Our party’s Sankalp Patra establishes a strong link with commitments that we made in the past and how we have taken them forward under the dynamic leadership of PM Narendra Modi ji

Manifestos are amongst the best traditions of a democracy. Reflecting the ideals and promises of a political party, a manifesto gives a vision for the future which can be realised through a partnership of the party’s leadership and the people. Despite the lofty promises made in a manifesto, people do not read it in isolation but relate it to the party’s performance in the past. Promises can be made, but they have to be delivered in order to win the trust of the people. The Bharatiya Janata Party, under the dynamic leadership of Prime Minister Narendra Modi, strongly believes that this sacred document should be a “Sankalp Patra” wherein the commitments made are visionary yet implementable.

This time too we have presented our Sankalp Patra to the people where we have promised a “Sankalpit Bharat, Sashakt Bharat”, implying a “Committed India and a Strong India”. However, this effort marks a major shift in the way manifestos are prepared, by connecting with over six crore people, thereby transforming it into Bharat ke Mann ki baat.

The BJP manifesto also establishes a strong link with commitments made in the past, and gives a report card on the government’s performance in all sectors. PM Modi writes that the Sankalp Patra gives “a glimpse of the challenges of the yesteryears, the indomitable efforts made by 130 crore Indians to overcome those challenges and our collective vision for the future”. It narrates the success story of a nation, which accomplished in five years the promises left pending for 60 years due to misgovernance.

Illustration: Ajit Ninan

Whether it be basic necessities like toilets, healthcare, bank accounts, housing, gas connections and electricity for welfare of the people or affirmative reservations for the economically weaker sections of society – all of these have been about ensuring holistic development. The last five years have been about laying the foundation stone for a superstructure. We are now well on the way to achieving it.

We have given the cleanest government ever and created a corruption free environment. Be it in the fair auction of coal blocks and spectrum, or delivery of government services through Direct Benefit Transfer. We have shown how 100 out of 100 rupees can reach the rightful beneficiaries. The taxpayers are assured that their taxes are being put to good use in the uplift of weaker sections of society, and not ending up in the pockets of a few. This legacy will further strengthen as it becomes the norm rather than a novelty.

On the other hand, we have the opposition promising the moon with neither any previous history of results nor any path or intent to deliver. I was seven years old when I heard the slogan of Garibi Hatao by Prime Minister Indira Gandhi. Then at the age of 21, I vividly remember Prime Minister Rajiv Gandhi saying that out of every rupee spent by the government only 15 paise reaches the poor.

At the age of 40 I heard the same family say, “Congress ka haath, Gareeb ke Saath.” Today, I am over 50, and their latest slogan is Nyay for the Gareeb. The country is tired of empty slogans. The real Anyay was when one family misled the people for over 55 years and never delivered. It fell upon us to even deliver promises in their manifestos whether it be electricity for all or reservations for the economically weaker classes.

In our Sankalp Patra, we have committed to spend about Rs 100 lakh crore on infrastructure development over the next five years. As the world’s fastest growing large economy we have an appetite for investment and if we continue to increase capital expenditure we can surely achieve our target. The Rs 100 lakh crore will help create the best possible infrastructure – roads, electricity, railways, electric vehicles, defence, healthcare, education, gas, water and irrigation, etc. Most importantly, it will give rise to massive employment opportunities for our youth both as job seekers as well as job givers.

Our motto is “India First”, and the first chapter of our manifesto speaks about strengthening the nation. The fight against divisive forces continues and we are confident the people will support us against terrorism. We are delivering “sabka saath, sabka vikas”.

We have made commitments to every sphere of society – doubling the incomes of farmers with massive investment; empowering our aspirational youth with education, skills and livelihood opportunities; greater participation of women in public life through reservations in state assemblies and Parliament; ensuring dignity for Muslim women by abolishing triple talaq; dignity and justice for Dalits, tribals and backward classes; lower taxes for the middle class; ease of doing business for startups; a safety net for small shopkeepers and traders in their old age with a pension scheme; and infrastructure for the urban areas and rural areas.

Finally, the manifesto lists out 75 milestones for India at 75 in 2022. These will transform India and cover every section of our society. As India takes its rightful place as a world leader, the people have a clear choice between a mahamilawat government with the same stale promises, or the trustworthy promises and decisive leadership of Prime Minister Narendra Modi.

Source: https://timesofindia.indiatimes.com/blogs/toi-edit-page/speaking-the-mind-of-india-bjp-manifesto-establishes-a-strong-link-with-past-commitments-and-takes-them-forward/

देश में आज जिस तरह से भाजपा की नीतियों के प्रति उत्साह दिख रहा है वह इस बात का संकेत है कि एनडीए की सरकार दो तिहाई बहुमत से केंद्र में आएगी।

पीएम मोदी की विश्‍वसनीयता और आमजन का उन पर विश्‍वास, ये हैं जनता के बीच बड़े मुद्दे

 

नरेंद्र मोदी की सरकार में जिस व्यक्ति ने सबसे ज्यादा मंत्रालयों की जिम्मेदारी सभाली है वह हैं रेल और कोयला मंत्री पीयूष गोयल। इसके पहले वह वित्त मंत्रालय, बिजली मंत्रालय, गैरपारंपरिक ऊर्जा स्त्रोत मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। आम चुनाव की घोषणा होने के बाद से वह महाराष्ट्र के अलावा देश के तमाम दूसरे हिस्सों में चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। उन्होंने दैनिक जागरण के विशेष संवाददाता जयप्रकाश रंजन से बात की। मुख्य अंश

पहले चरण का चुनाव खत्म हो चुका है, एक राजनेता के तौर पर अभी किस तरह का आकलन कर रहे हैं आप

पहले चरण में देश के अधिकतर हिस्से में चुनाव तो हुआ है लेकिन सीटों की संख्या कम है, इसके बावजूद इससे जनता के मन का पता चलता है। सबसे पहले तो हर वर्ग के मतदाताओं का धन्यवाद जिन्होंने अपने मत का प्रयोग किया। यह हमारे लिए खुशी की बात है कि उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम और खास तौर पर पूर्वोत्तर की तरफ से जिस तरह के संकेत मिले हैं वह लाजवाब हैं। हमारे कार्यकर्ताओं के साथ ही आम जनता जिस तरह से भाजपा की नीतियों के प्रति उत्साह दिखा रही है वह इस बात का संकेत है कि एनडीए की सरकार दो तिहाई बहुमत से केंद्र में आएगी।

अब किन मुद्दों को आप जनता में चर्चा के तौर पर देख रहे हैं जो चुनावों को प्रभावित भी करने जा रहे हैं

पीएम नरेंद्र मोदी की विश्र्वसनीयता और उन पर आम भारतीय का भरोसा। यह दो मुद्दे हैं जो सबसे ज्यादा प्रभावित कर रहे हैं। वैसे मैं यह भी कह सकता हूं कि देश की जनता आज नहीं बल्कि छह महीने पहले ही अपना मन बना चुकी थी। पीएम के स्तर पर निर्णायक फैसला लेने की क्षमता, बेहद सशक्त व्यक्तित्व, आम जनता से जुड़ी समस्याओं को बड़े परिप्रेक्ष्य में देखते हुए उनका समाधान निकालने का मद्दा और देश को समग्र विकास की तरफ तेजी से ले जाने की नीतियां..ये सब बाते हैं जो आम जनता महसूस करती है।

मैं यह नहीं कहता कि पहले विकास नहीं हुआ लेकिन अब ढीले विकास का काम करने वाली सरकार को जनता स्वीकार नहीं करेगी। जनता को मालूम है कि मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रभक्ति से प्रेरित एक ईमानदार सरकार काम करती है जो राष्ट्रवाद के मुद्दे पर कठोर फैसला करती है। गरीब से गरीब व्यक्ति को सरकारी लाभ घर बैठे मिल रहा है, मसलन उसे बिजली कनेक्शन मिल रहा है, एलपीजी कनेक्शन मिल रहा है, स्वास्थ्य सेवा मिल रही है। ये सब पहली बार हो रहा है और ये वैसे मुद्दे हैं जो सीधे तौर पर देश की बड़ी आबादी को प्रभावित करते हैं। यही वजह है कि अब यह साफ हो चुका है कि मोदी जी के सामने कोई नहीं है।

आपकी पार्टी ने सबसे बड़ा गठबंधन बना लिया है, यह आपके लिए बोझ है या वरदान है

देखिए इस सवाल का जवाब मैं थोड़ा दूसरी तरह से देना चाहूंगा। आप देश के किसी भी हिस्से में चले जाओ वहां मोदी बनाम किसी दूसरे नेता की चर्चा नहीं हो रही है जैसा कि आम तौर पर अभी तक भारत के चुनावों में होता रहा है। असलियत में सिर्फ मोदी ही हैं जो राष्ट्रीय स्तर पर एक सर्वमान्य नेता के तौर पर स्थापित हैं। उनके सामने कोई नेता अभी तक पनप ही नहीं पाया है। और यह बात हमने जिस तरह से पूरे देश में गठबंधन स्थापित किया है उससे भी साबित होता है।

हमारा गठबंधन पूर्वोत्तर से लेकर असम, बिहार, महाराष्ट्र, केरल, पंजाब समेत ज्यादातर राज्यों में मजबूत हुआ है और यह इसलिए भी हुआ है कि गठबंधन करने वाले दलों को मालूम है कि मोदी के नेतृत्व में ही एक मजबूत स्थाई सरकार दी जा सकती है और उनका और देश का भविष्य सुरक्षित है। पिछले वर्ष हमारे पास पूर्ण बहुमत था लेकिन हमने अन्य सभी गठबंधन के दलों को सरकार में जगह दी और उन्हें सम्मान दिया। इसका लाभ हमें मिल रहा है।

हाल ही मे देखा गया है कि कुछ फिल्मी दुनिया के लोगों ने और फिर सेना से जुड़े पूर्व अधिकारियों ने सरकार के काम काज पर अपना ऐतराज जताया है, इसे कैसे देखते हैं आप?

हमारा देश एक लोकत्रांतिक राष्ट्र है और यहां हर किसी को अपनी बात कहने का पूरा अधिकार है। हर क्षेत्र में कुछ ऐसे लोग होंगे जिन्हें हमारी नीतियां पसंद नहीं होगी। लेकिन आपने देखा होगा कि अगर कुछ लोग हमारी नीतियों को पसंद नहीं कर रहे हैं तो उसी वर्ग में ऐसे भी कई लोग होंगे जिन्हें हमारा काम पसंद आ रहा है।

बालीवुड का ही उदाहरण ले लीजिए कुछ सौ लोगों को हमारी नीतियां पसंद नहीं आई तो उसके कुछ ही दिनों बाद तकरीबन 700 लोगों ने मोदी सरकार की नीतियों का समर्थन भी किया। इसी तरह से अर्थशास्ति्रयों के एक समूह ने हमारी आर्थिक नीतियों का विरोध किया लेकिन साथ ही अर्थशास्ति्रयों के एक बड़े समूह ने आंकड़ों के साथ उनके दावों को धवस्त कर दिया। लेकिन मैं यह भी कहूंगा कि इसमें कुछ राजनीतिक बौखलाहट भी दिखाई देती है।

सेना को बार-बार राजनीति में घसीटा जा रहा है, यह कहां तक उचित है?
हम तो सेना के साथ कोई राजनीति नहीं कर रहे। हमारी सरकार तो सेना को बस उन्हें वह राजनीतिक समर्थन दे रही है जिसकी जरूरत महसूस की जाती है ताकि देश को आतंकवादियों के हाथों या दुश्मनों से सुरक्षित किया जा सके। मैं मुंबई से आता हूं और यह मेरे लिए शर्मनाक है कि वर्ष 2008 में आतंकियों ने मुंबई में घुस कर सैकड़ों भारतीयों की हत्या कर दी। अगर तब ही सरकार ने आतंकवादियों के आकाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर दी होती तो हमें बाद में आतंकी हमले नहीं झेलने पड़ते।

सुप्रीम कोर्ट ने राफेल पर दो दिन पहले जो टिप्पणी की है उसे कांग्रेस अपनी जीत बता रही है..क्या सरकार बैकफुट पर है?
कतई नहीं। कांग्रेस शुरू से ही इस मुद्दे पर भ्रम फैला रही है। दुर्भाग्य यह है कि कांग्रेस एक राजनीतिक पार्टी के तौर पर फेल हो चुकी है। वह किसी न किसी तरह से इस मुद्दे को जारी रखना चाहती है। कोर्ट के सामने यह कहा गया था कि कुछ कागजात जो सरकारी गोपनीयता दस्तावेज कानून के तहत चिन्हित हैं और जिसे गैर कानूनी तरीके से निकाला गया है।

कोर्ट से पूछा गया था कि क्या उस पर जब पूरे मामले पर बहस होगी तो गौर किया जा सकता है और कोर्ट न कहा है कि हां उस पर भी विचार किया जाना चाहिए। हम इस निर्णय का स्वागत करते हैं। हमारा दामन साफ है इसलिए कोई चिंता नहीं है। कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अनाप-शनाप बयान दे रही है, यह बेहद शर्मनाक है। वह देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है जिसका जवाब स्वयं जनता देगी।

विपक्ष व कुछ अर्थशात्रियों की तरफ से लगातार यह कहा जा रहा है कि भारत में विकास बगैर रोजगार के हो रहा है। संभवत: आम चुनाव में भी रोजगार मुद्दा है। क्या आप रोजगार के मुद्दे पर अपनी सरकार की स्थिति स्पष्ट करना चाहेंगे?

बिल्कुल। देखिए रोजगार या जीवन यापन के जो तरीके थे वे सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में ही बदल रहे हैं। सरकारी दफ्तर या बड़े संगठित उद्योगों में रोजगार के अवसर पूरी दुनिया में सीमित हो रहे हैं। छोटे छोटे काम करने वालों की संख्या बढ़ रही है। उद्योगों का स्वरूप बदल रहा है और इसके साथ ही उनमें रोजगार के तरीके में भी बदलाव आ रहा है। अब आप सोलर पॉवर को ले लीजिए।

भारत में 1.75 लाख मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट लगेंगे, लेकिन इनमें रोजगार का स्वरूप वैसा नहीं रहेगा जैसा कि पुराने जमाने में थर्मल पॉवर प्लांट में होता था। हालांकि यहां भी लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा लेकिन यह छोटे-छोटे समूहों में मिलेगा। इसी तरह से खुदरा कारोबार करने वालों की संख्या भारत में तेजी से बढ़ी है और आगे भी बढ़ेगी। सात करोड़ छोटे बड़े दुकानदार भारत में हैं। ओला, उबर जैसे स्टार्ट अप में लाखों लोग काम करने लगे हैं। सरकार कौशल विकास को बढ़ावा दे रही है, स्टार्ट अप को बढ़ावा दे रहे हैं, उद्यमशीलता को बढ़ावा दे रहे हैं।

फिर आपकी सरकार रोजगार पर आंकड़े क्यों नहीं पेश कर रही है?
अभी तक जो डाटा बन रहा था वह काफी पुरानी परंपरा के मुताबिक था। हालात बदल चुके हैं और नया डाटा ऐसा होना चाहिए कि वह रोजगार की सही स्थिति बता सके। पुराने तरीके से हम रोजगार के नए आंकड़ों को नहीं पेश कर सकते। सबसे पहले हमें यह देखना होगा कि नए डाटा को जुटाने का तरीका क्या होना चाहिए। यह कुछ वैसा ही है जैसा डॉक्टर पहले बीमारी का पता लगाता है तभी सही इलाज करता है। नए डाटा में हमें स्वयं का काम करने वाले लोगों को विस्तृत तौर पर शामिल करना होगा। हम यह काम कर रहे हैं।

Source: https://www.jagran.com/elections/lok-sabha-lok-sabha-election-2019-piyush-goyal-said-in-a-interview-that-first-phase-of-election-has-shown-strong-indication-jagran-special-19132351.html

Meeting with NDA Workers in Chennai

Vadakkum, Vanakkam! I am so happy that I am in Chennai just two days before the Tamil New Year. My best wishes to all my brothers and sisters here. I have of course been coming to Tamil Nadu very often and even though I am not from Tamil Nadu, I feel like one of you because right from childhood, my favourite dish is Idli-Sambar. You know, I don’t only like Idli, I like Dosa, I like Uttapa, I like Vada, I like Rasam.

I am really happy that we have all our Pramukh Karyakaratas here, all the Shakti Kendra In-charges and we are fighting this election not merely for a few Lok Sabha seats. We are not fighting only an ordinary election. This election is going to decide the destiny of India because the journey that Prime Minister Modi had started in 2014 still has a long way to go to make India – a super power in the world.

When we came into government in 2014, you will all remember the level of corruption that was there in the economic conditions, the Mehangai, inflation was in double digit, growth had stopped. We were called a fragile five economy – one of the weakest economies in the world. In five years, we have been able to control inflation, control mehangai and in the last five years, the mehangai has been the lowest in the last 70 years since independence.

Brick by brick, Prime Minister Modi has been building the foundation of a strong India and today, we are the world’s fastest growing large economy. You all know that when we have to build a building. Let’s say we have to build this beautiful building – this hall, how does it start? First, you make plans – design, drawing. Then, you hire people and then, to start construction, first you have to build a foundation. So, you dig a hole, take out all the mud and start building a foundation.

Please don’t add too many things. No, seriously. When you draw up the design of the building, obviously, it’s a beautiful design. But you get that beautiful design on the first day or you have to work hard for it. Make the foundation, make sure the foundation is made properly and then, you start building each floor. Then, you start making the walls, the doors, the fittings and then, a beautiful building comes out – a beautiful home is made. When the building is being constructed, a lot of dirt comes out also. You make a big hole where is foundation is made. You have to also out the dirt aside. You can’t leave it around. You have to remove it from there and put it in some place or put it in some ground.

Now, think of what Prime Minister Modi has been doing. For the last five years, he has been working day and night with a clear design, with a clear blueprint of what kind of a nation, we have to make but working by cleaning the mess that we had inherited. Building a foundation for a strong and powerful India and preparing the nation so that we can become truly the most developed country in the world.

Therefore, when some people ask questions, that all the problems of the country are not resolved. Obviously, all problems cannot be resolved but the process of resolving those problems has been taken forward with a very-very fast speed. After all in the country, only 34 per cent people had a toilet in their home or in their village. Two out of three ladies – our sisters, our mothers, our daughters – did not have a toilet. Imagine from sunrise to sunset, if two out of three ladies in the country could not use toilet. Isn’t that a matter of shame for this country?

Modiji solved that problem. Today, almost every house in the country has a toilet and our women have dignity. From independence until 2014, we had given 13 crore LPG gas connections in 65 years. In five years alone, almost the same number of LPG gas connections have been given. What happened in 65 years happened in five years. And 7 crore 10 lakhs out of that are free LPG connection for the poor.

Do you think it was a good thing that women had to take 400 cigarettes of smoke in their body every day cooking in the old fashion and look at the disaster on their health – the impact on their health. Crores of families did not have electricity in their house – crores of families. Crores of children did not have electricity to study. Was that good for the country?

We have made sure almost every house in the country today has electricity. Only a person who has experienced what life is in a poor family, somebody who has lived poverty, who has experienced poverty can have a heart, compassion, samvedana – to understand the problems of the poor. Modiji himself has lived in very difficult circumstances and, therefore, he understands what is important for the people of India.

Just like my brother, S. Nandkumar from Central Chennai just now asked about the water problem of Tamil Nadu. Modi Ji understands what the water problem of Tamil Nadu is – because he himself has experienced the difficulty of water that Gujarat had once upon a time before he became Chief Minister.

Modi Ji took canal system to the remotest parts of Gujarat and wherever canal could not go, he took big-big pipelines but today, the whole desert area of Saurashtra has water. Similarly, if you remember in 2002, Atal Bihari Vajpayee – Prime Minister – had started the project for inter-linking of rivers. Suresh Prabhu was the chairman of the task force for inter-linking of rivers which Atal Ji had made and I was also a member of that task force. We had studied various links by which we can connect the different rivers so that wherever there is excess water, it can be moved to other areas where there is a shortage of water.

Unfortunately, in 2004, we lost the election and Congress-DMK came into power in Delhi – in the central government. I requested the Congress government that please continue this inter-linking of rivers project. At best, you can remove Suresh Prabhu, you can remove me, you can remove Hari Babu – we were three people who were political but keep the project alive. You put your people but implement the project. They have wound up the task force and for ten years, did not do anything for inter-linking of rivers.

After Modi Ji became Prime Minister, he has once again started the project for inter-linking of rivers and Nitin Gadkari Ji has already drawn up elaborate plans for the first four or five links – one of which is the Godawari-Cauvery link. Therefore, in our Sankalp Patra –manifesto which we released on 8th of April – we have announced that we will create a statutory authority – Apradhikaran – which will implement the inter-linking of rivers project.

For this, we will be creating a new Ministry only for water problems of the country called Jal Shakti. The Jal Shakti Ministry’s work will be looking after all the problems of water in the country. In fact, Mr. Rajnikant Ji has also been talking about this and he has welcomed this decision of Modi Ji. Mr. Rajnikant has also been demanding.

In the meantime, for a short teem solution – we will also see if we can do desalination of water in a big way so that the coastal area’s drinking water problem can be solved. Also, we can in a big way take up the project for providing…

Warm welcome to Mr. Sam Paul and former Minister Ms Indira to our programme. Thank you very much for coming, Madam. So, as I was saying the water problem will… So, water problem of Chennai, water problem of Tamil Nadu will be our problem and we will solve it. Because now, you will not have only Modi Ji’s government in the Centre. Now, the NDA will have state government and the central government working like a double engine so that progress is fast. And then, we will soon have bullet train also coming to Chennai.

Where is Chandru? Chandru – even any new project when we start – you have to first start one project like which we have started from Mumbai to Ahmedabad, 508 kilometers. The Japanese will give us technology and financing. Once we receive that, then our engineers from Integral Coach Factory in Chennai will be competent to make bullet train here. But till that time, I am happy and proud that our engineers from Chennai, our workers from Integral Coach Factory have already made a semi-high speed train called ‘Vande Bharat’ which is working from Delhi to Banaras. It was so successful that I have already ordered 100 more trains and we will make sure that a Vande Bharat Express goes from Chennai to Bengaluru also. But sadly, Rahul Gandhi Ji cannot appreciate the good work of our engineers. When there was a small technical problem, he started making fun of our engineers from Chennai, of engineers of Integral Coach Factory. I think Rahul Gandhi Ji does not want production in India. He wants India to import trains from Italy.

But I can assure you that we are proud of our young boys and girls. We are proud of our workmen who have made a world-class train which will start serving the people of India. Today, we are all working together as National Democratic Alliance which is the biggest and best alliance that Tamil Nadu has ever seen. Look at Chennai, we have Chennai South candidate Jayavardhan from AIADMK, we have Chennai North candidate Alagapuram Mohanraj from DMDK and we have Chennai central DMK’s Mr. Sam Paul. We are all together as one.

And every BJP Karyakarata will work for the victory of every seat in Tamil Nadu. Nair Padam Name and you don’t need to translate. Nair Padam Name, Nair Padam Name, Nair Padam Name. And Nadam Namade, Nadam Namade, Nadam Namade…And we are all the Chowkidars. We will be the Chowkidars to make sure that on 18th of April, everybody should come out and vote. And not a single supporter of this alliance is left out.

We have to make sure every member of our family, every relative, every neighbour, everybody who we know will go out and vote before 10.30 in the morning so that before the Sun rises too high and it becomes hot, we have all cast our vote and the world can see that the NDA alliance partners are all on the street going to vote in large numbers. Each one of us has to focus on our booth. Don’t worry about what is happening in the rest of the country, or rest of Chennai, or rest of Tamil Nadu. Let us all focus on our area, our booth so that maximum voting takes place for the alliance.

Mera Booth, Sabse Mazboot… Mera Booth, Sabse Mazboot… And we should have a competition whose booth gives the maximum margin of victory. And tell everybody, first we have to vote, then we can have breakfast, lunch, Idli, Vada, Sambar, whatever we want.

I hope you remember there is prohibition in this state also. Most importantly, all of us as Chowkidars have responsibility to our people, to our state, and to our country. Every vote that we will get is a vote to make Modi Ji – the Prime Minister of India.

So, do I have a promise that every Kavalkaran will make sure that all our three candidates of Chennai will win with a big victory. By the way, Kavalkaran was a movie in which Jayalalitha Ji and MGR were there. And I must tell you Amma treated Modi Ji like a brother, like a family member. In fact, I had a very good meeting with Amma just few months before her unfortunate passing away and it was an absolutely wonderful meeting. She treated me like a younger brother. We have also named the Chennai Central station after MGR.

So, as a tribute to late MGR, as a tribute to respected Amma – it is our duty, all of us to vote together as one family – the NDA family and these three Chowkidars to Delhi to help the Pradhan Chowkidar do his job. And then, Ms. Jessy Muralidharan will not have to worry about schemes not reaching the poor because these three Chowkidars of ours will work under the leadership of Modi Ji and takes the schemes to every house.

You are all party workers. So, I will not go down to tell you all the work that has happened in five years and a lot of work has happened. I will not tell you about our Sankalp Patra in which we have laid out the vision how we will make India a developed world. I think all of us – Karyakaratas know that, our Karyakaratas trust Prime Minister Modi. But one thing, I will certainly like to say – to promote and protect the rich Tamil culture, the rich traditions, the rich heritage of Tamil, the Tamil language, the Tamil people of Tamil Nadu – we need Prime Minister Modi.

Speaking at Press Conference, in Mumbai

…दोंडे जी का और आप सभी नेताओं का। भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना महाराष्ट्र में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के समर्थन में सब के सब 48 सीटें भेजें, उस संकल्प को लेकर दोनों पार्टी चुनावी मैदान में उतरे हैं। बहुत अच्छा समन्वय के साथ दोनों पार्टी, पार्टी के नेता, कार्यकर्ता, समर्थक आज प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचे है। और जो चुनावी दृष्टि दिख रही है, जिस प्रकार का माहौल दिख रहा है सब जगह, एक प्रकार से क्लीन स्वीप महाराष्ट्र में हो और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के समर्थन में नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस को महाराष्ट्र से 48 के 48 सीट्स मिले, 48 सीटो को महाराष्ट्र से भेजक़र दो-तिहाई बहुमत की एनडीए की सरकार दिल्ली में बने इस संकल्प के साथ शिवसेना भाजपा चुनाव में उतरी है।

5 वर्ष एक ईमानदार सरकार देश की सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई करने वाली और भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने वाली, देश के 130 करोड़ लोगों को अलग-अलग प्रकार से विकास पहुंचे, उनके जीवन का स्तर सुधरे उसके लिए काम करने वाली सरकार ने अब 5 वर्ष पूरे किए है। हम हर वर्ष 26 मई को देश और जनता और प्रेस के समक्ष हमारा रिपोर्ट कार्ड लगातार देते आए हैं। और अब इस वर्ष फाइनल एग्जाम के लिए देश की जनता के बीच में उतरे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी जी ने किताब लिखी थी – एक्जाम वारियर्स। एक प्रकार से उनके सब वॉरियर्स एक्जाम के लिये‌ तैयार है। देश की जनता भी मन बनाकर बैठी है कि प्रधानमंत्री मोदी जी को फिर एक बार मोदी सरकार बनाकर जनता और देश की सेवा करने का मौका और देश का नाम पूरे विश्व में और रोशन करने का मौका देने के लिए आज महाराष्ट्र की, मुंबई की और देश की जनता ने संकल्प लिया है। विश्व की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था आज़ादी के बाद सबसे कम महंगाई कोई 5 वर्ष में रही हो तो प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार के। तेज गति से गांव, गरीब, किसान, आदिवासी, शोषित और वंचित महिला, युवा, हर वर्ग तक विकास पहुंचने का जो काम इस 5 वर्ष में हुआ वो दोहराएं तो बहुत लंबा समय निकल जाएगा।

लेकिन हमारी माता, बहनें, बहुओं को आज़ादी के 65 वर्ष बाद भी तीन में से दो महिलाओं को शौचालय की सुविधा ना होना इस देश के लिए, हम सब के लिए बड़ी शर्मिंदगी की बात थी। इस सरकार ने लगभग हर घर तक, हर महिला तक शौचालय की व्यवस्था पहुंचाने का ऐतिहासिक काम किया जो मैं समझता हूं हमारी महिलाओं की डिग्निटी के लिए, उनके सम्मान के लिए एक बहुत ही अहम भूमिका निभाएगा आगे चलकर।

हमारी माता बहनों को एलपीजी गैस सिलेंडर नहीं होने के कारण जो ट्रेडिशनल चूल्हे पर खाना बनाना पड़ता था। उनके और उनके बच्चों के स्वास्थ्य पर जो उसका परिणाम था उसको खत्म करने के लिए आज़ादी से 2014 तक जितने एलपीजी गैस कनेक्शन दिए गए थे, लगभग उतने ही और गैस कनेक्शन मात्र 5 वर्ष में इस देश को  दिए गए। 65 वर्ष बनाम 5 वर्ष। और उसमें से 60 करोड़ से अधिक गरीबों को मुफ्त में दिए गए।

मेरे लिए तो बड़ी हैरानी थी कि 65 वर्ष आज़ादी के बाद भी करोड़ों बच्चों को बिजली नहीं थी, करोड़ों परिवार में घरों में बिजली नहीं थी। प्रधानमंत्री मोदी जी ने बहुत ही सिस्टमैटिकली पहले हर गांव तक बिजली पहुंचाई फिर हर मजला ढाणी तक पहुंचाई और आज हमें खुशी है सौभाग्य के माध्यम से लगभग देश में बहुत ही थोड़े से घर रह गए होंगे लगभग सभी घरों तक बिजली का कनेक्शन दिया गया है। ढाई करोड़ से अधिक गरीबों को तो मुफ्त में कनेक्शन दिया गया है। और आज कोई देश के बच्चे को बिना बिजली के पढ़ाई नहीं करनी पड़ती।

स्वास्थ्य की सेवाओं की कमी के कारण लाखों परिवार, गरीब, निम्म-मध्यमवर्ग ऐसे थे या तो स्वास्थ्य सेवा या मेडिकल ट्रीटमेंट करवा नहीं पाते थे। या लोन के दबाव में फिर पूरे जीवन लोन भरते रहते थे किसी अपने परिवार के सदस्य के इलाज के लिए। आज आयुष्मान भारत के तहत 50 करोड़ देश के नागरिकों को मुफ्त में स्वास्थ्य सेवाएं मिले इसको सुनिश्चित करके मैं समझता हूँ देश को एक बहुत बड़ी संख्या में मुक्त किया इस प्रकार की तकलीफ से।

और ऐसे अनगिनत और काम मैं सुना सकता हूँ जिसने देश के गरीब को और सशक्त बनाया है, देश की सीमाओं को सुरक्षित किया है। बालाकोट में आतंकवादियों के जड़ पर जाकर, लाइन ऑफ कंट्रोल क्रॉस करके जो मुँहतोड़ जवाब दिया उससे आज देश का हर नागरिक अपने आपको सुरक्षित महसूस करता है, देश की सीमाओं को सुरक्षित महसूस दिखता है। इन सब कामों की आधारशिला पर, फाउंडेशन पर हम फिर एक बार जनता के बीच, 5 साल और फिर एक बार मोदी सरकार बने, इसके लिए भारतीय जनता पार्टी और हमारे सहयोगी मित्र पक्ष महाराष्ट्र में शिवसेना रामदास आठवले जी की रिपब्लिकन पार्टी और ऐसे देश में अन्य-अन्य पार्टियों के सहयोग से फिर एक बार दो-तिहाई बहुमत इस बार एनडीए का मिले, उसके लिए हमने कुछ संकल्प लेकर उस संकल्प पत्र को देश के समक्ष रखा है।

हमने संकल्प लिया है कि इस देश में कोई परिवार ऐसा ना रहे जिसको अपना खुद का घर ना हो उसमें पेयजल की व्यवस्था ना हो, 24 घंटे बिजली ना हो, शौचालय ना हो और साथ ही साथ सड़क घर तक पहुंचे, स्वास्थ्य और शिक्षा की अच्छी सुविधा हो। और यह संकल्प हमने 2024 का नहीं जब आज़ादी के 75 वर्ष पूरे हो 2022 तक पूरे करने को, यह सरकार आने वाली सरकार प्रतिबद्ध रहेगी। और शायद पहली बार होगा इतिहास में कि एक 5 साल की आने वाली सरकार ने हाफ टर्म का भी लक्ष्य देश के सामने रखा है। 15 अगस्त 2022, जब हमारा लगभग आधा समय पूरा होगा, उसका भी लक्ष्य देश के समक्ष रखने का साहस भारतीय जनता पार्टी ने किया है।

आतंकवाद को मुँहतोड़ जवाब देने की क्षमता अगर किसी निर्णायक नेता के पास आज देश में है तो प्रधानमंत्री मोदी जी के है। अगर इस देश को भ्रष्टाचार मुक्त कोई बना सकता है, अगर इस देश में गरीब कल्याण का काम तेज गति से हो सकता है, अगर इस देश में घुसपैठियों को बाहर निकालने का काम कोई कर सकता है, अगर इस देश में जम्मू कश्मीर को देश के साथ जोड़ने का काम कोई कर सकता है, आर्टिकल 370 और 35A जो वर्षों-वर्षों से जम्मू कश्मीर को देश से अलग- थलग रख रही है उसको खत्म करने का काम कोई कर सकता है, अगर अयोध्या में भगवान राम के जन्म स्थान पर एक भव्य राम मंदिर बने यह काम कोई कर सकता है तो यह भारतीय जनता पार्टी की सरकार, एनडीए की समर्थन के साथ बनने वाली सरकार कर सकती है। और यह संकल्प लेकर देश प्रथम इस नारे के साथ यह आगे का चुनाव लड़ने भारतीय जनता पार्टी मैदान में उतरी है।

किसानों का कल्याण हो किसानों की 2022 तक आय दुगनी हो उसके लिए कई सारे कदम हमने गत 5 वर्षों में उठाएं है। अब हमने ऐसा तय किया है कि सभी किसानों को, चाहे वह छोटे और सीमांत ना हो, सभी किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत ₹6000 प्रति वर्ष देने का आगे आने वाली भाजपा एनडीए की सरकार कदम लागू करेगी। इसी के साथ-साथ 25 लाख करोड़ एग्रीकल्चर और ग्रामीण क्षेत्र में निवेश करके किसानों के जो आज प्रोड्यूस है, जो उत्पादन है, वह भी कैसे बढ़े, प्रोडक्टिविटी कैसे बढ़े, उत्पादन कैसे बढ़े और उसका वैल्यू एडिशन कैसे हो। कोल्ड स्टोरेजेस बने, लोजिस्टिक्स चेन बने, फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगे, इसमे 25 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने का संकल्प सरकार ने अगले 5 साल में लिया है।

साथ ही साथ छोटे और सीमांत किसानों को पेंशन योजना से जोड़ना, छोटे और सीमांत किसानों को ब्याज मुक्त कर्ज़ा 1 से 5 साल तक का देना, मछुआरों के लिए, फिशरीज़ के लिए एक नया मंत्रालय बनाने का निर्णय लिया गया है। मछुआरों को भी किसानों की तरह किसान क्रेडिट कार्ड मिले। उनके भी ब्याज में कम ब्याज पर उनको भी ऋण मिले और 10 हज़ार करोड़ रुपय का कॉरपस बनाकर उनके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जाए जिनसे जिससे उनकी आय भी बड़े, जो महाराष्ट्र की दृष्टिकोण से बड़ा कोस्टलाइन है। बहुत बड़ी संख्या में फिशरमैन है। वह निर्णय भी भारतीय जनता पार्टी ने लिया है और वह संकल्प पत्र में विश्वास दिलाया है। विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए एक अच्छी आधारशिला अगले 5 वर्ष में बने, उसके लिए पहला पड़ाव है कि भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बने और अगला पड़ाव 10 ट्रिलियन डॉलर 2032 तक। तो अगले 5-6 वर्ष में 5 ट्रिलियन, फिर 7 वर्ष में इसको 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाकर देश के 130 करोड़ लोगों के जीवन में सुधार आए, महंगाई पर नियंत्रण रहे और तेज गति डबल डिजिट ग्रोथ तक इस देश को लेकर जाने का निर्णय सरकार ने किया है, भारतीय जनता पार्टी ने लिया है जो आगे आने वाली बीजेपी एनडीए की सरकार लागू करेगी।

साथ ही साथ एक नए भारत को और अच्छा बनाने के लिए 100 लाख करोड़ रुपये, 100 lakh crore का निवेश इंफ्रास्ट्रक्चर में करने का हमने संकल्प लिया है। आप सब जानते हैं गत 5 वर्षों में हमने तिगना कर दिया सालाना जो निवेश होता है इंफ्रास्ट्रक्चर में, लगभग तीन-साढे तीन लाख रुपये निवेश होता था केंद्र सरकार के सहयोग से या केंद्र सरकार के बजट से, वह इस वर्ष लगभग 10 लाख करोड़ का होने जा रहा है। अगले 5 वर्ष में लगातार बढ़ाते-बढ़ाते हम  इसको 27 से 30 लाख करोड़ पर लेकर जाएंगे। जिसका अगर 5 साल का जोड़ दें तो 100 लाख करोड़ का निवेश इंफ्रास्ट्रक्चर में करके इस देश को एक डेवलप्ड नेशन बनाने का काम करने का निर्णय भारतीय जनता पार्टी ने लिया है।

उसमें रोड कनेक्टिविटी, रेलवेज में निवेश, एयरपोर्ट, विद्युत क्षेत्र में डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाना, जो मैंने 22 के संकल्प बताए, घर देना हर एक को पेयजल देना। यह सब काम में लगभग 100 लाख करोड़ रुपये खर्चकर, इस देश की अर्थव्यवस्था भी सुधरेगी, हर व्यक्ति के जीवन में विकास आएगा और साथ ही साथ करोड़ों की संख्या में लोगों को काम करने का मौका मिलेगा। यह भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बहुत अहम कदम होगा। साथ ही साथ कई सारे स्वास्थ्य से जुड़े हुए निर्णय लिए गए हैं। कैसे स्पेशलिस्ट डॉक्टर और एमबीबीएस को दोगुना करने के लिए नए वैलनेस सेंटर खोले, नए मेडिकल कॉलेजेस खोले, 75 नए मेडिकल और पोस्ट-ग्रेजुएट कॉलेज देश में खुले और डेढ़ लाख हेल्थ एंड वेलनेस सेन्टर्स बनाने का संकल्प भाजपा ने लिया है।

साथ ही साथ सुशासन हो देश में ईमानदार सरकार, भ्रष्टाचार-मुक्त सरकार और साथ ही साथ अलग-अलग प्रकार से जो कई वर्षों से गलत तरीके से देश का माइंड-सेट चला गया, उसको रोकना, विज्ञान की तरफ हमारी युवा पीढ़ी को और प्रोत्साहित करना, क्लाइमेट चेंज जो जलवायु परिवर्तन का जो एक बड़ी समस्या है उसके खिलाफ ठोस कदम उठाना, साथ ही साथ स्टार्ट अप इंडिया और स्टैंड अप इंडिया के तहत महिलाओं को युवाओं को नए अवसर देना उद्यमी बनने का, जॉब सीकर के बदले जॉब क्रिएटर बनने का, और शिक्षा प्रणाली में सुधार करके डिजिटल टेक्नोलॉजी से शिक्षा प्रणाली को सुधार करने का बहुत सारी योजनाएं हमने संकल्प पत्र में देश के समक्ष रखी है। हम यूनिफॉर्म सिविल कोड के लिए प्रतिबद्ध है और मुझे लगता है ट्रिपल तलाक का कानून उसका एक पहला अहम कदम होगा जो हमारी माता बहनें इस समस्या से जूंझ रही है, परेशान है, उनको एक बहुत बड़ा सहूलियत मिले,उनको बहुत बड़ी राहत मिले ट्रिपल तलाक कानून आने से उस समस्या का हम समाधान करना चाहते हैं।

एक प्रकार से पूरे समाज को साथ में लेकर हर वर्ग का विकास हो, हर वर्ग को सशक्तिकरण मिले और भारत की ऐतिहासिक धरोहर जो हमारी कल्चरल हेरिटेज है उसको भी संभालते हैं हुए उसको भी और अच्छा बनाते हुए, पर्यटन के क्षेत्र को और बल देते हुए, जिसमें करोड़ों लोगों को काम और रोज़गार की संभावनाएं मिल सकती है। और अन्य-अन्य प्रकार से पर्यटन को बल देकर एक भारत की जो आज साख पूरे विश्व में बनी है उसको एक डेवलप्ड नेशन के रूप में कन्वर्ट करना भारत की जो आज विश्वसनीयता पूरे विश्व में बनी है उसको और आगे बढ़ाना, एक विश्वास पत्र हमारे संकल्प पत्र में झलकता है।

एक-एक काम ऐसा जो किया जा सकता है, जो करने की क्षमता है प्रधानमंत्री मोदी जी और आने वाली भाजपा एनडीए की सरकार में। ईमानदार संकल्प पत्र, ईमानदार सरकार, देश के विश्वास के साथ हम जनता के बीच जा रहे हैं और मुझे पूरा पूरा विश्वास है महाराष्ट्र के 48 की 48 सीट जीतकर प्रधानमंत्री मोदी जी के इन प्रयासों को हम और बल देंगें और आशीर्वाद देंगे। इस कल्पना के साथ हम उतरे है चुनावी मैदान में और मीडिया के भी सभी बंधुओं का मैं तहे दिल से, सरकार की तरफ से धन्यवाद देना चाहूँगा कि आपने हमारे एक-एक कार्यक्रम को चाहे वह स्वच्छता हो, चाहे वह बिजली का कार्यक्रम हो, चाहे वह उज्ज्वला हो, लोगों को मुफ्त में एलपीजी सिलिंडर देना, चाहे वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई हो, इन सब में जो मीडिया ने बहुत ही जिम्मेदारी से अपना काम किया, जिस प्रकार से आपने भी नियंत्रण रखा सरकार के अन्य-अन्य योजनाओं पर। मैं समझता हूँ यह जनभागीदारी इस देश को बहुत तेज गति से आगे बढ़ाएगी। समाज का एक-एक व्यक्ति विकास महसूस करे और विकास का स्वाद ले। इस कल्पना के साथ आगे आने वाले 5 वर्ष हमारी सरकार देश के 130 करोड़ लोगों को विकास से प्रेरित करते हुए जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाएगी।

बहुत बहुत धन्यवाद।

प्रश्न-उत्तर

उत्तर: वैसे वह सपोर्ट नहीं किया है। वह उन्होंने जो वक्तव्य दिया उसका जिस पूर्ति से कांग्रेस के प्रवक्ता ने इस्तेमाल किया मैं तो सीधा आरोप लगाऊंगा कि यह तो कांग्रेस और शायद पाकिस्तान की मिलीभगत है। यह देश पूरा अच्छी तरह भली-भांति जानता है कि अगर पाकिस्तान को किसी नेता से डर है तो वह भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री एनडीए के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से है। आखिर कांग्रेस ने तो संकल्प पत्र में सेडिशन लॉ भी निकालने का घोषणा कर दिया है। कांग्रेस के जो गुरु है जो उनकी विचारधारा बनाते हैं, उन्होंने तो हमारेआर्म्ड फोर्सेस पर प्रश्न चिन्ह उठा दिया है। सैम पित्रोदा जी और उनके कांग्रेस के कई नेता तो आर्मी और एयरफोर्स के ऊपर प्रश्न चिन्ह उठा रहे हैं।

और आप वक्तव्य देखिए मैं समझता हूँ हर मुंबईकर का खून खौलता है जब वह सैम पित्रोदा जैसे कांग्रेस नेता के सलाहकार का वक्तव्य देखते हैं। Some people came somewhere and did something. क्या वह 26.11.2008 को जो यहीं पर हुआ था हमारे आस पास ओबेरॉय में, वीटी स्टेशन पर ,ताज में क्या वह समथिंग था समवेयर था? हम सब मुंबईकर ने झेला है उस प्रकार का आतंकवादी हमला। तब की कांग्रेस सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया। कोई पड़ोसी देश को या आतंकवादिओं को संदेश देने में असमर्थ और मजबूर थी कांग्रेस की पार्टी जो महाराष्ट्र और केंद्र में दोनों में सत्तारूढ़ थी। एक बड़ी कमजोर और एक प्रकार से निहत्थी सरकार कांग्रेस ने इस देश को दी जिसका खामियाना हर मुंबईकर को सहन करना पड़ा। आज वह डरते हैं तो मोदी जी से डरते हैं। और मुझे तो लगता है कांग्रेस और पाकिस्तान की साठ गाठ स्पष्ट हो गई उस वक्तव्य और कांग्रेस के बयान से।

उत्तर: कांग्रेस के आरोप में तो अभी देश ने भी विश्वास करना छोड़ दिया है। मैं समझता हूँ मेरा भाई यूनाइटेड फास्फोरस में जरूर है पर इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में, इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की आप सबको जानकारी होती है कोई day-to-day management में रोल नहीं रहता है। लेकिन उसके बावजूद इसकी डीटेल्स मेरे पास है नहीं यह पर्टिकुलर केस क्या आप बोल रहे हैं। लेकिन मैं समझता हूँ कांग्रेस बौखला गई है आज उनके पास कोई आरोप लगाने को तत्व नहीं है तो झूठे आरोपों पर अपनी राजनीति करना चाह रही है। और इस देश की जनता इससे गुमराह होने नहीं वाली है।

उत्तर: बाय द वे, मैं एक और एड कर सकता हूँ मुझे मालूम नहीं है कॉन्ट्रैक्ट क्या है क्या नहीं है लेकिन मुझे नहीं लगता कि कोई भी कॉन्ट्रैक्ट किसी को बिना पारदर्शी प्रोसेस के आज के दिन मिल सकता है पहली बात, और वैसे भी यह 10 साल पुराना है विनोद जी जो बता रहे हैं। तो 10 साल पुरानी बात आज वह लेकर आ रहे हैं कांग्रेस वाले तब तो कांग्रेस की सरकार थी यहाँ पर।

A. Nothing at all. Please understand, what has the supreme court said that documents, while its obviously not the right thing that official secret documents should go out, but once they have gone out we can refer to them. That’s the only decision the court has said and they will hear it. The government had only taken a stand that whether it is in the national interest that official secrets’ documents which are leaked out by whatever sources I don’t know, can be used to be the basis of a decision or a discussion or an argument in court. We were on a matter of principle whether any court proceedings can be carried out on stolen documents. The honorable supreme court has taken a decision and they would like to refer to that and conduct hearing. We welcome it. In fact, that will only help us in clarifying and clearing the whole thing even faster. I think it’s a very good decision.

A. Because we have inherited a whole system that the Congress had fine-tuned for so many years. And if the Congress is doing these type of activities even now, certainly we would like to take action. And I am sure an inquiry might be going on, who leaked those documents.

Q. Sir, my question to you is you just stated that Pakistan has some links to congress party, and that’s the reason….?

A. I didnt say that my friend. Then you have not even heard me properly. I said the fact that the Pakistan statement comes out and within a few minutes the Congress starts reacting and giving a whole release on that or a tweet on that, somehow it seems to look very fishy. It seems to show that they are both working for the same purpose and there seems to be a connection between the two.

Q. So British Prime Minister Theresa May has just stated that we regret the Jallianwala Bagh incident, how do you see such kind of statement in British Parliament after the independence?

A. This is also reflective of the growing strength that India has in the world geopolitical sphere. This also reflects that today the world, including United Kingdom, who was an occupier of India for so many years, who had kept us away from freedom for so many years, even they realize that India has become such a strong power now that they have to apologize to India and all Indians for their heinous acts.

मैं समझता हूँ कि भारत की उभरती हुई शक्ति का प्रदर्शन है एक और। यह दर्शाता है कि भारत का वर्चस्व पूरे विश्व में आज कितना मज़बूत है। भारत का वर्चस्व कितना तेज है। भारत की कितनी साख है पूरे विश्व कि यूनाइटेड किंगडम को भी आज खेद प्रकट करना पड़ा जो नरसंहार हुआ था जलियांवाला बाग पर। बहुत ही घिनौनी हरकत हुई थी उस समय। इस वर्ष 100 साल पूरे हो रहे हैं उस बात को, 13 तारीख को। फिर एक बार में श्रद्धांजलि देना चाहूँगा उन सब शहीदों को जिन्होंने देश के खातिर देश की आज़ादी के खातिर अपने जीवन को त्याग दिया और मैं समझता हूँ उन्हीं से प्रेरणा लेकर आज हम विकास के काम में देश देशभर में जुटे हैं और उन्हीं से प्रेरणा लेकर अगर कोई आतंकवादी हमला देश पर होता है, अगर कोई आतंकवादी देश पर बुरी नज़र से देखता है तो हमारी सरकार प्रतिबद्ध रहती है उसको मुँह-तोड़ जवाब देने के लिए।

प्रश्न: संकल्प पत्र में एक बार फिर राम मंदिर का मुद्दा लिखा गया है कि सभी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए … ?

उत्तर: भारतीय जनता पार्टी का हर कार्यकर्ता भारतीय जनता पार्टी का हर नेता और मैं समझता हूँ इस देश के हर व्यक्ति की आस्था जुड़ी हुई है राम मंदिर के साथ। हम सब चाहते हैं कि जहाँ भगवान राम का जन्म हुआ था उसी स्थान पर भगवान राम का भव्य मंदिर बने। मैं तो कांग्रेस से चाहता हूँ कि वह स्पष्ट करें कि वह चाहती है कि मैं वहाँ पर भगवन राम का मंदिर बने या नहीं चाहती है। या यह जो आज शिव भक्ति और भगवन राम की भक्ति का ढकोसला नाटक कर रही है कांग्रेस। जिस प्रकार से आस्था और रिलिजन को, धर्म को भी उन्होंने टूरिज्म और पर्यटन बना दिया है और चुनाव आने के पहले टूरिस्ट के नाते जाकर देश को गुमराह करती है कांग्रेस और कांग्रेस का नेतृत्व। कांग्रेस पार्टी पहले स्पष्ट करें वह क्या चाहती है राम मंदिर चाहते हैं या नहीं।

और अगर चाहते हैं तो कानूनी दखलंदाज़ी करना बंद करें। कोर्ट में अच्छी भली सुनवाई हो रही थी। टाइटल सूट था। अभी तक तो मामला सॉर्ट आउट हो जाता। कानूनी तरीके से संविधान के तहत उसका समाधान हो जाता अगर कांग्रेस के नेताओं ने दखलंदाज़ी करके राम मंदिर को रोका नहीं होता। तो यह देश की जनता जान ले कांग्रेस पार्टी नहीं चाहती है राम मंदिर और यह टूरिज्म करना रिलीजियस टूरिज्म करने से भारत की जनता भी गुमराह नहीं होने वाली।

प्रश्न: सर प्रधानमंत्री मोदी पर बनने वाली फिल्म पर इलेक्शन कमीशन ने रोक लगा दिया है?

उत्तर: उससे हमारा क्या लेना देना है? हमारा तो कोई फिल्म में रोल नहीं है। किसी ने बनाई है वैसे तो मैं तो खुद बहुत सारी फिल्में देखता हूँ। उरी – अ सर्जिकल स्ट्राइक का तो ज़िक्र मैंने बजट में भी किया था और बहुत प्रेरणादायक फिल्म थी वह। और कई सारी फिल्में बनती है जो बनाते हैं वह और सेंसर बोर्ड के बीच का मामला है। चुनाव आयोग ने किस दृष्टिकोण से किया है वह चुनाव आयोग को पूछना पड़ेगा। सरकार का इसमें कोई रोल नहीं है।

प्रश्न: सर सवाल यह उठता है कि आज के दिन अगर प्रधानमंत्री मोदी पर आप बुक रिलीज़ करा सकते हैं तो क्या ऐसी स्थिति में फिल्में रिलीज़ ….?

उत्तर: तो यह आपको पूछना पड़ेगा चुनाव आयोग को या बाकी विपक्षी और पार्टियों को जो बड़े परेशान थे। उनको यह ध्यान नहीं है कि फिल्म आए नहीं आए, आज प्रधानमंत्री मोदी देश के सबसे लोकप्रिय नेता है। आज हर एक के जीवन, हर एक के दिल में बैठे हैं। और शायद मूवी से कोई खास अंतर नहीं पड़ने वाला उनकी विजय में और दो-तिहाई बहुमत से एनडीए की सरकार बनने जा रही है भारत।

Ends.

Travelled in Mumbai local, the lifeline of Mumbaikars and interacted with fellow passengers

Speaking at a programme on ‘India Moving Towards Superpower’, in Mumbai

… यहाँ तक कि आपने एक्साइज की बात की प्रवीन जी उसी समय जब आपकी स्ट्राइक चल रही थी, नाईट वॉचमैन की तरह, मुझे बुलाया नहीं था वैसे आपके जेम एंड जेवेलरी कॉउन्सिल ने। जो व्यक्ति आने वाला था वह अवॉर्ड देने के लिए जयपुर में वह व्यक्ति आया नहीं था तो प्रवीण जी के पास तो मेरा Right of First Refusal (RoFR) है तो उन्होंने फ़ोन किया और एक दिन के नोटिस पर मैं जयपुर आया था। और स्ट्राइक चल रही थी तो मेरे ऑफिस ने …. आशीष जी बोल रहे थे इतना बोलोगे 15 मिनट में? मैंने कहा नहीं, यह सरकार में रहने के बाद एक व्यवस्था बन जाती है कि जैसे ही आपका प्रोग्राम तय होता है उठाकर इतने सारे पॉइंट्स लिख देते हैं तो मैंने कहा मैं तो फिर प्रवीण जी का ही जवाब दूंगा।

लेकिन वास्तव में उस दिन जब स्ट्राइक चल रही थी मुझे बार-बार मेरे अधिकारी बोले ‘आप साहब उधर स्ट्राइक का और यह एक्साइज का विषय ही मत निकालो और जहाँ तक मुझे याद है मैंने सिर्फ एक ही विषय पर उस दिन बात की थी आप लोगों से। और जो पूनम जी ने कहा मैं उसको दोहराना चाहूंगा कि तहे दिल से आपकी पूरी इंडस्ट्री का धन्यवाद करना चाहूंगा जिसने हर पल मोदी जी के प्रयासों को, एक ईमानदार व्यवस्था बनाने के प्रयासों को हर समय मदद की, हर समय उसके साथ जुड़े और बाधा के बदले उसको एक आगे के भविष्य के अच्छे सफल प्रयासों को आपकी इंडस्ट्री ने अपनाया उसको बाधा नहीं समझा उसको आपने अपनाया उसके लिए उनके साथ मैं भी आपका तहे दिल से धन्यवाद करना चाहूंगा।

आपके अध्यक्ष मेहुल शाह जी, रसल मेहता जी, महेंद्र गाँधी जी, किरण गाँधी जी और एक प्रकार से हम सबके प्रिय और जितना ज़्यादा मैं किरीट भाई को डांटता हूँ शायद इस इंडस्ट्री में और कोई नहीं डांटता होगा। वह बेचारे लगे रहते हैं मेरे पीछे पीयूष भाई, यह करना है वह करना है, और मैं हर बार बोलता हूँ तुम्हारी इंडस्ट्री में हमें कोई काम नहीं करना है। सही बात है? लेकिन वह प्यार से उनका भी अधिकार है मेरे ऊपर और जितना वह लगे रहते हैं आपके इंडस्ट्री के लिए, वास्तव में एक बार आप आपकी टीम के लिए ताली बजाइये जिन्होंने आपके लिए… वास्तव में बिना सोचे कि उनके व्यापार का लाभ नुकसान – और यहाँ प्रवीण जी हों, रसल भाई हों या किरीट भाई हों आज तक व्यक्तिगत काम के लिए कभी नहीं आये, कभी नहीं।

और आप सभी का धन्यवाद आपने इतनी अच्छी तरीके से हम सबका स्वागत किया यह मौका दिया आप सबको मिलने का। और वास्तव में मैं समझता हूँ अगर  आज देश को एक उज्जवल भविष्य की तरफ लेकर जाना है तो वह जब तक एक संवेदनशील सरकार न हो जो इंडस्ट्री की बात न समझे और जब तक एक ज़िम्मेदार इंडस्ट्री न हो जो सरकार के हिसाब से बदलने के लिए तैयार न हो।

यह मिलन के बगैर भविष्य उज्जवल हो ही नहीं सकता है। मैं समझ सकता हूँ एक ज़माना था जब देश की अर्थव्यवस्था भी टूटी फूटी थी, हम फ्रेजाइल फाइव इकॉनमी माने जाते थे, corruption was an accepted phenomena. स्वाभाविक रूप से आपको कस्टम में इनकम टैक्स में सब जगह रिश्वतें देने के लिए मजबूर किया जाता था। एक समय ऐसा था जब विश्व में भी भारत की कोई बड़ी लम्बी चौड़ी साख नहीं रह गई थी, आज से 5-7 साल पहले का दृश्य याद करिए। स्कैम्स एक के बाद एक खुलते थे जिससे विश्व में भी भारत की विश्वसनीयता भी ख़राब होती जा रही थी।

और ऐसी परिस्थिति में अगर कोई दुर्भाग्य से किसी ने गलत काम भी करने की ज़रूरत पड़ी किसी को तो उसका पूरी इंडस्ट्री के ऊपर अगर कोई पेंट करना चाहे, चाहे ब्लैक पेंट लगाना चाहे तो वह 100% गलत है। उस समय की आपकी मजबूरी आज आपकी ताकत बननी चाहिए जब आप ईमानदार व्यवस्था की तरफ बढ़ने के कदम उठा रहे हैं। और मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूँ प्रधानमंत्री मोदी जी हो, पूरा केंद्र सरकार या भारतीय जनता पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता हो हम सब आपके साथ इस नए बदले हुए युग में प्रवेश का समर्थन करते हैं।

सही बात है, अगर बैंकिंग फ्रॉड कोई एक-दो लोग करते हैं तो उसका कोई पूरी इंडस्ट्री के ऊपर खामियाना हो यह तो ज़रा भी एक्सेप्टेबल नहीं हो सकता है। और मैं समझ सकता हूँ आपकी पीड़ा कि एलओयू हटाया वह तो अच्छा ही किया, कोई outside the banking system कोई एक अलग क्रेडिट फैसिलिटी वास्तव में it should never have been there. यह भी कांग्रेस के टाइम पर introduce हुई थी एक particular कारण से, short-term measure था का एक ज़माने में जब बैंकिंग में हमारे पास foreign exchange reserves कम थे और इंडस्ट्री को सपोर्ट देने की आवश्यकता शायद उस समय लगी थी लेकिन इतने वर्षों तक चलते गई और कांग्रेस ने उसको allow किया,बंद नहीं किया। और यह जो दोनों कम्पनीज में स्कैम निकला यह शायद 2011-12 से चलते आ रहा था और हमने तो उसको unearth किया, उसको रोका और उस रोकने के कारण मैं समझता हूँ थोड़ी तकलीफ आपको ज़रूर हुई होगी लेकिन मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि वह रोकना आपके हित में था क्योंकि लम्बे अरसे तक अगर किसी इंडस्ट्री को हमें तैयार करना है विश्वस्तरीय बनने के लिए तो गलत कामों के आधार पर कभी नहीं हुआ है।

और हम जितना ज़्यादा प्रवेश करेंगे ईमानदार व्यवस्था में उतना ज़्यादा हम सबका भविष्य सुधरेगा, बैंकों को भी विश्वसनीयता बढ़ेगी जिनको आपको लोन लेना है। और मैं समझता हूँ कि 12 लाख रोज़गार आप दे रहे हैं यह तो कम है आपका जो इकोसिस्टम है वह और ज़्यादा लोगों को प्रभावित करता है। आपने शायद 12 लाख में पता नहीं गिना कि नहीं जो लाखों दुकानें हैं, सिर्फ डायमंड की बात कर रहे हैं, तो वह तो एक प्रकार से इसका प्रभाव तो पूरी इंडस्ट्री पर पड़ा है – डायमंड हो, जेम एंड जेवेलरी हो, गोल्ड हो उसके रिटेल स्टोर्स हों तो मेरा एक सुझाव है, अभी तो हम आचार संहिता के बीच में है। 60 लाख परिवार – छोटी बात नहीं है।

और मेरा तो, अभी आज कल आचार संहिता चल रही है हम कुछ बोल नहीं सकते कुछ अन्नौंस नहीं कर सकते। पर मैं समझता हूँ महीने भर और की बात है, 23 तारीख को काउंटिंग के बाद आचार संहिता भी ख़त्म हो जाएगी। और उसके लिए प्रवीण जी मैं एक प्रधानमंत्री और आपके दोनों के बीच की बात जो मेरे सामने हुई है वह आप सबको आज खुलासा करना चाहूंगा। प्रवीण जी ने एक बहुत अच्छा कार्यक्रम रखा था बनारस में माननीय प्रधानमंत्री जी के लिए यह मूल रूप से बनारस के रहने वाले हैं।

और उस समय जब बात हुई about the diamond industry तब जहाँ तक मुझे याद है प्रधानमंत्री जी ने इनको एक ज़िम्मेदारी दी थी, उन्होंने कहा था यह छोटी सोच ख़त्म करो, एक बड़ी छलांग लगाने के लिए एक बड़ी सोच के साथ कि भारत में मैन्युफैक्चरिंग कैसे और ज़्यादा बढ़ सकता है। माइनिंग हम बढ़ा सकते हैं क्या, डायमंड की माइनिंग भारत में, उन्होंने कहा था कि टेक्नोलॉजी की ……. अगर हम यह देश अब ईमानदार व्यवस्था की तरफ जा रहा है – अगर हम ईमानदार व्यवस्था के साथ क्या मांगते हैं और उसमें क्या चेक्स एंड बैलेंसेस डाल सकते हैं जिससे यह मिसयूज की संभावना ख़त्म हो तो बहुत सारी संभावनाएं खुल जाती हैं।

आप फाइनेंसिंग को ले लो यह दो कांड नहीं है भैया, आपने दो कांड का ज़िक्र किया था, मैं 12 कांड आपको गिना सकता हूँ पर करना उचित नहीं रहेगा। मैं आज आपका मेहमान हूँ। क्या है वह ‘कुछ तो लोग कहेंगे’, वह वाली बात है। अब नहीं हैं भैया लेकिन पुराने नाम नहीं लेना चाह रहा हूँ व्यक्तिगत केसेस चल रहे हैं, जो भी है डिटेल्स मुझे इतनी नहीं मालूम है लेकिन कुछ कांड ऐसे होते गए पीरिऑडिकली जिसके कारण बैंकिंग व्यवस्था में भी विश्वसनीयता आज एकदम जिसको कहते हैना चक्का जाम है। पर ऐसे हम हताश होकर नहीं बैठ सकते, अब हमें बैठकर विचार करना पड़ेगा इस चक्के को कैसे खोला जाये।

उदाहरण के लिए क्या हम टेक्नोलॉजी की सहायता लेकर, आखिर इसके साथ बहुत सारी चीज़ें जुडी हुई हैं। कस्टम्स भी आपको कई बार हरैस करते एक बार किरीट भाई का फ़ोन आया था कि जीएसटी वालों ने पैकेट्स उठाकर डायमंड के सीज़ कर दिए, दो महीने तक सीज़ करके रखे। वैसे वास्तव में जब यह एक्साइज का विषय हुआ या जीएसटी दोनों समय हम साथ में बैठे थे, मेरा काम भी नहीं था दोनों टाइम मैं इन्वॉल्व नहीं था एक्चुअली। एक कूदने की आदत है समस्या के अंदर दुर्भाग्य से उस चक्कर में आ गया मैं। पर रास्ता आपके साथ बैठकर लिखा, एकदम स्मूथ हो गया, उसके बाद मुझे लगता है आज तक कभी हमने एक कंप्लेंट वह एक केस के अलावा मैंने तो और कोई कंप्लेंट नहीं सुनी है।

हमने सिमिलरली इनकम टैक्स में ऐसे काफी बदलाव किये हैं, लिमिट्स जिसके ऊपर अपील में जाएंगे वह बहुत बढ़ा दिए, जीएसटी के लिमिट्स, इनडायरेक्ट टैक्सेज के लिमिट्स बढ़ा दिए। कई बार लोग कहते हैं बहुत नोटिसेस आ रहे हैं, थोड़े समय में फाइनेंस में था तो मैंने पूरी डिटेल्स भी देखी। वह चक्कर क्या होता है अगर प्रवीण जी के यहाँ पर अगर एक छोटा रेगुलर एंक्वाइरी भी आ जाये कि आपने वह 20 लाख रुपये की ट्रांसैक्शन की थी उसका ज़रा और खुलासा चाहिए, क्योंकि यह इन्फ्लुएंशियल व्यक्ति हैं यह एक बार बोलेंगे तो सबको लगता है जैसे मेरे पास नोटिस आ गया है या आने वाला है।

और आज के दिन आंकड़े आप सुनिए, 99.6% income tax returns as it is accept होते हैं – 99.6%. टेक्नोलॉजी के माध्यम से अगर कोई आपके पास आकर बोले पैसे दे दो मैं स्क्रूटिनी से बचा दूंगा या तुम्हारे यहाँ रेड होने वाली है उस सर्वे से बचा दूंगा, वगैरा। यह सब झूट है, किसी पर विश्वास मत करिए, सब टेक्नोलॉजी ड्रिवेन हमने कोशिश की है और आगे और बढ़ा रहे हैं। 99.6% return accept होकर आप सबके refunds भी आपके अकाउंट में या घर पर डायरेक्ट आये हैं इस साल। आप याद करिए 70-75,000 करोड़ के रिफंड सीधा आये, आपको जाकर जूते नहीं घिसने पड़े रिफंड के लिए। और किसी का रह गया हो तो तुरंत आपके एसोसिएशन के थ्रू चिट्ठी लिखिए अजय भूषण पांडेय रेवेन्यू सेक्रेटरी। ऐसी व्यवस्था बनाई है कि टेक्नोलॉजी तय करेगा स्क्रूटिनी किसका होना चाहिए।

अब suddenly एक करोड़ रुपये के फार्म की प्रॉपर्टी के ऊपर कोई व्यक्ति के 70 लाख रुपये की एनुअल इनकम और रेंटल इनकम, जानकारी है कि नहीं? अभी-अभी एफिडेविट फाइल किया तो चलो यूपी से तो भाग गए और किधर चले गए, हमारी स्मृति बहन के डर से एक दम ……  हमारी 73 की 74 सीटें तो …… हो गई यूपी में। तो अभी हम देखते थे इलेक्शन एफिडेविट एक फार्म है एक करोड़ रुपये का और किसी ने वेबसाइट पर देखा था और उसका खंडन नहीं किया अभी तक, उसके ऊपर कोई जवाब नहीं दिया है। रोज़ कुछ न कुछ …. लिखते रहते हैं लेकिन कोई खुलासा अभी तक नहीं कर पाएं हैं कि एक करोड़ रुपये के फार्म हाउस में ऐसी क्या चीज़ है जो आपको 60 और 70 लाख रुपये सालाना रेंट मिलता है। अगर ऐसा होगा तो डायमंड इंडस्ट्री बंद करके सब लोग रेंट पर लगा देंगे। मुझे लगता है डायमंड इंडस्ट्री को सब बंद करके किराए पर लगाना शुरू कर देंगे।

पर मेरा मानना है कि यही चीज़ें रोकने के लिए शायद आपने मोदी जी को चुना था, पांच साल तक लगातार मोदी जी ने एक ईमानदार व्यवस्था देश को दी है, एक रुपये का दाग कोई नहीं लगा सकता। और इनका बस चले तो यह तो कभी कोई डिफेन्स की भी इक्विपमेंट खरीदने ही नहीं दे इस देश को बिना कमीशन के, अभी सामने यह भी आ गया है कि राफेल का इनको तकलीफ क्या है, पेट में क्यों दर्द हो रहा है? क्योंकि जो दूसरी कंपनी थी उसके पास से कुछ न कुछ सांठगांठ था और दूसरी कंपनी सेलेक्ट नहीं हुई L1 में तो इन्होंने तो 10 साल तक ऑर्डर भी नहीं दिया जिसके कारण आज एक मिग के ऊपर हमारे पायलट्स को ट्रेवल करना पड़ता है, एयर फ़ोर्स के पास कोई मॉडर्न एयरक्राफ्ट है ही नहीं फिर भी हमारे एयर फ़ोर्स के पायलट्स में इतना काबिलियत है कि मिग से एफ-16 को गिरा सकते हैं।

और वैसे राष्ट्रीय सुरक्षा नहीं रहेगी और इनका कभी मैनिफेस्टो देखो तो यह तो सेडीशन लॉ भी हटाना चाहते हैं कि मतलब देश द्रोह करो और खुले छूट हो जाओ, आपको जेल भी नहीं होगी आपको बेल मिल जाएगी। मतलब आतंकवादी लोगों के लिए भी मज़ा मस्ती मौज। पहले उन्होंने पोटा निकाला आपको याद होगा और मुंबई में जो दृश्य हुआ था वह तो आप सबको याद है, हमारे कितने मित्र भी उसमें गए हैं, इस रूम में कोई एक व्यक्ति नहीं होगा जिसका कोई मित्र उस 26 नवंबर 2008 की घटना में। और उसके बाद भी सेना बल कहती हमारी पास शक्ति थी हम जवाब दे सकते थे हमें आदेश नहीं मिला, हमें मौका नहीं मिला। एक मात्र नरेंद्र मोदी हैं जिसके पास हिम्मत है जो सेना को भेज सकते हैं पाकिस्तान में।

आखिर बताओ और कोई नेता का नाम लेकर यहाँ पर बता दो जो सेना को लाइन ऑफ़ कंट्रोल भी क्रॉस करके पाकिस्तान में जाकर जड़ से आतंकवाद को ख़त्म करने की हिम्मत रखता हो इस देश में। और देश ही सुरक्षित नहीं रहेगा तो हम क्या डायमंड का व्यापार करेंगे और क्या दुनियादारी करेंगे, आप बताइये। मुझे याद है एक बार पार्लियामेंट में डिफेन्स मिनिस्टर एंटनी साहब कुछ वक्तव्य दे रहे थे उसमें बोल रहे थे कि अगर मेरे पास कुछ एनोनिमस कंप्लेंट भी आती है तो  मैं सब रोक देता हूँ काम और सीबीआई एंक्वाइरी लगा लेता हूँ। मैं खड़ा हुआ, मैं विपक्ष में था मुझे विपक्ष में रहकर भी देश की चिंता थी राजनीति नहीं करना चाहता था। मैं खड़ा होकर मैंने कहा मंत्री जी, एकज़ैक्ट वर्ड मुझे याद नहीं है कैसे एड्रेस किया होगा, मैंने कहा यह सब एनोनिमस कंप्लेंट पर अगर आप ऐसे करोगे तो आप कोई निर्णय ही नहीं ले पाओगे भारत की सुरक्षा कोम्प्रोमाईज़ होगी। In opposition I was telling him that.

कांग्रेस को तो लगा मैं उनकी आलोचना कर रहा हूँ, हल्ला-वल्ला करके हम माइनॉरिटी में थे, हल्ला करके मुझे चुप करा दिया। मैं हैरान था कि मैं तो मदद करने की कोशिश कर रहा हूँ ऐसे तो एनोनिमस कंप्लेंट कल आपके किसी के भी खिलाफ कोई आ जाए और सीबीआई कम्प्लेंट्स पर कार्रवाई होनी शुरू हो जाए तो भारत चलना बंद हो जाएगा। लेकिन हम ऐसे कोई आलोचना से डरने वाली सरकार नहीं है, दामन साफ़ है दिल साफ़ है और हिम्मत मज़बूत है। हमारा निर्णायक नेतृत्व है, हमारा नेतृत्व कोई डरता नहीं है। और क्योंकि जब ईमानदार सरकार होती है तो हिम्मत से निर्णय भी लेती है तब जाकर भारत की मॉडर्नाइज़ होगी एयर फ़ोर्स, मॉडर्नाइज़ होगी आर्म्ड फोर्सेज, तब जाकर हमारे आर्म्ड फोर्सेज को हिम्मत होगी कि टेर्रोरिस्ट्स का मुकाबला कर सकें और मुंहतोड़ जवाब दे जब भी कोई आतंकवादी हमारी तरफ गलत आँखों से देखे।

और मैं समझता हूँ कि कांग्रेस को जिस प्रकार से देश चलाने की इच्छा है, अभी मैनिफेस्टो में लिखा Armed Forces Special Powers Act हटा देंगे। वैसे कांग्रेस की गलत नीतियों के कारण आज कश्मीर घाटी की हालत देखिए क्या हो गई है, सब हिन्दुओं को बाहर निकाल फेंका है, आज कोई हिन्दू नहीं पूरी घाटी में, कोई सिख नहीं है, कोई पारसी नहीं है कोई नहीं है। सबको बाहर निकाल दिया है और अगर आतंकवादी लोगों के ऊपर आर्म्ड फोर्सेज और आर्मी और पैरामिलिटरी फ़ोर्स कश्मीर से हटा दो तो आप कश्मीर नहीं बचा पाओगे, और अभी आज कल फ़ारूक़ अब्दुल्ला और उनके लड़के के बयान देखो तो यह तो देश को बांटने के लिए भी तैयार हैं इतने मजबूर हो गए हैं। और उसमें यह कहते हैं Armed Forces Special Powers Act निकालो, आपको पता है उस ऐक्ट में क्या लिखा है? उस ऐक्ट में सिर्फ प्रोटेक्शन दी है कि हमारे आर्मी के लोग या पैरामिलिटरी फोर्सेज के ऊपर अनाप शनाप झूटी कंप्लेंट पर सीधा केस नहीं फाइल होगा, बस इतना ही प्रोटेक्शन दी है। नहीं तो जितने लोग वहां काम करने जायेंगे उनपर अनाप शनाप झूठे केस करके सबका मनोबल तोड़ देंगे आतंकवादी लोग।

और यह छोटी बात लगती होगी हमें यहाँ मुंबई में बैठे लेकिन देश को चिंता करने की आवश्यकता है कि भारत माता को अगर एक रखना है, भारत माता को अखंड रखना है, भारत माता को विभाजित नहीं होने देना है तो हमको एक मजबूत सरकार चाहिए, हमको एक निर्णय लेने वाली सरकार चाहिए और साथ ही साथ हमको एक अच्छी अर्थव्यवस्था भी चाहिए। और अच्छी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए भाइयों और बहनों आपको हमारी मदद करनी है, आपको एक मन बना लेना पड़ेगा कि अगर कोई व्यक्ति गलत काम करता है तो हम whistleblower बनेंगे।

प्रवीण जी आपने ज़रूर कहा और मैंने नोट किया कि फ्रॉड की हमें कोई जानकारी नहीं थी, मैं थोड़ा इस बात पर आपसे …. रखता हूँ। इस रूम में आधे लोगों को बहुत कुछ जानकारियां थी और आज भी जानकारियां होंगी कौन लोग गलत काम कर रहे हैं। मैं आपको क्यों थी बताता हूँ। मैंने आपको पहले इनकम टैक्स की भी बात की, देखिए किस वैल्यूएशन पर लोग लोन ले रहे हैं बैंकों से, किस प्रकार से वैल्यूएशन हो रही है डायमंड्स की यह जानकारियां हम सबको हैं, मुझे भी है आपको भी है। यह unfortunately, कुछ लोग जो गलत काम करते हैं उसका जो खामियाना पूरी मार्किट को लेना पड़ता है यह इसका एक प्रतीक बन गया है।

और मैं समझता हूँ अगर हम मार्किट में whistleblowers बन जाएं जो भी लोग गलत काम कर रहे हैं उसका whistleblower हम बनते हैं या एसोसिएशन यह ज़िम्मेदारी लेता है तब बैंकिंग व्यवस्था भी खुल जाएगी, तब कठोर एक प्रकार से आपको लगता है कि इतने ज़्यादा रिकॉर्ड या यह वह यह सब सुलझ सकता है लेकिन इसके रास्ते हमको ही खोजने पड़ेंगे मिल बैठकर।

अगर हम सोचें दूसरा कोई करेगा बाहर से आकर, आपकी इंडस्ट्री हम क्या समझते हैं, सरकारी बाबू कहाँ समझते हैं। आपकी इंडस्ट्री आप ही समझते हैं, चेक्स एंड बैलेंसिस क्या लगाना है वह आपको बनाना पड़ेगा, जब आप बनाओगे व्यवस्था, फाइनेंसिंग की बात ले लो मेरा मानना है अगर टेक्नोलॉजी की मदद लेते हैं तो एक अच्छा सिस्टम बन सकता है जिसमें पर्याप्त चेक्स एंड बैलेंसिस हो सकते हैं जिससे कभी भी कोई फ्रॉड हमारी इंडस्ट्री में न हो।

दूसरा रास्ता मैं सुझाव दे सकता हूँ, अगर आपको हिम्मत है कि आपको मालूम है कि हम सब ईमानदार लोग बैठे हैं तो हम एक गारंटी फंड क्रिएट कर सकते हैं, गारंटी फंड में हम सब कंट्रीब्यूट कर सकते हैं, हर एक व्यक्ति का ट्रिपल ए रेटिंग हो जाएगा, हर एक borrower का यहाँ बैठे ट्रिपल ए रेटिंग हो जाएगा अगर हम एक गारंटी फंड बनाते हैं। और आपका एसोसिएशन इसमें तैयारी करे। अगर भारत को वास्तव में सुपरपावर बनना है तो हमारी सोच को बदलना पड़ेगा और एक छलांग लगानी पड़ेगी हर एक इंडस्ट्री को और वह छलांग तभी हो सकती है जब ईमानदार व्यवस्थाएं हर इंडस्ट्री में आएं।

अब देखिये टेक्सटाइल भी अभी जुड़ गयी है पूरी तरीके से, आप लोग भी जुड़ गए हैं। यह बड़े-बड़े इंडस्ट्रीज हैं और मेरा मानना है कि अगर आप लोग अगले 30-40 दिन में बैठकर एक अच्छा फ्रेमवर्क बनाएं, फ्रेमवर्क ऐसा बनाएं कि हम टेक्नोलॉजी यूज़ करके चाहे फाइनेंसिंग की समस्या हो, चाहे कस्टम अप्रेसल की समस्या हो, चाहे इनकम टैक्स और इनकम टैक्स में प्रोफिटेबिलिटी या वैल्यूएशन – मुझे याद है एक आपने विषय मेरे सामने रखा था presumptive tax बहुत ज़्यादा है, अलग-अलग विषय हैं, मुझे याद नहीं है क्या-क्या है आज कल, मुझे करंट विषय मालूम नहीं है।

पर जो-जो विषय अलग-अलग लोगों के समक्ष आते हैं वह अगर आप लोग निकालते हैं हो सकता है कुछ अच्छे टेक्नोलॉजी वालों को यूज़ करके उसमें से मार्ग निकालें, हो सकता है कोई रिटायर्ड बैंकर, रिटायर्ड आरबीआई के लोग को आप जोड़कर उनसे गाइडेंस लें कि क्या तरीके से हम एक ऐसा सिस्टम बनाएं कि हमारे ट्रेड को पर्याप्त फाइनेंसिंग मिले।

मैं तो आगे जाऊंगा, समझो diamond bourse या आपके diamond association एक पहल करें कि हम एक इंस्टीटूशन खड़ा करेंगे, थोड़ा रिस्क है, कॉन्सेंट्रेशन रिस्क है उसमें पर हम एक इंस्टीटूशन खड़ा करेंगे जिसमें पारदर्शी था – जैसे कोआपरेटिव बैंक्स होते हैं – जिसमें पारदर्शी तरीके से फाइनेंसिंग होगा और इंटरनल गारंटी करेंगे दूसरे का। अपने आप आपकी पूरी इंडस्ट्री ट्रिपल-ए हो जाएगी, फाइनेंसिंग की कभी कमी नहीं आएगी, एक्सपोर्ट के लिए फॉरेन एक्सचेंज में फाइनेंस मिलेगा जो दो-ढाई-तीन परसेंट पर मिल सकता है, आर्गेनाईजेशन में कैपिटल होगा तो क्रेडिट रेटिंग उसकी भी अच्छी होगी, वह विदेश से सस्ते दाम पर ले सकता है, आपकी इंडस्ट्री में ही अगर देना है तो आपको कोई 10,000 branches नहीं बनाने पड़ेंगे, खर्चे कम रहेंगे।

I am just throwing an idea बहुत सारे possibilities हैं, पर हमको उसके रास्ते निकालने खोजने पड़ेंगे बजाये कि यह वाद-विवाद में पड़े कि सरकार ने कुछ किया नहीं, हमने ठीक किया हम तो सब ठीक हैं, एक अच्छा है दो अच्छे हैं, चार ईमानदार हैं, दो बेईमान हैं इस सबमें पड़ना ही क्यों है? हम व्यवस्थाएं ठीक कर देते हैना? तो मुझे लगता है अगर इस चीज़ पर आप लोग थोड़ा पहल करें और कोशिश करें कि हम छोटा न सोचें, बड़ा सोचें। जैसे ही आपका स्केल बढ़ेगा वैसे ही चीज़ें अपने आपमें सरल होनी शुरू होंगी।

और to my mind, eliminating fraud is not a very difficult thing. जितनी transparency आएगी उतना fraud eliminate होगा। मैंने जितने विभाग देखे मेरा तो अनुभव है कि फ्रॉड एलिमिनेट करने का एक मात्र तरीका है ट्रांसपेरेंसी। और मैं एक उदाहरण देकर अपनी बात ख़त्म करूँगा। मैंने अभी-अभी आचार संहिता लगने के पहले, करीब आज से डेढ़ महीने पहले एक रेल दृष्टि वेबसाइट दी है और आपके फ़ोन पर भी आप देख सकते हो एक ऐप्प रिलीज़ की है। और यह छोटा एक example दे रहा हूँ लेकिन इसमें बहुत गहरा मैसेज दे रहा हूँ, यह आप भाई साहब सोचना इसके बारे में। यह रेल दृष्टि के ऐप्प में मैंने अपने जितने kitchens हैं रेलवे के kitchens हैं उन सब kitchens का भी लाइव फीड, जहाँ पर खाना बनता है, लाइव फीड भी आपको दे दिया। आप अपने फ़ोन पर अभी तक 16 kitchens का लाइव फीड आ गया है और बढ़ते रहेंगे।

तो आप जो खाना खा रहे हैं, आगे चलकर मेरी व्यवस्था ऐसी है कि आपको खाना जब आएगा आप फ़ोन से उस पैकेट के ऊपर क्लिक करेंगे उधर बार कोड होगी आपके फ़ोन पर वह किचन आ जाएगा जिसमें से वह खाना बनकर आया है। सिंपल है, टेक्नोलॉजी का माध्यम है, बार कोड है आप क्लिक करोगे और वह सीधा immediately live feed आएगा इस किचन से आएगा उसकी पहल की है कि किचन को डाल दिया है अभी और बाकी वह लोग किचन वर्किंग कर रहे हैं यह पूरे प्रोसेस को बनाने में।

चार-छः दिन रह गए थे लॉन्च करना था मेरा ऑफिस आया मेरे पास और यह मैं पब्लिक्ली बोलता हूँ क्योंकि मुझे इसमें कोई शर्मिंदगी नहीं है। रेलवे के कार्य की क्वालिटी की समस्या थी वह आप सबको मालूम है, सूरत तो आप जाते ही होंगे यहाँ से, बुलेट ट्रेन का इंतेज़ार होगा आपको। तो मेरे ऑफिस के लोग और थोड़े आईआरसीटीसी के लोग आये भागते हुए, ‘साहब यह किचेंस का तो रोकना पड़ेगा,’ मैंने कहा क्यों रोकना पड़ेगा? बोलते हैं साहब हम पीछे मॉनिटरिंग कर रहे थे तो एक किचन में एक चूहा दिखा। I am not joking, I am giving you the honest truth जो हुआ यह लॉन्च के चार-छः दिन पहले। मैंने कहा आज तो मेरा विश्वास और पक्का हो गया कि यह किचन देनी ही है लाइव फीड, क्योंकि अब जब जनता मेरा मॉनिटरिंग करेगी, मीडिया के लोग मेरा मॉनिटरिंग करेंगे तो मेरे अधिकारी ज़िम्मेदारी से देखेंगे कि कोई चूहा आ नहीं सके उसके अंदर।

यह रास्ते खोलने का काम उनका है, तनख्वाह मिलती है, मुझे भी तनख्वाह मिलती है। I am a public servant. आपके टैक्स में से मेरी भी तनख्वाह मिलती है। तो मैंने कहा अब तो पक्का आएगा और आज वह लाइव फीड आपके फ़ोन पर आपको मिलेगी। So that ज़िम्मेदारी हो और यह पहली सरकार है भाइयों बहनों, मैं आंकड़ों में नहीं जा रहा हूँ हमने क्या-क्या काम किया, मैं अपने संकल्प पत्र की बातों में नहीं जा रहा हूँ, मैं सिर्फ सोच बताने की कोशिश कर रहा हूँ यह है मोदी जी की सोच और इस सरकार के काम करने का ढंग।

अब अपने आप से अगर कोई गलती से भी कुछ गलत हुआ उस किचन में तो लोग ज़िम्मेदार ठहराए जाएंगे, उनपर कार्रवाई होगी और मैं भी ज़िम्मेदार रहूँगा, मेरी भी ज़िम्मेदारी आप सबके सामने रहेगी। जब तक मैं अपने आपको आपके समक्ष ज़िम्मेदार नहीं ठहराऊंगा, और ऐसे मैं हज़ारों आपको किस्से सुना सकता हूँ पांच साल के कार्यकाल में।

बीच में जमुई करके कोई जगह है बिहार में, चिराग पासवान जी जहाँ से है। मुझे जाना था दो दिन पहले अफसर आकर बोलते हैं साहब आप नहीं जा सकते हो। मैंने कहा क्यों? बोलते हैं वहां बहुत आतंकवादी गतिविधियां रहती हैं और बहुत पुराना अड्डा है, मैंने कहा फिर तो पक्का जाना पड़ेगा। अगर मैं डरूं जाने से तो पब्लिक का क्या हाल होता होगा वहां पर तो जनता का क्या। और मैं डरूंगा तो फिर अधिकारी को कैसे भेजूंगा?

मैंने कहा सब अधिकारी चलेंगे मैं जाऊंगा पब्लिक मीटिंग करूँगा, और पब्लिक मीटिंग की वहां पर जाकर। अब दुर्भाग्य है कल जिस प्रकार का कांड हुआ है छत्तीसगढ़ में, हमने 15 साल सरकार चलाई एकदम आतंकवादी गतिविधियों को कम किया था छत्तीसगढ़ में, लोग हथियार छोड़कर मेनस्ट्रीम में आने शुरू हो गए थे, सबसे कम नक्सलवादी, उग्रवादी जो काम हुआ पिछले 15 साल में छत्तीसगढ़ में हमने कम करने का काम किया, सबसे कम अटैक्स उस समय आये। और देखिए कल हमारे विधायक को ही उड़ा दिया उन्होंने।

तो मैं समझता हूँ कि देश एक ज़िम्मेदार सरकार चाहती है, एक जवाबदेही सरकार चाहती है और ईमानदार सरकार चाहती है। जैसे ही यह तीन आ जाएं फिर आपको और हमें मिलकर समाधान ढूंढने में कभी तकलीफ नहीं होगी कोई भी समस्या की जैसे पहले भी हुआ है। आज यह बैंकिंग की समस्या से मैं पूरी तरीके से आपके साथ हूँ, तो I understand your problem. पर इसको resolve भी साथ में बैठकर करना पड़ेगा, तो आप तैयारी करिए, कुछ ग्रुप बनाइये, मैं unfortunately involve नहीं हो सकता हूँ आचार संहिता के कारण लेकिन आप लोग करिए, एक महीने के बाद, 23 तारीख के बाद 24 को बुलाना मुझे।

और उस देश को जिस प्रकार से आज हमने विश्व की एक शक्ति बनाने की कोशिश की है और जैसा प्रधानमंत्री जी कहते हैं जब भारत की साख दुनिया और देश की साख बढ़ती है तो हम सबके व्यापार के लिए अच्छा है, हमारे भी भाई बहन दुनिया भर में रहते हैं उनकी भी साख बढ़ती है। आज किधर भारत का पासपोर्ट दिखाओ तो इज़्ज़त से देखता है। और यह हम सब ध्यान रखें कि भारत का जो पोटेंशियल है अभी तक तो मात्र 2-4% भी नहीं टैप हुई है, 130 करोड़ लोगों का देश और कोई दुनिया में ऐसी जगह नहीं है जहाँ इतनी बड़ी मार्किट हो जो भारत के पास है, सबको आना पड़ेगा भारत में बिज़नेस करने।

तो हम कमज़ोर न हों, मज़बूती से व्यापार करें, हिम्मत कभी नहीं हारें, हिम्मत से विश्व शक्ति बनने का काम करें और प्रधानमंत्री जी का जो निजी संकल्प है, जो भारतीय जनता पार्टी का और हमारी सरकार का भी संकल्प है कि भारत एक developed nation, एक superpower के रूप में पूरे विश्व ने पहचानना चाहिए, जैसे आज भारत की कही हुई बात को कोई नहीं टाल सकता है वैसे ही आगे आने वाले कल में भारत डिक्टेट करेगा विश्व का एजेंडा और हम भारतीय, 130 करोड़ भारतीय तय करेंगे आगे के आर्थिक प्रगति का मार्ग किस प्रकार से विश्व में तेज़ गति से विकास हो यह तय करने का अधिकार 130 करोड़ भारतियों का होना चाहिए।

और उसके लिए मैं आप सबसे दरख्वास्त करूँगा कंधे से कंधे मिलाकर हमारे भारतीय जनता पार्टी शिवसेना को और देश भर में भारतीय जनता पार्टी और हमारे अन्य मित्र दलों को आपका पूरा ट्रेड और आपके सभी के दोस्त, रिश्तेदार, भाई बहन, पडोसी, कामगार, मित्र बंधु उन सबको प्रोत्साहित करिए कि जिस दिन वोटिंग है, पहली बात तो छुट्टी नहीं लेना, छुट्टी लेना लेकिन वोटिंग के लिए, बेल्जियम मत भाग जाना।

मुझे डर है थोड़ा क्योंकि एक तारीख भी छुट्टी है, 27-28 भी छुट्टी है, 29 भी अब छुट्टी होगी, मैं आप से हाथ जोड़कर विनती करता हूँ एक भी व्यक्ति कोई जाना नहीं चाहिए, आपको चाहिए तो सबको इकट्ठा करके और वोटिंग … सब हमारे 12 लाख परिवार और एक-एक का फ़ोन अगर देखें मैं आपको चैलेंज करता हूँ आप सब अपने-अपने फ़ोन में कॉन्टैक्ट्स की लिस्ट मैं आज से लेकर 29 तारीख तक सबको फ़ोन किया, थोड़ा डुप्लीकेशन होगा, और कहा कि 10.30 बजे के पहले वोट डालने जाना है नहीं तो धूप में मुश्किल हो जायेगा, फिर 12 बजे लोनावला के लिए निकल जाना।

लेकिन अगर हम सब ने तय किया कि हर एक जो हमारे कॉन्टैक्ट की लिस्ट में है हम सबको प्रोत्साहित करेंगे साढ़े दस के पहले मोदी जी के हाथ मज़बूत करने के लिए, मोदी जी को समर्थन आशीर्वाद देने के लिए हम सब निकलेंगे तो मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ 300 से अधिक सीट मात्र भारतीय जनता पार्टी और दो-तिहाई बहुमत एनडीए का लेकर हम आपकी सेवा में निकलेंगे और मिलकर इस देश को विश्वशक्ति बनाने का काम करेंगे।

बहुत बहुत धन्यवाद,  बहुत बहुत शुभकामनाएं।

 

मुम्बई में प्रेस कांफ्रेंस कर पिछले 5 वर्षों में भाजपा सरकार द्वारा किये गए कार्यों, उपलब्धियों तथा अगले 5 वर्षों के सरकार के विजन के साथ संकल्प पत्र के प्रमुख बिंदुओं के बारे में पत्रकारों को संबोधित किया

Speaking at India Moving Towards a Superpower, in Mumbai

आई थिंक फिओ का काम जितना रामू जी ने किया होगा शायद ही कोई भूल सकता है इनका कॉन्ट्रिब्यूशन भारत के एक्सपोर्ट के लिए, भारत को… सॉरी त्रिवेदी जी, …… त्रिवेदी जी ने जितना काम किया होगा शायद ही कोई भूल सकता है, जितना इन्होंने देश के लिए किया है। फैम के प्रेसिडेंट हमारे साथ है, आईएमसी प्रेसिडेंट है, डायमंड इंडस्ट्री के नेता है, सिद्धार्थ जी है, अतुल जी और सभी यहाँ पर उपस्थित ट्रेड और इंडस्ट्री के मित्रों, भाइयों और बहनों।

वास्तव में मुझे तो लगा था इंटरैक्ट करेंगे। मुझे ध्यान नहीं था कि लंबा चौड़ा वैसे तो भाषण में उन्होंने कुछ मुद्दे बताएं भारत को महाशक्ति बनाने के दृष्टिकोण से क्या रखना चाहिए। पर मैं समझता हूँ आप लोग ने अभी तक उसका बहुत सुन लिया बहुत ग्रहण कर लिया। आखिर 5 साल पहले की स्थिति आप सबको याद है। फ्रेजाइल फाइव इकोनॉमी में हम गिने जाते थे। महंगाई डबल डिजिट में थी। ब्याज के दर महंगे थे। उस समय वित्तीय घाटा, फिसकल डिफिसिट, करंट अकाउंट डिफिसिट के ऊपर लगाम नहीं था।

और यहाँ बैठे हुए खासतौर पर ऑडियंस भली-भाँति जानती है कि अर्थव्यवस्था अगर मजबूत नहीं हो तो शॉर्ट-टर्म पैलिएटिव्स देकर, शॉर्ट-टर्म कुछ मेजर्स लेकर आप टेंपरेरिली एक फील-गुड ला सकते हो। लेकिन अगर लॉन्ग-टर्म के लिए देश को बनाना है और वास्तव में एक महाशक्ति तक पहुंचाना है, तो आपको फाउंडेशन बहुत स्ट्रांग चाहिए। और मैं समझता हूँ इस 5 साल की सबसे प्रमुख उपलब्धि खासतौर पर ट्रेड, बिजनेस, इंडस्ट्री के संबंध के नजरिए से देखें तो आज भारत की अर्थव्यवस्था एक मजबूत अर्थव्यवस्था, 11वीं अंश पर थी 2014 में, आज छटे अंश पर आ चुकी है और जल्द ही मेरा मानना है कि पांचवा हो जाएगी।

विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में फास्टेस्ट ग्रोइंग इकोनामी अगर कोई है तो भारत है। ब्याज के दर लगातार गिरते जा रहे हैं। महंगाई आजादी के बाद कोई 5 वर्ष का समय अगर आप देखें, तो सबसे कम महंगाई किसी 5 वर्ष में लगातार रही है तो प्रधानमंत्री मोदी जी के कार्यकाल में रही। एवरेज कुछ 4.5% आता है पर आज के दिन तो 2.5% है। और वह कंटीन्यूअस फॉलिंग ट्रेजेक्टरी रही। फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व्स, आफ कोर्स रिकॉर्ड है 412 बिलियन डॉलर्स मैं पढ़ रहा था आज का आंकड़ा। लेकिन उसके साथ गौर करने की बात यह है कि हमने कोई आर्टिफिशली डेब्ट बढ़ाकर, लोन बढ़ाकर, एक्सटर्नल डेब्ट बढ़ाके, एक्सटर्नल बौरोइंग बढ़ाकर यह रिज़र्व नहीं क्रिएट किए। यह एक्चुअल एफडीआई के रूप में अधिकांश आया है।

और मैंने पीछे कोई कार्यक्रम में प्रस्तुत किए थे फिगर्स भी, कि 300 बिलियन था जब हमारी सरकार आई। पर वह कैसे क्रिएट किया था डेब्ट बढ़ाकर, एक्सटर्नल डेब्ट बढ़ाकर। एक्सटर्नल डेब्ट बढ़ाकर, आपको याद होगा, सितंबर 2013 में रुपये की कीमत लगभग डॉलर के सामने 70 झोले लगे थे, 69 समथिंग। सितंबर 2013 में रुपय और डॉलर के जो कन्वर्जन रेट है, एक्सचेंज रेट है वह 69 पॉइंट समथिंग था। उस समय की कांग्रेस की सरकार को एफडीआई तो आना लगभग बंद हो गया था लोगों को विश्वास नहीं था भारत की अर्थव्यवस्था आगे कैसे चलेगी। तो उन्होंने 35 बिलियन डॉलर बहुत महंगे ब्याज पर एन.आर.आई. से इकट्ठे किए और उससे आर्टिफिशली शॉर्ट-टर्म के लिए रुपय की कीमत घटाई, रुपए की कीमत बढ़ाई और डॉलर सस्ता किया तो शायद 60 -62 रुपये या कितने में आ गया था। पर यह टेंपरेरी था। बौरोइंग करके किया।

हमारी सरकार ने वह भी पैसे वापस लौटाए। 35 बिलियन महंगे ब्याज सहित वापस लौटाए और उसके बाद भी 2013 के सितंबर के डॉलर की जो कीमत थी उससे कम कीमत पर आज डॉलर को लेकर आए, 68-69 के रेंज में। बीच में थोड़े समय के लिए बढ़ा था। उस समय बहुत ही एक चर्चा थी कि हम एन.आर.आईस. से वापस डॉलर ले और उसको फिर से 65 पर ले जाए, 62 पर ले जाए। सरल था लेकिन प्रधानमंत्री जी का मानना था कि हमको अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है। विदेशी लोन नहीं बढ़ाना है। तो यह जो 300 से 412 के बीच हमने रिसर्व बढ़ाएं उसमें फॉरेन डेब्ट या एक्सटर्नल डेब्ट को नहीं बढ़ने दिया। उल्टे एक्सटर्नल डेब्ट को काबू लगाकर यह किया।

मैं यह इसलिए कह रहा हूँ कि यहाँ बैठे हुए सभी लोग भली-भांति समझते हैं कि अगर अर्थव्यवस्था मजबूत नहीं होगी और भारत सिर्फ लोन के ऊपर ही जियेगा और फिसकल डिफिसिट, करंट अकाउंट डेफिसिट…., उसको भरने के लिए लोन लेना पड़ता है। तो कभी महाशक्ति नहीं बन पाएगा। हमने इन सब चीजों को कम किया है। करंट अकाउंट डिफिसिट पर कंट्रोल लाये है। एफिस्कल डेफिसिट लगातार कम करते रहे। एक्सटर्नल बौरोइंग्स को कम किया और आज एक ऐसी फाउंडेशन बनाई है देश की अर्थव्यवस्था की, कि वास्तव में, we can aspire to become a superpowe, we can aspire to become a developed country.

और माननीय प्रधानमंत्री जी ने जब संकल्प पत्र 8 तारीख को रिलीज किया तभी बात देश के समक्ष रखी थी कि अब भारत को अगले 5 साल 2019 से 2024 के समय इस मजबूत अर्थव्यवस्था के ऊपर, इस मजबूत अर्थव्यवस्था को आधारशिला बनाकर हमने इस अगले 5 साल में एक ऐसा फाउंडेशन रखना चाहिए कि जब 100 वर्ष पूरे हो आजादी के, 2047 तब we should be the number one economy in the world.

जब हम सरकार में आए तब हमने कई सारे मापदंड अपने ऊपर रखे थे कि 2022 में 75 वर्ष पूरे होने पर किस प्रकार का भारत बनेगा। और मुझे आज आप सब से शेयर करते हुए खुशी होती है कि उसके एक-एक विषय के ऊपर ठोस काम हुआ है। परिश्रम हुआ है कैसे उस 2022 के लक्ष्य को मीट किया जाए। आप सब जानते हैं कि आज देश में लगभग हर घर तक हम बिजली पहुंचाने में सफल हुए हैं। आज कोई घर ऐसा नहीं होगा जो बिजली चाहता हो और उसको बिजली ना मिले। लगभग करोड़ों की संख्या में 10-12 करोड़ शौचालय बने देश में जिससे हमारी माता, बहुओं की, बहनों की इज्जत पर कभी आंच ना आए।

अब यह शर्म की बात थी कि देश में 3 में से 2 महिलाओं के लिए शौचालय नहीं था 2014 में। एक मिनट के लिए हम सोचे कि केसा देश हम चाहते हैं कि हमारी माता बहनों को सनराइज से सनसेट के बीच मैं टॉयलेट नहीं जा सके। या जैसे अक्षय कुमार ने पिक्चर में दिखाया। कौन सी थी? टॉयलेट एक प्रेम कथा। क्योंकि मैं रेल मंत्री हूं इसलिए मुझे याद आ रहा है कि ट्रेन के अंदर जाकर किसी को शौच करना पड़े, यह इससे बड़ी शर्म की बात इस देश के लिए नहीं हो सकती।

2004 में, 2009 में कई सारे वादे किए थे कांग्रेस ने। मैं उसकी पूरी लिस्टिंग करके आया हूँ। हर बार गोलपोस्ट चेंज करते रहना और झूठे वादों के भरोसे पर चुनाव जीतने की राजनीति को हमने बदलने का प्रयास किया। आखिर इस ब्रेकनेक स्पीड पर गांव गरीब किसान तक यह सब सुविधाएं नहीं पहुंचेगी तो आप सोचिए देश में किस प्रकार का एक आगे का सोशल फैब्रिक डिस्टर्ब होने की संभावना है। आज मुंबई से हम 50-60 किलोमीटर दूर जाये पालगढ़ में आदिवासी इलाका है, पाला-पालगढ़, वहाँ के लोग जब मुंबई आते होंगे क्या उनके दिल में पीड़ा नहीं होती होगी? देखकर दुख नहीं होता होगा ?

डेढ़ सौ ज़िले ऐसे है जहाँ आज भी माओवादी ताकतें प्रभाव कर रही है, प्रभावशाली तरीके से वहाँ पर डेवलपमेंट के कामों को रोक रही है। हमने कब 5 वर्षों में इन सब इलाकों पर फोकस डेवलपमेंट एफर्ट से विकास पहुंचना का प्रयास किया, जिससे आगे चलते हम माओवादी ताकतों से भी इस देश को मुक्त कर सके। दुर्भाग्य है कि छत्तीसगढ़ की सरकार बदली और बदलके इतना बड़ा कांड कल हो गया, कि हमारे बस्तर के एमएलए तक के जीवन को बलिदान देना पड़ा।

लेकिन अगर विकास गांव, गरीब, किसान, शोषित, वंचित, पीड़ित वर्ग तक नहीं पहुंचेगा तब आगे चलकर देश की कभी बहुत बड़ी प्रगति विकास पर नहीं पाएगा। उद्योग और व्यापार को भी बहुत बड़ी दिक्कत आएगी। और मैं समझता हूँ कि यह जो 5 साल में आधारशिला रखी है एक ईमानदार देश की, एक अच्छी अर्थव्यवस्था, गरीबों के कल्याण के लिए और समाज के हर वर्ग तक विकास पहुंचाने की इसका लाभ उन गरीबों को, उन किसानों को, उन आदिवासियों को तो जरूर होगा ही, मध्यमवर्ग परिवारों को होगा ही, लेकिन व्यापार और उद्योग को भी एक बहुत बड़ा बल मिलेगा आगे बढ़ने के लिए। क्योंकि यह सरकार का मानना है कि जो  वेल्थ क्रिएटर्स है, जो आप सब है, जो इस देश का उद्योग चलाते हैं, जो इस देश में व्यापार करते हैं, छोटा-बड़ा सब। यही है वह इंजन, यही है वह व्हील वह चक्का जो इस देश को वास्तव में महाशक्ति बना सकता है।

और आप सबका काम सफल हो, आप सबका काम तेज गति से बढे, उसके लिए जिस प्रकार से पिछले 5 वर्षों में काम हुआ, उसके रिजल्ट्स अब दिखने लगे हैं। आखिर जीएसटी किसकी मांग है? आप सब की मांग है। जीएसटी का पॉलीटिकल फॉलआउट चिंताजनक था। क्यूंकि जीएसटी में आखिर आप क्या कर रहे थे? आपने 40 अलग-अलग टैक्स और सेस को सम्मिलित करके एक बना दिया। यह एक प्रकार से मूर्खता है कुछ लोग कहते हैं कि एक ही रेट होना चाहिए। स्वाभाविक रूप से हमारा देश कोई इतना डिवेलप नहीं हो गया है, सिंगापुर की तरह या अमेरिका की तरह कि एक ही रेट हो सकता है।

आखिर गरीब आदमी के वस्तु, रोजमर्रा के सामान्य आदमी के वस्तु, और एक बीएमडब्ल्यू मर्सिडीज कार के बीच में तो फर्क होगा ही। लेकिन एक टैक्स पूरे देश में एक वस्तु के ऊपर. यह बोतल है तो एक ही टैक्स का रेट पूरे देश में। यह करने का साहस सिर्फ और सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी जी कर सकते थे। क्योंकि एक प्रकार से आपने कंस्यूमर को आयना दिखा दिया। आज अगर इस चीज पर, मुझे मालूम नहीं इसका टैक्स रेट क्या है। पर समझो 12 परसेंट हो या 18 परसेंट हो या 5 परसेंट हो, जो भी है यह पहले कैसे था?

पहले एक्साइज ड्यूटी फैक्ट्री में लग जाती थी। ओक्टरोई या सेस या याएंट्री टैक्स वह दो इलाके पर लगता था। कई बार लगता था कई बार नहीं लगता था। वह भी हम सब जानते हैं। कोई लेबर सेस था कोई एनवायरनमेंट सेस  था। अलग-अलग तरीके से एक्साइज ड्यूटी अलग थी, सेल्स टैक्स अलग था, एंटरटेनमेंट ड्यूटी अलग थी, लग्जरी टैक्स अलग था। यह सब अलग-अलग खांचों में टेक्स्ट कलेक्ट होते थे। जिसके कारण मल्टीप्लिकेशन ऑफ़ टैक्स भी होता था। एक टेक्स के ऊपर दूसरा, दूसरे पर तीसरा। कैस्केडिंग इफ़ेक्ट था। हर एक का क्रेडिट नहीं मिलता था।

लेकिन कंस्यूमर को इस बात का एहसास नहीं था। कंस्यूमर को तो लास्ट, एट द लास्ट माइल डिलीवरी, सिर्फ सेल्स टैक्स दिखता होगा ज़्यादा से ज़्यादा। एक ही टैक्स। अब इन सब टैक्सेज को मिलाकर एक रेट बनाना। देश की सभी राज्य सरकारों को उसपर एग्री करवाना। यूनियन टेरिटरीज को एग्री कराना। प्रोसेसेस बनाना जो सब लोग सहमत हो। फिर जब अनुभव आते है उसको सुधार करते रहना। आखिर ये भी समझदारी है कि अड़के नहीं बैठी सरकार। जब-जब आप लोगों ने जो विषय बताएं, उसको सुधार करती रही। कभी टैक्सटाइल ट्रेड ने कहा उसको सुधार किया। कभी जेम एंड ज्वेलरी डायमंड इंडस्ट्री ने कहा उसको सुधार किया। छोटे व्यापारियों की समस्या आई, उसको सुधार किया। कंपोजिशन स्कीम कम लग रही थी, उसको बढ़ा दिया डेढ़ करोड़ कर दिया। रिटर्न्स की समस्या दिख रही थी, 5 करोड़ रुपये तक क्वार्टरली रिटर्न कर दिया। अब सॉफ्टवेयर उसका बन रहा है जल्दी लागू हो जाएगा।

एक अलग-अलग प्रकार से संवेदनशील सरकार जो कभी अड़कर नहीं बैठी। जब समस्या सामने आई उसका समाधान किया। लेकिन यह भी साहस किया कि कंज्यूमर को मालूम पड़े कि इतने-इतने  छोटे-छोटे खाँचों में टोटल टैक्स का बर्डन कितना है। और उस सबको लेते हुए जैसे-जैसे ईमानदार व्यवस्था बढ़ी, जैसे-जैसे टैक्स कलेक्शन बढ़ी, तो लगातार हर चीज का रेट भी कम करते जाना। 400 से अधिक रेट कम हो चुके है एक ही साल में, एक सवा साल में। मोर दैन 400 आइटम्स के रेट लगातार कम किये जाना।

और आगे भी हमने हमारे संकल्प पत्र में कहा है कि हम तो चाहते हैं कि आहिस्ते-आहिस्ते और रेट्स कम होते जाए। और थोड़ा बहुत कन्वर्जन्स भी हो रेट्स का। एक रेट कभी नहीं हो सकता है। और मैं तो हैरान हो गया कांग्रेस के अध्यक्ष जोर-जोर से कहते हैं कि मोदी ने 4 रेट, 5 रेट बना दिए। और जब भी हमने उनको पूछा कि क्या चाहते हो कि मर्सेडीस का रेट गरीब आदमी के 20 रुपये की थाली में लगना चाहिए? तो कभी उसका जवाब नहीं दिया। क्या हवाई चप्पल जो, यह तो मैं गलत एग्जांपल देख रहा हूँ। यहाँ तो शायद उस प्रकार के लोग नहीं है। लेकिन गांव में या आदिवासी क्षेत्र में कोई बच्चा एक 100-50-20-40 रुपये की चप्पल पहने क्या उसका रेट और कोई लुई वीटोन और प्राडा के ब्रांडेड शूज पहने क्या उसका रेट सेम हो सकता है? क्या मर्सिडीज कार का रेट और कोई व्यक्ति शायद टैक्सटाइल का कोई प्रोडक्ट खरीद रहा है उसका रेट सेम हो सकता है? असंभव है।

तो जिसने भी जब मेनिफेस्टो बनाया कांग्रेस का तो क्यूंकि उनके नेता ने बोल दिया था कि एक रेट करेंगे तो घोषणा तो कि एक रेट लाएगा और उसके नीचे सबहेडिंग में लिख दिया कि मेरिट रेट अलग रहेगा। डिमेरिट रेट अलग रहेगा। और सिन गुड्स के ऊपर अलग टैक्स लगेगा। अब खुलकर देखेंगे तो आप हैरान हो जाएंगे। हेडिंग कुछ और बोलता है, सब टेक्स्ट कुछ और बोलता है। तो सब यहाँ पर ध्यान, टेक्सटाइल वाले तो सब समझ जाये। सबके ऊपर 18 % आने वाला है। वैसे तो सैम पित्रोदा जी ने खुलासा कर ही दिया।

यहाँ सब के पास मोबाइल है? इस रूम में? कोई भी है जिसके पास मोबाइल नहीं है? तो अतुल जी आपने मुझे यहाँ इनवाइट किया है, सैम पित्रोदा जी के हिसाब से, to address a group of monkeys. मैं तो बंदरों के साथ बैठा हूँ यहाँ पर। और मैं तो खुद भी बंदर हूँ क्योंकि मोबाइल है मेरे पास। यह सैम पित्रोदा जी का वक्तव्य आपमें से किसी ने शायद देखा भी होगा। वह योग गुरु है। उनके कांग्रेस के नेता के गुरु माने जाते हैं। आइडियल लोग है आजकल सब सलाहकार बने हुए हैं राहुल गांधी के लिए। और बोलते हैं, India is a country where you have given mobiles to a set of monkeys. इस प्रकार के अपमान करने वाले लोग क्या इस देश का भविष्य बनाना चाहते हैं? और क्या बना पाएंगे? सैम पेट्रोडा जी ने तो यह भी बोल दिया है मिडिल क्लास के ऊपर टैक्स बढ़ाना चाहिए। तो आप सब तैयार हो जाइए अगर किसी ने भूल-चूक में हाथ के ऊपर बटन दबा दिया तो थप्पड़ पड़ेगा। और यहाँ हम सिर्फ घोषणा नहीं कर रहे हैं करके बता रहे हैं कि आज ₹500000 तक का जिसकी टैक्सेबल इनकम है वह आज टोटली फ्री होगा। और यह 500000 टैक्सेबल इनकम है। हममें सब जानते हैं इसमें ₹250000 स्पेसिफाइड सेविंग्स में अलग डिडक्शन है। त्रिवेदी साहब तो उसके ऊपर पूरा भाषण दे देंगे। हम सब जानते हैं कि ₹200000 तक का आपने घर की खरीदा तो ब्याज छूट है इनकम टैक्स पर। नेशनल पेंशन स्कीम में ₹50000 डाले तो टैक्स फ्री है। मेडिक्लेम पॉलिसी ली डिडक्शन मिल गई। बच्चों के एजुकेशन के लिए लोन लिया तो डिडक्शन मिल गया। शायद डोनेशन वगैरा पर भी डिडक्शन अलग है। …… या उसी में डेढ़ लाख पर आता होगा। आजकल मैं भी अपनी सीए भूल रहा हूँ बिजली के कनेक्शन देते और रेलवे की सफाई करते। परन्तु एफ्फेक्टिवेली  मेरे पास जो फोन पर किसी ने भेजा है कि 10 लाख रुपय की इनकम लगी, He doesn’t have to pay any tax. और हमने फिर से दोहराया अपने सरकर पत्र में कि अभी कहानी खत्म नहीं हुई है आगे और संभावनाएं बनेगी। जैसे-जैसे देश एक ईमानदार रास्ते पर और जाता है टैक्स बेस बड़ा होता है। टैक्स कलेक्शन साधारणता जो रिक्वायरमेंट है वह बढ़ती है। टैक्स रेट्स और करने के लिए वक्त मिलता है सरकार को भी। मौका मिलता है। और हम प्रतिबद्ध है आगे चलकर औ ररेट्स कम हो इनकम टैक्स हो, जीएसटी हो। अब कोई सब्सिडी बंद नहीं करना चाहते। कोई डिडक्शन बंद नहीं करना चाहते।

हम चाहते हैं कि देश में और मौका मिले वेल्थ जेनरेशन का। और सरप्लस इनकम आप सबको मिले। जैसे आपके भी आपके परिवार के, आपके एम्प्लोईस के जीवन स्थर को और सुधार करा जा सके। और यह सब संभव है। सिर्फ एक कैविएट है। एक इमानदार देश। और वह ईमानदार देश बनाने की जो प्रयास 5 वर्षों में किए हैं मैं समझता हूँ आप सब मानेंगे कि यहीं एक मार्ग है जो आगे चलकर इस देश को सुपर पावर बनाएगा।

और वास्तव में तो मैं आप सब का धन्यवाद करूंगा। तहे दिल से करूंगा कि आप सब इस नई व्यवस्था को आपने बहुत अच्छी तरीके से स्वीकार किया। आपने  बहुत अच्छे तरीके से उसके साथ जुड़े समस्या। समस्याएं भी झेली थोड़ी बहुत। समस्याएं तो मेरे साथ झगड़ा भी बहुत किया है। और मैं स्वागत करता हूँ उसका। और मैंने जितनी मीटिंग की होगी मुझे लगता है फैम के साथ, सबके साथ और जहाँ तक हो सके जब-जब कोई चीज मुझको जेन्युइन लगी उसके लिए मैंने ऊपर भी लड़ाई किया और आज साधारणता चीज़ें लाइन पर आ गई हैं। अभी भी जरूर विषय होंगे। No man is perfect, no system is perfect. पर हम एक ऐसी सरकार है जो सुनने के लिए भी तैयार है और हम समझते हैं कि जनभागीदारी से ही सुधार होगा। वैसे प्रधानमंत्री जी ने उस दिन कहा एयर कंडीशन रूम में बैठी हुई सरकार नहीं है यह। यह जनता के बीच जाने वाली सरकार है। और मैं आप सबसे पूछूंगा भी कि कोई ऐसा परिस्थिति में कभी आपको तकलीफ आई हो तो आप बताइए कि कितने एक्सेसिबल रहे थे पहले के बदले। कितना समय देते थे आप लोगों के साथ चर्चा करने में। कितनी चीजें पर आपके समझने के लिए तैयार थे और बदलने के लिए तैयार थे। मुझे लगता है डायमंड इंडस्ट्रीज में अभी मैं होकर आया पोर्स में, तो किरण भाई बता रहे थे मैं भी बोल भूल गया था कि 16-16 घंटे हमारी मीटिंग चलती थी जब डायमंड इंडस्ट्री को थोड़ी तकलीफ आई थी। पर समाधान निकाला और समाधान सरकार ने नहीं निकाला समाधान इंडस्ट्री ने निकाला। इंडस्ट्री और सरकार के लोग साथ में बैठे। पूरी चीज़ को समझा। और सरकार ने कहा जो इंडस्ट्रीज बता रही है, it makes sense. Let us adopt that system. और एकदम स्मूथली वह सिस्टम आज चल रहा है। और मैंने तो आज भी रिक्वेस्ट की डायमंड इंडस्ट्री को और मैं आप सबको भी रिक्वेस्ट करूंगा कि यह जो मिंडसेट चेंज हुआ है ईमानदार रास्ते पर चलने का, हम सब ने निर्णय लिया है, आपने भी लिया है और सरकार इसको प्रोत्साहन देना चाहती है। इसके तहत जो-जो कठिनाइयां आपको फिर भी लगती है अभी एक महीना है। हम तो आचार संहिता के वजह से हमारे हाथ बंधे हुए हैं। लेकिन 23 तारीख के बाद फिर हम बैठ सकते हैं। और यह एक महीना भर यूज करके आप लोग तैयारी करके रखिये कि क्या स्टेप्स लिए जाए जिससे आगे की अर्थव्यवस्था और मजबूत हो। आगे का काम करना और सरल हो। आज आखिर आपने हम सब के लिए गर्व की बात है इस ऑफ़ डूइंग बिज़नेस में कितनी बड़ी छलांग लगाई है सरकार के आने के बाद। कपटातीवनेस इंडेक्स हो या चाहे वह इंटीग्रिटी इंडेक्स हो, हर एक में भारत सुधार रहा है। अब इसको अगले लेवल पर लेकर जाना है। हमने बिना कोई काम के, बिना कोई भ्रष्टाचार के 5 साल केंद्रीय सरकार और हमारी राज्य सरकारे चलाई।  अब इसको नीचे तक लेकर जाना है।

मैंने बजट के टाइम बताया था। इनकम टैक्स एसेसमेंट में 99.6% returns are accepted as it is. No scrutiny. इनकम टैक्स रिफंड आप सब को घर बैठे आए होंगे। किधर धक्के तो नहीं खाने पड़ें होंगे । अब यह सिलसिला ऐसे ही रहेगा। आप रिटर्न फाइल करेंगे। एल्गोरिदम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कंप्यूटर देखेगा सब ठीक-ठाक है। पूरा फॉर्म भरा है। कुछ अब्नोर्मलिटी होगी तो ही स्क्रुटनी  में जायेगा। तो आज 6 करोड़ देश में रिटर्न अगरफाइल होते है, 6 करोड़, उसमें मात्र दो-ढाई लाख अगर स्क्रूटिनी होते हैं, तो क्या यह …….., तो क्या यह ढाई लाख भी नहीं होनी चाहिए। उतना तो डेटेरेंट रखना पड़ेगा ना। और अगर कोई आपको बोले तुम्हारा स्क्रुटनी में आ रहा है मैं निकाल दूंगा। जरा भी विश्वास मत करना। झूठ बोल रहे है। क्यूंकि आज सिर्फ कंप्यूटर तय करता है। किसका स्क्रूटिनी होती है, किसकी नहीं होगी। हाँ आपका अगर कोई अवाला ऑपरेटर पर कानूनी कार्रवाई हो और आपका नाम आये तो फिर मेरे को मत ब्लेम  करना। और उसके लिए भी आज ओप्पोसिशन वाले हमको, हमसे नाराजगी बताया । मतलब अगर वह चाहते हैं कि पैसा जब्द हो तो पैसा पकड़ा जाए, उस पर भी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। मैं समझता हूँ यह तो आप में से कोई नहीं चाहेगा। और राजनीतिक प्रक्रियाओं को हम सुधारने की कोशिश कर रहे है। एक ईमानदार पैसा राजनीति में लगे और इमानदार पैसा खर्च हो ईमानदारी से, जिसके लिए …….. आये।  उसको भी ओप्पोस कर रहे हैं विपक्ष वाले। आधार के हिसाब से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर करके जो पिछोलिये याद ना एक पहले कांग्रेस के प्राइम मिनिस्टर, आज के अध्यक्ष के पिताजी ने क्या कहा था? मैं ₹100 देखता हूँ, ₹85 तो मेरे दलाल और पिछोले वह सब ही खा जाते है भ्रष्टाचार हो रहा है। सिर्फ 15 पैसे जनता तक पहुंचा। क्या मोदी जी की सरकार ने इसको बंद नहीं किया? आज सीधा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से गरीब के खाते में पैसा डाला। तो आधार को भी पूरे 4-4 कानून में ओप्पोस करती रही कांग्रेस। कोर्ट केस होता है तो कांग्रेस के बड़े वकील जाते हैं। क्यों? शायद दाल में कुछ काला है। कुछ छुपाने के चक्कर में है। और या इस उम्मीद में बैठे हैं कभी फिर से उनको मौका मिलेगा, तो फिर वापस वह भ्रष्टाचारी काम शुरू कर सकते हैं। तो मुझे लगता है इस देश की जनता ने मन बना लिया है कि कांग्रेस के झूठे वादों से आज देश की जनता कोई विश्वास करने को तैयार नहीं है। बिचारे पंजाब के किसानों ने इन पर विश्वास किया। उन्होंने कहा था लोन वेइवर करेंगे। 2 साल हो गए पर अभी तक वह लोन वेब नहीं हुआ है।

कर्नाटक में 1 साल पहले लोन वेइवर अनाउंस किया था। और क्या बोलते हैं 2 घंटे में लोन वेइवर अनाउंस कर दिया। ऐसे बोलते हैं ना? 2 घंटे में हमने लोन वेवर कर दिया। अरे भाई अनाउंसमेंट नहीं लोन भी किया कि नहीं यह बताइए। 1 साल हो गए कर्नाटक चुनाव के खत्म हो गया। आज तक बिचारे गरीब किसान को कोई लाभ नहीं मिला। छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्यप्रदेश में तो स्कीम ही नहीं बनी है शायद। या हुआ भी है तो कुछ दो ढाई हजार रुपय के लोन वेव हुए है। अब झूठे वादे और झूठे इरादों से यह देश की जनता मानने नहीं वाली है। हमें ऐसी सरकार चाहिए जो 1 फरवरी को एक सम्मान के रूप में हमारे किसानों को प्रतिवर्ष ₹6000 देने की निर्णय ले। उसके लिए पूरा शत प्रतिशत बजट में प्रावधान करें। और 1 फरवरी को किया वादा 24 फरवरी को कार्यन्वत करे। ………

अब ऐसी सरकार चाहिए जो व्यापार बढ़ाने के लिए 59 मिनट के अंदर लोन देने की बात करें और उसकोकार्यन्वत करें और मुझे बताया गया है कि लगभग 30-31 करोड़ रुपय छोटे व्यापारियों को उस माध्यम से लोन मिल चुका है। सैंग्शन की बात नहीं क्र रहा हूँ। सैंग्शन के बाद, प्रक्रिया पूरी होने के बाद, मिल चुका है। और मेरा मानना है कि जितना-जितना यह भ्रष्टाचार बैंकों में हम खत्म करने में सफल हुए हैं, जो बड़े-बड़े लोग वापिस नहीं करते थे सालों साल तक, उनको मजबूर किया है वापस करने को लोन। उसके कारण ब्याज के दर और कम करने में बैंकों को सुविधा होगी। क्योंकि आप सोचिए बैंक ₹100 लोन देता है। अगर उसमें ₹25 के लोग लोन वापस नहीं देते हैं। या तो डिफॉल्ट करते हैं या फिर एवरग्रीन करते हैं या रीस्ट्रक्चर करते हैं। त्रिवेदी साहब ₹100 में ₹25 के लोन नहीं देते है ब्याज। तो बैंक को तो मुनाफा कमाना है। तो बाकी 75 से वह मांगेगा कि जो 25 का ब्याज दिया है इधर लोड करेगा। ऐसे ही तुम्हारा नेट इंटरेस्ट मार्जिन इतना ज़्यादा है। अच्छा लोड करने के लिए उसके पास कौन है। जो फार्मर है उसका ब्याज का दर तो फिक्स्ड है। प्रायरिटी सेक्टर लेंडिंग का ब्याज का दर फिक्स्ड है। तो उस पर लोड नहीं कर सकता। जो बड़ी इंडस्ट्री है, बड़ी इंडस्ट्री को तो अगर वह ब्याज का दर बढ़ाएगा तो वह किधर और जाके पैसा ले लेगी। कमर्शियल पेपर करेगी, बांड करेगी। कोई और बैंक से ले लेगी। तो वह बोझ किसके ऊपर आता है। वह बहुत छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारी और उद्योग के ऊपर आता है। आप सब के ऊपर आता है। आपके लिए यह बोझ बंद हो, उसके लिए कठोर कार्रवाई जो एनपीए, स्ट्रेस्ड अकाउंट, एवरग्रीन अकाउंट, रिस्ट्रक्चर्ड अकाउंट कांग्रेस छोड़कर गई थी, उसके ऊपर एक कठोर कार्रवाई करना करने का काम मोदी जी ने किया। जिससे आगे चलकर आप के पास ………  आप कभी लोन डिफॉल्ट करेंगे तो कैसे घर पर पहुंच जाते हैं बैंक वाले। कभी कोई करोड़ दो करोड़, लाख दो लाख, 10000 20000 का लोन वाला  हो तो बैंक वाले पीछे पड़ते थे कि नहीं वापस लाने के लिए। क्योंकि कांग्रेस की समय बड़े लोन वालों के पीछे कभी कार्रवाई हुई नहीं।  जि ने ₹10000-₹20000 का लोन ले लिया उसको तो लगता था कि अब तो बैंक की जिम्मेदारी है लोन को सेटल करना। या लोन वापस लेना। मेरे को तो देना ही नहीं है। कभी आपने सुना था पहले किसी के हवाई जहाज और बंगले और रियल एस्टेट के बड़े प्रोजेक्ट, स्टील के कारखाने या आयल की रिफाइनरिया गांव में लगाकर बैंक के लोन रिपे हुए हैं। कभी सुना था ऐसा? सिर्फ गरीब आदमी और छोटे व्यापारी के ऊपर कार्रवाई होती है। आज बड़े लोगों को मजबूर किया है कि लोन वापस दो जिससे छोटे व्यापारी के ब्याज का दर कम हो जाये। कोइ ईमानदार देश जो आज तेज गति से प्रगति कर रहा है आखिर विश्व की सबसे तेज गति से प्रगति करने वाला देश साधारणता सरल काम नहीं था। यह आप लोग ने करके दिखाया है। यह कोई सरकार नहीं करती है, यह आप लोग करते हैं। और मेरा मानना है यह जो आधारशिला बनी है पिछले 5 साल में जो यह फाउंडेशन बना है देश की अर्थव्यवस्था का, आगे चलकर यह और मजबूत अर्थव्यवस्था मेरे हिसाब से तो डबल डिजिट ग्रोथ दूर नहीं है। ब्याज की दर और कम हो सकते हैं। मेहंगाई पर ऐसे ही काबू रखा जा सकता है। 130 करोड़ लोगों की आशा अपेक्षा है एक अच्छा जीवन बिताने के लिए। स्वाभाविक रूप से सब आपके लिए नए बिजनेस के ओप्पोरचूनटीस देगा, नए व्यापार के रास्ते खोलेगा। आपको याद होगा वह दिन जब हम सोचते थे आज मानसून इस बार अच्छी हो जाए तो व्यापार बहुत अच्छा होगा। यह कहते थे कि नहीं? हम सोचते थे बारिश अच्छी आ जाए तो व्यापार अच्छा तेज गति से प्रगति करेगा। क्यों? क्योंकि छोटे आदमी के हाथ में जब पैसा पहुंचता है तो वह खरचता है। वह खरचता है तो पैसा रोटेट होता है मार्केट में। एक से दूसरा तीसरा मनी वेलोसिटी बढ़ती है। और पूरा उद्योग जगत पूरा व्यापार जगत बढ़ता है। मैं समझता हूँ कि इस सरकार ने जो गरीब कल्याण का काम किया है। हमारी सरकार ने जो देश के मध्यम वर्ग के जेब में ज्यादा पैसा पहुंचे उसके लिए जो काम किया है। और त्रिवेदी जी आप कोई 5 साल का टेन्योर निकाल लो, मैं दावे के साथ कह सकता हूँ, जितना इनकम टैक्स में मध्यम वर्ग के लिए जितने डिडक्शंस बढ़ाएं,जितना टैक्स फ्री लिमिट बढ़ाई, ₹200000 टैक्स फ्री था जब हम आए। उसको पहले ढाई किया। ढाई के बाद तीन तक रिबेट किया। अब 3 से 5 तक रिबेट किया। तो 200000 को एक प्रकार से पांच लाख। ढाई गुना। एक्सेम्पशन सेविंग्स की 1 लाख थी उसको डेढ़ लाख किया। स्टैंडर्ड रिडक्शन निकलगई थी, इंट्रोड्यूस किया। पहले 40000 बढ़ाकर अब 50000। हाउसिंग लोन शायद डेढ़ लाख तक था उसको दो किया। याद करूँगा तो और याद आते रहेंगे। लेकिन लगातार जो टैक्स के रेट कम करने वाली सरकार, लगातार गरीब की भी चिंता करना, मध्यमवर्ग की भी चिंता करना, किसान की भी चिंता करना, आदिवासियों की भी चिंता करना। जब 130 करोड़ लोगों की चिंता करेगी सरकार, जब 130 करोड़ लोगों का जीवन सुधरेगा, तभी जाकर यह देश आतंकवाद से भी मुक्त होगा। यह देश और सुरक्षित होगा। यह देश और खुशहाली के ओर जाएगा। मैं समझता हूँ जो लोग विकास में पीछे रह गए, जिन लोगों को अभी तक विकास का स्वाद नहीं मिला उनके जीवन में भी आगे चलकर एक उत्साह उमंग एक फुर्ती हो, उत्साह और उमंग उनके भी जीवन में पहुंचे। गरीब आदमी मध्यमवर्ग हर एक की इच्छा होती है एक better future for our children. उस बेटर फ्यूचर को वास्तविक बनाने के लिए, वास्तविकता में कन्वर्ट करने के लिए भारत को वास्तव में एक महाशक्ति बनाने के लिए।

मैं आपसे अपील करने आया हूँ कि आज फिर एक बार इम्तिहान आ गया है। 29 तारीख को मुंबई में चुनाव होगा आपका एक-एक वोट मोदी जी के काम को आशीर्वाद देगा। मोदी जी को और मजबूत बनाएगा। आपका एक-एक वोट देश की सुरक्षा और राष्ट्र प्रेम का वोट होगा। आपका एक-एक वोट आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने का वोट होगा। आपका एक-एक वोट गरीबी को मजबूर बनाने के लिए नहीं गरीब को एंपावर करने के लिए गरीब को सशक्तिकरण देने के लिए। अगर 100 लाख करोड़ का निवेश होगा इंफ्रास्ट्रक्चर में तो को आसमान से तो इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं आएगा। करोड़ों लोग काम करेंगे तभी तो जाकर 100 लाख करोड़ का निवेश इंफ्रास्ट्रक्चर में होगा। तभी तो 25 लाख करोड़ किसानों के लिए और ग्रामीण क्षेत्र में निवेश होगा जिससे किसानों की आपरी बनने का मार्ग खुलेगा। और इन सब में करोड़ों लोगों को डायरेक्टली इनडायरेक्टली  रोज़गार भी मिलेगा, काम के अफसर भी मिलेंगे। तो क्या भारत को मजबूत बनाना है? भारत के 130 करोड़ लोगों को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है? या उनको मजबूरी के हालात में छोड़ना है? यह निर्णय भाइयों बहनों आपके हाथ में है। 29 तारीख को छुट्टी होगी लेकिन कोई बाहर ना जाए। सुबह-सुबह 10:30 बजे के पहले, हम अपने मोहल्ले को, रिश्तेदारों को, दोस्तों को, हमारे साथ काम करने वाले सभी लोगों को, पड़ोसियों को सब को प्रोत्साहित करें कि वह सुबह ही वोट डाल दे। गर्मी होने के पहले। हो सकता है हम ग्रुप्स में खट्टे हो जाए अपने एरिया में। मैंने तो पहले रिक्वेस्ट किया कि अगर आप सब और मैं बड़ी जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूँ। इस रूम में बैठे हुए सब लोग अगर आप अपना मोबाइल फोन खोलें साधारणता तो मैं कहता हूँ किं 500 तो कांटेक्ट होंगे। पर इस रूम में बैठे हुए एक-एक व्यक्ति के फोन में कम से कम दो हजार कांटेक्ट होंगे इस रूम में। इस प्रकार के ऑडियंस में। थोड़े डुप्लीकेट होंगे। अतुल का नंबर मेरे में भी है, किरण में भी है, रामभाई में भी है। डुप्लीकेट निकल भी दो, तो मैं दावे के साथ कहता हूँ कि यह रूम की ताकत इतनी है, अगर हम थोड़ी मेहनत करे और मोदी जी के लिए, इस देश के लिए हम सब में जो प्यार है, जो आस्था है, जो विश्वास है। मैं इतना ही आपसे दरख्वास्त कर रहा हूँ हम सब अपना फोन निकाले, फोन में जितने कांटेक्ट है उनको अगर हम प्रेरित करें प्रोत्साहित करें कि सुबह-सुबह जाकर वोट डाले। हो सकता है कि हमारे दो चार वोट वाले, दो चार फोन एसे चले जाए जो सामने भी वोट डाल दे। चलेगा। बट अपनी जिम्मेदारी पूरी करें। वोट डालने जाये। अगर यह रूम में बैठा एक-एक व्यक्ति अपने सब मित्रों को, सब काम करने वाले सभी सहयोगियों को, रिश्तेदारों को, पड़ोसियों को अगर फोन कर दे अगले दस बारह पन्द्रा दिन में और सारे दस के पहले लोगों को वोट डालने के लिए प्रेरित कर दे। तो मुंबई की तो 6 की 6 सीट पक्की जीतेंगे लेकिन भारत की दो तिहाई बहुमत से हम मोदी जी को समर्थन देते हैं। मोदी जी के कार्य शक्ति को और मजबूत बनाएं इस प्रार्थना, इस विनम्र प्रार्थना के साथ में अपनी बात को विराम करता हूँ। आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं, बहुत-बहुत शुभेच्छा। 29 तारीख कमल के बटन पर और धनुष बाण के बटन पर आप सब वोट दें अपना। ऐसी प्रार्थना के साथ मैं आप सबसे इजाजत लेता हूँ।

धन्यवाद।

मुंबई में आयोजित कार्यक्रम “भारत एक महाशक्ति के पथ पर” में भाग लिया तथा पिछले 5 वर्षों में भारत में हुए तेज गति के विकास तथा वैश्विक परिदृश्य में भारत की बढती शक्ति पर अपने विचार प्रस्तुत किये

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