Speeches

April 17, 2017

Speaking at PPA Signing of Rewa Solar Power Project, Bhopal

वास्तव में आज बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है नवीकरणीय ऊर्जा के लिए, शायद किसी ने कभी कल्पना नहीं की थी कि सौर ऊर्जा का इतना तेज़ विस्तार देश में होगा और जो तेज़ गति से मध्य प्रदेश ने नवीकरणीय ऊर्जा को पर्यावरण के प्रति अपनी संवेदना को दर्शाया है और जिस प्रकार से इन्होंने बिजली surplus होने के बावजूद इसको एक long term vision के रूप में लिया है, कैसे नवीकरणीय ऊर्जा हमारे प्रदेश के लिए अच्छी है, कैसे नवीकरणीय ऊर्जा से हमारे प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा बनती है, कैसे नवीकरणीय ऊर्जा से प्रदेश में प्रदूषण कम होगा | इन विषयों को प्राथमिकता देके मान्य शिवराज जी के नेतृत्व में जो मध्य प्रदेश ने पहल की है मैं बहुत बहुत तहे दिल से बधाई देता हूँ शिवराज जी आपको, आपकी पूरी टीम को | वास्तव में आपका जो काम रहा है इस विभाग में यह पूरे देश और विश्व के लिए एक उदाहरण के रूप में, एक मिसाल के रूप में पहचाना जायेगा |

जब प्रधानमंत्री मोदी जी ने नवीकरणीय ऊर्जा को, खासतौर पर सौर ऊर्जा को गुजरात में प्रोत्साहन दिया था तब एक ज़माने में 12-13 रुपये की हर यूनिट बिजली तैयार होती थी, उत्पादन होती थी गुजरात में कई वर्ष पहले | तब लोगों ने बहुत आलोचना की थी, तब लोगों ने कहा कि यह क्या कर रहे हैं इतनी महँगी बिजली प्रदेश में क्यों ले रहे हैं | पर उनकी दूरदर्शिता थी, उनका एक vision था कि long run में अगर हम इस पर्यावरण के लिए कुछ ठोस कदम नहीं उठाएं और जो global warming हो रही है, जो विश्व को चिंता है जिस चीज़ की उसमें अगर भारत भी अपना role नहीं play करे तो आगे चलके भारत को भी नुकसान होगा, भारत के निवासियों को भी बहुत नुकसान होगा |

उसी प्रकार से जब शिवराज जी ने ठान लिया कि मुझे मध्य प्रदेश में सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन देना है तो जैसा मिस्टर श्रीवास्तव ने कहा शुरू में तो ज़रूर लगा होगा कि 5.5 रुपये की बिजली लेनी पड़ रही है और थोड़ी बहुत आलोचना भी हो सकती है, लेकिन इनको दृढ़ विश्वास था कि जब scale बढेगा, बड़े scale पर हम सौर ऊर्जा को खरीदेंगे तो economies of scale आएँगी, नयी technologies अपने प्रदेश में आएँगी और ईमानदार, भ्रष्टाचार-मुक्त जब आप पारदर्शिता से, नीलामी से खरीदते हैं तो स्वाभाविक है कि आहिस्ते-आहिस्ते rates भी और competitive होंगे | और रीवा की जो bidding हुई, 33 घंटे bidding होना और विश्व की बड़ी से बड़ी कंपनियां उसमें भाग लेना, यूरोप की, जपान की, मैं समझता हूँ अपने आप में एक बहुत बड़ा उपलब्धि थी, इसने पूरे देश को एक नयी दिशा दी सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन देने के लिए और मैं आपको पुनः एक बार इस बात की बधाई देता हूँ कि आप लगे रहें सौर ऊर्जा की तरफ |

और 2.97 रुपये पहले साल का tariff पहली बार भारत के इतिहास में हमें मिला, levelised tariff भी 3.30 रुपये, मुझे अभी भी याद है जब 4.64 रुपये का tariff आया था तब लोगों ने कहा कि अरे यह तो असंभव है यह सब project fail हो जायेगा | फिर एक 4.34 रुपये का levelised tariff आया, तब तो कहा गया कि अब पूरा प्रोग्राम collapse हो जाएगा, यह भाडला में bids आये थे 4.34 के, सभी ने right off कर दिया कि आपकी Ministry ठप अब यह project सब कोई लगने नहीं वाले हैं और you are in trouble. और देखिये आहिस्ते-आहिस्ते करते करते रीवा का इतना सफल bid होना, वैसे तो उसके बाद और एक bid भी हुआ है 3.15 रुपये में, आंध्र प्रदेश में | पर ऐसे कोई एक bid दूसरे से 100% comparable नहीं होता है, वह NTPC का bid था जो एक AAA-rated, sovereign rated कंपनी है भारत की सबसे बड़ी यूटिलिटी है और आंध्र प्रदेश में था |

और हर इलाके का जो रोशनी है जिसको DIN कहते हैं या irradiation कहते हैं वह अलग अलग होती है | तो मैं समझता हूँ मध्य प्रदेश की radiation के हिसाब से जो यहाँ का bid आया 2.97 रुपये वह वास्तव में ऐतिहासिक था, it is truly memorable day for India and the renewable energy sector कि आज हम यह PPA signing ceremony के लिए हम सब मौजूद हुए हैं | वास्तव में it brings to a close the entire process जिससे यह project लगाया गया है | और बहुत ही अच्छा संजोग है कि यह रीवा में लग रहा है और रीवा के जो आखरी महाराजा थे राजा मार्तण्ड जी, मार्तण्ड का मतलब अगर निकालें तो वह सूर्य होता है, Sun. तो पता नहीं क्या संजोग है कि रीवा में यह किया जा रहा है, रीवा में महाराजा मार्तण्ड आखरी महाराजा थे और उनका नाम भी मार्तण्ड यानी Sun था |

और एक प्रकार से मध्य प्रदेश का सूर्य भगवान से बहुत पुराना नाता रहा है, ऐतिहासिक नाता रहा है | मैंने सुना बालाजी का जो मंदिर है उन्नाव में, दतिया डिस्ट्रिक्ट में, उसमें भी शायद सूर्य की बहुत पूजा की जाती है, बहुत नामी पूजा मानी जाती है | तो इसी प्रकार से जब तेज़ गति से मध्य प्रदेश सौर ऊर्जा में भी और बढ़त करेगा तो मुझे पूरा विश्वास है कि यह एक नयी दिशा सिर्फ देश को ही नहीं, पूरे विश्व को देगा | भारत में गत तीन वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी जी और सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के सहयोग से लगभग 370% बढ़ी है, आज सौर ऊर्जा 12,200 MW भारत में है जो 2,600 MW होती थी 2014 में, मात्र 3 वर्ष में 4.5 गुना हो गयी है | और जो पुराना टारगेट था 20,000 MW था 2022 तक करने का वह लगभग एक साल में पूरा हो जाएगा, 2017 के अंत में हम 20,000 MW achieve कर लेंगे जो वास्तव में it will be 5 years ahead of schedule. 2022 के बदले 2017 में ही achieve हो जाएगा और 2022 तक का तो आप सब जानते हैं हमारा टारगेट 1,00,000 MW सौर ऊर्जा का बनाने का टारगेट है | मुझे पूरा विश्वास है जो सहयोग मध्य प्रदेश जैसे प्रगतिशील राज्यों से मिल रहा है उसमें वह ज़रूर achieve किया जाएगा |

मैं अपने मन में सोच रहा था कि यह रीवा के bid और खासतौर पर इसमें जिस proactive तरीके से government ने financial guaranties दीं, PPA को मज़बूत बनाने के लिए state government guarantee हुई | और वास्तव में आप सबको जानके ख़ुशी होगी जो रीवा का PPA है अब केंद्र सरकार ने उसको एक standard model PPA के रूप में accept किया है और यह सभी राज्यों को मैंने चिट्ठी लिखी है कि वह इन guidelines के हिसाब से, इस model PPA के हिसाब से हर एक राज्य अपनी अपनी bidding करे तो उनको भी अच्छी सस्ती बिजली मिलने का लाभ मिलेगा और उसके लिए मैं आपकी पूरी team को मनोज जी और मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व को साधुवाद देता हूँ |

पर मैं सोच रहा था कि इसमें, इस success story में रीवा के क्या principles दर्शाते हैं? तो मैं तो management का विद्यार्थी हूँ तो मुझे management के कुछ principles इस रीवा की bidding में दिखाई दिए, मैं briefly I will touch upon each one of them very very briefly. First of all partnership with all stakeholders, इन्होंने जिस प्रकार से सभी stakeholders से लगातार संपर्क बनाके उसमें से एक अच्छा model PPA बनाया, model bidding terms बनाई, model facilities create किए, यह एक प्रकार से भागीदारी का एक अच्छा सबूत बनता है | इसी प्रकार से केंद्र सरकार के मुख्यमंत्री, उनकी टीम, ऊर्जा मंत्री राजेंद्र शुक्ला जी जो रीवा से आते हैं इन सबका और यहाँ के bureaucracy का निर्णायक नेतृत्व, decisive leadership इसमें दिखाई देता है |

इसी प्रकार से काम को परिणाम के ऊपर लेके जाना, काम सिर्फ काम के लिए नहीं, बजट के लिए नहीं, outcome oriented action होना चाहिए, यह इस पूरे process में मैंने देखा | फिर root cause analysis कि पिछले bids में क्या हुआ जिसको हम अगले bid में सुधारें, यह बार बार state की leadership ने दिखाया | फिर transparency, पारदर्शिता की तो मैं समझता हूँ अंतिम total transparency जो इस bid में देखी, 33 hours bidding होना कोई साधारण नहीं है | मुझे अपने कोयले के ब्लॉक्स के bidding के दिन याद आ गए जब ऐसे ही 2-2 दिन तक bids चलते थे | और time bound execution, एकदम नियमित समय के हिसाब से इन्होंने execute किया पूरे project को, innovative financing model use किया,IFC को involve करना, उन्होंने जो जो suggestions दिए उसको लागू करना, Delhi Metro के साथ tie-up करके अपनी बिजली को बेचना | एक पहली inter-state sales हुई है सौर ऊर्जा की यह रीवा से Delhi Metro जाने वाली |

तो एक time-bound execution of the project और किसी को कोई तकलीफ हुई तो हाथ के हाथ उसका solution निकाला गया, साथ ही साथ technology पर focus रखा कि हम वहाँ पर कैसे evacuation, green corridor लगा दें, green energy corridor जिससे बिजली evacuate हो जाए, वहां की क्या सुविधाएं बनाएं जिससे रीवा solar park तेज़ गति से, और आज लगभग विश्व में one of the largest solar parks रीवा उभर के आ रहा है | और finally और सबसे महत्वपूर्ण लोगों पर ज़िम्मेदारी रखना और उसकी निगरानी करना काम की, और यह वास्तव में शिवराज जी आपकी सफलता का एक बहुत बड़ा पहलू रहा है जिससे मैंने भी बहुत सीखा कि आप जिस प्रकार से निगरानी रखते हैं अपने काम की, और लोगों को ज़िम्मेदारी देके उस निगरानी का outcome निकालते हैं |

Really, this is an example of modern management techniques to use for the success of a government programme. वास्तव में यह जो brochure है मैं अभी पढ़ रहा था यह बहुत सारी अच्छी चीज़ें बताता है जो आप सब ज़रूर पढेंगे as you go home, but truly एक ऐतिहासिक दिन में आज मान्य वेंकैया जी और मुझे दोनों को मौका मिला यहाँ आने का थोडा programme में विलंभ हुआ उसका मैं ज़िम्मेदार हूँ, मैं आप सबसे माफ़ी मांगता हूँ | मैं take off नहीं कर पाया दिल्ली से शायद मुझे थोडा और buffer रखना चाहिए था, मेरे लिए भी एक lesson है | वैसे वेंकैया जी के डर से तो हम सब समय पर पहुँच ही जाते हैं हर प्रोग्राम में, पर आज मैं उसमें सफल नहीं रहा |

बहुत बहुत धन्यवाद और आप सबको बहुत बहुत बधाई |