धन्यवाद सिंह साहब, सबसे पहले तो आपसे माफ़ी चाहूंगा मुझे विलंब हुआ| माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जी के साथ एक कार्यक्रम में था और चुनावी तैयारियाँ चल रही हैं इस कारण मैं समय पर नहीं आ पाया| वास्तव में मुझे लगता है आरा के साथ मुझे कुछ ज़्यादा ही प्यार हो गया है और आरा के सभी नागरिकों के साथ समय-समय पर मुझे जुड़ने का मौका मिला| शायद एक मात्र क्षेत्र है| मुझे लगता है पूरे देश में सिंह साहब एक मात्र छेत्र है पूरे देश का जहां से मैं चौथी बार कार्यक्रम कर रहा हूँ मेरे छोटे ही डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में|
पहले जनवरी में मैं वीडियो-लिंक से आपके कार्यक्रम में आया था जब आरा स्टेशन के नवीकरण की आधारशिला रखी थी| उसके बाद 12 अगस्त को तो मैं स्वयं ही आरा आया, आपकी लोकप्रियता भी देखने का, जांचने का मुझे एक मौका मिला| और वास्तव में उस दिन बहुत ही प्रसन्नता हुई जब आरा-सासाराम का भी विद्युतीकरण का काम शुरू करने का, आधारशिला रखी गयी| एक एफओबी भी बनाया जा रहा है वहां पर, स्टेशन पर और 8 दिसंबर हाल में ही, दो महीने-तीन महीने पहले जो श्रमजीवी एक्सप्रेस का कार्यक्रम कई वर्षों से बिहिया और दिल्ली-लखनऊ को जोड़ने की आपके लोगों की माँग थी|
यह तीनों कार्यक्रम के आज चौथा कार्यक्रम करने का मुझे सौभाग्य मिला| आप देश में बिजली पहुंचाने का सौभाग्य दे रहे हैं सभी को, मुझे अपना छोटी सी आहुति देने का मौका मिला आरा के हमारे छेत्र के विकास में| प्रसन्नता भी है, ख़ुशी है कि राँची के साथ अब सीधा आपका जोड़ने का कार्यक्रम हो गया है| यह ट्रेन बहुत महत्वपूर्ण इलाके से गुज़रेगी – मूरी, बोकारो शहर, गोमो, कोडरमा, गया और सासाराम – इन सब स्टेशनों से होते हुए यह रांची तक आपका सफर पूरा करेगी, रांची और आरा के बीच में|
और मैं समझता हूँ भोजपुर की जनता से इस प्रकार से सीधा संवाद का यह लाभ मिला कि वहाँ की क्या ज़रूरतें हैं, क्या आवश्यकताएं हैं, किसपर मुझे बल देना चाहिए| तो आज यह हरी झंडी दिखाकर नयी ट्रेन भी शुरू होगी| साथ ही साथ दो एस्केलेटर भी लगे हैं आरा स्टेशन पर, वह भी आज से दिव्यांगों के लिए, वरिष्ठ नागरिकों को विशेष सुविधा देंगे और यात्रियों के लिए सरल सुगम हो जाएगा, आरा स्टेशन पर उतरना- चढ़ना|
इसी के साथ-साथ एक हावड़ा एंड पर जो नया एफओबी बना है, वह भी यात्रियों को बेहतर आवागमन के लिए, सुविधा के लिए उपलब्ध होगा| लाइटिंग भी पूरे आरा स्टेशन की सुधारी गयी है जिससे और सुंदर लगे स्टेशन| वीर कुंवर सिंह जी का एक बहुत सुंदर चित्र बना है आरा में| ऐसे ही अलग-अलग प्रकार से सौंदर्यीकरण करने का काम आरा में चल रहा है जो मुझे बताया गया है कि लगभग अगले 6-8 महीने में पूरा हो जाएगा पूरे रूप से|
इसी के साथ-साथ एक जो विद्युतीकरण का काम हमने अगस्त में शुरू किया था| मुझे बताया गया है कि 15 मार्च तक वह पूरा हो जाएगा, तब आप और हम दोनों ही चुनाव के मैदान में व्यस्त होंगे, तो अभी से ही आपकी जनता को यह सूचित कर दिया जाए कि इस विद्युतीकरण का काम 15 मार्च तक पूरा हो जाएगा और फिर तेज़ गति से गाड़ियाँ वहां चल पाएंगी|
मैं आपको सिंह साहब बधाई दूंगा जिस प्रकार से आपने एकमात्र बिहार अकेले में 32 लाख से अधिक घरों को बिजली से लाभान्वित किया, बिजली पहुंचाई| अपने आपमें एक विश्वस्तरीय रिकॉर्ड बनाया है आपने| और लगभग ढाई करोड़ घरों को देश भर में जो वंचित थे बिजली से उन सब घरों तक बिजली पहुँचाकर एक अलग ही कीर्तिमान, पूरा विश्व इसकी चर्चा कर रहा है और व्यक्तिगत तौर पर मैं जानता हूँ आपने सिंह साहब कितनी मेहनत, कितना लगन से और आपको तो माना जाता है बड़ा टफ अफसर है| लोग नहीं जानते थे टफ अफसर उतना ही टफ मंत्री भी बन जाएगा| पर आपने जिस प्रकार से अपना विभाग संभाला है, जिस प्रकार से लगाम लगाया है इस पूरे सौभागय योजना को आज ढाई करोड़ से अधिक परिवारों को पहली बार बिजली मिली| यानी 10 करोड़ से अधिक, 10-12 करोड़ लोगों को पहली बार बिजली मिली| लाखों-करोड़ों विद्यार्थियों को बिजली की सौगात आपने पहुंचाई| मैं तहे दिल से आपका धन्यवाद भी करता हूँ और बधाई भी देता हूँ इस सफलता के लिए|
मैं समझता हूँ कि बिहिया में एक रोड ओवर-ब्रिज भी बन रहा है….. उसका काम भी तेज़ गति से है| तीन नयी ट्रेन, तीन नयी स्टॉपेज दी गयी हैं आपके इलाके में और अब 22 करोड़ के खर्चे से ट्विनिंग गंज, कुल्हरिया, कोईलवर, कारीसथ और बधौरा – इन सबमें नये एफओबी बन रहे हैं| बिहिया स्टेशन पर एक पीएफ शेड और एफओबी बन रहा है| जो प्लेटफार्म का सरफेस है वह हाल्ट स्टेशनों का सुधारा जा रहा है| बाउंडरी वाल बनायी जा रही है बिहिया, बनाही, रघुनाथपुर, चौसा, आरा ओर दानापुर में|
यह सब चीज़ों पर 22 करोड़ रुपये की लागत आपके छेत्र में और लगने जा रही है| 100 करोड़ का तो विद्युतीकरण का काम अब ख़त्म होगा ही| साथ ही साथ 25 करोड़ के और काम हमने सुनिश्चित किए हैं आपके छेत्र में| एक क्रॉसिंग स्टेशन बनाही स्टेशन पर 12 करोड़ की लागत से बनने जा रहा है| साथ ही साथ एक नया फ्रेट टर्मिनल कुल्हरिया में लग रहा है| और पटना से पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर तक एक बाउंडरी वाल बनाकर सुरक्षित हो जाए दोनों तरफ की जनता यह भी कार्य जल्द ही शुरू होने जा रहा है|
मैं समझता हूँ बड़े रूप में आरा का और आरा की पूरी जनता का विकास हो रेलवे का और उनकी यात्रा सुगम हो, इसके लिए हम सब संकल्पित हैं| आपने समय-समय पर मुझे जैसे-जैसे काम बताए उसपर हमने पूरी तरीके से काम करने की चेष्ठा की है| आगे भी मुझे पूरा विश्वास है आरा की जनता, अब वैसे चुनाव को अभी समय है लेकिन आरा की जनता देख रही है किस प्रकार से आपने सेवा की है आरा की जनता की और मैं समझता हूँ माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का आशीर्वाद आप पर, मुझ पर, आरा पर और आरा के हर नागरिक पर लगी रहेगी| प्रधानमंत्री मोदी जी के कुशल और बहुत ही निर्णायक नेतृत्व में यह देश आगे प्रगति करता रहेगा बिहार में नितीश कुमार जी के नेतृत्व में बिहार प्रगति करता रहेगा और आरा में आपके कुशल और कर्तृत्ववान नेतृत्व में आरा की जनता का विकास लगातार आगे लंबे समय तक होता रहेगा| इस विश्वास के साथ मैं आप सबसे विदा लेता हूँ| अब हम इस ट्रेन को फ्लैग-ऑफ करकर आज की ख़ुशखबरी को वास्तव में कार्यान्वित करने का काम करेंगे|
बहुत-बहुत धन्यवाद|
सबसे पहले तो आप सभी को महाशिवरात्रि की बहुत-बहुत ढेर सारी शुभकामनाएं, मुझे नहीं लगता शायद आज और शिवरात्रि के बीच हम फिर एक बार मिल पाएंगे, आहिस्ते-आहिस्ते चुनावी काम भी बढ़ते जा रहे है, और जिम्मेदारियां हम सबके ऊपर फिर एक बार जनता के बीच जो हमने काम किया और जो अब आगे करने का हमारा संकल्प है उसकी ओर तेजी से बढ़ रही है | वास्तव में यह जितने काम हुए है वह फिर दर्शाता है कि यह सरकार ने नामुमकिन को मुमकिन किया है, मैं दावे के साथ कह सकता हूँ इसमें एक भी विषय ऐसा नहीं है जो मोदी सरकार आने के पहले इस स्पीड पर, इस स्केल पर इस क्षमता के साथ और इस ईमानदारी के साथ पहले कर पाई हो, वास्तव में नामुमकिन को मुमकिन करने की एक मिसाल आज चेयरमैन रेलवे बोर्ड और कोल् सेक्रेटरी ने आपके समक्ष रखी है|
मैं देख रहा था कि पांच साल पहले जब भारतीय जनता पार्टी 2014 में चुनाव में उतरी थी तब हमने एक संकल्प पत्र देश के समक्ष रखा, वास्तव में जो काम हुआ है कभी कोई ऐसे संकल्प पत्र में लिखा और उसके हिसाब से हमने क्या किया ऐसा मैंने तो कमसे कम पांच साल में कभी इस प्रकार से, उस दृष्टिकोण से काम को देखने की चेष्टा नहीं की, जो देशहित में है, जो जनहित में है वह हमें करना है |
लेकिन अब चुनाव फिर आ रहा है तो मैंने कहा कि ज़रा देखें मैनिफेस्टो के क्या-क्या बिंदु थे, क्या-क्या बिंदुओं पर कैसे काम हुआ तो मुझे प्रसन्नता है आपसब से बताते हुए कि वास्तव में मैनिफेस्टो का एक-एक अंश पर काम हुआ है, अच्छा काम हुआ है, तेज गति से काम हुआ है, यह बताता है कि जब हम संकल्प पत्र या मेनिफेस्टो बनाते है तो वो कितना सोच समझ के समय के अनुकूल क्या काम करने की आवश्यकता है उसके हिसाब से बनता है और जो हमने काम किया, क्योंकि वो उन चीजों को एक प्रकार से कार्यान्वित करता है, वह दर्शाता है कि हमारे काम में भी पूरी तरीके से देशहित और जनहित कैसे प्राथमिकता लेती है।
उदाहरण के लिए जब मैंने कहा कि सब unmanned level crossings ब्रॉडगेज पर हम एलिमिनेट कर देंगे तब मुझे ध्यान नहीं था कि मैनिफेस्टो में भी यह लिखा गया है ‘conversion of all unmanned crossing into manned crossings’. यह तो जब आज की तैयारी करने के लिए मेरे लड़कों ने मैनिफेस्टो देखा तो उसमें यह निकला, मैं सिर्फ एक झलक दे रहा हूँ, मैं सब नहीं गिन रहा हूँ। अगर यह लिखा है हमने मैनिफेस्टो में ‘connectivity of North East & Jammu & Kashmir with rest of India through rail lines.’
मैनिफेस्टो में लिखते हुए हमारी प्राथमिकता एकदम स्पष्ट थी पर जब काम हो रहा था तो क्योंकि मैनिफेस्टो में लिखा था इसलिए उसको तेज गति नहीं दी, यह हमारा मानना है कि पूर्व उत्तर और कई भारत के राज्यों के साथ पिछले दशकों में अन्याय हुआ, जितनी तेज गति से काम होना चाहिए उतनी तेज गति से काम नहीं हुआ। हमने उसपे फोकस किया और आज ख़ुशी की बात है कि नार्थ-ईस्ट नेटवर्क पूरा ब्रॉडगेज में कन्वर्ट हो गया है, सभी कैपिटल कनेक्ट होते जा रहे है एक के बाद एक, जम्मू कश्मीर में जम्मू से श्रीनगर की रेल लाइन को और गति दी है और कैसे वह और जल्दी हो सकता है।
एक पॉइंट था to promote cleaner fuels, हमने 100% इलेक्ट्रिफिकेशन पर जो तेज गति दी है, अभी बताया 600 से बढ़कर 6000 किलोमीटर मात्र 5 वर्ष में प्रति वर्ष 6000 किलोमीटर की स्पीड मैं नहीं समझता यहाँ बैठे कोई रेल के अधिकारी ने भी कल्पना कि होगी । तो इसी प्रकार से अन्य-अन्य चीज़ें, हमने सोचा था कि Initiation of Research & Development For Indigenous Railways Coach Design & Signals, और अभी बताया तीनों पर काम हुआ है, Indigenous Coach Design आपने वंदे भारत का स्वाद लिया Indigenous Design अभी-अभी बताया कि पहले से चला आ रहा है, पर अब उसको हमने successfully complete किया है और उसका काम टेंडरिंग में शुरू हो गया है ।
तो ऐसे एक-एक चीज को tourist rail including pilgrimage rail, यह भी हमारे मैनिफेस्टो में लिखा था हमने बढ़ावा दिया, कुंभ का आपने देखना कितना सफलतापूर्वक, करोड़ो जो श्रद्धालु कुंभ में आये है स्नान करने उन सबकी सुविधाजनक रेल यात्रा हो सुगम यात्रा हो उसको सुनिश्चित किया गया, तब कल्पना मुझे नहीं थी तभी कि मैनिफेस्टो में भी मैं involved था उस समय, पर कल्पना नहीं थी कि Wi-Fi का इतना बढिया मौका मिलेगा, तब हमने यह लिखा था ‘Wi-Fi facility in public areas’, आज 800 स्टेशन में तो Wi-Fi मुफ्त में रेलवे में हो ही रहा है और 4000 स्टेशन को हम कवर करने जा रहे है । तो यह एक प्रकार से दिखाता है कि भारतीय जनता पार्टी का मैनिफेस्टो हमारे लिए वास्तव में एक मूल मंत्र, हमारी गीता, हर प्रकार से हमारे लिए एक sanctity रखने वाला document है, sacred document है और उस प्रकार से हम काम करते है, काम करते हुए हर समय हमें झाँकना नहीं पड़ता, हम दिनोदिन आपमें से कोई अपना धर्म का ग्रन्थ तो नहीं पढ़ते गीता हो कुरान हो गुरुग्रंथ साहिब हो हम सब रोज तो नहीं पढ़ते, पर हमारे में यह ingrained होता है उस प्रकार का जीवन जीना है, अच्छा ईमानदार स्वच्छता से अच्छा जीवन जीना है ।
इसी प्रकार से जो-जो काम हुए वो नार्मल कोर्स में हुए उसका मैनिफेस्टो में उसका आपको जिक्र दिखेगा और कोल का भी मैं देख रहा था एक-एक विषय हमने यहाँ तक लिखा था ‘Auction of precious resources through efficient mechanism including e-auction, अब हमें कहाँ 2014 में चुनाव के पहले मालूम था कि सुप्रीम कोर्ट सब 204 माइनें कैंसिल कर देगा, पर हुई और हमने एक ईमानदार व्यवस्था देश में ईमानदार प्रणाली शुरू की ।
Resource mapping करने की बात हमने की थी कि तेज गति देंगे, वो गति ऐसी बढ़ी कि कहाँ 7 लाख मीटर होते थे ‘13-14 में आज लगभग दुगना होना शुरू हो गए, हर चीज में उत्पादन की वृद्धि to increase domestic coal exploration & production to bridge the demand supply gap. एक हमने स्टडी किया अगर प्रोडक्शन जिस तेज गति से मोदी सरकार ने बढ़ाई नहीं होती तो शायद आज जो इम्पोर्ट हो रहा है कोयला वह लगभग डेढ़ गुना हो जाता, अगर यह गति नहीं दी होती कोल प्रोडक्शन को, डेढ़ गुना आज इम्पोर्ट हो रहा होता कोयला ।
तो अन्य-अन्य तरीके से एक पांच साल का कोशिश की गई है जितने कम शब्दों में, सिर्फ प्रमुख बिंदु लिखे है, जो original document बना था वह 500 पेज का था लगभग, 500 page document बना था वो 500 पेज को हमने 50 पेज में और सिर्फ मुख्य बिंदु के रूप में, 47 पेज में कन्वर्ट किया है जिसको ज़्यादा रुचि हो तो जितने आप आर्टिकल लिखने चाहे उतने ज़्यादा आपको हम इनफार्मेशन दे सकते है, उतना ज़्यादा काम हुआ है पांच साल में और वास्तव में नामुमकिन को मुमकिन करने वाली सरकार इस देश ने पिछले पांच साल में देखी है, मैं माननीय प्रधानमंत्री का धन्यवाद करना चाहूंगा जिन्होंने कुशल और निर्णायक नेतृत्व इस देश को दिया हम सबको दिया, चाहे हम मंत्री हो, चाहे अधिकारों हो चाहे कर्मचारी हो और वास्तव में प्रधानमंत्री मोदी जी ने यह सिद्ध कर दिया पूरे विश्व के सामने कि एक दृढ संकल्प के साथ, कि एक ईमानदार निर्णायक नेतृत्व जब देश का कमान संभालता है, कोई संस्था का कमान संभालता है तो वास्तव में सफलता शत-प्रतिशत निश्चित है और सफलता एक मजबूत नेतृत्व के सामने कभी let down नहीं करती कभी काम को विफल नहीं होने देती ।
और कई बार मैंने कहा है vision & leadership will always define the success of any organisation, the success of any nation. और मैं समझता हूँ प्रधानमंत्री मोदी जी की vision और leadership के कारण आज हम रेलवे में हो या कोयले में हो दोनों क्षेत्र में ऐतिहासिक काम करने में सफल हुए है, उनको देश के हर नागरिक की ओर से और हम सब की ओर से मैं धन्यवाद देना चाहता हूँ ओर आशा करता हूँ उनका कुशल नेतृत्व आगे चलकर भी इसी प्रकार से इस देश को और हम सबको मार्गदर्शन देता रहेगा, उनके कुछ दो पंक्तियाँ उन्होंने कल परसों कुछ कही थी उसको मैं कह कर अपनी बात को विराम दूंगा
“देश चल पड़ा है प्रगति पथ पर
बस यूहीं चलते रहना है
बहुत कुछ मजबूत किया है
बहुत कुछ मजबूत करना है”
इस पांच साल में काफी कुछ हुआ है, हो सकता है यह सिर्फ एक pilot project के रूप में हमने काम किया है और आगे 5-10-15 साल और तेज गति देते हुए और बहुत सारे काम करने बाकी है जिसके लिए हम प्रतिबद्ध है संकल्प लेते है
बहुत-बहुत धन्यवाद.
प्रश्न-उत्तर
प्रश्न: पांच साल पांच बड़े काम रेलवे का सर ओर चुनाव आ रहा है तो मेनिफेस्टो में पांच क्या और उस तरह के काम आप रेलवे के लिए करेंगे?
उत्तर: उस सन्दर्भ में भारत में मन की बात यह कार्यक्रम देश में शुरू किया है, मैं आप सबसे अनुरोध करूँगा आप भी अपने विचार उसमें डाले और आज अगर डालते हो तो आज ही देके जाए जाने के पहले अपने विचार कि क्या बड़े आपको लगता है हमको लक्ष्य रखने चाहिए, आप सबसे सुनकर जनभागीदारी से हमारी भारतीय जनता पार्टी का संकल्प पत्र आगे बनने जा रहे है, तो फिर आपसे सुझाव लेके हम आपके सामने रखेंगे|
प्रश्न: रेलवे इतना बड़ा मंत्रालय है और कश्मीर से कन्याकुमारी तक इसका इम्पैक्ट है, कहते है हर वाकअप फ्लाइट पर लोग करते है, कौन सा एरिया है जो अभी भी आप चाहेंगे छू नहीं पाए थे चाहेंगे कि नेक्स्ट टाइम अगर थोड़ा मौका मिलता तो…..
उत्तर: मैंने कहा न हर एक काम बेमिसाल हुआ है और हर एक काम में और आगे बहुत मार्ग जाना बाकी है.
प्रश्न: North East & J&K की एक्टिविटी में थोड़ा…?
उत्तर: मैंने अभी उसका ब्यौरा दिया अभी और डिटेल चाहिए तो मेरे अधिकारी उसकी पूरी डिटेल देंगे ऐतिहासिक काम जो पिछले 50 साल में नहीं हुआ वह हमने 5 साल में करके दिखाया
प्रश्न:…
उत्तर: You have to see two things, पहली बात तो कोल में एक कंपनी है Neyveli Lignite Corporation (NLC India Limited) मैंने हाल में ही 3-4 दिन पहले उसका रिव्यू किया और उसका cost of power production & generation & supply to the Discoms आप सबको हैरानी होगी लगभग 20 प्रतिशत घटा है for better efficiency and better outcome. इसीलिए यह तो मैं कोल मंत्रालय का अपना रिपोर्ट कार्ड दे रहा हूँ और कॉल मंत्रालय में NLC India Limited ने अपना cost of power generation 20% घटाया अंदाजन in the last 3 years.
मेरे हिसाब से overall जब आप पावर का भी देखिये, Power Ministers Conference आपको यह देखना पड़ेगा जिस परसेंटेज से पहले पांच-पांच साल में बढ़ता था उसके निस्बत यह पांच साल में आप पाएंगे gross calorific value सुधरी है कोयले की जितनी यूनिट बिजली बनती है वह सुधरी है, कोयले की availability सुधरी है स्टेट के यूनिट के लिए स्टेट जनरेटिंग कंपनियों के किये| तो ऐतिहासिक काम बिजली के क्षेत्र में भी हुआ है, you will have to see it in the prospective of अगर पहले की तरह चलता तो क्या हालत होती, जैसे हमने इम्पोर्ट में बताया, अगर इतना काम नहीं करते तो डेढ़ गुना हो जाता|
प्रश्न: मंत्री जी आपने सुझावों की बात की क्या अपना विज़न डॉक्यूमेंट…?
उत्तर: यहाँ नहीं देने, सुझाव आपको भारत के मन की बात पर लिखित भेजने है|
प्रश्न: आपने कहा पांच साल बहुत मजबूती के साथ काम किया गया है और आपने यह भी पुराने समय में कहा था कि यह पायलट प्रोजेक्ट है और जो पायलट के बाद परमानेंट भी होना है, यह जो बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट है हमारा उसकी तरफ आकर्षित करना चाहूंगा कि वो भी पायलट के तौर पर चल रहा है, कितना प्रोग्रेस हमने किया है और कितना प्रोग्रेस आपको लगता है अभी बाकी है?
उत्तर: स्पेसिफिक डिटेल मेरे लोग दे देंगे आपको, बुलेट ट्रेन में pert chart बनी हुई है, आप जानते है जैपनीज़ प्लानिंग के मामले में परफेक्ट काम करते है pert chart के हिसाब से, साधारणतः we are on schedule on most issues, जमीन में थोड़ा विलंब हुआ था लेकिन pert chart में enough slag है, जिसके कारण उससे कोई final outcomes में कोई तकलीफ नहीं होगी, मुंबई में जो सबसे long lead आइटम है वो मुंबई और मुंबई के बाद जो टनल जाती है उसके सब कॉन्ट्रैक्ट पर काम जिस गति पर जैपनीज़ चाहते थे चल रहा है तो वह प्रोजेक्ट on schedule है, वो भी 508 किलोमीटर का पहला प्रोजेक्ट है हम चाहते है वैसे और बहुत सारे प्रोजेक्ट देश में बनने चाहिए आगे चलकर कुछ Semi High Speed कुछ High Speed. आप चीन का उदाहरण देखेंगे तो उन्होंने भी 500 km से शुरू किया था.
आज मैं सुनता हूँ 25-30,000 किलोमीटर चीन में फैलाव हो गया है, ऐसे ही भारत भी तेज गति से प्रगति करेगा ऐसा इसलिए मैंने कहा, लेकिन हमारे पायलट प्रोजेक्ट की स्केल भी यह होती है कि Wi-Fi का पायलट 800 स्टेशन हम आलरेडी कर चुके हैं, अब 4000 करके सब main stations हो जायेंगे, सेकंड, इलेक्ट्रिफिकेशन 6000 तक पहुंच चुके है तो हमारे पायलट ही इतने बड़े होते है इतने सक्षम होते है कि उससे आप अंदाजा लगा सकते हो जब पूरा स्केल पर रोलआउट हो जाएगा तो क्या गति होगी|
प्रश्न: Sir could you tell us what is India’s current coal import situation, in terms of data. How much of thermal coal you have..?
उत्तर: Broadly, coal imports today are at the same level as they were 4 years ago & it shows that’s what I explained just now that if we had not improved so much then the coal import would have been one & half times what they are today.
प्रश्न: गोयल साहब आप आए तो कई सारे प्रोजेक्ट स्पीड हुए, चाहे ट्रैक रिन्यूअल का काम हो या लेकिन, एक चीज़ है आप के ही टेन्योर में चिनाब रिवर ब्रिज में चार महीने से काम बंद है, क्या वजह है और कब से काम शुरू हो पायेगा, हम लोग को लग रह था यह आपके टेन्योर में काम पूरा हो जायेगा?
उत्तर: वह बाद में आप जरा मेंबर इंजीनियरिंग के साथ डिटेल ले सकते है लेकिन हम सब जानते है कि वहां के प्रोजेक्ट की अपनी एक विशेषताएं होती है उसके हिसाब से चिनाब पर फोकस अगर पहले से किया होता तो शायद यह स्थिति नहीं आती कि इतना विलंब से चल रहा होता, अभी जितना काम वहां पर चल रहा है वो पहले के बनिस्बत बहुत तेज गति से चल रहा है, कुछ contractual claims है उसको sort out कर रहे है लेकिन we are still on schedule, जो schedule timelines है उसके अनुसार काम चल रहा है|
प्रश्न: पांच साल में…..?
उत्तर: हमारे को पैसे की कभी तंगी महसूस ही नहीं हुई, पहले के जमाने में रोज यह सुनने को मिलता था कि रेलवे के पास पैसा नहीं है इसके लिए प्रोजेक्ट डिले हो रहा है, हमें पैसे की कोई तंगी नहीं हुई, आज भी एक लाख करोड़ की लिमिट हमारे पास है, LIC की जिसमें हम शायद 16-20 हजार करोड़ रुपये खर्च चुके है और बहुत संभावनाएं है| आगे चलकर भी मैं देशवासियों को आश्वश्त करना चाहूंगा मोदी जी के रहते जो देशहित के कार्यक्रम है उसके लिए कभी पैसे की कोई कमी नहीं होने देंगे|
उत्तर: PSU listing IRCTC तो मैंने ही रोकी है, मैंने इसलिए रोकी है क्योंकि उसमें जो डाटा बेस है और उसकी संभावनाएं है उसको अभी तक मार्केट वैल्यूएशन में कैप्चर नहीं किया गया और मैं खुद इन्वेस्टमेंट बैंकर होने के कारण मैं समझता हूँ कि जिस वैल्यू पर चर्च हो रही थी लिस्ट करने की वह बहुत कम थी और मैं समझता हूँ उसके databases को अच्छी तरीके से leverage करे और उसके बाद लिस्टिंग करे बहुत अच्छी वैल्यू मिलेगी।
प्रश्न: Sir with regard to creation of New Railway zone there was seriously objection have been raised by the government & your motives have been questioned….?
उत्तर: Which Channel do you represent? Then I wish in your NTV you had less articles and less programs demanding the railways only. They will always be unhappy because they don’t think of the people’s welfare. They have some other reasons for which they are always unhappy.
I now suspect their motives, because they have always been demanding as recent as last week I got a letter from the Chief Minister, so I think you should be questioning the Chief Minister’s motives is it only political or does he want the welfare of the people of Andhra Pradesh. I received a letter last week from the Chief Minister, so please question the Chief Minister’s motives.
Q:How do you plan to improve operating ratios of railways?
A: Well, everybody is aware that we are doing so many, after all diesel converted to electrification will save 13,000 crore rupees of the railways. Similarly, with efficiency improvement in signalling if we had 40% capacity. I will able to move 40% more freight & my revenues can go up by 40%. So, our focus is on better efficiency & improve services both on freight & passengers side.
Q: …
A: Work is progressing on that, we are looking at more & more advertising revenue, monetization of land. We have just seen a decision we took in Mumbai for Dharavi. It’s a win-win solution, we will also get non-fare revenue & the people of Dharavi will get a nice opportunity to be rehabilitated.
Q: Would you be able to tell us if that 20% target has been achieved by end of four years? Would you also us status of the rail development authority, at what stage are you on in terms of setting up that authority what was recommended?
A: That is also work is in process, The IRDA I think the advertisement was done, … were called from people applying for a position in that. The final decision will be taken in due course.
Thank you



Just to add before it concludes, the idea behind this is that gradually, everything will become an online booking system. Even the TC on the train if he has to book your ticket, he will ultimately have to do it through the system only. We will not have anybody with those slips of paper and carbon paper, लगकर वह जो चिट्ठियां बनती हैं या क्या बनता है, रिसीप्ट बनती है? EFT! That is all going to be eliminated. Even he will have to go on to the system and issue the ticket from the system, so he cannot change the time, the destination, the originating station, nothing, it will all come from the system – point 1.
Point 2 – we are going to give POS machines to all catering staff and all ticket collectors. He has started that process and we are going to ramp it up very quickly, so that that ticket printing only is going to stop that, EPT ticket printing. Everybody will have a POS machine. We will probably keep one POS machine in the driver’s cabin, because in the initial period, we may find that machines will get spoiled very soon to try and put pressure not to make the system a success.
तो हमने वहां तक सोचकर रखा है कि if there is an effort to stall the system, we will keep backups, so that the system doesn’t stop. But everybody will have POS machines, and all bookings will be made only through the system, even if payment – ideally, we will prefer everybody to pay by debit card or UPI or BHIM app or something, but even if somebody wants to pay cash he will have the ability to get a receipt from the system that so much cash has been paid. So our accounting will become very easy. We will know exactly how much cash each fellow has collected and that cash can be then deposited in the system. They all are employees, so there is no problem of any sort.
If tickets are available and the customer, the passenger knows that tickets are available there will be no ability to try and market a product, which was already available as a special favour. I am using the most diplomatic and politically correct language that I can use. The ability to market a favour will be lost, because anybody can check on the system that there are available seats, so why you are not giving it to me. If there are three TCs, whoever books it first will get it, so there cannot be any confusion or anything of double booking. Passengers can themselves also book, I have said take it to the next level, so one minute before departure from New Delhi any passenger can book, so he doesn’t even have to look for a TC. Because I know I have gone on to trains without a ticket, or you buy a platform ticket and you get on to a train and then keep roaming behind the TC for 10 compartments.
वह जाते रहेगा, आप उसके पीछे-पीछे, आप देखते हो कि पूरी ट्रेन चलती है, then he can pick and choose किसको टिकट देना है। वह सब एलिमिनेट करना है, और आगे सिस्टम ऐसा करेंगे कि नई दिल्ली से ट्रेन निकल गयी और अगला स्टॉप, let’s take hypothetically, मथुरा है, तो मथुरा के आगे की टिकट तो people can still book. जितने सीट्स खाली हैं वह मथुरा के आगे के लिए तो अवेलेबल हो जाएगी जनता को।
So, it’s going to be a dynamic system. It will keep getting upgraded as the time passes from the experience and learnings to bring about the highest level of transparency and make it very-very passenger-friendly.
One other thing, since not related to this, but IRCTC के ही related है, is the catering service. I hope by now you all have had a chance to experience the cameras which are in public display now on your mobile phone, on all the kitchens. We are upgrading 30 more kitchens, और वह सब में भी कैमरा पहले से लगेंगे, और जैसे ही वह किचन ऑपरेशनल होंगे साथ में कैमरा पब्लिक डोमेन में आएंगे। Now, technical capabilities are all sorted, right? So, अब तो बहुत नेचुरल प्रोसेस हो जायेगा।
And my effort and hope is that ultimately, all catering on trains will be through IRCTC-authorised kitchens with public domain information about the workings of those kitchens. And I think there can be no better way to ensure good quality hygienic food preparation. उसके बाद कोई गड़बड़ होती है फिर तो we can pinpoint the person who is responsible, because there will be a complete data trail of the food, right from the time vegetables आये हैं उस जगह पर, कटे हैं, कुक हुए हैं, पैक हुए हैं सप्लाई हुए हैं पूरी चीज़ को वैल्यू चैन को कंट्रोल करेंगे।
We are also trying biodegradable packing materials, some tests and experiments are going on. We are going to try and seal the food, so that nothing can be done in transit. So we have taken this up as a mission to provide the highest international level of service to our passengers. And you can see the speed at which all these changes are happening.
एक खुशखबरी, तमिल नाडु की एक ट्रेन हम शुरू कर रहे हैं कल से जो राम सेतु एक्सप्रेस के नाम से चलने वाली है। 15 मंदिरों को कवर करेगी यह, और लोग जाकर उसमें दर्शन भी कर सकते हैं, दर्शन करके वापस आ सकते हैं, उस प्रकार से ताम्बरम चेन्नई से शुरू होकर it has a nice journey, covering 15 temples, जिसकी जानकारी भी यह आपको बाद में दे देंगे, पर एक अच्छा प्रयास है टूरिज्म को प्रमोट करने का IRCTC का।
आज नानाजी देशमुख की पुण्यतिथि है। नानाजी देशमुख को हाल में ही भारत रत्न दिया गया है। और सादगी और समर्पण भावना के पराकाष्ठा थे नानाजी, मैं इसलिए बोल रहा हूँ क्योंकि नानाजी के ज़्यादा जीवन की जानकारी बाहर निकली नहीं है। अगर आपमें से कोई उसके बारे में लिखे तो मुझे स्वयं को बहुत आनंद होगा, क्योंकि मैंने एकदम बचपन से, literally from the day I was born नानाजी का सानिध्य पाया है। और मैं इसलिए बताना चाह रहा हूँ क्योंकि एक मात्र मिसाल है उच्च स्तरीय नेता का जिसने स्वयं होकर मंत्री पद भी ठुकराया और राजनीतिक जीवन से सन्यास लिया कि अब मेरी आयु हो गयी है, मेरे ख्याल से शायद 65 साल की आयु हुई थी उनकी या होने वाली थी। मैं इसलिए बता रहा हूँ कि इमरजेंसी में नानाजी अंडरग्राउंड गए थे, और अंडरग्राउंड एक्टिविटीज करके इमरजेंसी का घोर विरोध किया, इमरजेंसी के खिलाफ लड़ाई लड़ी, मेरे भी घर आये थे अंडरग्राउंड रहते हुए उन दिनों में। सफ़ेद बाल होते थे, डाई करके काले बाल कर दिए थे कि पहचान में न आये। वेशभूषा वह धोती कुरता पहनते थे, उन्होंने पैंट शर्ट पहनकर आये थे तो, evading arrest against that tyrannical dictatorial rule of श्रीमती इंदिरा गाँधी।
उसको evade करते-करते वह अंडरग्राउंड रहे पता नहीं शायद बाद में पकडे गए या नहीं मुझे अभी याद नहीं आ रहा है। उसके बाद जनता पार्टी की जब सरकार आयी, आपको याद है 1977 में उस dictatorial regime को निकालकर इंदिरा गाँधी को हराकर मोरारजी भाई की सरकार बनी। तो इनको लेबर मिनिस्टर बनने का तय हुआ कि नानाजी देशमुख लेबर मिनिस्टर बनेंगे और मैं समझता हूँ केंद्रीय मंत्रिमंडल में कैबिनेट रैंक का दर्जा आपको ऑफर हो रहा है और आप यह कहो कि नहीं, मैं तो दो-तीन साल में 65 साल की आयु हो जाएगी मेरी। उसके बाद में राजनीति छोड़कर पूरा जीवन गांव और गरीब की सेवा में लगाना चाहता हूँ, मैं गांव में जाकर रहूँगा, गांव में जनता की सेवा करूँगा और मुझे पद वगैरा से कोई इंटरेस्ट नहीं है। मैंने ज़िन्दगी भर जो काम किया वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिए समर्पित किया अपना जीवन, फिर संघ ने मुझे भारतीय जनसंघ में भेजा, फिर मैंने जनसंघ का कार्य किया इतने वर्षों तक, बाद में जनसंघ जनता पार्टी में मर्ज हो गयी तो जनता पार्टी ने टिकट दिया, मैं जीता मैं एमपी बना। तो मेरा तो आगे का कार्य सिर्फ सामाजिक जीवन रहने वाला है।
तो at the age of 63 was at that time I think or something, he said आगे 65 होना है तो मंत्री पद वगैरा मैं क्या लूंगा। I don’t remember any other individual with such high standards who has left an opportunity to be a cabinet minister कि मेरी उम्र होने वाली है अब रिटायर होना है और कोई younger लोगों को दो, और मेरे ख्याल से बाबू लाल वर्मा जी हैं जिसको फिर लेबर मिनिस्टर बनाया था मोरारजी भाई की गवर्नमेंट ने।
So, I just thought कि यह जो व्यक्तित्व है यह जो सोच है, Nanaji is one of those unsung heroes who made politics an instrument of social service and worked all his life, और जिसके लिए उनको फिर भारत रत्न से सरकार ने सम्मानित किया, earlier this year. तो मुझे लगा I must tell you. इन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर भी देश भर में इन्होंने शुरू किये था, in the 1950s, और आज तो सैंकड़ों की संख्या में सरस्वती शिशु मंदिर चल रहे हैं। और शायद लाखों और अभी तक तो शायद करोड़ों की संख्या में बच्चे वहां से पढ़कर निकले होंगे, देश भर में बैकवर्ड एरियाज, गावों में, सबसे पहला गोरखपुर में शुरू हुआ था सरस्वती शिशु मंदिर, आज 15,000 से ज़्यादा ऐसे स्कूल चल रहे हैं पूरे देश में जो उच्च स्तरीय, अच्छी शिक्षा देते हैं, उच्च लेवल की शिक्षा। I am not of standard, I am talking of the quality of education, अच्छी quality education 15,000 से ज़्यादा स्कूलों में देश भर में दे रहे हैं।
1968 में उन्होंने दीनदयाल रिसर्च इंस्टिट्यूट शुरू किया था यहीं पंचकुइयां रोड पर झंडेवालान के पास जिसमें जो दीनदयाल जी की अंत्योदय की भावना है, integral humanism, उसके ऊपर चल रहा है। So, really a man of very-very high standards. उन्होंने फिर राजनीति छोड़कर गोंडा में काम किया, गोंडा में गांव में परिवर्तन लाना, गांव के जीवन को सुधारना और बाद में बुंदेलखंड, चित्रकूट, बुंदेलखंड क्षेत्र में चित्रकूट में literally गांव में रहकर, गांव के जीवन को अनुभव करते हुए गांव के जीवन को कैसे सुधारना।
और एक प्रकार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने उसी प्रकार से पांच वर्ष कैसे गांव के गरीब से गरीब व्यक्ति तक, कैसे किसानों तक, कैसे वंचित और शोषित व्यक्तियों के जीवन में सुधार लाएं इसको हमारी सरकार ने अपने आपको समर्पित किया। और पांच वर्ष इसी दिशा में काम करते रहे तो मुझे लगा कि यह ज़रूर मैं आपके समक्ष रखूं, बाकी तो आज का यह वेबसाइट लॉन्च हुआ है जो मोबाइल एप्प भी रहेगा और आप मोबाइल से इसका लाभ ले सकते हैं। यह दूसरा प्लेटफॉर्म लॉन्च कर रहा हूँ इसी हफ्ते में, पहले भी हमने कुछ लॉन्च किये हैं फ्रेट बुकिंग वगैरा सबके लिए और यह सिलसिला मैं चाहूंगा कि आगे भी चलता रहे जिससे और ज़्यादा पारदर्शिता, और जवाबदेही सरकार जो प्रधानमंत्री मोदी जी का मूलभूत आदेश है हम सबको – पारदर्शिता और जवाबदेही सरकार। इस देश में minimum government और maximum governance दे इस काम में आप आगे भी कदम उठाते रहेंगे यह मेरी आप सबसे अपेक्षा है।
मैं वास्तव में भूल गया मुझे ज़रूर कहना चाहिए था, रेलवेज का भी एक बहुत अहम भूमिका रहती है देश को सुरक्षित रखने में और देश की सेनाओं को बैकअप सपोर्ट देने में। और आपके माध्यम से मैं अपने कर्मचारियों का भी धन्यवाद करना चाहूंगा, कई बार they are the unsung heroes, जो जान को भी निछावर करना पड़े तो पीछे नहीं हटते हैं। लेकिन बॉर्डर एरियाज में ट्रेन चलाना, आर्मी को समय पर पहुंचा देना, ammunition को समय पर पहुंचा देना, जो भी बैकअप, कई बार तो टैंक्स और बड़े-बड़े इक्विपमेंट भी जाते हैं बॉर्डर पर ट्रेनों पर। तो I think I would like to take this opportunity, and somebody please tweet this also from my account कि I want to express my gratefulness to the whole rail parivar for their role in making India safe and secure. And surely at the border areas, and I think in across the Indian railways, even for passenger safety, the DG and his whole team of RPF and the GRPs across the country have beefed up security to ensure that we can try and prevent any wrong activities that anybody may try to do. So, we have beefed up security all across the Indian railways.
Thank you.

मेरे लिए वास्तव में आज बहुत ही आनंद का दिन है क्योंकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार, जनभागीदारी वाली सरकार है। पहले ही दिन से गत लगभग पांच वर्षों में हमने अपना पूरा केंद्रबिंदु भारत की 130 करोड़ जनता को रखा है, यह सरकार समर्पित रही है देश के हर किसान को, हर नौजवान को, हर गरीब को, हर मध्यमवर्गीय को, हर उस वर्ग को जिसका सरकार से किसी भी प्रकार से दूर-दूर से भी नाता आता हो। और जैसा अभी-अभी बताया गया यह एक जवाबदेही सरकार है, इसमें हम निरीक्षण भी करते रहते हैं काम का दिन और रात, लोगों को जवाबदेही ठहराते हैं और खुद स्वयं को भी जवाबदेही ठहराते हैं कि कैसे देश की जनता की आशा और अपेक्षाओं को हम पूरा कर सकें।
आपने देखा होगा शायद भारत के इतिहास में पहली सरकार रही जिसने हर वर्ष अपना रिपोर्ट कार्ड जनता के समक्ष 26 मई को 2015-16-17-18, चारों वर्ष रखा, समय-समय पर रखते रहे और अब जनता की अदालत में जा रहे हैं उनका फैसला सुनने। यह सिलसिला पारदर्शिता से भी जुड़ा रहा। आपमें से कई मित्रों ने देखा कि लगभग हर उस मंत्रालय में जहाँ मुझे मौका मिला काम करने का हमने जानकारियों का भंडार जनता के समक्ष आपके द्वारा रखा डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके रखा।
फिर चाहे वह बिजली का विभाग हो, विद्युत विभाग में आपको याद होगा, I think I have lost track, 25-30 तो कम से कम मोबाइल ऐप्स निकलेंगे होंगे उधर। कोयले का विभाग हो, नवीकरणीय ऊर्जा का विभाग हो, हर विभाग में हमने कोशिश की ज़्यादा से ज़्यादा पारदर्शिता लाने की जिससे शायद हर विभाग में आरटीआई की भी संख्या ना के बराबर रह गयी हैं, जब जानकारियां ही आपके समक्ष दे दी तो आरटीआई के लिए कुछ स्कोप ही नहीं रखा है, और रेलवे में भी मेरी बड़ी इच्छा थी कि इसी प्रकार से यह एक अलग-अलग विभागों में काम जो चल रहा है देश भर में और बहुत तेज़ गति से जो परिवर्तन और बदलाव रेलवे में आ रहा है इसका भी जनता के समक्ष दिनो दिन जानकारियां रहे। और वास्तव में जिस-जिस जानकारी को मैंने जनता के समक्ष रखा उसमें सबसे बड़ा मॉनिटरिंग का काम आप लोग जो मेरे मित्र मीडिया से जुड़े हैं आप लोगों ने किया और आप लोगों ने मुझे काम में और सुधार करने में जो सहयोग दिया इसके लिए मैं सदैव मेरे मीडिया के बंधुओं का आभारी रहूँगा।
प्रतिक्रिया होना स्वाभाविक है जब जानकारियां इतने बड़े रूप में आएँगी तो ढूंढ-ढूंढकर, खोद-खोदकर आप ज़रूर प्रतिक्रिया भी निकाल पाएंगे और अभिषेक के मुंह पर जो स्माइल है वह देखकर मुझे उम्मीद है कि अच्छी ईमानदार प्रतिक्रिया और इस डैशबोर्ड को रिलीज़ करने के बाद आएगी। पर यह एक सरकार है जो प्रतिक्रिया को स्वागत करती है, प्रतिक्रिया से सीखती है, सुधार करती है, and as they say it in English, we take it on the chin. हम उससे पीछे नहीं हटते, हम उस प्रतिक्रिया को एक प्रकार से मार्ग में कन्वर्ट करते हैं कि कैसे उससे और सुधार लाया जाये।
हाल ही में आपने माननीय प्रधानमंत्री जी के दिए हुए मूल मंत्र को सुना होगा (ABC), कि हम कोई भागते नहीं है किसी विषय से, हम विषय को कन्वर्ट करते हैं opportunity में, और opportunity में कन्वर्ट करके उससे कैसे और भारत की जनता की सेवा कर सकें वह हमारा काम करने का मूलभूत ढंग है। रेलवे में भी बहुत सारे देश भर में अन्य-अन्य प्रकल्प, अन्य-अन्य काम तेज़ गति से चल रहे हैं और यह सभी कार्यों के ऊपर आपकी और भारत की जनता की दृष्टि पूरे समय जुड़ी रहे लगी रहे उसके लिए एक यह प्लेटफॉर्म आज रेल दृष्टि का हम लॉन्च करने जा रहे हैं। हर प्रकार की जानकारियां जनता के समक्ष रहें जिसको जैसा इन्होंने कहा कहीं भी किसी भी समय कोई भी जानकारी आपके लिए उपलब्ध रहे – anytime, anywhere and for anybody.
इस दृष्टिकोण से raildrishti.cris.org.in. Can we remove the ‘cris’, can we make it simpler? Make the URL simpler, so that a common person can easily get on to it. Try raildrishti.in or raildrishti.gov.in, anyone of the two. But preferably raildrishti.in, एकदम सिंपल रखो, जनता किधर भी बैठी हो उसपर जा सके। मेरा तो मानना है आपके जो-जो ऐप्स के ऊपर यह अलग-अलग जानकारियां हैं इसको इसमें merge किया जाये, और व्यक्ति को एक ही एप्प पर पूरी हर एक प्रकार से सुविधाएं मिलें। IRCTC का भी जो एप्प है, या वेबसाइट है वह इसपर मिले और यह पूरा IRCTC की वेबसाइट पर मिले क्योंकि वह बहुत बड़े रूप में प्रचलित है देश और दुनिया में उसको चालू रखकर, इसका भी एक आइकॉन उसपर मिले और IRCTC के वेबसाइट का आइकॉन इसके ऊपर रहे। सिंपल एकदम होमपेज पर आइकॉन रहे तो एक सेकंड के अंदर व्यक्ति उसमें जा सके।
इसपर कैपेसिटी भरपूर रखिये, मेरे सब मीडिया के मित्र और देशवासी इसपर बड़े रूप में आने वाले हैं तो हैंग नहीं होनी चाहिए वेबसाइट कभी भी, कैपेसिटी को जितना देना पड़े क्लाउड टेक्नोलॉजी वगैरा यूज़ करिये, एडिशनल सर्वर लगाने पड़े तो उसपर आप इन्वेस्ट करिये उसमें कोई मुझे आपत्ति नहीं है। पर इसको इतना यूजर फ्रेंडली easy to navigate रखिये और मैं आप सबसे भी रिक्वेस्ट करूँगा अगर आपके कुछ सुझाव हों तो सुझाव देते रहिए, समय-समय पर हमारे CRIS के MD हैं Mr Nikam, मैडम हमारी पूरे एडिशनल मेंबर हैं जो पूरा टेक्नोलॉजी को देखती हैं, मिस बसी और हम चाहेंगे कि यह सब जानकारियों से हमारे रेल के भी काम में और ज़्यादा आप सबकी सहभागिता बढे और देश की जनता की सहभागिता बढे। डिजिटाइजेशन और इतनी सब जो जानकारियां रेल में कलेक्ट होती हैं उसका सही मायने में लाभ तभी होगा जब उस डेटा के ऊपर एनालिसिस हो सके, डेटा के ऊपर और ज़्यादा नज़र रखी जा सके और उन जानकारियों के बेसिस पर हम आगे का भी अपना कार्य व्यवस्था बना सकें इसलिए रेलवेज को भी और ज़्यादा पारदर्शी बनाने का यह हमारा प्रयास है।
मैं गाँधी जी को कोट करना चाहूंगा एक प्रकार से कैसे हमने इसको लिंक किया है गाँधी जी के भाव से – ‘I understand democracy as something that gives the weak the same chance as the strong.’ एक बहुत बड़ा व्यक्ति हो वह तो जानकारियां हर प्रकार से निकाल ही सकता है, कुछ लोग तो हमारे रेल बोर्ड में ही घुसकर निकाल सकते हैं जानकारियां। लेकिन एक सामान्य व्यक्ति दूर गांव में है, कोई जम्मू कश्मीर में है कोई अरुणाचल प्रदेश में है उसको भी वही जानकारियों से हम मज़बूत बना सकें उसको भी सभी इस प्रकार की जानकारियां, तो जो कमज़ोर व्यक्ति है – अब मेरा कोई राजनीतिक इसमें हस्तक्षेप या राजनीतिक निशाना नहीं है – कमज़ोर और मजबूर व्यक्ति तो वैसे इतनी मेहनत करते ही नहीं है कुछ लोग कि नज़र रख सकें और उनकी नज़र सिर्फ यह रहती है कि एक मेक इन इंडिया के बहुत बड़े सफल प्रयास को भी कैसे नकार करना। और दुर्भाग्य से हमारे भी मीडिया के कुछ मित्र उसमें बड़ा आनंद लेते हैं कि कैसे अपने ही देश को और हमारे ही देश की उपलब्धियों को छोटा दिखाना, छोटा बनाना। पर उस दुर्भाग्य को तो हमने और झेलना पड़ेगा, उसका तो हमारे पास कोई और उपाय नहीं है, लेकिन मैं समझता हूँ कि देश के कमज़ोर से कमज़ोर व्यक्ति तक यह जानकारियां जाएँगी तो उसका मनोबल बढ़ेगा, उसका आत्मबल बढ़ेगा और उसका आत्मविश्वास बढ़ेगा और इस देश के प्रति उसकी संवेदना भी बढ़ेगी और इस देश के प्रति उसका कॉन्फिडेंस कि मेरा देश महान है, मेरा देश आगे प्रगति कर रहा है, मेरा देश आगे बढ़ रहा है, मेरा देश बदल रहा है यह भावना देश के हर 130 करोड़ की जनता तक पहुंचाने का एक प्रकार से यह प्रयास रेलदृष्टि से किया जा रहा है।
मैं समझता हूँ ग्राहकों के लिए भी बेहतर अनुभव रहेगा, जैसे आपने देखा हम किचेंस तक को दिखा रहे हैं, हो सकता है किचन में कुछ कमियां निकलेंगी पर अच्छा रहेगा, मुझे कुछ कमियां दिखी भी पर मैंने फिर भी इंसिस्ट किया कि हम इसको पब्लिक डोमेन में डालेंगे। अच्छा रहेगा वह कमियां सामने आएँगी तो हम और सुधार कर पाएंगे। अगर किसी दिन लाल, आपने देखा होगा प्रेजेंटेशन में कुछ आंकड़े लाल में थे, यानी पिछले वर्ष से उस मापदंड पर हम पीछे चल रहे हैं, अच्छा रहेगा वह लाल मापदंड भी जनता के समक्ष जाये और आप सबके समक्ष आये तो हमारे लोग और मेहनत कर पाएंगे कि कोई आंकड़ा लाल में न जाये।
अच्छा रहेगा कि हमारे ग्राहक, हमारे रेल यात्री, और वैसे सभी समस्त देशवासियों को पूरी तरीके से क्या-क्या सुविधाएं हैं यह जानकारी मिले जिससे गरीब से गरीब व्यक्ति भी उन सुविधाओं का लाभ ले सके, लाभ सिर्फ चंद लोगों तक ही सीमित न रहे। अच्छा रहेगी कि जैसे-जैसे हम वाई-फाई देश भर में बढ़ा रहे हैं तो हमारे रिमोट से रिमोट एरिया, दूरदराज़ के इलाकों में भी लोग वाई-फाई पर जाकर रेल दृष्टि देख सके और पता कर सकें कि ट्रेन कहाँ पर है अभी, कितनी देर में आने वाली है, कौनसी ट्रेन में बुकिंग अवेलेबल है, कौनसी नई ट्रेन शुरू हुई है शायद उनको जानकारी नहीं होगी, कौनसा नया स्टॉपेज है मेरे गांव के नज़दीक जिसपर मैं ट्रेन बोर्ड कर सकता हूँ।
ऐसे अलग-अलग प्रकार के जैसे हमारी ट्रेन की, टाइम टेबल भी इसमें उपलब्ध हो जायेगा। तो ऐसे आप लोग भी सुझाव देते रहिये और हम क्या जानकारी दें जिससे हमारे ग्राहक जो हमारे एक प्रकार से ‘customer is king’ उस तरीके से हम उनको देखते हैं, उनको और लाभ मिल सके, रेल की सुविधाओं का आनंद और स्वाद देश के हर नागरिक तक पहुँच सके, कैसे रेल यात्रा सुगम हो, कैसे हमारे जो श्रमिक काम कर रहे हैं, unorganised sector को भी हमने इसमें जोड़ा है कि जो लोग कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहा है देश भर में, कोई हाउसकीपिंग में हो, कोई सिक्योरिटी में हो, कोई हमारे इतने बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स देश भर में चल रहे हैं।
आप जानते हो हमने कैपिटल इन्वेस्टमेंट जो 40-45,000 करोड़ होता था इस सरकार के आने के पहले, इस वर्ष 1,58,000 करोड़ के काम कैपिटल इन्वेस्टमेंट के रूप में देश भर में हम कर रहे हैं जिससे तेज़ गति से सुविधाएं बढ़ें रेलवे की। वह सब जगह जो कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स काम कर रहे हैं उन सबको मिनिमम वेजिस मिलती है कि नहीं, उन सबको प्रोविडेंट फंड, सोशल सिक्योरिटी मिलती है कि नहीं, उनको स्वास्थ्य सेवाएं ईएसआईसी के माध्यम से मिलनी चाहिए वह मिलती है कि नहीं। हम वह सब डेटा भी इसके माध्यम से कम्पाइल कर रहे हैं। और मैं मानता हूँ यह एक नए रूप से और बहुत बड़े रूप से असंगठित क्षेत्र में भी एक मैसेज पहुंचाएगा सुविधाएं क्या उनका अधिकार है और वह सुविधाएं देने के लिए सभी कॉन्ट्रैक्टर्स को मजबूर करेगा।
तो एक मज़बूत सरकार हमारे देशवासियों को मज़बूत करने के लिए जो अलग-अलग प्रयास करती है उसमें एक और, feather in the cap of the Indian railways, रेल दृष्टि के आज लॉन्च से मैं देखता हूँ।
एक दूसरी खुशखबरी मैं आप सबके साथ आज शेयर करना चाहूंगा। वैसे मैंने सुबह 10 बजे पहले सोचा था करूँगा लेकिन कई लोगों की रिक्वेस्ट आई कि भाई इतना सुबह-सुबह मत तंग करो हमको, रात को लेट तक कॉपी बनानी पड़ती है, कॉपी करना नहीं पड़ता है कॉपी बनानी पड़ती है। तो फिर उसको 11 बजे कर दिया।
कल रात को मैं तमिल नाडु में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लॉन्च के कार्यक्रमों को करने के बाद चेन्नई से मुंबई पंहुचा और मुंबई में आदरणीय मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस जी और उनकी पूरी टीम के साथ, चेयरमैन रेलवे बोर्ड, हमारे कई अन्य मेंबर, जनरल मैनेजर और सभी रेल अधिकारी भी बैठे थे और कई सारी मीटिंग्स और कई सारी डिसकशंस जो पिछले तीन-चार महीने से चल रही थी उसको कल कमने फाइनल शेप दिया है। और कल हम संयुक्त जॉइंट निर्णय पर पहुंचे हैं कि रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) और धारावी रिडेवेलप्मेंट अथॉरिटी (DRA), यह दोनों एक समझौते पर पहुंचे हैं जिसके तहत लगभग 45 एकड़ रेलवे की ज़मीन जो धारावी लगकर है, धारावी के एकदम लगकर यह 45 एकड़ रेलवे के पास सरप्लस ज़मीन है जिसका हमारे पास तुरंत कोई इस्तेमाल नहीं है, ज़रूरत नहीं है। उस 45 एकड़ को हम धारावी धारावी रिडेवेलप्मेंट अथॉरिटी को देंगे, धारावी रिडेवेलप्मेंट अथॉरिटी प्रोजेक्ट के लिए 99 वर्ष के लॉन्ग टर्म लीज पर जो रिन्यूएबल रहेगा mutually agreed terms पर।
और जो एक्सिस्टिंग हमारी ज़मीन के ऊपर फैसिलिटीज हैं, जैसे कुछ रेलवे क्वार्टर हैं वह मैंने सुना 50-60-70 साल पुराने हैं, एकदम झरझर व्यवस्था में हैं। तो यही रिडेवेलप्मेंट के कार्य में उनको भी बहुत बढ़िया नए घर बनाकर मिलेंगे वहां पर। कुछ थोड़ी बहुत एन्क्रोचमेंट है हमारे रेल ज़मीन पर वहां पर उनको भी सबको अच्छे मकान जो महाराष्ट्र सरकार की बहुत अच्छी slum rehabilitation policy है उसके तहत वह 3000 के लगभग झोपड़पट्टी जो हैं इस ज़मीन पर उनको भी अच्छे मकान मिलेंगे इस रिहैबिलिटेशन स्कीम के द्वारा।
और मॉडर्न फैसिलिटीज से युक्त यह पूरे एरिया को हम डेवेलोप करेंगे धारावी धारावी रिडेवेलप्मेंट के माध्यम से और इससे जो पूरा धारावी का 400 एकड़ ज़मीन पर आज एक एशिया का सबसे बड़ा स्लम माना जाता है, धारावी, उस पूरे रिडेवेलप्मेंट को एक और गति मिलेगी, और तेज़ गति से वह प्रोजेक्ट जो लगभग मैं समझता हूँ मैं छोटा था, बचपन से सुनता आ रहा हूँ कि यह रिडेवेलोप होने वाला है। क्योंकि मैं बचपन मेरा पूरा उसके नज़दीक ही सायन में गुज़रा है जहाँ से मैं सेंट्रल रेलवे से ट्रेन लेकर दादर और दादर से ट्रेन लेकर चर्चगेट जाय करता था, तो मैं पैदाइश मेरी धारावी से सटकर सायन में हुई है एक प्रकार से मैं भी अपना ऋण उतार रहा हूँ मेरे नेबर्स के प्रति, और उन सबको अच्छा मकान मिले, अच्छा भविष्य मिले, अच्छा जीवन मिले, मैं समझता हूँ इससे ज़्यादा मेरे लिए कोई और ख़ुशी की बात नहीं हो सकती है कि जो लाखों की संख्या में वहां लोग रहते हैं, जो लाखों की संख्या में वहां नौजवान युवा-युवती रहते हैं। और आप सबने पता नहीं किस-किसने गली बॉय देखी होगी – आपको लगेगा मैं हर प्रेस ब्रीफिंग में कोई नई पिक्चर का ज़िक्र करता हूँ, खैर वह जो जीवन के लिए मजबूर हैं वह लोग उसमें भी बदलाव, उसमें भी परिवर्तन लाने का काम हम कर सकेंगे यह एक प्रकार से रेलवे और भारत सरकार महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर जो यह संयुक्त प्रोजेक्ट को डेवेलोप करेगी। जो मैं कई जगह ज़िक्र करता हूँ कि जब डबल इंजन रेल गाड़ी को गति देती है तो वह तेज़ गति से डेवेलोप होता है प्रदेश, तेज़ गति से विकास जनता तक पहुंचता है उसका जीता जागता उदाहरण धारावी का रिडेवेलप्मेंट प्रोजेक्ट बनेगा। यह एक ओपनिंग देगा देश भर में ऐसे कई जगहों पर जो लोग मजबूर हैं स्लम में रहने के लिए, जो लोग वर्षों-वर्षों तक सुविधाओं से वंचित रहे हैं उन सबके लिए भी एक नया ओपनिंग देगा कैसे आगे चलकर भारत सरकार और राज्य सरकारें, राज्य सरकार और लोकल बॉडीज सब मिलकर ऐसे करोड़ों लोगों के जीवन में भी एक नयी उमंग, एक नया भविष्य दें मैं समझता हूँ एक बहुत बड़ी उपलब्धि कल देवेंद्र फडणवीस जी और मेरे बीच की मीटिंग की रही है, धारावी का तो रिडेवेलप्मेंट होगा ही पर मीटिंग ख़त्म होने के बाद जब मैं गाड़ी में बैठ रहा तह तब बैठे-बैठे एक और प्रोजेक्ट का भी ध्यान में आया मुंबई में ही, नज़दीक में ही जिसमें हम इसी मॉडल पर और काम कर सकते हैं।
तो एक प्रकार से this has opened the vistas for huge amount of redevelopment and huge amount of slum rehabilitation all over the country. And I compliment Devendra Fadnavis for his proactive approach and I compliment the railway board for their cooperation and the support that the railway board has given to make this project a reality.
तो यह दो आज की खुशखबरियों से मैं समझता हूँ आज कल आप देख ही रहे हैं कि कई सारे रेलवे के जो बदलता हुआ रेलवे है उसके वीडियोस और उसके फोटो आज कल सोशल मीडिया में, अख़बारों में, टीवी पर, अलग-अलग जगह आज कल देखने को मिलती है। कभी मैं सुनता हूँ, बनारस के मंडुआडीह स्टेशन को मैं देखता हूँ कि देश भर में वायरल हो रहा है, लगभग 400-500 जगह से मेरे पास ही आ रहा है वह मैसेज मंडुआडीह रेलवे स्टेशन का। तो अगर मेरे पास 400-500 जगह से आ रहा है तो लग रहा है कि यह देश भर में आज लोगों को दिख रहा है बदलता हुआ चित्र और बदलता हुआ चरित्र भारतीय रेल का।
तो रेल दृष्टि आपको बदलते हुए चरित्र की एक दृष्टि देती है, धारावी का रिडेवलपमेंट बदलते हुए सोच का एक आपको मैसेज, सन्देश देता है देश की जनता को। और मैं समझता हूँ कि अगले तीन-चार दिन में एक और नयी चीज़ जो ट्रांसपेरेंसी के और एक नए आवाम पर लेकर जाएगी उसके लिए भी हम प्रयत्नशील हैं उसकी चर्चा तीन दिन बाद करेंगे।
बहुत-बहुत धन्यवाद।
Shri Banwarilal Purohitji, my colleague in the Union Cabinet, Mr Pon Radhakrishnanji, Dr Balchandran, Dr Vijayan, Ms Tamilisai Soundararajan, distinguished guests, all the farmer brothers and sisters from across Tamil Nadu and my young friends, ladies and gentlemen.
Vanakkam! I would like to pay my respects to the two jawans from Tamil Nadu, Subramanian G from Tuticorn and Sivachandran C from Ariyalur district, who laid down their lives, gave the supreme sacrifice so that all of us can live in peace and harmony.
Today is also the birthday of Tamil Nadu’s beloved leader Dr J Jayalalithaji, our very beloved and revered leader of Tamil Nadu. She has been Chief Minister five times. She was called the Iron Lady of Tamil Nadu, and was truly a nationalist.
In fact, it’s a very happy coincidence that the alliance between AIADMK whose leader will always be Dr Jayalalitha and the Bharatiya Janata Party was finalised on her star birthday. And today, this very important Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi (PM-Kisan) scheme is being launched all over India by honourable Prime Minister Shri Narendra Modi on Amma’s birthday.
I would like to thank Prime Minister Modi for launching PM-Kisan on Amma’s birthday, which is a fitting tribute to the memory of Amma.
Today’s scheme, the Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi, is a humble gesture, a small gesture, a mark of respect to our annadatas. As Prime Minister Modi says, ‘the farmer produces food grain for the whole country and makes sure that nobody sleeps hungry in India. India is a land of farmers and farmers are the soul of India. No government in India in the last 70 years after independence, no leader of India has ever thought of the farmers as much as Prime Minister Modi.
Every small and marginal farmer with landholding up to five acres, somebody has half acre, one acre, one and a half acre, these small farmers will get Rs 6000 every year, forever, every year Rs 6000. So in next 10 years they will get Rs 60,000. All over India, nearly 12 crore farmers will get Rs 6000 every year. I am told in Tamil Nadu alone, nearly 70 lakh farmers will get Rs 60,000 every year. 70 lakh families will have additional income, which will help them for their small requirements and will be paid Rs 2000 every 4 months.
At the time when he is sowing his crop, this Rs 2000 and now we have three crops a year, three times farmers like to sow their crop. Every time he is sowing the crop, this money will come very useful. This money cannot be adjusted against the loan account. It will be money that will be available to farmers in their hand.
I was just seeing how much money has been allocated for this scheme. Rs 75,000 crore every year will be given to the farmers. There is no other scheme in India, not a single other scheme with Rs 75,000 crore allocation for one scheme.
This is a mark of respect for the big contribution that all of you are doing for India. If one looks at the amount that is totally allocated for farmers in the budget, on 1st February we gave our budget, Rs 1,41,000 crore has been kept for agriculture and allied activities. Rs 1,41,000 crores in one year.
The government before Prime Minister Modi from 2009 to ’14, in five years, had given total allocation in budget of only 1,21,000 crores in five years. So, my young friends will understand, five years – 1,21,000 crores, in one year – 1,41,000 crores. That is the way we have increased our money that we will spend for farmers, almost six times.
We have also done some more changes to benefit the farmers and the fishermen of Tamil Nadu. A new department of fisheries will be set up. There are nearly one and a half crore fishermen in India, and specially in Tamil Nadu very large number of fishermen. Now the fishermen will also get a loan at only 4%, just like the farmers. 2% will be interest concession on the loan and when the timely repayment is done, 3% additional concession will be given. So 9% loan will reduce to 4%.
Prime Minister Modi cares for the farmers and, therefore, you must have seen that all the recommendations that Dr MS Swaminathan had given we have started implementing and now the Minimum Support Price will be at least one and a half times the cost of production for all the 22 major food grains that are produced in India.
There is no shortage of fertilizers anymore anywhere in the country. I am told the Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana also was very beneficial to the farmers of Tamil Nadu. We are committed to double the farmers’ income by 2022. Today, all of us pay our deepest respects to the farmers of India who toil in the sun and in the rain, day and night, so that our children and all of us can be hungry. I pay my respects and my pranams to all the farmers of India, to all the farmers of Tamil Nadu.
Thank you very much
Vanijya Bhawan, 16, Akbar Rd, New Delhi - 110001
Lok Kalyan Karyalay - 56, Balasinor Society, SV Road, Opp Fire Brigade, Kandivali West, Mumbai, Maharashtra, 400067