों, सड़क के काम हों उसका स्वाद भी राजस्थान में तेज़ गति का आज जनता ने महसूस किया है। प्रदानमंत्री मोदी जी जब पीछे आए थे एक साथ 8,000 करोड़ रुपये के नेशनल हाईवे का काम लगभग 873 किलोमीटर लंबे नेशनल हाईवे का निर्माण का काम ख़त्म किया, उसको देश को समर्पित किया और लगभग 555 किलोमीटर नेशनल हाईवे के काम 7,000 करोड़ की लागत पर उसका शिलान्यास किया।

तो 873 किलोमीटर का उद्घाटन, 555 किलोमीटर का नया शिलान्यास एक कार्यक्रम में शायद देश में यह पहला अवसर होगा जब इतने बड़े रूप में नेशनल हाईवे का काम माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी और श्री नितिन गडकरी जी के नेतृत्व में किया गया।

इसी प्रकार से उड़ान योजना का काम भी राजस्थान में बहुत तेज़ गति से अलग-अलग सेंटर्स को जोड़ने का चल रहा है। रिमोट सेंटर्स में भी हवाई सेवाएँ जाएं और ग़रीब व्यक्ति हवाई चप्पल पहनने वाला व्यक्ति भी हवाई सेवाओं का स्वाद ले सके यह सरकार ने सुनिश्चित किया। मैं तो उदयपुर का देखता हूँ एक ज़माने में चार हवाई जहाज़ दिन में आते थे उदयपुर हवाई अड्डे पर, आज 22 हवाई जहाज़ पर्यटकों को, उदयपुर की जनता के लिए सेवा में लगे हैं।

दो नई हमसफर गाड़ियां एक यहाँ से बैंगलोर तक, एक यहाँ से दिल्ली तक हमने शुरू की है। और यह सब हवाईवेज़, रेल गाड़ियों की नई सुविधाएँ, हवाई जहाज़ की नई सुविधाएँ यह सब आर्थिक रूप से उदयपुर के पूरे विकास को तेज़ गति देती है, पर्यटन बड़े रूप से आता है, लोगों को रोज़गार और स्वयं रोज़गार के मौक़े मिलते हैं, राजस्व बढ़ता है तो गरीबों की सेवा के अवसर और पूरे करने के लिए और पैसा हाथ में मिलता है।

तो मैं समझता हूँ कि बाक़ी नेताओं और पार्टियों की तरह विवादास्पद बयान के बदले भारतीय जनता पार्टी एक मात्र पार्टी है जो विकास में अपना पूरा समय झोंक देती है। कुछ पार्टी सिर्फ़ चुनावी घोषणाएँ करती हैं, भारतीय जनता पार्टी उन घोषणाओं को धरातल पर उतारकर कार्यान्वित करने में विश्वास रखता है।

मुद्रा योजना के तहत लगभग 47 लाख लोगों को लोन दिया गया कम ब्याज पर। उज्जवला का मैंने ज़िक्र किया 37 लाख लोगों को। लगभग 2.5 लाख लोगों को नया जन धन अकाउंट खोला, 1,70,000 लोगों को रुपे कार्ड मिला। फ़सल बीमा योजना से लगभग 43 लाख किसानों को जोड़ा गया, सॉइल हेल्थ कार्ड 1 करोड़ 20लाख किसानों को मिला। इंश्योरेंस और पेंशन बीमा और पेंशन की स्कीम 63 लाख से अधिक लाभदायकों को उससे जोड़ा गया और लगभग 14 लाख से अधिक महिलाओं को जो गर्भ से थीं उनको प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के साथ लाभ दिया गया।

मैं स्वयं बिजली मंत्री रहा हूँ पहले। जब मैं राजस्थान का चित्र देखता हूँ 2014 का तो अशोक गहलोत सरकार ने राजस्थान की पूरी ऊर्जा व्यवस्था को जर्जर करकर  लगभग 70-75,000 करोड़ का ऋण लोन आपकी डिस्कॉम के ऊपर बोझ के रूप में छोड़ दिया था। जिस पर ब्याज ही ब्याज हर वर्ष 10-11,000 करोड़ रुपये दिए जाते थे और 12-15 हज़ार करोड़ रुपये का सालाना नुक़सान इलेक्ट्रिसिटी का आपका डिपार्टमेंट राजस्थान का करता था।

मैं माननीय वसुंधरा राजे सिंधिया जी को बधाई दूँगा जिन्होंने लगातार प्रयास और कठोर परिश्रम करकर पूरी बिजली की व्यवस्था को सुधार किया, उदय योजना की नीव राजस्थान में रखी और आज बिजली बोर्ड, बिजली कंपनियों का घाटा एक चौथाई रह गया है और आज चौबीसों घंटे प्रदेश में सभी को बिजली मिलती है, किसानों को पर्याप्त बिजली मिलती है जितनी आवश्यक हो।

उजाला में लगभग 1 करोड़ 60 लाख लोगों को सरकारी व्यवस्था से और करोड़ों बाक़ी एलईडी बल्ब बेचे गए जिससे बिजली के बिल भी कम हुए। 1600 गाँवों तक बिजली पहुँचाई गई, 4142 ढाणी, मजला, टोला तक सड़कों में सड़कों से पहली बार जोड़ा गया – माफ़ करिएगा 1600 गाँव और 4142 ढाणी, मजला को सड़कों से पहली बार जोड़ा गया, जितने बचे हुए गाँव और मजला, टोला,ढाणीमें बिजली नहीं पहुँची थी उन सबमें बिजली पहुँचाई गई जो आंकड़ा 509 गाँव और 10,515 ढाणी या मजला हैं जिनको पहली बार बिजली से जोड़ा गया। और जैसे मैंने कहा सौभाग्य योजना तेज़ गति से काम कर रही है,14 लाख से अधिक घरों को सौभाग्य के तहत पहली बार बिजली मिली है और अगले दो-तीन महीने में शत प्रतिशत घरों तक बिजली पहुँच जाएगी।

नवीकरणीय ऊर्जा जो पर्यावरण को भी सुधार करती है उसका काम लगभग दोगुना हो गया है और जो 2014 में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन होती थी आज उससे दोगुनी उत्पादन राजस्थान में हो रही है। 50 हज़ार रुपये तक की सरकारी ऋण की माफ़ी वसुंधरा राजे सरकार ने लघु और सीमांत किसानों की की और इंश्योरेंस कवरेज भी जो पहले सिर्फ़ 50,000 रुपये तक थी वह बढ़ाकर दस लाख रुपये तक की गई वसुंधरा राजे सरकार द्वारा, सरकार व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना द्वारा।

दो लाख रुपये तक के बकाया ऋण को एवं उसके ब्याज को माफ़ शेड्यूल कास्ट, शेड्यूल ट्राइब और OBC के लिए वसुंधरा राजे सरकार ने किया। और जैसा मैंने कहा पूरा प्रदेश आज ओपन डेफिेकशन-फ्री हो गया है। स्वच्छता में जो पहल हुई है मैं समझता हूँ महिलाओं के स्वाभिमान के लिए इससे बड़ी सौग़ात कुछ नहीं हो सकती है कि हर घर में शौचालय पहुँचे।

ऐसे लगभग 79 लाख,लगभग 80 लाख परिवारों को शौचालय देने का काम केंद्र और राज्य सरकार, बीजेपी की सरकारों ने प्रदेश में किया है और मेरा व्यक्तिगत तो मानना है यह सबसे बड़ा फ़ैसला माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी का जिसको वसुंधरा जी ने धरातल पर अमल करकर महिला मुख्यमंत्री ने महिलाओं के स्वाभिमान का एक बहुत ही बड़ी सौग़ात हर महिला को पहुँचाई है।

अलग-अलग प्रकार से यहाँ पर पर्यटन बढ़े, यहाँ पर व्यापार बढ़े, जीएसटी को किस प्रकार से सरल करना इसमें कई अहम क़दम उठाए गए। आज 5 करोड़ रुपये तक जीएसटी का रिटर्न मात्र 3 महीने में एक बार एक सरल रिटर्न देना पड़ेगा इसको तय कर लिया गया है। वह सरल रिटर्न वेबसाइट पर डाल दिया गया है। अब जीएसटी के पूरे सिस्टम को बदला जा रहा है जिससे 3 महीने में एक बार छोटे लोगों को, छोटे व्यापारी, उद्योगकों को सिर्फ़ एक सरल रिटर्न 3 महीने में एक बार देना पड़ेगा।

कोटा स्टोन का एक ज्वलंत विषय राजस्थान में था। हमने कोटा स्टोन पर जीएसटी 5% कर दिया। इसी प्रकार से अब मार्बल और ग्रेनाइट का विषय मैंने पिछली बार जीएसटी काउंसिल के भी समक्ष रखा था। आम सहमति नहीं बनने के कारण और अब मैं बता नहीं सकता हूँ चुनावी माहौल है इंटरनल कम्युनिकेशन होती है जीएसटी काउंसिल की पर अगर जो दो-तीन राज्यों ने रोड़ा डाला जिसकी वजह से मैं नहीं कर पाया। अब मुझे लगता है जेटली जी अगले काउंसिल में ज़रूर इस विषय को फिर से उठाएंगे और मार्बल और ग्रेनाइट के ऊपर भी राहतराजस्थान को मिले ऐसा हमारा पार्टी की तरफ़ से जीएसटी काउंसिल को अनुरोध रहेगा।

जो भी मूर्तिकार हैं राजस्थान में और मुझे लगता है उदयपुर में बहुत बड़े पैमाने पर मूर्तिकार काम करते हैं जो स्टोन में, मार्बल में, लकड़ी में, पत्थर में मूर्तियां बनाते हैं उनको पूरी तरीक़े से मुक्त कर दिया गया जीएसटी से, उनका जीएसटी को शून्य बना दिया गया और जीएसटी से पूरी तरीक़े से मुक्त हो गए हमारे सभी मूर्तिकार भाई-बहन।

उदयपुर में तो कई सारे रेलवे के भी काम हुए हैं मेरे पास लंबी सूची है। गेज कन्वर्ज़न का काम उदयपुर से हिम्मतनगर का 209 किलोमीटर का बहुत तेज़ गति पकड़ा है जब से मोदी जी की सरकार आयी है। मावली-बड़ीसादड़ी सैक्शन को भी 54 किलोमीटर में गेज कन्वर्जन हो रहा है और इलेक्ट्रिफिकेशन अजमेर से उदयपुर का तेज़ गति से काम चल रहा है।

मैंने उदयपुर से दिल्ली और उदयपुर से मैसूर की वह बैंगलोर नहीं है वह आगे चलकर मैसूर तक जाती है। दो ऐसे प्रमुख शहर जिनको पैलेसेज़ से पूरे विश्व में विख्यात रूप से जाना जाता है, मैसूर पैलेस और उदयपुर भी पैलेसेज़ के लिए मशहूर है। तो जब वह हमसफर शुरू की गई तो मैंने उसको पैलेस एक्सप्रेस के रूप में ही सोचा था जो एक प्रकार से उदयपुर के पैलेसेज़ को मैसूर के पैलेसेज़ से जोड़ने वाला काम करती है।

अब एक ट्रेन जो अजमेर से आती थी, हरिद्वार-अजमेर एक्सप्रेस उसको भी हमने उदयपुर तक बढ़ा दिया है जिससे यहाँ के लोग हरिद्वार सीधा दर्शन करने, धार्मिक यात्रा के लिए जा सकें वह काम भी सरकार ने, रेल मंत्रालय ने स्वीकृति देकर उदयपुर को सीधा हरिद्वार से जोड़ दिया है।

उदयपुर स्टेशन और ऐसे अन्य स्टेशनों में आज वाई-फ़ाई की मुफ़्त सुविधा उपलब्ध है। मैं समझता हूँ यह जो वाई-फ़ाई उदयपुर स्टेशन पर है यह भारत का सबसे तेज़ वाई-फ़ाई है, और कोई सुविधा वाई-फ़ाई की इससे तेज़ नहीं है जो रेलवे के स्टेशनों पर दी जाती है। और यह तेज़ सुविधा मुफ़्त में यात्रियों को तो लाभ देती है लेकिन हमारा मानना है कि आस पास के जितने गाँव और लोग रहते हैं वह भी इसका मुफ़्त का स्वाद ले सकते हैं, उसका फ़ायदा ले सकते हैं और जुड़ सकते हैं पूरी दुनिया के साथ वाई-फ़ाई के द्वारा।

उदयपुर स्टेशन का भी काफ़ी सुधार हुआ है, बहुत सुंदर स्टेशन है। उधर सीसीटीवी कैमरा भी लगाए गए हैं, मेन एंट्रेंस को सुधार किया गया है, पेवर ब्लॉक्स लगाए गए, एक बड़ा सर्कुलेटिंग एरिया 3200 स्क्वायर मीटर का ख़ासतौर पर पर्यटक की दृष्टि से बनाया गया है और अलग-अलग फैसिलिटीज़ देकर यहाँ पर मुझे लगता है रेलवे के ऊपर जो निवेश आज राजस्थान में हो रहा है वह भी ऐतिहासिक है।

पाँच साल में 2009-14 के बीच पूरे राजस्थान जितने बड़े प्रदेश में रेलवे ने सिर्फ़ 3410 करोड़ रुपये का निवेश किया था, 2009-14 पाँच साल में सिर्फ़ 3410 करोड़ का निवेश लेकिन 2014-19 के बीच हमने 14,555 करोड़ का निवेश, चार गुना से अधिक निवेश रेलवे में करकर राजस्थान में रेल सुविधाओं को एक नई गति दी है। और मैं समझता हूँ इसका ज़रूर … राजस्थान की जनता इस चुनाव में भी देगी, आगे आने वाले चुनावों में भी देगी।

आख़िर में जो बात मैं रखने जा रहा हूँ बड़े दुख से रख रहा हूँ। भारतीय जनता पार्टी चाहती है कि चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ा जाए, चुनाव जनता की आकांक्षा और अपेक्षाओं को जो पूरा करने के लिए दिन रात काम करकर राज्य और केंद्र सरकार ने काम किया है उस पर लड़ा जाए। लेकिन बहुत दुःख की बात है कि कांग्रेस जो दिशाहीन ही नहीं है नेतृत्वहीन भी हो चुकी है, कांग्रेस जो यह नहीं तय कर पा रही है कि उनका मुख्यमंत्री का उम्मीदवार कौन होगा, जो जातिवाद और वंशवाद की राजनीति से उभर नहीं पा रही है, कांग्रेस अभी तक अलग-अलग प्रकार से चुनाव को जातिवाद, धर्म के ऊपर समाज को बाँटने का काम करने में लगी हुई है।

एक नेता कहता है कि अगर 90 प्रतिशत एक धर्म का वोट नहीं मिला तो कांग्रेस जीत नहीं सकती है तो दूसरा नेता पूछता है प्रधानमंत्री मोदी जी की जात क्या है। दूसरा नेता आलोचना करता है माननीय साध्वी उमा भारती जी की, माननीय साध्वी ऋतम्भरा देवी जी की कि उनका जात उनको अधिकार नहीं देता कि वह हिंदू धर्म की बात करें।

मैं समझता हूँ इससे ज़्यादा शर्म की कोई राजनीति नहीं हो सकती है। इससे ज़्यादा इस देश के जनता को शर्म पहुँचाने वाली और कोई राजनीति नहीं हो सकती है। जो एक ग़रीब परिवार में पैदा हुए प्रधानमंत्री की जात को छोटा दिखाकर कोशिश करे समाज को बाँटने की, समाज में ग़लत प्रकार से राजनीति करने की। और आज का जो विवादास्पद बयान एक कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री बड़ा दुर्भाग्य है कि मेरे ही राज्य से आते हैं महाराष्ट्र से और उन्होंने सिवाना में बाड़मेर में राजस्थान में शायद कोई चुनावी सभा या चुनावी बैठक में जो बात की है उससे ज़्यादा हलका स्तर राजनीति का नहीं हो सकता है।

 

मैं समझता हूँ माननीय प्रधानमंत्री एक ग़रीब परिवार से आते हैं, उन्होंने ग़रीबी देखी है। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने उनको नीच बोलने की कोशिश की, उनके जाति के ऊपर आलोचना करने की कोशिश की, कुछ ने उनको चायवाला बताकर एक छोटा व्यक्ति बनाने की कोशिश की। आज एक कांग्रेस के नेता ने यह भी कह दिया कि अरे भाई इस देश की जनता उनके पिता जी का नाम नहीं जानती। मैं नहीं समझ पा रहा हूँ किस प्रकार से और किस रूप में कांग्रेस पार्टी इस चुनाव को और राजनीति को किस नीचे निचले स्तर पर लेकर जाने की साज़िश रच रही है।

मैं नहीं समझता हूँ आप में से अधिक मित्रों को और शायद किसी को भी मेरे भी पिताजी का नाम मालूम होगा। तो क्या मैं रेल मंत्री बनने के लायक नहीं हूँ, क्या मैंने जो चार्टर्ड अकाउंटेंसी करी, जो मैंने क़ानून पढ़ा, जो मैंने देश की सेवा की 30-35 साल उसका कोई मायना नहीं है? क्या हम सब यहाँ उपस्थित जो भाई-बहन हैं हम सब को अपना परिचय और अपनी पहचान अपने काम के बलबूते पर नहीं होगी लेकिन हमारे पूर्वजों के ऊपर ही सिर्फ़ पहचान होगी कि मेरे पिता कौन थे और उनके पिता कौन थे और उनके पिता कौन थे।

मैं समझता हूँ कांग्रेस पार्टी अपनी डेस्पिरेशन में सही मायने में समझ पाई है कि अब देश की जनता ने उनको पूरी तरीक़े से हराने का फ़ैसला कर लिया है, पाँचों राज्यों में कांग्रेस हारती नज़र आ रही है। वैसे ही देश की जनता ने उनको समेट कर 3 राज्यों में रख दिया था शायद तीसरा राज्य भी हाथ से जाता दिख रहा है।

और इस डेस्पिरेशन की स्थिति में ऐसे ओछे शब्दों में राजनीति करने का यह निर्णय कांग्रेस का मैं उसको घोर शब्दों में निंदा करता हूँ और राजस्थान के मेरे भाई-बहनों को, जनता को आवाहन करता हूँ कि इस प्रकार की धर्म और जाति के अंदर समाज को बाँटने वाली राजनीति को पूरी तरीक़े से राजस्थान की जनता ठुकराए और सबका साथ सबका विकास करने वाली, अच्छी राजनीति करने वाली नेतृत्व को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे सिंधिया जी के नेतृत्व को बल दें, स्वीकार करें और पुनः एक बार मौक़ा दें जनता की सेवा करने का।

अंत में मैं आपके माध्यम से एक जानकारी देना चाहूँगा। कल माननीय प्रधानमंत्री जी का भीलवाड़ा में बहुत बड़ी जनसभा होगी कल सुबह, उसके बाद बेणेश्वर धाम में जो मेरे आदिवासी भाई-बहनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण क्षेत्र है, बहुत विख्यात मंदिर है वहाँ पर और शाम को कोटा। ऐसी तीन जनसभाएं माननीय प्रधानमंत्री जी जिन्होंने आज अपना राजस्थान का चुनावी बिगुल सिंहद्वार अलवर से बहुत ही विशाल जनसभा से शुरू किया कल वह आपके क्षेत्र में भीलवाड़ा, बेणेश्वर धाम और कोटा में 3 जनसभाओं को संबोधित करेंगे।

और परसों यानी 27 तारीख़ को उदयपुर में माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी के अमित शाह जी एक विशाल रोड शो में भाग लेने के लिए उदयपुर आएं गए। हम भीलवाड़ा, बेणेश्वर धाम, कोटा और उदयपुर की जनता का स्वागत करते हैं, उनको आमंत्रण करते हैं कि बड़ी संख्या में वह प्रधानमंत्री जी और अमित शाह जी के साथ जुड़ने का, मिलने का, उनके विचारों को सुनने के लिए बड़ी संख्या में सम्मिलित हों। यह आपके माध्यम से मैं जनता को आमंत्रण देना चाहता हूँ।

बहुत-बहुत धन्यवाद भाइयों-बहनों।

 

प्रश्न-उत्तर

उत्तर: भारतीय जनता पार्टी ने लगातार अपनी विचारधारा स्पष्ट की है कि अयोध्या में उस स्थान पर जहाँ भगवान राम का जन्म हुआ वहाँ एक भव्य मंदिर बनना चाहिए और भारतीय जनता पार्टी ने अपने मैनिफेस्टो में स्पष्ट किया है कि हमारी सोच है कि जल्द से जल्द इस पर या तो आम सहमति से फ़ैसला हो या कोर्ट इस पर अपना निर्णय दे।

हमें पूरा विश्वास है प्रमाणों के तहत जो आर्केलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने वहाँ से सब डिटेलस निकाली हैं, जो सर्वे करकर वहाँ की उनकी फ़ाइंडिंगस हैं, जो टाइटल सूट चल रहा है उसमें टाइटल की जो क्लैरिटी है उसके तहत रामलला का एक भव्य मंदिर जन्मस्थान पर बनना चाहिए।

मैं समझता हूँ उद्धव जी ने या विश्व हिंदू परिषद ने या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने जो बात की है वह उसी के तहत देश के जनता के हृदय की बात और देश की जो अस्मिता है, देश का जो पूरे देश की जो माँग है कि वहाँ पर एक भव्य मंदिर भगवान राम का बने वह माँग उन्होंने दोहराई है। और भारतीय जनता पार्टी का स्पष्ट मानना है कि आपसी तालमेल से मिल जुलकर बातचीत फ़ैसला हो और या जो क़ानूनी रास्ता है उससे कोर्ट के फ़ैसले का से यह मंदिर बनना चाहिए।

प्रश्न: सर अध्यादेश में क्या है?

उत्तर: वैसे अच्छा प्रश्न पूछा मेरे मित्र ने। यह मुद्दा हम कोई अभी चुनाव आए इसलिए हमने उठाए ऐसा नहीं है। यह मुद्दा मीडिया के माध्यम से और पत्रकारों ने सवाल पूछा क्योंकि कोर्ट में केस आने वाला था और उसके हिसाब से हमने रेस्पॉन्ड किया। तो मैं समझता हूँ कोर्ट में हियरिंग थी, हियरिंग में लोगों की अपेक्षाएं थी कि शायद कुछ निर्णय होगा, अब वह हियरिंग 19 जनवरी के लिए निर्धारित की गई है माननीय उच्च न्यायालय द्वारा हम उस बात का स्वागत करते हैं लेकिन सवाल तो प्रश्न आपने पूछा मैंने तो नहीं इसके बारे में कुछ कहा।

प्रश्न: सर जनता यह जानना चाहती है कि आखिरकार इस मामले का … कब होगा?

उत्तर: मैंने जैसे अभी बताया भारतीय जनता पार्टी का मानना है कि इसमें आपसी तालमेल से बातचीत से या तो फ़ैसला हो जाए और या क़ानूनी निर्णय आ जाए तो उसके हिसाब से इसका फ़ैसला जल्द हो सकता है।

प्रश्न: सर निर्णय अगर पक्ष में नहीं आया तो क्या अध्यादेश की तैयारी कर रखी है क्या सरकार ने?

उत्तर: यह ह्य्पोथेटिकल क्वेश्चन है।

प्रश्न: सर आप रेल मंत्री है उदयपुर … इसके बारे में ?

उत्तर: इसकी सपैसिफिक जानकारी तो मेरे पास अभी नहीं है। मैं रेल के विभाग का सब ऑनगोइंग प्रोजेक्ट्स फ़्यूचर प्रॉडक्ट्स नहीं लाया हूँ लेकिन आपने आज बताया है तो इसके ऊपर ज़रूर मैं देखूँगा क्या होता है।

प्रश्न: …सोनिया जी उद्घाटन कर गई थी उसके बाद बीजेपी की सरकार आने के बाद…?

उत्तर: इस पर्टिकुलर प्रोजेक्ट का तो मुझे जानकारी नहीं है लेकिन क्योंकि आपने कुछ विषय उठाया कि सोनिया जी उद्घाटन करकर एक प्रोजेक्ट की गई थी। यह मैं आपको ख़ुलासा ज़रूर करूँ कि पिछली सरकारों का काम करने के ढंग और मोदी जी के काम करने का ढंग में ज़मीन आसमान का फ़र्क है।

पिछली सरकारें एक चुनाव में घोषणा करा करती थीं, दूसरे चुनाव में पत्थर लगाने आ जाती थी, तीसरे चुनाव में सर्वे का काम शुरू करतीथी, चौथे चुनाव में सर्वे की फ़ाइंडिंग सामने रख देती थी, पाँचवे चुनाव में कहती थी अब जो पहला बजट था वह नया बन रहा है क्योंकि तब तक तो दाम बढ़ जाते थे, छठे चुनाव में फिर आ जाते थे बोलने कि अब इसका पैसा बजट में सैंक्शन किया है, सातवें चुनावों में काम शुरू करते थे।

 

मोदी जी का काम करने का ढंग यह नहीं है। हमने रेलवे को राजनीति से ऊपर उठाया है। जब हमारी सरकार आयी तो ऐसी सैकड़ों योजनाएं थी जिसका सालों-साल से काम चल रहा था ना बजट दिया जाता था ना काम किया जाता था। आपको जानकर हैरानी होगी एक काम तो 1974 जो कांग्रेस ने एमरजेंसी लगायी थी उसके भी पहले से चल रहा है, 74 से लेकर 2014 तक काम नहीं हुआ था। अब मैंने कोशिश की काम को गति दूँ तो मालूम पड़ा उसके ऊपर तो लोग इतने बस गए हैं कि अब वह वेस्ट बंगाल सरकार ज़मीन ही देने में असमर्थ हो रही है।

ऐसे करकर देश के साथ छल किया गया है, देश के पैसे को बर्बाद किया गया है। 100 करोड़ के प्रोजेक्ट को हज़ार करोड़ बना देती थी। ओवर रन के पीछे क्या हेतु होता था वह तो मुझे आज तक समझ नहीं आया है, आप लोग मेरे से ज़्यादा अच्छा समझते हो कि ओवर रन कर कर किसको लाभ होता था। और एक उदाहरण मैं आपको दे सकता हूँ क्योंकि आपने एक वरिष्ठ नेता का नाम लिया उनकी कोंस्टीटूएंसी में एक मॉडर्न कोच फैक्ट्री की घोषणा और शिलान्यास उसी 2007-08 में किया गया था पर 2014 तक उसमें एक भी कोच नहीं बना था, एक भी कोच नहीं बना था सात-आठ साल बाद भी।

हमारी सरकार आने के बाद हमने वहाँ तेज़ गति से काम किया। अगस्त 2014 में पहला कोच बना भाइयों-बहनों। उसके बाद हम लगातार काम करते रहे। आज से दो वर्ष पहले उस फैक्ट्री में क़रीब 150-175कोचेस बना पाए थे। पिछले वर्ष मैं जब रेल मंत्री बना तो मैं वहाँ इंस्पेक्शन के लिए गया, मैंने देखा कोई मशीन ही नहीं चल रही है, एक भी मशीन रोबोटिक्स हैं वहाँ मॉडर्न मतलब रोबोटिक्स वगैरा हैं, एक भी मॉडर्न मशीन नहीं चल रही थी, देहाती तरीक़े से कोच बनाना पड़ रहा था।

मैंने पूछा ऐसा क्यों है?बोला साहब यह सब मशीनें 2012-13 कब ख़रीदी गई थी पता नहीं क्या उस समय में किस प्रकार से क्वालिटी कंट्रोल हुआ, क्या टेंडर था एक भी मशीन नहीं चल रही है और वाद-विवाद और झगड़े पड़े हुए हैं। मैंने आदेश दिया मुझे 6 महीने में सब मशीन चालू चाहिए। मुझे आपको सूचित करते हुए ख़ुशी होती है वह मशीनें सब की सब आज चल रही हैं। 6 महीने में सब मशीन,6 तो महीने लगे भी नहीं शायद 3-4महीने में ही सब मशीनें चला दी गई।

पिछले वर्ष दोगुना प्रोडक्शन हुआ क़रीब 360 या 70कोचेस एकदम याद नहीं है फिगर 360 या 70कोचेस मॉडर्न कोच फैक्ट्री से निकले और सब यह एलएचपी कोचेस हैं जो बड़े सुरक्षित होते हैं, बड़े सेफ होते हैं। मैंने आईसीएफ कोचेस तो बनाना ही बंद कर दिया है रेलवे में जो पुराने दक़ियानूसी चले जा रहे थे, वह बनाना ही रेलवे में पहली अप्रैल 2018 से बंद कर दिया है।

पर मॉडर्न कोच फैक्ट्री की सब मशीनें चलाई। पिछले साल डबल किया प्रोडक्शन। यह जो साल चल रहा है इसमें फिर डबल करेंगे प्रोडक्शन लगभग 700 से अधिक कोच इस साल बनाएंगे और अगले साल फिर डबल करेंगे और लगभग 1400 से अधिक कोच उस फैक्ट्री में बनेंगे यह मोदी सरकार के काम करने का ढंग है। यह मोदी सरकार का विकास और आपके जनता का पे किया हुआ राजस्व को ईमानदारी से और अच्छी तरीक़े से निवेश करने का ढंग है। बजाए कि अनाउंसमेंट करो, शिलान्यास करो और उसके बाद भूल जाओ और जनता को गुमराह करो, जातिवाद और धर्म के आधार पर चुनाव लड़ो।

प्रश्न: सर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता यह कह रहे हैं कि जनता में कांग्रेस की लहर है और कांग्रेस भारी मतों … अगर भाजपा सरकार ने ईवीएम मशीनों में कोई गड़बड़?

उत्तर: यह अभी से आपको दर्शाता है कि कांग्रेस ने हार मान ली है। यह जो ईवीएम की बात शुरू की है मतलब आप समझ लो कि कांग्रेस ने राजस्थान में हार स्वीकार कर ली। आख़िर पंजाब में चुनाव हुआ, पंजाब में ईवीएम उनके पक्ष में कैसे चलेगए? आख़िर अलवर और कौन सी एक और जगह अजमेर में चुनाव हुआ तो वहाँ तो बैलेट पेपर नहीं थे तो मेरे ख़याल से कांग्रेस ने चुनाव में हार स्वीकार कर ली है इसका प्रमाण आज आपने मुझे दे दिया मेरी अगली प्रेस कॉन्फ़्रेंस वही से शुरू होगी।

प्रश्न:…. ?

उत्तर: मैंने कहा ना रेलवे के कुछ सपैसिफ़िक हैं मैं बाद में मंगवाकर आपको दे दूँगा। यह राजनीतिक प्रेस कॉन्फ़्रेंस थी इसलिए मैं राजनीतिक विषयों पर आया।

प्रश्न: सर आपके डिपार्टमेंट का रिवर्सल क्वेश्चन है। 2020 तक पूरे रेलवे को …?

उत्तर: यह भी एक बड़े दुख की बात आपको सुना रहा हूँ मैं। यह जो डबलिंग हम कर रहे हैं यहाँ से हिम्मतनगर की, सॉरी, गेज कन्वर्जन जो हम कर रहे हैं यहाँ से हिम्मतनगर की यह गेज कन्वर्जन का काम 65 साल में आज़ादी के बाद कांग्रेस ने कभी सीरियसली लिया ही नहीं। हमने शुरू किया, तेज़ गति से देश में जहाँ-जहाँ पर नैरो गेज हैं उनको डबल कर रहे हैं।

मात्र वह लाइनें रह जाएँगी जहाँ पर या तो ट्रैफ़िक ही नहीं है आख़िर कुछ लाइने हैं जहाँ ट्रैफ़िक ही नहीं है तो डबल कर कर आख़िर आपका क़ीमती पैसा हम बेकार तो नहीं करेंगे या कुछ लाइने हैं जहाँ उसको ब्रॉड गेज करना संभव नहीं है। उदाहरण के लिए कालका से शिमला उसको हम ब्रॉड गेज नहीं कर सकते, उदाहरण के लिए एक नेशनल पार्क है उत्तर प्रदेश में उसको हम डबलिंग नहीं कर सकते हैं।

वैसे ही एक और लाइन है राजस्थान में जो हेरिटेज लाइन है, वह हेरिटेज लाइन को डबलिंग का प्रस्ताव पहले था, सॉरी, गेज कन्वर्जन का प्रस्ताव पहले था लेकिन क्योंकि वह हेरिटेज लाइन है तो हेरिटेज लाइन को प्रिज़र्व करना मैं समझता हूँ यह भी एक धरोहर है, यह भी पर्यटन की दृष्टि से इम्पोर्टेंट है। तो मैंने निर्णय लिया कि उसमें हम नई अच्छी कोचेस बनाकर उसको एक पर्यटन की दृष्टि से चलाएंगे।

 

प्रश्न: सर एक पॉलिटिकल क्वेश्चन है मेरा कि जो सीपी जोशी जी का जो बयान आया उसमें बहुत हंगामा मचा देश भर में। एक इशू अभी रिसेंटली यह ज़िले में हुआ है कि यहाँ का एक…. विधानसभा क्षेत्र से है उसका भी एक वीडियो वायरल हुआ है और उसने जो बोला है बड़ा अभद्र…?

उत्तर: मुझे इसकी जानकारी नहीं है लेकिन मैं समझता हूँ एक वरिष्ठ नेता जो मुख्यमंत्री का प्रत्याशी 2008 में ज़रूर था पर आप जानते हो किन कारणों से मुख्यमंत्री नहीं बन पाए लेकिन आज तो रेस में शायद मुख्यमंत्री के लिए हैं (कितने 7-8 उम्मीदवार हैं कितन हैं 7-8 हैं) 7-8 में एक उम्मीदवार वह भी हैं। एक मुख्यमंत्री बनने के उम्मीदवार का बयान तो स्वाभाविक है पार्टी के नेतृत्व का दृष्टिकोण रखता है।

मुझे इस बयान की जानकारी नहीं है आप देंगे तो मैं पता करेंगे अगर कुछ भी विवादास्पद है तो उनको पुल-अप करेंगे, उसको सिरियसली लेंगे लेकिन मैं समझता हूँ नेताओं का बयान आज एक कार्यकर्ता बयान देता है उसमें उसकी व्यक्तिगत भी कुछ सोच हो सकती है लेकिन नेताओं को तो बहुत सोच समझकर बयान देना पड़ता है। मैं ऐसा कोई ओछा चीज़ बोल दूँ आप तो मेरी खाल उधेड़ दो गए।

प्रश्न: वह जो वीडियो वायरल हुआ है वह मौजूदा विधायक है?

उत्तर: मुझे जानकारी नहीं है उस बयान की, मैं जानकारी लेकर आपको दे दूँगा।

प्रश्न: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत यहाँ पर आए थे उन्होंने कहा था 2013 और 14 के भाषण वसुंधरा राजे के और नरेंद्र मोदी के अगर हम जनता को सुना दें तो हमको प्रचारकरने …?

उत्तर: तो मेहरबानी करकर सुनाइए ना बजाए कि विवादास्पद बयान यह बोलना कि मोदी जी के बाप का नाम क्या था, मोदी जी की जात ऐसी है कि उनको हिन्दू धर्म के बारे में बोलने की कोई उनको अधिकार नहीं है। इन सबके बदले क्यों नहीं विकास के ऊपर राजनीति कर रहे। क्यों नहीं विकास की बात करते कि गहलोत जी ने 5 साल राजस्थान में क्या विकास किया और उसके निसबत वसुंधरा जी के विकास के कार्य में क्या-क्या तेज़ गति आयी। चलिए विकास पर लड़ते हैं चुनाव। तय करो आपका मुख्यमंत्री कौन है बजाए कि आपसी झगड़े के।

प्रश्न: नहीं पर वह इस झगड़े को लोकतंत्र की बता रहे हैं कि हमारे यहाँ तो लोकतंत्र है, भाजपा की तरह नहीं है जिन्होंने सीएम पहले ही प्रोजेक्ट कर दिया। हमारे यहाँ तो बाकायदा विधायक दल की बैठक होगी…?

उत्तर: हाँ शायद इसलिए यह होगा कि उनके नेता ने सर्वश्रेष्ठ नेता जो अध्यक्षा हैं पार्टी के उन्होंने बयान दिया कि मैं देश का प्रधानमंत्री बनना चाहता हूँ क्योंकि उनके यहाँ लोकतंत्र है और शायद सेंटरल लेवल पर ख़त्म हो गया है और वह तो हम कहते ही हैं वंशवाद है। आपकी बात भाई साहब मैं आपकी बात भी ले रहा हूँ तो उन्होंने तय कर लिया कि एक उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि मैं तो प्रधानमंत्री का दावेदार हूँ लेकिन उनकी पार्टी के सभी नेता नीचे नेता शीर्ष नेताओं ने उसके बाद कहा नहीं-नहीं कोई फ़ैसला नहीं हुआ है।

वह इतना डर गए कि उनका नाम पर जाएँगे चुनाव में तो कहीं हार न जाएँ कि बाक़ी बड़े-बड़े नेता जो वित्त मंत्री रह चुके हैं, गृह मंत्री रह चुके हैं तुरंत मैदान में आ गए कि नहीं भाई हमारे नेता का कोई तय नहीं हुआ है। तो यह शायद उनका लोकतंत्र का प्रमाण पत्र है।

प्रश्न: यानि बीजेपी ने उसी से प्रेरणा लेकर यहाँ पर पीएम फ़ेस प्रोजेक्ट किया है?

उत्तर: हम हर अच्छी बातकीप्रेरणा लेते हैं और मैं समझता हूँ भारतीय जनता पार्टी के लिए इससे ज़्यादा ख़ुशी की कोई बात नहीं होगी कि उनका प्रधानमंत्री का उम्मीदवार जल्द से जल्द तय हो और जनता के बीच में घोषित हो तो शायद राजस्थान के विधानसभा में भी शायद 160से बढ़कर और सीटें हमारी बढ़ जाएंगी।

प्रश्न: सर उदयपुर सिटी स्टेशन को सीपी मोड पर देने की जो बात हुई थी…?

उत्तर: इसको आगे चलकर इस पर और सुधार करने की हमारी योजना है। अभी कोई ऐसा तय निर्णय नहीं हुआ है।

 

धन्यवाद।

 

 

After a 4-fold jump in the sale of Khadi products owing to PM @NarendraModi’s appeal to the masses, Railways will run a ‘Khadi Express’ train, with a facility to exhibit & sell the products while covering places associated with the life of Mahatma Gandhi

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NEW DELHI: State-run Khadi and Village Industries Commission (KVIC) has said the sale of Khadi products rose over three-fold in the last three fiscals and ‘Khadi Express’ train will be run to create awareness about the segment. According to KVIC, the Khadi turnover was Rs 811 crore in 2014-15 and it increased to Rs 2,509 crore in 2017-18.
“We have written a letter to Indian Raiways for running a Khadi Express train which would exhibit Khadi products linked with Mahatama Gandhi in view of his 150th birth anniversary,” KVIC Chairman Vinai Kumar Saxena told BHASHA.
The five-bogie Khadi Express train would also have the facility to sell the Khadi products to people and will run through all those places in the country where Mahatama Gandhi had stayed. The train will be stationed at those stations for one day.
The demand of Khadi products has increased as Prime Minister Narendra Modi himself appealed to the people of the country to buy these clothes, he said.
Saxena said the sale of Khadi products grew at an average rate of 6.68 per cent per annum during 2004 to 2014, but it grew at the rate of 37 per cent in the last four years.
The number of sales outlets for Khadi products has been increased to 1,060 in the last four years, he said adding exhibitions were organised in 50 countries on October 2 to create demand for such products.

 

Source:https://economictimes.indiatimes.com/industry/cons-products/garments-/-textiles/khadi-sales-jump-4-fold-in-fy18-kvic-to-run-khadi-express-train-to-boost-sales/articleshow/66797645.cms

Attended the ‘Stories of Strength’ programme in Mumbai, marking the 10th Anniversary of the gruesome 26/11 attacks, along with Maharashtra CM Devendra Fadnavis & actor Amitabh Bachchan, and paid homage to the innocent lives lost while praising the inspirational courage of the survivors

10th anniversary of the 26/11 Mumbai terror attacks, at the ‘Stories of Strength’ programme

और आज दस वर्ष पूर्व फिर एक बार याद आती है उन वीरों की जिन्होंने शहादत दी, जिन्होंने अपने जीवन का बलिदान दिया इसलिए कि हम सब आज यहाँ इकट्ठे  होकर जी सकें। और जैसा माननीय मुख्यमंत्री जी ने कहा वास्तव में यह हमला सिर्फ मुंबई पर नहीं था, भारत पर नहीं था एक कोशिश थी कि पूरी मानवता को चुनौती दी जाये आतंकवाद द्वारा। और मैं समझता हूँ जिस प्रकार से पूरी मुंबई ने इसका सामना किया, पूरे देश ने इस हमले को अपने व्यवहार से, अपनी प्रतिबद्धता से जो मुकाबला किया उससे आज पूरा देश गौरवान्वित महसूस करता है।

इंडियन एक्सप्रेस ने फेसबुक, वायकॉम और मारुती के साथ मिलकर आज यह जो इतना सुन्दर प्रस्तुतीकरण दिया, साथ ही साथ हमें सौभाग्य मिला मेरे मित्र फ़िरोज़ अब्बास खान ने जो पूरा आज का कार्यक्रम संयोजित किया है – जावेद भाई, अमिताभ जी, इन सबने जो सन्देश हम सबको आज दिया है शायद एक प्रकार से आखिरी जो दो प्रस्तुतीकरण थे देवेंद्र जी बता रहे थे एक बारहवीं सदी का अभंग जो विट्ठल को समर्पित है और चौदहवीं सदी में दिया हुआ सन्देश सूफी का सन्देश, किस प्रकार से भगवान हम सबमें हैं हमें अपनाना है और पूरे समाज में और देश में सबको वही सन्देश पहुंचाना है।

मुझे आज अटल जी की भी बात याद आती है, अटल जी ने एक कविता में कहा था “कदम मिलाकर चलना होगा”। और चाहे कितनी बाधाएं आएं, चाहे कितनी तकलीफें आएं जब तक हमारा समाज, जब तक हम सब एक दूसरे के साथ मिलकर नहीं चलते, जब तक हम सब पूरी दुनिया को नहीं दिखाते कि भारत एकजुट है, भारत के हर एक 125 करोड़ नागरिक कोई भी मुकाबले का सामना करने के लिए सक्षम हैं। मैं समझता हूँ इस प्रकार की गतिविधियों को हम रोक नहीं पाएंगे।

और जैसा माननीय अमिताभ जी ने सही कहा – ‘There is strength in unity.’जब तक हम सब मिलकर, एकजुट होकर इसका सामना नहीं करते, जब तक हम मिलकर समाज और देश को जो बांटने की ताकतें हैं उनको मुंहतोड़ जवाब नहीं देते, और वह जवाब शायद राजनीतिक नहीं हो सकता है, वह जवाब सिर्फ विकास से आ सकता है, वह जवाब तब आ सकता है जब हम इस देश में भुखमरी ख़त्म करें, गरीबी ख़त्म करें, जब पूरे देश में हर व्यक्ति के जीवन में परिवर्तन आये, सुधार आये। हर व्यक्ति आखिर एक अच्छा जीवन चाहता है, एक जीवन जिसमें उसको एक प्रकार से सामान्य सुविधाएं मिलें और आज भारत के कई ऐसे इलाके हैं जो विकास से वंचित रहे, जहाँ पर आज भी माओवादी ताकतें सिर उठा रही हैं।

और मैं समझता हूँ हम सबका सामूहिक एक कर्तव्य है कि कैसे हम देश को तेज़ गति से एक अच्छे भविष्य की तरफ लेकर जाएं, एक ऐसा भविष्य जिसमें भेदभाव न हो, एक ऐसा भविष्य जिसमें हम सब मिलकर कोई चुनौती आये उसका सामना कर सकें। और अगर इस बात की पुष्टि किसी चीज़ में है तो मैं समझता हूँ भारत के संविधान में है। आज वास्तव में कॉन्स्टिट्यूशन डे भी है, 26 नवंबर 1949 में –26th November, 1949, we adopted the constitution of India in the constituent assembly.

And as we are all aware, the constitution starts with ‘We the people of India.’ And I think it’s most appropriate that on the 10th anniversary of this solemn day, ‘We the people of India’ resolve that we shall fight the challenges of terrorism. We shall fight the problem of poverty. We shall fight to unite our society, to bring back that feeling of oneness, unite the nation as one, fight the challenge of climate change and leave behind a better future for the next generation, for the youth of India, who are watching all of us, who are eagerly awaiting a bright future.

I think we owe it to the next generation, to the youth of India, to the generations ahead of us to give them a better future. And I have no doubt in my mind that each one of us assembled here, and all the people across the country, watching this programme, hearing about this very beautifully put together evening that this resolve will be of each one of us individually, but will be successful only when all of us, collectively, work towards making India once again the greatest country on earth.

Thank you very much and my salutations to all those who laid down their lives for the country on this day. There were many railwaymen who lost their lives on this day, there were many police officers, many army men, naval officers, Mumbaikars, Indians. I salute all of them. But they gave up their life, ladies and gentlemen, so that we could live. We may not have been able to give up our lives for the nation, but we have certainly got an opportunity to engage and use our life to serve the nation, to leave behind our mark in the destiny of India.

I wish all of you a great future, serving our motherland, serving our nation, serving our people and I have no doubt in my mind that we will all rededicate ourselves to the greater cause of India, our motherland.

Thank you very much.

A big salute to Railways announcer Vishnu Dattaram Zende, who saved countless lives amidst the panic of the 26/11 attack at Mumbai’s CSMT by calmly guiding people to safety using the public announcement system

No fear left in me anymore: Man who saved hundreds on 26/11
10 years after the Nov 26 attacks killed hundreds and exposed gaping security lapses, HT looks at heroes who fought back, the lives lost, steps taken to make Mumbai safer

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Vishnu Zende, railway announcer, a 26/11 victim poses at CSMT in Mumbai on October 29, 2018.(Anshuman Poyrekar/HT Photo)

On the night of November 26, 2008, when two Pakistani terrorists riddled Chhatrapati Shivaji Maharaj Terminus (CSMT) with bullets, Vishnu Dattaram Zende was in a tiny announcer’s booth in the station, using the public announcement system to guide people to safety. “Nobody prepares you for such a situation. It was an instant reaction,” said Zende.

In 2008, Zende was a suburban railway announcer. His usual routine saw him leave from Nalasopara, where he still lives with his wife and two children, and take the train to CSMT. Once at the station, he’d go up to the announcement booth and rattle off details of train arrivals and departures for eight hours. Then November 26, 2008 happened.

“It feels like it was yesterday,” said Zende, now 47. He was on the evening shift when he heard explosions in the long-distance section of CSMT. Realising something was wrong, he took to the microphone and called for on-duty Railway Protection Force (RPF) and Government Railway Police (GRP) to rush to that part of the station. “At the same time, I saw a suburban train arrive in the terminus,” remembered Zende.

The announcer’s booth is above the station master’s office, offering Zende an overview of the station. “I saw the men walking with guns … to the suburban railway section and firing indiscriminately. They were throwing hand-grenades. This is when I realised it was a terrorist attack,” Zende told HT.

Immediately, Zende announced in Hindi and Marathi that passengers should exit the station from the rear end of the terminus, guiding them away from Kasab and Ismail and towards safety. “I told people to use the exit of platform number one and to not come forward as I could see terrorists walking in that direction. The passengers rushed out, following my instructions,” he said. There’s no calculating how many lives Zende saved with his announcements.

The gunmen soon realised what Zende was doing. “All of sudden, I saw a terrorist firing at the direction of our booth. We (Zende and his colleague) ducked under our desks,” he said. They heard the glass window shatter, but Zende escaped any injuries.

After a while, Zende from his vantage point saw the two terrorists walk out of CSMT. He and other railway personnel rushed to the outstation terminus area and found the carnage Kasab and Ismail had left behind. While Zende’s announcements had saved the lives of countless suburban train passengers, the outstation section of CSMT got neither a warning nor time to escape. Nearly 60 people died in the attack. “The bodies lying there, surrounded by blood, it was terrifying,” said Zende. “I started announcing for railway personnel, cleaning staff, porters and whoever could rush to the terminus area to help the injured.” Zende stayed in CSMT that night and returned home the next day.

Later, for weeks, people would come to the announcement booth and thank Zende. He got a cash award of ₹10 lakh and in 2010, when President Barack Obama visited Mumbai, he shook hands with Zende. Welcome as all this attention was, for Zende, who has since been promoted to railway guard, 26/11 wrought only one real change in him: “There is no fear left in me anymore.”

Source: https://www.hindustantimes.com/mumbai-news/mumbai-attacks-10-years-on-voice-of-calm-that-saved-lives-amid-26-11-storm/story-AYYcH2glsP7iFPyxhlMgNN.html

Speaking at Press Conference, in Alwar, Rajasthan

बहुत मशहूर है अलवर की और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी कल अलवर से ही राजस्थान का अपना चुनावी दौरा प्रारंभ करेंगे। कल सुबह 10 बजे बहुत विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी। तैयारियां भी ज़ोर-शोर से चल रही हैं, अलवर के जनता और कार्यकर्ताओं में भी बहुत उत्साह है और मुझे पूरा विश्वास है कि जो चुनाव की विजय का बिगुल कल अलवर से शुरू होगा वह पूरे प्रदेश में आँधी की तरह फैल कर फिर एक बार वसुंधरा राजे सिंधिया के नेतृत्व में राजस्थान में भाजपा की सरकार बनने जा रही है।

मैं रेल मंत्री हूँ तो कई बार रेल का उदाहरण लेता हूँ कि जिस प्रकार से गत 4.5 सालों में जब से मोदी सरकार आयी तेज़ गति से राजस्थान में विकास हुआ है। जिस प्रकार से एक डबल इंजन रेल गाड़ी को दोगुना पावर देकर गति भी बढ़ाती है और सुरक्षा भी बढ़ाती है वैसे ही राजस्थान में भी यह डबल इंजन आगे काम करती रहेगी, केंद्र और राज्य दोनों में भारतीय जनता पार्टी की सरकारें इस पर प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक लेकर जाएगी।

आज वैसे गुरु तेग बहादुर जी का शहादत दिवस है। उन्होंने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया और मैं समझता हूँ आज जिस प्रकार का वातावरण कांग्रेस फ़ैलाने जा रही है, जिस प्रकार की राजनीति कांग्रेस कर रही है फिर एक बार ज़रूरी हो गया है कि प्रदेश में अच्छी भावना से जनता के बीच सबका साथ सबका विकास लेकर अपने विचार से भारतीय जनता पार्टी की सरकार फिर एक बार चुनकर आए।

मुझे तो हैरानी होती है जिस प्रकार से कुछ प्रदेश के नेताओं ने अपने-अपने दिल की बात लोगों के समक्ष रखी। हाल ही में जो हमने धर्म और जाति के बीच जिस प्रकार के कॉमेंट्स, जिस प्रकार के वक्तव्य एक ऊँचे नेता जो शायद लंबे श्रृंखला में मुख्यमंत्री के भी दावेदार हैं उनके बहुत ही आपत्तिजनक वक्तव्य हमारे नेताओं के बारे में, जाति और धर्म के बीच ग़लत तरीक़े से विषय रखने के लिए जो कोशिश की गई भारतीय जनता पार्टी उसकी निंदा करती है।

और यह कांग्रेस की जो राजनीति करने का ढंग हम हाल में अलग-अलग क्षेत्रों में देख रहे हैं उन्होंने इसी प्रकार से कर्नाटक में धर्म और जाति की राजनीति करने की कोशिश की, इसी प्रकार से गुजरात में धर्म और जाति की राजनीति की। मैं समझता हूँ राजस्थान की जनता समझदार है और इस प्रकार कीसोच को पूरी तरीक़े से ठुकराएगी, पूरी तरीक़े से नामंज़ूर करेगी।

इसके पहले जिस प्रकार से इनके एक और नेता ने भारत माता के जयघोष को भी रुकवाकर परिवारवाद का असली चेहरा कांग्रेस का सामने दिखाया। मैं समझता हूँ वह भी बहुत ही शर्मिंदगी का स्टेटमेंट था, दर्शाता है कि कांग्रेस दिशाहीन पार्टी बन चुकी है न उनके पास कोई नेतृत्व है, न उनके पास कोई नीति है और न उनकी नीयत साफ़ है।

वह सिर्फ़ एक परिवारवाद, जातिवाद और देश में विकास में अड़ंगे पैदा करने वाली पार्टी के रूप में घटकर सिर्फ़ दो राज्यों में मिज़ोरम और पंजाब और एक यूनियन टेरिटरी पुडुचेरी में समेटकर रह गई है और इस चुनाव के परिणाम के बाद मिज़ोरम हारकर सिर्फ़ पी-पी पार्टी बनकर रह जाएगी – पुडुचेरी और पंजाब में।

अगर आज कोई देश भर में राष्ट्रीय पार्टी, नेशनल पार्टी के रूप में और एक देश भर में सबसे लोकप्रिय नेतृत्व किसी के पास है तो वह सिर्फ़ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी आज पूरे देश में सर्वव्यापी पार्टी, सबसे बड़ी पार्टी और देश भर में कोने-कोने में जनता के दिल को छू लेने वाली पार्टी बनकर उभरी है।

वैसे तो राजस्थान के स्थानीय नेता और केंद्रीय नेतृत्व में भी बड़ा उथल-पुथल है। उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष ने तो कहा था कि हम राजस्थान में किसी को पैराशूट नहीं होने देंगे, पैराशूट को काट देंगे, ऐसे लोगों को टिकट नहीं देंगे और फिर जो चुनाव देख रहे हैं राजस्थान के वह नेता कहते हैं कि नहीं-नहीं वह तो उनका निजी बयान था यह पार्टी की सोच नहीं है। हमें तो हैरान होता है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का भी कोई निजी बयान होता है जो पार्टी से अलग होता है। ऐसी पार्टी जिसके सर्वश्रेष्ठ नेता कहता है कि मैं प्रधानमंत्री का उम्मीदवार हूँ और दूसरा नेता कहता है कि नहीं-नहीं अभी तो हमने कोई तय नहीं किया है कौन प्रधानमंत्री का दावेदार होगा।

इस प्रकार से पार्टी बिखरी हुई है, पार्टी में कोई नेतृत्व तय नहीं है, राजस्थान में भी प्रश्नचिह्न है कि नेता कौन है। कांग्रेस डरती है किसी को नेता बनाने के लिए क्योंकि उनकी जातिवादी राजनीति में किसी को नेता बनाने की हिम्मत नहीं है। लेकिन भारतीय जनता पार्टी है जो लोकप्रियता के आधार पर, कार्यकर्ताओं के इच्छा अनुसार, सर्वे के अनुसार और कौन नेता बनने लायक है, कौन उम्मीदवार बनने लायक है उस पर तय करती है नेतृत्व, उस पर तय करती है पदाधिकारी कौन बनेगा, उस पर तय करती है उम्मीदवार कौन बनेगा।

मुझे लगता है अलग-अलग क्षेत्र में जिस प्रकार से तेज़ गति से विकास हुआ है फिर चाहे वह रोड के निर्माण में हो, रेलवे के निर्माण में हो। जिस प्रकार से भामाशाह योजना ने राजस्थान में लोगों को स्वास्थ्य सेवाएँ अच्छी दी बिना कोई भेदभाव के और आज भामाशाह योजना तो पूरे देश में आयुष्मान भारत के रूप में 50 करोड़ लोगों तक पहुँच रही है।

जिस प्रकार से ऊर्जा के क्षेत्र में, बिजली के क्षेत्र में बेमिसाल काम वसुंधरा राजे सरकार ने किया जिसका तो मैंने ख़ुद अनुभव किया। अशोक गहलोत जी की सरकार ने जो 2008-13 के बीच लगभग 12-15,000 करोड़ रुपये प्रति वर्ष नुक़सान किया ऊर्जा के क्षेत्र में सिर्फ़ जो डिस्कॉम है राजस्थान के उसको 70-75,000 करोड़ के ऋण में नुक़सान कर करके एक प्रकार से सिक यूनिट बना दिया। ऐसी स्थिति हो गई कि बिजली ख़रीदने के पैसे नहीं थे डिस्कॉम के पास।

मैं वसुंधरा राजे जी की सरकार को मुबारकबाद दूँगा कि उन्होंने किस प्रकार से पूरे ऊर्जा क्षेत्र को संचालित किया, पूरे ऊर्जा क्षेत्र को संभाला, राज्य सरकार ने अलग-अलग पहल करके बिजली की चोरी घटाई, रोकी, डिस्कॉम के लॉस को बहुत बड़ी मात्रा में कम किया और आज राज्य में ऊर्जा की स्थिति एकदम सक्षम है, एकदम मज़बूत है। घर-घर तक सौभाग्य योजना से बिजली पहुँची है, हर एक गाँव बिजली से लाभान्वित है और चौबीसों घंटे सबको बिजली मिले, किसानों को पर्याप्त मात्रा में बिजली मिले इसको सुनिश्चित करने में सफल हुई है।

इसी प्रकार से प्रधानमंत्री आवास योजना में भी राजस्थान ने बेमिसाल काम किया है। लगभग स्टेट की स्थिति देखें तो जो स्टेट का बजट 94,000 करोड़ का था (94,000 करोड़) कांग्रेस सरकार में वह दोगुने से भी अधिक 2,12,000करोड़ रुपये का अब स्टेट का बजट है। रेवेन्यू जो राज्य का राजस्व है वह दोगुना हो गया है, 52,000 करोड़ से बढ़कर 1,03,000 करोड़ और जो डेवलपमेंट एक्सपेंडिचर है जो विकास के ऊपर ख़र्च करती है राज्य सरकार वह बढ़कर 1,50,000 करोड़ से लगभग तीन गुना 4,25,000 करोड़इस पाँच वर्ष के कार्यकाल में वसुंधरा राजे जी ने सड़कों पर, पेयजल पर, सिंचाई योजनाओं में, आवास योजनाओं में, अलग-अलग योजनाओं में कर कर, पारदर्शी शासन देकर मैं समझता हूँ राजस्थान में जल, ज्योति और जीवन तीनों पर जनता में अच्छा प्रभाव किया है। जिसके फलस्वरूप हमें पूरा विश्वास है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार फिर एक बार राज्य में अच्छी दो-तिहाई बहुमत से अधिक लेकर सरकार बनाएगी और जनता की सेवा में फिर एक बार जुट जाएगी।

केंद्र की योजनाएं भी यहाँ पर जैसे मैंने कहा डबल इंजन के रूप में, बहुत सफल रूप में जनता के लाभ के लिए पहुँची है गाँव-गाँव तक, घर-घर तक। उज्जवला योजना में 37 लाख से अधिक हमारी माता-बहनों को मुफ़्त में कुकिंग गैस का कनेक्शन दिया गया है। मुद्रा योजना के तहत 47 लाख लाभदारी लोगों ने अपने स्वयं रोज़गार, अलग-अलग प्रकार से छोटे व्यापार को प्रोत्साहन मिला है। जन धन योजना में 2.5 लाख बैंक अकाउंट खोले गए हैं, 1,70,000 रुपे कार्ड जनता के बीच दिए गए हैं। फ़सल बीमा योजना लगभग 43 lakh farmers (43 लाख किसानों) तक फ़सल बीमा योजना का लाभ पहुँचा है।

1.25 करोड़ किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड दिया गया है। 63 लाख से अधिक पेंशन और इंश्योरेंस योजनाओं से लाभान्वित हुए हैं राजस्थान में। क़रीब-क़रीब 14 लाख से अधिक महिलाओं को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में लाभ पहुँचा है। और इस प्रकार से मैं अनगिनत केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं के बारे में आपको जानकारियाँ दे सकता हूँ।

एक छोटा अलवर से कुछ जुड़ी हुई चीज़ें जो रेलवे ने की हैं। गोविंदगढ़ से अलवर का क्षेत्र भी विद्युतीकरण हो चुका है, रेवाड़ी से अलवर का क्षेत्र भी विद्युतीकरण हो चुका है और इन दोनों के कारण प्रदूषण कम होगा, गाड़ियों की रफ़्तार बढ़ेगी। 14 रोड-ओवर ब्रिज और रोड अंडर-ब्रिज दोनों इस इलाक़े में या तो बन चुके हैं या  बन रहे हैं, उसकी पूरी जानकारी चाहिए तो मेरे साथ है।

इसी प्रकार से लगभग 1500 करोड़ के काम, इसके अलावा 1500 करोड़ के काम। अलवर से बांदीकुई का डबलिंग 294 करोड़ में, इलेक्ट्रिफिकेशन दिल्ली सराय रोहिल्ला से रेवाड़ी से होते हुए अहमदाबाद तक जिसमें अलवर-बांदीकुई-जयपुर सेक्शन, फुलेरा सेक्शन भी आएगा और आगे चलकर 32 रोड अंडर-ब्रिज और रोड ओवर-ब्रिज की स्वीकृति। अलग-अलग काम अलवर में किए गए हैं।

और अगर हम पूरे राजस्थान का भी चित्र देखें तो 2009-14 के बीच पूरे राजस्थान में 3410 करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के काम राजस्थान या राजस्थान से होते हुए किए गए थे, 3410 करोड़ रुपये के काम पाँच वर्षों में UPA के शासन में जब केंद्र में UPA की सरकार थी, प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी।

हमारे पाँच वर्ष के कार्यकाल 2014-19 के बीच 14,555 करोड़ के काम इस क्षेत्र में किए गए हैं जो लगभग चार गुना से अधिक है, 3400 से बढ़कर 14,555 करोड़ के काम। मैं समझता हूँ यह दर्शाता है प्रधानमंत्री मोदी जी का और वसुंधरा राजे जी दोनों ने मिलकर कैसे विकास पूरे क्षेत्र में और पूरे राजस्थान में प्राथमिकता दी है और यही प्राथमिकता आगे चलकर इस प्रदेश में तेज़ गति से विकास को प्रोत्साहित करेगी ऐसा हमारा पूरा विश्वास है। आपके माध्यम से मैं अलवर और आस-पास के सभी विधानसभा के क्षेत्र के हमारे उम्मीदवारों को शुभकामनाएं देता हूँ।

अच्छी विजय भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्र में फिर एक बार विधानसभा में होगी और मुझे विश्वास है कल की सभा सुबह 10 बजे अलवर में जो होने जा रही है प्रधानमंत्री जी की वह आगे चलकर पूरे राजस्थान में विजय की लहर यहीं से शुरू करेगी। इस विश्वास के साथ मैं आज देखकर भी आया हूँ सभा की तैयारियाँ बहुत ज़ोर-शोर से चल रही हैं, बड़ी सभा होगी और बड़ा उत्साह कार्यकर्ताओं में और जनता मैं इस सभा को लेकर है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

 

प्रश्न-उत्तर

Q:सर आपने सारी चीज़ों के बारे में, योजनाओं के बारे में बताया रेलवे का बाद में बताया जो आपका विभाग है। अलवर की आपको जानकारी आपने दी उसमें मैं आपको बताना चाहूंगा अलवर जो दिल्ली मार्ग है […] सबसे बड़ा मार्ग है, इसमें पाँच साल में आपके कार्यकाल में न तो कोई नई ट्रेन चली है, अभी एक चली है उदयपुर से हमसफर ट्रेन ठीक है।

 

दूसरी सबसे बड़ी बात जो लगातार माँग उठती रही है अलवर से दिल्ली के लिए कोई पैसेंजर ट्रेन नहीं है। यह 5 साल नहीं 20 साल से माँग है, पूरी नहीं हुई आज तक और न आपके द्वारा कोई […] योजना है। आप कह रहे हैं डबल विद्युतीकरण हुआ, विद्युतीकरण रेवाड़ी को हुए दो साल से ऊपर हो गए हैं लेकिन इलेक्ट्रिक ट्रेन नहीं चली है उस पर, उनका कहना है कि साहब आगे नहीं है ट्रैक जो भी कुछ है, ठीक है। इसी तरह से मथुरा लाइन इलेक्ट्रिफिकेशन हो गया लेकिन एक ट्रेन चलती है दिन में केवल और मथुरा लाइन पर केवल और केवल 4 ट्रेनें हैं एक एक्सप्रेस है तीन पैसेंजर है पूरी मथुरा लाइन पर। तो अगर रेलवे के लिहाज़ से देखें तो आप कह रहे हैं बहुत काम हुआ है। अलवर में ऐसा कोई काम नया?

A:मैं जब वादे सकता हूँ? सबसे पहले तो आपको यह ध्यान रखना पड़ेगा कि 65 साल आज़ादी को होने के बावजूद आप देखिए अलवर में कितना काम हुआ रेलवे की दृष्टि से और उसके निसबत देखिए कि 5 साल में कितना काम हुआ। विद्युतीकरण कोई ओवरनाइट तो पूरे रेलवे का नहीं होगा। हमने लेकिन पूरे फंड्स एलोकेट किए हैं कि पूरी रेलवे का विद्युतीकरण हो।

यह जो पुराना विद्युतीकरण कुछ patches में होता था न उसका देश को लाभ मिलता था न जनता को लाभ मिलता था। आख़िर गाड़ी को 80 किलोमीटर लेकर जाकर हम चेंज तो नहीं कर सकते इंजन को तो अब हमने सुनिश्चित कर लिया है पूरे देश में जितनी लाइनें हैं शत-प्रतिशत विद्युतीकरण मोदी सरकार ने approve भी कर दिया है। आपको जानकर हैरानी होगी 2013-14 में लगभग 687 (six hundred and eighty seven) किलोमीटर पूरे देश में विद्युतीकरण हुई थी रेल लाइन की। पिछले साल 2017-18 में 4087 किलोमीटरविद्युतीकरण हुआ है।

यानी आप अंदाज़ा लगाइए कि 6 गुना विद्युतीकरण सिर्फ़ पाँच साल में हमने बढ़ाया है और ऐसे करकर जब तक पूरे देश की विद्युतीकरण नहीं हो जाती है तो जो पैसेंजर ट्रेनस लॉन्ग डिस्टेंस चलानी हैं वह विद्युतीकरण के साथ नहीं चल सकती हैं, पहली बात।

दूसरी बात आगे बताता हूँ। आपने दो नई ट्रेन की बात की, दो नई ट्रेन जयपुर-चंडीगढ़, जयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस जिसका स्टॉपेज राजगढ़, अलवर और खैरथल में ऐड किया गया। इसी प्रकार से कटरा-अहमदाबाद कटराएक्सप्रेस का भी स्टॉपेज अलवर और खैरथल में ऐड किया गया, यहीं के लोगों की डिमांड थी।

Q:अलवर को क्या मिला वह बता दीजिए?

A:आगे सुनिए पूरी बात तो सुन लीजिए। जब तक पूरी तरीक़े से, जब तक पूरी रेलवे लाइन में कपैसिटी एडिशन नहीं होगी तब तक तो आप नई रेल गाड़ियाँ ओल्ड लाइन के ऊपर एक सीमित ही शुरू कर सकते हैं। यह रेल लाइन शत प्रतिशत से अधिक चल रही है जब तक इसमें एडिशनल रेलवे लाइन नहीं लगेगी तब तक इसकी नई ट्रेन शुरू करने के लिए पाथवे तो चाहिए।

और इसी के लिए जो ऑनगोइंग वर्क है डबलिंग का अलवर से बांदीकुई का, जो काम इलेक्ट्रिफिकेशन का दिल्ली सराय रोहिल्ला से लेकर पूरा कर रहे हैं उसके बाद जो कपैसिटी एडिशन होगी उसी से अब नई रेलगाड़ी शुरु कर पाएंगे।

Q:नहीं सर बेसिकली अलवर की जो कपैसिटी है पर डे 30-35,000 रन वे है माल गाड़ियों के जितनी भी जो स्टॉपेज गाड़ियां हैं। तो उसी हिसाब से यहाँ अगर सुविधा देखें दो प्लेटफार्म हैं मात्र उस पर सारी गाड़ियाँ रुकती हैं और जो गाड़ियाँ हैं वह पहले से चल रही हैं।

A:ट्रैक के हिसाब से ही रुक सकती हैं ना, ट्रैक में पाथवे नहीं होगा।

Q:प्लेटफार्म तो बढ़ा सकते हैं ना सर?

A:प्लेटफार्म बढ़ाकर कोई फ़ायदा नहीं है जब तक पाथवे नहीं होगा। बिना पाथवे के रेलगाड़ी नहीं चल सकती है।

Q:जो गाड़ियाँ वहाँ नार्थ ईस्ट से आती हैं और मथुरा जाकर खड़ी हो जाती हैं। क्या यहाँ इतना ट्रैफ़िक रहता है…?

A:मैंने बताया ना पाथवे की इशू है, खड़ी रहने की इशू नहीं है। अभी जैसे जहाँ-जहाँ पाथवे अवेलेबल है मैं आपको एक उदाहरण देता हूँ गतिमान एक्सप्रेस दिल्ली से चलकर आगरा जाती थी, 2 घंटे में 1.75 घंटे में पहुँच कर खड़ी रहती थी, शाम को वापस आती थी। हमें पाथवे मिला हम बढ़ाकर उसको ग्वालियर तक ले गए, फिर ग्वालियर से आगे झाँसी का पाथवे मिला तो झाँसी तक ले गए।

तो हमारे लिए तो रेलवे के लिए बहुत ज़रूरी है कि हम और गाड़ियाँ बढ़ाएं, और लंबा खींचे गाड़ियों के सफ़र को पर जब तक पाथवे नहीं हो और कपैसिटी बड़े नहीं तब तक उसको करना एक्सिस्टिंग और यह इतने वर्षों में जो कपैसिटी नहीं add की इतने वर्षों में मैंने अभी बताया कहाँ 3400 करोड़ और कहाँ 13,000 करोड़ तो हम इनवेस्टमेंट कर रहे हैं जिससे आगे चलकर प्रदेश में और काम हो सके।

Q:अलवर को क्या मिला वह है सवाल?

A:मैंने अभी इतना दिया और आपको चाहिए तो लिस्ट आपके पास छोड़ जाऊँगा।

Q:अलवर के लिए बुलेट ट्रेन की बात थी कांग्रेस के राज में हाई स्पीड ट्रेन की बात थी। वह अलवर आनी थी लेकिन नीमराना तक वहाँ तक अटका के दूसरी तरफ़ वह डाइवर्ट हो गया। अब वह योजना कहाँ है यह बताइए?

A:यह तो कांग्रेस वाले ही जवाब दे पाएंगे उन्होंने क्यों डायवर्ट।

Q:अभी कोई योजना है या नहीं है?

A:अभी मैंने जैसे आपको बताया और यह पहले भी यह विषय आया कि जो हाई स्पीड अभी बन रही है वह देश की पहली हाई स्पीड रेलवे है जो मुंबई से अहमदाबाद। वह रूट भी हमारे आने के पहले तय हुआ था। मनमोहन सिंह जी की सरकार ने तय किया मुंबई-अहमदाबाद को पहला हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाया जाए और वह जापान से चर्चा करकर लेकिन वह निर्णायक सरकार नहीं थी, निर्णय लेने में असफल रही। हमने आने के बाद उस निर्णय को तेज़ गति दी।

इसके अलावा देश में अलग-अलग सेक्शंस को स्टडी किया जा रहा है। दक्षिण भारत में दिल्ली से जयपुर, दिल्ली से चंडीगढ़, दिल्ली से लखनऊ, आगरा से बनारस, चेन्नई से बैंगलोर, मुंबई से बैंगलोर, अलग-अलग सेक्शंस अलग-अलग कंपनियों द्वारा विदेशी कंपनियों को भी इसमें जोड़कर स्टडी करकर अलग-अलग सेक्शंस कैसे हाई-स्पीड और सैमी हाई-स्पीड के बनें इसके लिए सरकार काम कर रही है और कांग्रेस तो उलटे हाई-स्पीड ट्रेन और बुलेट ट्रेन के विरोध में प्रचार कर रही है।

Q:आदरणीय वसुंधरा जी ने यह कहा था कि मैं हाई-स्पीड ट्रेन के बारे में बात करती हूँ कांग्रेस से, केन्द्रिय मंत्री से बात की है।

A:आपकी जानकारी के लिए कांग्रेस से तो आज तक बुलेट ट्रेन की आलोचना के अलावा आज तक समर्थन नहीं किया है, आपकी जानकारी के लिए।

Q:अभी सर कोई योजना है कि दिल्ली से नीमराना-अलवर के लिए कोई ट्रेन?

A:दिल्ली से जयपुर में हाई-स्पीड ट्रेन लगे और मैं समझता हूँ स्वाभाविक है वह यही रूट से होकर जाएगी इस पर यह […] के अंदर है और ऐसे ही पूरे देश में किस प्रकार से हाई-स्पीड ट्रेन मेक इन इंडिया के तहत…

Q:विचार ही पाइपलाइन में है ना सर, काम नहीं है ना?

A:अभी तक कोई एग्रीमेंट, कोई भी विदेश के साथ अभी तक एग्रीमेंट नहीं हुआ है क्योंकि इसके लिए फंडिंग एग्रीमेंट होना चाहिए, टेक्नोलॉजी एग्रीमेंट होना चाहिए।

Q:बाई इलेक्शन में मैडम ने यह कहा था कि जयपुर से दिल्ली के बीच बुलेट ट्रेन, हाई-स्पीड ट्रेन की मैंने मंत्री जी से बात कर ली है […] लेकिन उन बातों को भी आज 8-10 महीने हो गए।

A:पर 8-10 महीने में बुलेट ट्रेन नहीं तय होती है भाई साहब। 8-10 महीने में बुलेट ट्रेन तय नहीं होती है।

Q:सब हो चुकी है, सब हो चुका है काम। वह आश्वासन उनका झूठा था?

A: 8-10 महीने में बुलेट ट्रेन नहीं तय होती है। कांग्रेस के ज़माने में, कांग्रेस के ज़माने में तो निर्णय ही नहीं ले पाते थे। हमने उन सबको आगे बढ़ाया है और जैसा मैंने कहा कि 8-10 सैक्शन जिसमें दिल्ली से जयपुर भी आता है यह सब चर्चा चल रही है विदेशी कंपनियों द्वारा और जैसे-जैसे तय होगा उसको कार्यान्वित करेंगे।

Q:अब सर आप कह रहे हैं कांग्रेस सरकार ने ऊर्जा की स्थिति इतनी जर्जर थी कि वसुंधरा सरकार ने बदल दिया। अलवर शहर के […] क्षेत्र है वहाँ पर घेघोली गावँ है कांग्रेस सरकार में भी वहाँ लाइट नहीं थी 50 गाँवों में और आज भी लाइट नहीं है।

A:मैं समझता हूँ आज राजस्थान में एक भी गाँव ऐसा नहीं है जिधर बिजली नहीं पहुँची है। यह कोई मजला, टोला या ढ़ाणी होंगे गाँव के बाहर जहाँ पर..

Q:नहीं-नहीं अलवर शहर से मात्र सात किलोमीटर दूर है फिर मंदिर है तीन किलोमीटर वहाँ लाइट जा रही है।

A:मान लिया, पर वह रेवेन्यू विलेज नहीं होगा कोई मजला या टोला या ढाणी होगी। इतना तो मैं बिजली मंत्री 3.5 साल रहा मैं पक्का बोल सकता हूँ। वहां पर अभी सौभाग्य योजना के तहत हर घर तक बिजली पहुँचाने का काम चालू है।

Q:सर जिन ज़िला मुख्यालय पर रेल नहीं पहुँची है उनके लिए क्या प्रोग्राम है […]?

A:देखिए जहाँ-जहाँ पर देश में रेलवे की सुविधाएँ नहीं पहुँची है उसका एक पूरे देश भर की योजना बनाने के लिए लंबे अरसे से फंड्स की शॉर्टेज रही है। मोदी सरकार आने के बाद लगभग 3 गुना इन्वेस्टमेंट रेलवे क्षेत्र में देश भर में हुआ है। राजस्थान का तो मैंने बताया लगभग 4 गुना हो गया है, 3500 करोड़ से लगभग 14,000, लगभग चार गुना हो गया है और यही स्थिति तेज़ गति से रेलवे की देश भर में विस्तार करने की हमारी योजना है।

Q:सर एक आपने कहा कि सीपी जोशी के जिस तरह के बयान आए हैं उसके बाद कांग्रेस की धार्मिक और जातिगत आधार पर आपने कई तरह के आरोप लगाए। आपके ही एक फ़ायरब्रांड श्री ज्ञानदेव आहूजा जिन्होंने अभी निर्दलीय लड़ने का कहीं न कहीं प्रयास किया और उसके बाद उन्हें प्रदेश का उपाध्यक्ष बना दिया गया। तो इस नीति को क्या माना जाए?

A:मैं समझता हूँ आहूजा जी पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ता हैं और पार्टी के लिए अपनी सेवाएँ उन्होंने पहले भी दी हैं, आगे भी देते रहेंगे।

Q:ऐसी एक भी सीट तय की है जो बिना जाति के BJP में तय हुई है, एक भी एक भी बता दो अलवर से लेकर […]?

A:हमारी सब सीटें बिना जाति के तयहुई। हमारी सभी सीटें बिना जाति के तय हुई हैं।

Q:नहीं आप बताओ ना?

A:मैं तो सभी कह रहा हूँ 200 की 200। 200 की 200 सीटें बिना जाति के तय हुई हैं।

Q:एक जो शिवसेना ने राम मंदिर का जो मुद्दा चल रहा है इस समय। उसको लेकर क्या दिक़्क़त आ रही है?

A:हमें कोई दिक़्क़त नहीं आ रही है।

Q:तो शिवसेना वहाँ कूच कर रही है, उधर वह अखिलेश कह रहे हैं कि सेना लगा दी जाए। तो BJP क्या कर रही है?

A:हमें कोई सेना लगाने की परिस्थिति वहाँ नज़र नहीं आ रही है।

Q:तो मुद्दा तो BJP का था, BJP लेकर चली थी राम मंदिर। अब क्यों पीछे हट गई BJP?

A:विश्व हिंदू परिषद की भी वहाँ पर बड़ी बैठक चल रही है, शिवसेना के भी कुछ कार्यकर्ता वहाँ पर आए हैं उससे हमारे को कोई दिक़्क़त नहीं है।

Q:आचार्य धर्मेन्द्र जी अलवर आए थे उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि मोदी जी शिरडी चले जाते हैं लेकिन आयोध्या नहीं जाते हैं। तो वह राम को लेकर उनका कहीं न कहीं यह था कि उनको कोई इंटरेस्ट नहीं है अयोध्या जाने में। क्या लगता है?

A:उनके निजी वक्तव्य पर मैं क्या बयान दे सकता हूँ। आचार्य धर्मेन्द्र जी एक धार्मिक नेता हैं और उन्होंने अपने हिसाब से बयान दिया है।

Q:अयोध्या आंदोलन से जुड़े हुए नेता हैं सर।

A:हाँ-हाँ, बकायदा हम उनका पूरा आदर सम्मान करते हैं।

Q:राम मंदिर कब तक बनाएँगे, क्या है आपका?

A:राम मंदिर अयोध्या में बनना चाहिए यह भारतीय जनता पार्टी का पक्का विश्वास है, मानना है, यह देश की अस्मिता के साथ जुड़ा हुआ है। देश का हर कोने-कोने से यह माँग है कि अयोध्या में एक भव्य राम मंदिर बने और जैसा हमने अपने मैनिफेस्टो में भी लिखा था भारतीय क्या पार्टी का मानना है कि या तो आपसी तालमेल से राम मंदिर का निर्णय हो जाए और या क़ानूनी फ़ैसला हो और वहाँ पर राम मंदिर बने।

Q:सरकार क्या अध्यादेश लाने की कोई योजना बना रही है?

A:अभी तो कोई योजना हमारे सामने नहीं है। अभी कोई हमारे समक्ष, अभी हमारे समक्ष कोई योजना नहीं है। आज के दिन कोई समक्ष हमारे योजना नहीं है।

Q:आप सर अलवर आए और आपके यहाँ कैबिनेट मिनिस्टर आपकी पार्टी के सामने लड़ रहे हैं। आपने कहा कि हम सरकार बना रहे हैं। वहीं राज्य में ऐसी कई सीटें हैं जो कांग्रेस आप जिन बाहरी की बात कर रहे थे पैराशूटी उम्मीदवारों की वह लोग उतरकर आए और दूसरे दिन पार्टी का टिकट मिल गया और चुनाव लड़ रहे हैं। क्या उस कार्यकर्ता का क्या होगा जो…?

A:मैं समझता हूँ सीटों का बँटवारा बहुत सोच समझकर, सर्वे के आधार पर, पार्टी के कार्यकर्ताओं की भावनाओं को लेकर तय किया जाता है।

Q:सर्वे में कांग्रेस वाले ही मिले?

A:जो भी पार्टी ने उपयुक्त कैंडिडेट समझा उसको सीट दी गई है।

Q:पाँच साल में राजस्थान में अच्छा काम हुआ, सबने अच्छा काम किया आप बता रहे हैं जिस तरह से, विकास भी हुआ, ठीक है? सभी MLAs ने काम किया तो एकदम चहरे क्यों बदल दिए गए?

A:जहाँ पर पार्टी को लगा कि कैंडिडेट दूसरा आने की आवश्यकता है, कार्यकर्ताओं की भावना और सर्वे को लेकर देश भर में कैंडिडेट्स बदले जाते हैं। यह कोई पहली बार राजस्थान में नहीं बदले हैं। देश भर में कैंडिडेट्स सर्वे के आधार पर तय किए जाते हैं।

Q:अलवर में चार लड़के ट्रेन के सामने कूदकर […] यह बताया गया कि बेरोज़गारी से तंग थे और नौकरी नहीं मिल रही थी?

A:यह आपने कहा हमें तो अभी इसकी कोई जानकारी नहीं है। हमारे पास तो उसकी कोई जानकारी नहीं है। बहुत दुखद हादसा है लेकिन हमारे पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है।

Q:चार लड़के मरे हैं बेरोज़गारी के कारण?

A:यह कारण था यह हमारे पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है।

Q:सर एक सवाल यह आपके रूडी जी बैठे हैं इन्होनें कहा था कि डैमेज कंट्रोल हम इसलिए कर रहे हैं की जो निर्दलीय हो गए उन्हें वापस लाया जाए और दूसरी बार इन्होनें कहा बग़ावत करने वाले बागियों से हमें कोई फ़र्क नहीं पड़ता। किस बात पर यक़ीन करें?

A:देखिए अगर कोई गुमराह मैं बताता हूँ अगर कोई व्यक्ति पार्टी से अलग होता है तो हमारा पूरा प्रयत्न रहता है कि उनको साथ में जोड़ा जाए, हमारे परिवार के सदस्य हैं लाया जाए और पूरी कोशिश करते हैं और उसके बावजूद अगर वह नहीं आता है तो पार्टी हमारी डिसिप्लिन वाली पार्टी है उनके ऊपर सख़्त से सख़्त कार्रवाई होती है।

Q:नहीं एक बार कह रहे हैं कि फ़र्क नहीं पड़ता और एक बार लाने का प्रयास हो रहा है?

A:क्योंकि यह कैडर बेस्ड पार्टी है और हमारी पार्टी विचारधारा से जुड़ी है, हमारा नेतृत्व सक्षम है कि अगर कोई व्यक्ति पार्टी छोड़कर भी जाता है तो हमारे कार्यकर्ता उस व्यक्ति के बग़ैर भी पार्टी को विजय बना सकते हैं।

Q:प्रधानमंत्री के अलवर को चुना गया, पहले ही रैली यहाँ की गई इसके पीछे कुछ कारण था या?

A: 2013 में भी हमने पहली रैली अलवर से ही शुरू की थी और हमारा विजय यात्रा यहाँ से शुरू हुई थी, फिर एक बार यहाँ से शुरू होगी।

Q:पार्लियामेंट के इलेक्शन में थी, पार्लियामेंट में थी।

A: 2013 में भी, आप ‘13 में शायद भूल गए असेंबली इलेक्शन थे।

 

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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